बेटे पर आई आज तो दहाड़ गया बाप। रणवीर की मुश्किलों में मजबूती से खड़ा दिखा भनानी परिवार। पिता ने घुमाया एक-एक को फोन। रातोंरात सुलटाया बड़ा विवाद। जगजीत सिंह का धुरंधर मोड ऑन। स्टेटमेंट हो रहा जबरदस्त वायरल।
बेटे को हाथ लगाने से पहले बाप से बात कर। शाहरुख खान की फिल्म जवान का यह डायलॉग इन दिनों बॉलीवुड के गलियारों में बिल्कुल फिट बैठता हुआ नजर आ रहा है। वजह है रणवीर सिंह जो पिछले कुछ समय से डॉन 3 विवाद को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। लेकिन अब इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा अगर किसी की हो रही है तो वह है रणवीर के पिता जगजीत सिंह भनानी। जिन्होंने बेटे पर आई मुश्किल के वक्त बिल्कुल शेर की तरह मोर्चा संभाल लिया। दरअसल खबरें आई थी कि रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म डॉन थ्री एंड मोमेंट पर छोड़ दी है।
मामला इतना बढ़ गया कि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लाइज यानी कि एफ डब्ल्यूआईसी ने उनके खिलाफ गैर सहयोग का नोटिस तक जारी कर दिया। जिसके चलते इंडस्ट्री में काफी हलचल मच गई थी।
सोशल मीडिया पर भी लोग दो हिस्सोंlमे बट गए। कोई रणवीर को गलत बता रहा था तो कोई उनके सपोर्ट में उतर आया था। लेकिन इसी बीच रणवीर सिंह का परिवार पूरी मजबूती के साथ उनके पीछे खड़ा नजर आया। खासतौर पर उनके पिता जगजीत सिंह भवना ने रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने इस पूरे मामले में कई लोगों से बातचीत की।
फोन कॉल्स किए और पर्दे के पीछे लगातार हालात संभालने में लगे रहे। अब इस पूरे विवाद में नया मोड़ तब आया जब सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन यानी कि सिंटा की अध्यक्ष पूनम ढिलो ने खुलकर रणवीर सिंह का समर्थन किया। एक्ट्रेस ने एकइंटरव्यू में बताया कि एफ डब्ल्यूआईसी का नोटिस वापस लिए जाने के बाद मेरी रणवीर के पिता जगजीत भवानानी से फोन पर बातचीत हुई थी। रणवीर के पिता ने मेरा शुक्रिया अदा किया और कहा कि इंडस्ट्री में ऐसे लोगों का सम्मान होना चाहिए जो मुश्किल समय में सही बात का साथ देते हैं। पूनम ने यह भी खुलासा किया कि पूरे विवाद के दौरान रणवीर की फैमिली लगातार हर अपडेट पर नजर बनाए हुए थी। इतना ही नहीं एक्टर की फैमिली की एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ भी लगातार बातचीत चल रही थी।
परिवार की तरफ से साफ कहा गया था कि उनके प्रोडक्शन हाउस के साथ रिश्ते खराब नहीं है और मामला किसी पर्सनलदुश्मनी का भी नहीं है। एक्ट्रेस ने साफ शब्दों में कहा कि सिंटा शुरू से ही रणवीर के खिलाफ जारी नोटिस के पक्ष में नहीं था। मेरा मानना था कि हर एक्टर को अपने करियर और फिल्मों को लेकर फैसला लेने का पूरा हक है। अगर किसी फिल्म को लेकर प्रोड्यूसर और एक्टरके बीच कोई मतभेद होता है तो उसे बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए ना कि इस तरह के नोटिस जारी करके। रिपोर्ट्स की मानें तो डॉन 3 के प्री प्रोडक्शन पर करीब ₹40 करोड़ खर्च हो चुके थे और इसी नुकसान को लेकर मामला गमा गया था।
हालांकि रणवीर सिंह की तरफ से शुरुआत में कुछ रकम देने की भी बात कही गई थी और अब एफडब्ल्यूआईसी के नोटिस वापस लिए जाने के बाद यह विवाद धीरे-धीरे शांत [संगीत] होता भी नजर आ रहा है। लेकिन इस पूरे मामले ने एक बात जरूर साबित कर दी है कि जब बेटे पर मुश्किल आती है तो एक पिता हर हाल में उसकी ढाल बनकर सामने खड़ा हो जाता है।