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राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा लंबा पत्र, पूछे धारदार सवाल, मचा बवाल!

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हैं। एक और बड़ी खबर आपको बता दें राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र छात्रों पर कारवाही को लेकर पत्र लिखा। राहुल ने कहा कि कारवाही के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने अपने पत्र में पूछा क्या छात्रों के खिलाफ

समेत बल प्रयोग की मंजूरी उन्होंने दी थी? अगर नहीं तोकिसने दी थी? सादे कपड़ों में छात्रों को पीटने वाले कौन थे? राहुल ने कहा छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए। तो छात्रों पर कारवाही को लेकर यह पत्र लिखा गया है। कारवाई के लिए जवाब दे दे तय हो। यह राहुल गांधी ने इस पत्र के जरिए कहा है।

छात्रों पर का इस्तेमाल कैसे हुआ? किसने किया? अपने पत्र में उन्होंने यह सवाल भी पूछा कि क्या छात्रों के खिलाफ समेत घातक बल प्रयोग की मंजूरी उन्होंने दी थी? अगर ऐसा नहीं था तो किसने यह मंजूरी दी थी?

सादे कपड़ों में छात्रों को पीटने वाले लोग कौन थे? और राहुल ने साथ ही यह भी कहा कि छात्रों [संगीत] की बात सुनी जानी चाहिए। तो छात्रों का आंदोलन तो खत्म हो चुका है [संगीत] लेकिन इसी बीच राहुल गांधी की अमित शाह को यह चिट्ठी पेपर लीक पर सियासत अब भी जारी है। कल संसद में पेपर लीकबिल पर भी चर्चा होनी है।

सरकार पेपर लीक संशोधन बिल सोमवार को पेश करेगी। [संगीत] केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में यह बिल रखेंगे। इस बिल के आने के बाद माना जा [संगीत] रहा है कि पेपर लीक के मामले ना सिर्फ कम होंगे बल्कि खत्म हो जाएंगे। NDTV के पास इस नए बिल [संगीत] को लेकर कई सारी जानकारियां हैं। युवाओं ने कर दिखाया। ये उन सभी बच्चों के लिए जिंदगी सरकार ने भी परीक्षा पेपर लीक को लेकर कड़े कानून का मसौदा तैयार कर लिया है और पुराने बिल को संशोधित कर सोमवार को लोकसभा में पेश कर सकती है।

के पास संशोधित बिल की पूरी जानकारी है। इस नए बिल में 5 से 10 साल की सजा का प्रावधान है। जबकि परीक्षा पेपर लीक से जुड़े अपराध में 3 से 5 साल की सजा का प्रावधान था। पहले इस अपराध के लिए 10 लाख का जुर्माना था जो अब बढ़ाकर 50 लाख कर दिया गया है। सर्विस प्रोवाइडर पर पहले 1 करोड़ का जुर्माना और 4 साल तक ब्लैक लिस्ट का प्रावधान था। अब नए बिल में 5 करोड़ जुर्माना और 8 साल के लिए ब्लैक लिस्ट करने का प्रावधान किया गया है। संगठित रूप से जो परीक्षा पेपर लीक किए जाते हैं, उसकी सजा में भी संशोधित किया गया है।

इस अपराध के लिए पहले 5 साल जेल और ₹1 करोड़ जुर्माना का प्रावधान था। लेकिन अब न्यूनतम सजा सात और 10 करोड़ जुर्माना होगा। इस मामले की जांच और ट्रायल के लिए पहले कोई समय सीमा तय नहीं थी। लेकिन अब नए बिल में 2 महीने में जांच, 3 महीने में फास्ट ट्रैग कोर्ट में ट्रायल और अपील और फैसले का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले ही कहा था कि सरकार बिल में संशोधन कर इस अपराध पर पूरा नियंत्रण करने के लिए प्रतिबद्ध है। पेपर लीक घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में अनेक विध कदम उठाए गए। गुनहगारों को पकड़ा गया है। वे जेल में पड़े हैं। सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है। तब जल्द से जल्द उस बिल को सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।

मिडनाइट में हुए इस फैसले के बाद सरकार ने दूसरे दिन कैबिनेट की बैठक बुलाई और इस पर मंथन कर इसका पूरा मसौदा तैयार कर लिया। छात्रों के भविष्य के लिए लगातार मंथन जारी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार छात्रों से संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अपने सांसदों और मंत्रियों को भी कहा है कि वह सोशल मीडिया के जरिए छात्रों से खुलकर संवाद करें। छात्रों के आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बावजूद भी सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह से कमर कट चुकी है।

बिल तैयार कर लिया गया है और सोमवार को इसे संसद में पेश किया जाएगा। को मिली जानकारी के मुताबिक जिस तरह से सरकार ने नए बिल का ड्राफ्ट किया है उससे भविष्य में इस तरह के परीक्षा पेपर लीक में पूरी तरह से अंकुश लग जाएगा।

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