एक्टर राजपाल यादव को 3 महीने के लिए जेल भेजा जाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 3 महीने की सजा सुनाई है। चेक बाउंस के मामले में। इस केस की सुनवाई कर रही थी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा। उन्होंने सात केसेस में एक्टर राजपाल यादव को 3 महीने की सजा सुनाई है।
इस पूरे केस को विस्तार से समझने के लिए ये दिल्ली हाईकोर्ट ने जो है बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस के केस में उन्हें सजा सुनाई है। और इनफैक्ट जो उनकी सजा थी उसको बरकरार रखिए। उनको जमानत देने से इंकार किया है।
और कोर्ट ने राजपाल यादव को सातों मामलों में ये सजा सुनाई है तीन-ती महीनों की और प्रगति की खास बात यह है कि ये जो तीन ती ये जो सात-सात मामले हैं इनकी सजा जो है वो एक साथ चलेगी। तो अल्टीमेटली राजपाल यादव को तीन महीने की ही सजा वहां पे काटनी पड़ेगी जेल में। और इस साल फरवरी में जो है वो हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को सरेंडर करने का एक मौका दिया था।
लेकिन बाद में उनकी सजा पर अस्थाई रोक लगा दी गई थी टेंपरेरी रोक। उसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया है कि राजपाल यादव हर मामले में शिकायत्तकर्ता को ₹1 करोड़5 लाख का उनको भुगतान करें। इसके अलावा उन्हें शिकायत्तकर्ता को ₹1 करोड़475000 और राज्य सरकार को ₹25,000 भी देने होंगे । उसके बाद राजपाल यादव की पत्नी जो है राधा यादव उनको भी हर मामले में शिकायतकर्ता को 5 लाख ₹51380 देने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि जो लोअर कोर्ट है वो पहले से हुए समझौते और राजपाल यादव की ओर से गए किए गए भुगतान को ध्यान में रखते हुए इस बार जो जुर्माना तय किया गया है।
इसीलिए उसमें कोई मतलब उसको बैलेंस कर दिया गया जो फाइनल ₹ करोड़ ₹25 लाख वो ऑलरेडी पे कर चुके थे। तो उस अमाउंट को इसमें एडजस्ट कर लिया जाएगा। कोर्ट ने ऐसा कहा है।
जी उस पे मैं आ रही थी कि पहले ही 2.25 करोड़ जो है वह पैसे चुका चुके हैं राजपाल यादव। तो इस रकम को फाइनल पेनल्टी और मुआवजे की राशि में अच्छे से एडजस्ट किया जाएगा। जी अब इस मामले का बैकग्राउंड भी समझ लेते हैं। 2010 में राजपाल यादव की एक फिल्म आई थी अता पता लापता। इस मूवी में उन्होंने बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया था और इस फिल्म के लिए उन्होंने मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से ₹5 करोड़ उधार लिए थे। लेकिन यह जो फिल्म है वो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई थी और राजपाल यादव कर्ज में डूब गए थे और उन्होंने यह जो पैसे इन्होंने जो यह कर्ज लिए थे वह नहीं चुका पाए थे और यह रकम ना चुकाने की वजह से यह मामला कोर्ट में चला गया था।
फिर 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया और उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई गई। उसके बाद से यह मामला सेशंस कोर्ट में गया। 2019 में सेशंस कोर्ट ने भी इस केस को बरकरार रखा। उनकी सजा को बरकरार रखा। इसके बाद राजपाल यादव दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने को कहा और ₹9 करोड़ का बकाया जो भुगतान है उसे चुकाने के लिए उन्होंने कहा। इसके बाद 2 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने को कहा। फिर 5 फरवरी को उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था।
12 दिन तक वह जेल में रहे और उसके बाद उनकी सजा पर अस्थाई रोक लगा दी गई और अब दोबारा से उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट 3 महीने की जेल की सजा दिल्ली हाईकोर्ट ने सुना दी है और वह 3 महीने के लिए जेल जाएंगे। तो इस केस पर यह