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क्या सच में मोहम्मद रफी और धर्मेंद्र ने मिलकर खत्म किया राजेश खन्ना का करियर?

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ओ मेरी महबूबा महबूबा महबूबा [संगीत] चाहे रहो तू दोस्तों एक समय ऐसा था जब बॉलीवुड में सिर्फ एक ही नाम गूंजता था। राजेश खन्ना लड़कियां उनकी तस्वीर से शादी करती थी। उनकी कार को चूम-चूम कर लाल कर देती थी और निर्माता निर्देशक उनकी एक झलक पाने के लिए लाइनें लगाते थे। लेकिन फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार धीरे-धीरे गुमनामी की तरफ बढ़ने लगा। क्या सचमुच मोहम्मद रफी और धर्मेंद्र ने मिलकर काका का करियर खत्म कर दिया था या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी थी। आज हम इस रहस्यमई कहानी से पर्दा जरूर हटाएंगे। उसके लिए वीडियो में अंत तक बने रहिए। साल 1969 में रिलीज हुई फिल्म आराधना ने राजेश खन्ना को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया।

इसके बाद एक के बाद एक हिट फिल्मों की झड़ी लग गई। कटी पतंग, आनंद, अमर प्रेम जैसी फिल्मों ने उन्हें आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। कहा जाता है कि उस दौर में निर्माता फिल्म की कहानी से पहले राजेश खन्ना की डेट्स देखते थे। लेकिन सफलता के इसी शिखर पर उनके पतन की कहानी का भी शुरू हो गया। अक्सर सोशल मीडिया पर दावा किया जाता है कि मोहम्मद रफी ने राजेश खन्ना का करियर खत्म कर दिया। लेकिन सच्चाई इससे काफी अलग है। राजेश खन्ना की शुरुआती सफलता में संगीत का बहुत बड़ा योगदान था। हालांकि उनके कई सुपरहिट गीतों की बाद में पहचान हुई। किशोर कुमार की आवाज से भी जुड़ गई। साल 1970 के दशक में किशोर कुमार का दौर तेजी से बढ़ रहा था और राजेश खन्ना की स्क्रीन इमेज पे नहीं उनकी आवाज के साथ सबसे ज्यादा लोकप्रिय हुई थी। दूसरी ओर मोहम्मद रफी भी अपने करियर के शिखर पर थे। तो कई बड़े सितारों के लिए वह गाना गा रहे थे। ऐसे में यह कहना कि रफी साहब ने जानबूझकर राजेश खन्ना का करियर बर्बाद कर दिया।

इतिहास के तथ्यों से मेल नहीं खाता। उधर बॉलीवुड के एक और सितारा तेजी से चमक रहा था जिसका नाम था धर्मेंद्र। धर्मेंद्र अपनी दमदार पर्सनालिटी, एक्शन और रोमांटिक अंदाज के कारण दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे थे। उनकी फिल्में लगातार सफल हो रही थी। निर्माताओं को अब सिर्फ रोमांस नहीं बल्कि एक्शन हीरो भी चाहिए था। यह वह दौर था जब दर्शकों की पसंद बदल रही थी। राजेश खन्ना रोमांटिक सुपरस्टार थे जबकि धर्मेंद्र एक अलग तरह की पावर वाले स्टार थे। दोनों के बीच प्रोफेशनल प्रतिस्पर्धा जरूर थी लेकिन किसी साजिश का कोई प्रमाण नहीं था। कई फिल्म पत्रकारों ने जानबूझकर राजेश खन्ना के करियर में गिरावट की वजह थी। सुपरस्टार बनने के बाद उनके व्यवहार को लेकर कई तरह की बातें सामने आई।

सबसे बड़ा उनका एटीट्यूड कहा जाता है कि कभी-कभी वे शूटिंग पर देर से पहुंचते थे। निर्माताओं के साथ मतभेद भी बढ़ने लगे। 1970 के दशक के मध्य तक दर्शक की तरह हीरो देखना चाहते थे। रोमांटिक फिल्मों की जगह एक्शन फिल्मों का दौर शुरू हो चुका था। फिल्म बॉलीवुड में एंट्री एक ऐसे अभिनेता की हुई जिसने पूरा खेल ही बदल दिया। अमिताभ बच्चन उनकी फिल्म जंजीर से एंग्री यंग मैन युग की शुरुआत हो गई। यहीं से राजेश खन्ना की लोकप्रियता पर असर पड़ना शुरू हो गया। जब कोई सितारा नीचे गिरता है तो अफवाहों का दौर भी शुरू हो जाता है। कहा गया कि धर्मेंद्र उनकी राह रोक रहे थे। कभी संगीतकार उनकी राजनीति को नुकसान पहुंचा रहे थे

। वास्तविकता बिल्कुल ही अलग थी। हालांकि उनका सुपरस्टार वाला दौर कम हो गया लेकिन राजेश खन्ना ने कई यादगार भूमिकाएं भी निभाई हैं। तो दोस्तों क्या आपको लगता है मोहम्मद रफी और धर्मेंद्र ने मिलकर राजेश खन्ना का करियर बर्बाद कर दिया था? उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसका जवाब नहीं ऐसा दावा साबित नहीं होता। राजेश खन्ना के करियर में गिरावट की वजह बदलता दौर, सिनेमा और कंपटीशन जिसकी वजह से उनकी परिस्थितियां और व्यक्तिगत पेशे परवर भी असर डाल रहा था। लेकिन एक बात तय है सुपरस्टार आते जाते हैं मगर काका जैसी दीवानगी इतिहास में बहुत कम देखने को मिलती है। अगर आपको कहानी पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक करें, चैनल को सब्सक्राइब करें और कमेंट में बताइए क्या राजेश खन्ना बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार

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