क्या अमेरिका के पागलखाने में ही दम तोड़ देगा यह गुमनाम कलाकार 70 और 80 के दशक में बॉलीवुड में अपनी स्वाभाविक एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले एक एक्टर जिसने अपनी अच्छी एक्टिंग के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई एक ऐसा अभिनेता जिसने अर्थ बुलंदी और कर्ज जैसी क्लासिक फिल्मों में अपनी एक्टिंग से सभी को अपना मुरीद बनाया एक साधारण सा दिखने वाला शख्स जो कि संजीदा शख्सियत वाला था जिनमें उस दौर का हर आम इंसान अपना अक्स देखने लगा था लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस कलाकार यानी कि राज किरण की जिंदगी किसी फिल्मी की तरह ही सस्पेंस भरी थी और इसी तरह से वह अचानक से बॉलीवुड से गायब भी हो गया शायद आप विश्वास नहीं करेंगे कि जब राज किरण को
फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया तो मजबूरी में आकर उन्हें अमेरिका जाकर टैक्सी ड्राइवर का काम करना पड़ा लेकिन वहां जाकर भी यह गायब हो गए उसके बाद उन्हें किसी ने एक अमेरिका के पागलखाने में देखा जहां पर इनका जानने वाला और मिलने वाला कोई नहीं था आज बात करेंगे एक्टर राज किरण के बारे में जिन्हें उन उनके अपनों ने ही पागल खाने पहुंचा दिया और आज ये किस हालत में है चलिए शुरू करते हैं जानते हैं आज के वीडियो में राज किरण मेहतानी एक ऐसे संजीदा कलाकार थे जो अपने शांत स्वभाव और शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते थे आपको जानकर हैरानी होगी कि राज ने 100 से ज्यादा बॉलीवुड फिल्मों में काम किया और उन्हें खूब दौलत और शोहरत भी मिली लेकिन जब एक समय के बाद उन्हें फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया तो राज डिप्रेशन के शिकार हो गए कभी उनके मेंटल हॉस्पिटल में होने की बातें सामने आई तो कभी एक्टर ऋषि कपूर के द्वारा इन्हें अमेरिका में टैक्सी ड्राइवर के तौर पर देखा गया
लेकिन राज किरण हर बार रहस्यमय ढंग से गायब होते रहे पहले इंडिया से उसके बाद अमेरिका से भी अचानक गायब हो गए राज के जीवन की कहानी सुनकर लोग आज भी हैरान है राज किरण का जन्म 19 जून 1949 को मुंबई में हुआ राज एक सिंधी परिवार से आते हैं और उनके माता-पिता के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिलती लेकिन 1975 के दौर में 26 साल की उम्र में राज को बीआर इशारा साहब की फिल्म कागज की नाव में काम करने का मौका मिला और यह फिल्म उनके डेब्यू फिल्म थी जिससे उन्हें बॉलीवुड में एंट्री मिल गई इस फिल्म में राज ने सारिका के साथ काम किया और दोनों की जोड़ी को लोगों ने बहुत पसंद किया उनकी पहली फिल्म से ही उनका फिल्मी सफर चल पड़ा और 1980 में उनकी एक साथ पांच फिल्में रिलीज हुई और इन सभी फिल्मों में राज की एक्टिंग को बहुत पसंद किया गया हालांकि उनकी सबसे ज्यादा प्रशंसा उनकी फिल्म कर्ज में निभाए गए उनके रोल के लिए हुई
ये फिल्म सुपर डुपर हिट साबित हुई और राज को इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम मिला रवि वर्मा के रोल को कर्स फिल्म में राज ने निभाया जिसमें उन्होंने ऋषि कपूर के पिछले जन्म का किरदार निभाया इसके बाद राज कई फिल्मों में नजर आए लेकिन किसी भी फिल्म में उन्हें लीड रोल नहीं मिला उन्हें या तो साइड रोल मिलता था या फिर कैमियो इसके बाद 1982 में महेश भट्ट द्वारा निर्देशित फिल्म आई अर्थ इस फिल्म में राज ने शबाना आजमी और कुलभूषण खरबंदा के साथ स्क्रीन शेयर की इस फिल्म में इनका रोल काफी अच्छा था और उनकी एक्टिंग की बहुत सराना की गई राज किरण ने अपने फिल्मी करियर में काम तो बहुत किया लेकिन उनके रोल ज्यादातर एक जैसे ही थे राज ने ज्यादातर पॉजिटिव किरदार निभाए उन्हें वैरायटी में काम करने का मौका नहीं मिला इतना ही नहीं ज्यादातर फिल्मों में राज के लुक्स भी लगभग एक जैसे ही होते थे जिसका असर उनके करियर पर पड़ा और उन्हें एक ही तरह के रोल ऑफर होने लगे धीरे-धीरे राज को काम मिलना बंद हो गया और वो डिप्रेशन के शिकार हो गए बॉलीवुड में काम ना मिलने के बाद राज ने कुछ टीवी शोज में भी छोटे-मोटे रो करना शुरू किया लेकिन वहां भी ज्यादा दिन तक काम नहीं चला और राज की फाइनेंशियल कंडीशन बिगड़ने लगी पैसों की तंगी की वजह से उनके परिवार में परेशानियां बढ़ने लगी घर में क्लेश होने लगा अब तक राज शादी कर चुके थे
और उनकी एक बेटी भी हो गई घर की जिम्मेदारी पत्नी और बच्चे की जिम्मेदारी उठा पाने में राज अब असमर्थ हो चुके थे और यही वजह थी कि एक दिन उनकी पत्नी अपनी बेटी को लेकर राज का घर छोड़कर चली गई यह भी एक कारण था कि राज किरण को डिप्रेशन ने और ज्यादा घेर लिया इसके साथ ही आर्थिक तंगी भी उनके सब्र को आजमाने लगी थी इसके बाद राजकिरण को दिलीप कुमार द्वारा निर्देशित एक फिल्म कलिंगा में काम करने का मौका मिला जो 1996 में आई हालांकि कहा जाता है कि मानसिक अस्थिरता के कारण राज ने यह फिल्म बीच में ही छोड़ दी ये उनके करियर की आखिरी फिल्म साबित हुई इसके बाद कुछ समय तक वो गायब रहे और बीच में खबर आई कि किरण अपने भाई गोविंद मेहतानी के साथ बिजनेस करने के लिए न्यूयॉर्क चले गए हैं लेकिन काम ना मिलने की वजह से राज ने वहां पर टैक्सी चलाना शुरू कर दिया ऐसा भी कहा जाता है कि अपनी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए राज सत्य साईं बाबा से मिलने वापस भारत लौटे और बेंगलुरु में चल रहे बाबा के एक इवेंट में जा पहुंचे हालांकि लोगों की
भीड़ बहुत ज्यादा थी और राज बाबा से मुलाकात नहीं कर पाए और इवेंट खत्म होने के बाद बाबा से मिलने के प्रयास में वो दीवार कूदने की कोशिश करने लगे जब लोगों ने उन्हें देखा और नीचे उतरने की कोशिश की तो राज लोगों को समझाते रहे कि उनका बाबा से मिलना बहुत जरूरी है लेकिन लोगों ने उनकी बात नहीं सुनी जब बहुत मिन्नतें करने के बाद भी लोगों ने उनकी बात नहीं मानी तो राज हिंसक हो गए और लोगों से उनकी हाथापाई हो गई इसके बाद मीडिया ने यह रिपोर्ट छापी कि राज बाबा सत्य साय को मारने के इरादे से उनके चेंबर में जा पहुंचे थे इस घटना के बाद लोकल पुलिस ने उन्हें जेल में बंद कर दिया और बाद में मुंबई लाकर भाई खाला के मेंटल हॉस्पिटल में लाकर बंद कर दिया महेश भट्ट ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके साथ कई और सेलिब्रिटीज ऐसे थे जो राज से मेंटल हॉस्पिटल में मिलने जाते थे और उनकी ये हालत देखकर सभी को बहुत दुख भी होता था राज के अस्पताल से छूटने के बाद महेश भट्ट ने उन्हें कई जगह काम दिलवाने की कोशिश भी की लेकिन राज के पब्लिक प्लेस पर हिंसक व्यवहार के कारण मीडिया से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक उनकी छवि पूरी तरह से खराब हो चुकी थी कोई भी उनके साथ काम नहीं करना चाहता था इसके साथ ही क्योंकि वह मेंटल हॉस्पिटल से छूट कर आए थे
इसीलिए लोगों को लग रहा था कि उनकी स्थिति वापस कभी भी खराब हो सकती है और कोई भी किसी तरह की परेशानी में नहीं पड़ना चाहता था यही वजह थी कि उन्हें दोबारा कोशिश करने के बाद भी काम नहीं मिला इसके बाद राज ने फिर से अपने भाई के घर न्यूयॉर्क जाने के बारे में सोचा और न्यूयॉर्क चले गए इसके अगले 10 साल तक राज के बारे में कोई जानकारी नहीं आई ना मीडिया में और ना ही किसी सेलिब्रिटी के द्वारा उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई राज इस तरह गुमनाम हो चुके थे कि लोगों को यह भी नहीं पता था कि राज किरण इस दुनिया में है या नहीं फिल्म इंडस्ट्री में राज के कुछ गिने-चुने दोस्त थे जिन्होंने इतने साल तक राज की कोई जानकारी ना मिलने पर उन्हें ढूंढने के बारे में सोचा और प्रयास जारी किए डायरेक्टर प्रकाश झा की पहले फिल्म हिप हिप हुर्रे में राज के साथ काम कर चुकी एक्ट्रेस दीप्ति नवल राज की अच्छी दोस्त थी जिन्होंने [संगीत] गया तब मैंने उन्हें ढूंढने के लिए उनके भाई गोविंद से संपर्क किया
जब गोविंद ने मुझे बताया कि राज जिंदा है तब मुझे बहुत शांति मिली मुझे यह भी पता चला कि अटलांटा सिटी के मेंटल हॉस्पिटल में वो भरती हैं जहां उनका इलाज चल रहा है वो इस संस्थान में काम करके अपने इलाज का खर्च निकालते हैं ऋषि कपूर ने कहा था जो शख्स एक दौर में स्टार हुआ करता था उसे इतनी दर्दनाक हालत में देखना बहुत दुखद था मैं राज किरण को जल्द भारत वापस लाऊंगा और यह कोशिश करूंगा कि उनका इलाज यहां पर अच्छे से हो पाए यह खबर भी सामने आई कि अमेरिका में उनकी पत्नी और बच्ची उनके साथ ही थे और उन्हीं के धोखे की वजह से राज की मेंटल कंडीशन और ज्यादा खराब हो गई थी उन्हें मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा हालांकि ऋषि कपूर के दावे को उनकी पत्नी और बच्ची ने झूठा बताया और कहा कि वोह खुद पिछले 10 सालों से राज को ढूंढ रहे हैं मीडिया रिपोर्ट्स कुछ और बता रही है परिवार वाले कुछ और लेकिन 2011 के बाद राज किरण की कोई खबर नहीं आई आज तक किसी को नहीं पता कि राज किरण कहां है किस गुमनामी की दुनिया में जी रहे हैं धन्यवाद