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“220 करोड़ का नुकसान” – राजपाल ने चेक बाउंस केस में क्या दावा कर दिया?

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राजपाल यादव चेक बाउंस केस में जेल होकर आए हैं। यह केस उस ₹5 करोड़ के लोन से कनेक्टेड है जो उन्होंने अता-पता लापता जो 2010 में आई थी उसे बनाने के दौरान लिया था। मामले को देख लोगों के मन में सबसे पहले यही सवाल आया कि 250 फिल्म कर चुके राजपाल आखिर यह लोन चुका क्यों नहीं पाए? पिछले दिनों उन्होंने खुद इसका जवाब दिया। उनके मुताबिक यह मामला कभी ₹5 करोड़ का था ही नहीं। असल में उन्हें इसकी वजह से ₹22 करोड़ का नुकसान हो गया है।

राजपाल ने 2010 में मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के माधव गोपाल अग्रवाल से ₹5 करोड़ उधार लिए थे। इसी मदद से उन्होंने अतापता लापता मूवी बनाई जिसे वह खुद डायरेक्ट भी कर रहे थे। मगर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई और केवल ₹38 लाख ही कमा पाई। इस वजह से उन पर भयंकर कर्ज आ गया जो समय के साथ बढ़कर ₹9 करोड़ तक जा पहुंचा। राजपाल ने इसका एक हिस्सा चुका दिया है। उसकी बदौलत कोर्ट से उन्हें बेल मिल गई। पिछले दिनों उन्होंने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है। एक इंटरव्यू के दौरान वह कहते हैं अगर यह 5 करोड़ का मसला होता तो 2012 में ही निपट जाता।

लेकिन इन 5 करोड़ ने 17 करोड़ को डूबाने का काम किया है। तब कोर्ट कचहरी का मामला भी नहीं था जब मेरी 70 करोड़ की मूवी डूबा दी गई थी। इस कंपनी ने यानी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के ओनर माधव गोपाल ने 70% फिल्म देख ली थी। उसके बाद ही उन्होंने उसमें ₹5 करोड़ डाले थे। ₹12 करोड़ मूवी में ऑलरेडी खर्च हो चुका था। ₹5 करोड़ उसमें इन्वेस्ट किया गया था। फिर 5 करोड़ उसकी रिलीज पर खर्च हुआ। इस तरह वो ₹22 करोड़ का प्रोजेक्ट बन गया। वो आगे कहते हैं अतापता लापता से अधिक स्क्रीनंस पर रिलीज़ होने वाली थी।

फिल्म का म्यूजिक एल्बम अमिताभ बच्चन जी ने ल्च किया था। मगर फिल्म को तीन दिन भी नहीं चलने दिया गया। उन्होंने यानी माधव गोपाल ने खुद ही वकीलों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उस 22 करोड़ को मार दिया। अभी वहां अदालत आई भी नहीं थी।

उनका इंटेंशन बुरा था। उनके इंटेंशन ने 22 करोड़ का नुकसान किया जो आज 220 करोड़ के बराबर है। राजपाल 5 फरवरी को चेक बाउंस केस में जेल भेज दिए गए थे। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली हाई कोर्ट में मामले पर सुनवाई चलती रही। मगर फिर उन्होंने ₹1.5 करोड़ चुकाए जिसकी बदौलत उन्हें टेंपरेरी बेल मिल गई।

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