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राहुल रॉय के बारे में ये बात जान ने के बाद इंडस्ट्री भी करेगी एक्टर को सलाम।

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पिछले कुछ समय से एक्टर राहुल रॉय को लेकर कई तरह की खबरें आई जिसमें कहा गया कि कैसे राहुल रॉय सर्वाइव करने के लिए इन्फ्लुएंसर्स के साथ रील्स बना रहे हैं। इस पर राहुल रॉय ने भी स्टेटमेंट दिया और उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक अच्छे काम का इंतजार किया लेकिन वो जब नहीं मिला तो उन्हें यह करना पड़ा। उनकी लीगल फीसेस है जो उन्हें चुकानी पड़ती है और अगर आप लोग ट्रोलिंग करने के बजाय यह बता दें कि कोई अच्छा काम हो तो मेरे लिए ज्यादा आसान होगा।

एक डायरेक्टर हैं उन्होंने राहुल रॉय को लेकर यह खुलासा किया है कि कैसे राहुल रॉय उनके फिल्म के लिए आखिरी चॉइस नहीं थे बल्कि वन ऑफ द ऑप्शन थे। लेकिन उन्होंने ईगरली डायरेक्टर को कन्विंस किया कि डायरेक्टर उन्हें ही इस रोल के लिए कास्ट करें। और उसके लिए राहुल रॉय ने जो मेहनत की वह देखकर खुद डायरेक्टर भी हैरान रह गया। यह डायरेक्टर है कनु बहल जिसने आगरा नाम की फिल्म बनाई।

इस फिल्म के लिए उन्होंने राहुल रॉय के अलावा दो-तीन एक्टर्स को और लिया था और इनमें से कोई एक एक्टर उस रोल के लिए सेलेक्ट होना था। इन सभी एक्टर्स की वर्कशॉप करवाई गई। 3 महीने की वर्कशॉप थी जो सुबह 9:00 बजे शुरू होती थी। डायरेक्टर ने बताया कि राहुल रॉय सुबह 9:00 बजे वर्कशॉप के लिए आ जाया करते थे और 10:30 बजे रात को वो वर्कशॉप से जाते थे और तो और कई बार वो लेट नाइट रुक कर चाय कॉफी पीकर बातें करके वहां से जाते थे।

एक दिन अचानक से राहुल रॉय ने मुझे कहा कि मुझे पता है मैं ही यह पिक्चर करूंगा और कोई नहीं करेगा। मैं बता रहा हूं आपको कि मैं ही यह रोल करूंगा। कुछ इस तरह से राहुल रॉय ने डायरेक्टर को यह बात कही। डायरेक्टर ने राहुल रॉय की बात सुनी और राहुल रॉय के कहने का मतलब वह समझ गए। उन्होंने उस किरदार के लिए कोई और जो चॉइस थी उसे नहीं लिया। उन्होंने राहुल रॉय को ही कास्ट किया। आगरा फिल्म में डैडी का जो रोल था वो उन्होंने तब राहुल रॉय को दिया और राहुल रॉय ने उस रोल को बखूबी निभाया। डायरेक्टर का कहना है कि मैं हैरान रह गया था यह देखकर कि आशिकी फेम का एक्टर जिसने इतना बड़ा स्टारडम देखा है वह आज इतने सालों बाद भी अपने काम के लिए इस तरह से डेडिकेटेड है।

नए एक्टर्स भी उतने डेडिकेटेड नहीं थे जितना डेडिकेशन राहुल रॉय ने इस फिल्म के लिए दिखाया। तो राहुल रॉय का कहा मैं कैसे मना कर सकता था। उन्होंने मुझे कोई चॉइस ही नहीं दी। मैंने उन्हें ही इस फिल्म में कास्ट किया और इस फिल्म में उनका जो रोल है वो उनके पिछले रोल से बहुत ही अलग रोल है। आगरा फिल्म को कई फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाया गया और उसके बाद उसे ओटीटी पर रिलीज़ किया गया।

लेकिन राहुल रॉय की यह जो कहानी है यह बताती है कि राहुल रॉय ने पूरी कोशिश की अच्छा काम करने के लिए और अच्छा काम पाने के लिए लेकिन शायद किस्मत ही उनके फेवर में नहीं थी और इस इंडस्ट्री का तो कहते हैं ना कि यहां पर टैलेंट के साथ-साथ किस्मत भी बहुत मायने रखती है। अक्षय कुमार तो मानते हैं कि अगर किस्मत 30% भी हो लेकिन लक अगर 70% है तो आप इस इंडस्ट्री में आराम से काम कर सकते

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