और जो वो घुसा हुआ है मेरी बेटा निकल जा उसके बाद। मैं अभी मात्र 15 साल की हूं। मैंने जो करा वो माफी के लायक नहीं था। मैंने बहुत गंदी चीजें बोली है। ऐसा क्यों लग रहा है कि यह दोनों लड़कियां अलग-अलग है। एक लड़की एडल्ट है और दूसरी लड़की टीनएजर है। जंतरमंतर पर नीट प्रोटेस्ट के दौरान के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली रुचिका सिंह का मामला अब तक का सबसे बड़ा सस्पेंस थ्रिलर बन चुका है।
विवाद बढ़ने के बाद जब एक वीडियो सामने आया जिसमें एक लड़की ने हाथ जोड़कर माफी मांगी और खुद को 15 साल की बच्ची बताया तो सबको लगा कि मामला यहीं खत्म हो गया है।
लेकिन इंटरनेट की जनता बहुत तेज है। लोग लोगों ने इस माफीनामे के वीडियो को ज़ूम कर कर के कुछ ऐसी चीजें नोटिस की जिसने सबके होश उड़ा दिए हैं। लोग दावा कर रहे हैं कि जिस लड़की ने दी थी वो खुद सामने नहीं आई बल्कि उसने कानूनी कार्यवाही से बचने के l लिए अपनी छोटी बहन से माफी मंगवाई है। आखिर लोगों ने वीडियो में क्या-क्या नोटिस किया?
इंटरनेट यूज़र्स ने दोनों वीडियो का बारीकी से मिलान किया और उनके अनुसार यह चार बड़े अंतर सामने आए। पहला नोटिस चेहरे की बनावट। जंतरमंतर पर चिल्लाने वाली लड़की के चेहरे के फीचर्स जैसे उसकी नाक की बनावट और जबड़ा काफी अलग और मैच्योर दिखाई दे रहा था। वहीं माफी मांगने वाली लड़की का चेहरा बहुत छोटा और मासूम दिख रहा है जो साफ तौर पर कोई और लड़की लग रही है।
दूसरा नोटिस उम्र का विरोधाभास। माफी वाले वीडियो में लड़की कह रही है कि वो सिर्फ 15 साल की है। लेकिन आंदोलन वाले वीडियो में जो लड़की थी उसकी उम्र किसी भी एंगल से 15 साल नहीं लग रही थी। वो एक मैच्योर कॉलेज स्टूडेंट या कामकाजी महिला लग रही थी। तीसरा नोटिस पुलिस की एफआईआर। सबसे बड़ा सबूत नोएडा पुलिस की एफआईआर से मिलता है। जब पुलिस ने शिकायत दर्ज की तो उसमें रुचिका सिंह की उम्र 25 साल दर्ज की गई थी।
अब सवाल यह है कि अगर पुलिस रिकॉर्ड में उम्र 25 साल है तो वीडियो में आकर खुद को 15 साल की नाबालिग बतानेवाली यह लड़की कौन है? चौथा नोटिस माइनर कार्ड का शक। लोगों का आरोप है क्योंकि भारत में नाबालिगों पर सख्त कानूनी धाराएं नहीं लगती और उन्हें जेल नहीं भेजा जाता।
इसलिए असली आरोपी रुचिका सिंह ने जानबूझकर अपनी 15 साल की छोटी बहन को कैमरे के आगे बैठा दिया ताकि पुलिस केस से बचा जा सके। कहानी में ट्विस्ट यहीं नहीं खत्म होता। इस पहचान के घालमेल के बीच नोएडा के एक सेलूून मालिक का भी चौंकाने वाला बयान सामने आया। उन्होंने दावा किया कि इस लड़की ने उनके यहां मानसिक जैन के नकली नाम से नेल आर्ट कोर्स के लिए एडमिशन लिया था। लेकिन जैसे ही सेलून मैनेजमेंट ने सरकारी नियमों के तहत उससे उसका असली आधार कार्ड मांगा, वह लड़की मात्र 9 दिन बाद ही कोर्स अधूरा छोड़कर वहां से गायब हो गई।
इस बात ने लोगों के शक को यकीन बदल दिया कि यह लड़की अपनी पहचान और उम्र को लेकर शुरुआत से ही कुछ और बड़ा छुपा रही है। इसी वजह से अब दिल्ली और नोएडा पुलिस इस मामले को हल्के में नहीं ले रही। पुलिस असली कागजात, स्कूल सर्टिफिकेट और आधार कार्ड के जरिए यह जांच कर रही है कि क्या सच में देश की जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए किसी दूसरी लड़की से माफी मंगवाई गई थी?
अगर यह दावा सच निकला तो यह पुलिस को गुमराह करने का एक और नया और गंभीर मामला बन जाएगा। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, रुचिका सिंह बड़ी चालाकी से मोदी शाह और नोएडा पुलिस को मूर्ख बना दिया। रुचिका ने सहानुभूति के लिए अपनी छोटी बहन से वीडियो बनाकर पूरा मामला पलट दिया। रुचिका खुद 25 की हैं और उनकी छोटी बहन 15 की हैं। रुचिका की मां ने भी मासूम बनकर वीडियो में कह दिया सब कुछ। मगर गॉड ने लिखा ओह माय गॉड आई वास लिटरली थिंकिंग दैट शी डजंट लुक लाइक हर।
एक और उसने लिखा मैंने Google जैेमिनी चेक किया। उसने भी दोनों तस्वीरों को अलग-अलग बताया। एक और यूजर ने लिखा ठीक है छोड़ दो उसको अपनी लाइफ [संगीत] जीने दो।