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टाइगर श्रॉफ ह;म;ला केस में शामिल लड़कियां राधा -बबिता का खुला चौंकाने वाला राज़, मचा तह;ल!का

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बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में अब एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने जांच का दायरा मुंबई से दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक पहुंचा दिया है। इस हमले में सिर्फ तीन शूटर ही शामिल नहीं थे। बल्कि आरोप है कि पर्दे के पीछे हथियारों का इंतजाम करने और उन्हें पहुंचाने के लिए पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। और हैरान करने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क में दो लड़कियों के नाम भी सामने आए हैं। अब सवाल यह है कि आखिर ये लड़कियां कौन है? टाइगर श्रॉफ तक हमलावरों ने हथियार कैसे पहुंचाए और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मामलों में बार-बार उत्तर प्रदेश का कनेक्शन क्यों सामने आ रहा है? नमस्कार, मैं खुशी चौधरी और आप देख रहे हैं एबीपी लाइव पर ट्रेंडिंग। पहले टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की बात करें तो रविवार शाम टाइगर श्रॉफ मुंबई के चूहू इलाके में फुटबॉल खेलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि जब उनकी BMW कार गेट पर मौजूद फैंस के बीच से गुजर रही थी, तभी दो हमलावरों ने सामने से गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने करीब 6 से सात राउंड गोलियां चलाई। दावा है कि एक हमलावर टाइगर श्रॉफ के बिल्कुल करीब पहुंच गया था और सीधे उन पर निशाना साध रहा था। लेकिन जैसे ही उसने ट्रिगर दबाया, उसकी बंदूक जाम हो गई। इसकी वजह से टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए। हालांकि इस फायरिंग में उनका ड्राइवर और वहां मौजूद एक दूसरा व्यक्ति घायल हो गया। इस हमले के बाद जांच शुरू हुई और तीन संदिग्ध शूटरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया। इनमें बिहार का रहने वाला 22 साल का रतिक उर्फ़ रोशन और हरियाणा के 18 साल के रिहानल और फूल सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि तीनों नेपाल भागने की फिराक में थे। इनका कथित संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया गया है। इस गैंग की तरफ से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। वहीं टाइगर श्रॉफ को एक खास अभिनेता से उनकी करीबी की वजह से निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हमले के पीछे की असली वजह की जांच अभी चल रही है। अब इस मामले में दिल्ली से चार और गिरफ्तारियां हुई हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन चारों ने हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों का इंतजाम करने और उन्हें शूटरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक कुणाल और सुमित ने हथियारों की व्यवस्था की थी। जबकि उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा और बबीता कथित तौर पर गैंग के लिए हथियार पहुंचाने का काम करती थी। आरोप है कि दोनों लड़कियां हथियारों की बड़ी खेप लेकर मुंबई के दादर पहुंची और वहां गैंग से जुड़े तीन लोगों को हथियार सौंप दिए। यानी जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक हथियारों का इंतजाम अलग लोगों ने किया और उन्हें मुंबई तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अलग लोगों को दी गई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एनडीआर टीम ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। इन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएएसएस की धारा 35 एक बी के तहत कलंदरा के जरिए अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी मुंबई ने आरोपियों से हिरासत में पूछताछ और उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अदालत ने इसकी मंजूरी दे दी। फिर मुंबई पुलिस ने तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मांगे जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब यहां सबसे बड़ा सवाल उठता है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मामलों में उत्तर प्रदेश का नाम बार-बार क्यों सामने आ रहा है? दरअसल टाइगर श्रॉफ पर हमले का मामला कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बड़ी आपराधिक घटनाओं की जांच में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों का कनेक्शन सामने आ चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कथित अपराधियों से लेकर मेरठ के फर्जी पतों, मुजफ्फरनगर में शूटरों की गिरफ्तारी, पूर्वांचल में हथियारों की सप्लाई और आगरा से गिरफ्तारियों तक कई मामलों में जांच एजेंसियों को यूपी से जुड़े सुराग मिले हैं। अब कुछ बड़े मामलों पर नजर डालें तो सबसे पहले बाबा सिद्दीकी हत्याकांड 12 अक्टूबर 2026 को बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक तीन हमलावरों ने उन पर फायरिंग की थी। मुख्य शूटर शिव कुमार गौतम ने छह गोलियां चलाई थी। जिनमें से तीन बाबा सिद्दीकी को लगी थी। इस हत्याकांड में भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था। जांच में उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का कनेक्शन मिला। शिवकुमार गौतम और धर्मराज कश्यप बहराइच के रहने वाले थे। वहीं अनुराग कश्यप, आकाश श्रीवास्तव और ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को भी बहराइच से गिरफ्तार किया गया। मुख्य शूटर की गिरफ्तारी भी उत्तर प्रदेश में हुई थी। इसके बाद बात फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की। उनके घर पर करीब पांच राउंड गोलियां चलाई गई थी। इस मामले में आगरा के बाहर थाना क्षेत्र के बिजौली गांव के रहने वाले विष्णु कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक उसे फायरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बाद में आगरा के ही प्रदीप कुमार नाम के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अब सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड को भी देखिए। 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी दावा किया गया था कि हत्या की साजिश के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े थे। कुछ रिपोर्टों में वारदात से पहले आरोपियों की यूपी के चर्चित स्थानों पर मौजूदगी और हत्यारों के साथ उनकी तस्वीरों का जिक्र किया गया था। इसके अलावा 19 सितंबर 2024 को यूपीएसटीएफ की मेरठ यूनिट और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुजफ्फरनगर के खतौली इलाके में मुठभेड़ के बाद असद और अनस नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन्हें लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताया गया था। वहीं 29 मई 2025 को हापुड़ में यूपी एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त कार्यवाही के दौरान नवीन कुमार नाम का कथित शूटर मुठभेड़ में घायल हो गया था। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। नवीन गाजियाबाद के लोनी का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण और लूट समेत करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज थे। उसे भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया गया था। यानी इन तमाम मामलों को देखें तो जांच में उत्तर प्रदेश का कनेक्शन सिर्फ शूटरों तक सीमित नहीं रहा। हथियारों की सप्लाई, उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने और आरोपियों को छिपाने जैसे अलग-अलग पहलुओं से भी यूपी से जुड़े नाम सामने आए हैं। हालांकि इन अलग-अलग मामलों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि पूरा नेटवर्क उत्तर प्रदेश से ही चल रहा है। इसकी पुष्टि जांच एजेंसियों के ठोस सबूतों से ही हो सकती है। फिलहाल टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में तीन गथित शूटरों के बाद दो महिलाओं समेत चार और लोगों की गिरफ्तारी से जांच आगे बढ़ी है।

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