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सुशांत सिंह की मौ;त को लेकर तनुश्री दत्ता ने किया चौंकाने वाला दावा, खोला बड़ा राज़..

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अभिनेत्री तनुश्री दत्ता बीते दिनों उस वक्त सुर्खियों में आ गई जब उन्होंने रोते हुए अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इस वीडियो में तनुश्री ने अपने घर में उन्हें परेशान किए जाने की बात कही थी। अब तनुश्री का कहना है कि उनके खिलाफ लॉबी तैयार की जा रही है और कुछ साल पहले जो अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ हुआ था वो उनके साथ हो सकता है। आखिर उन्हें यह डर क्यों है? तनुश्री से बातचीत में इन्हीं सवालों का जवाब तलाशा एबीपी न्यूज़ की पॉलिटिकल एडिटर मेघा प्रसाद ने सुनिए। [संगीत] पिछले हफ्ते बॉलीवुड की अभिनेत्री तनुश्री दत्ता का एक वीडियो बहुत वायरल हुआ जिसमें वह रोती बिलखती दिखाई दे रही थी और यह भी कह रही थी कि वो बहुत परेशान है।

अब तनुश्री को कौन परेशान कर रहा है? क्यों कर रहा है? कैसे कर रहा है? इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिए और ये सवालों को हमें पूछने के लिए तनुश्री खुद हमारे साथ अभी जुड़ी हैं एबीपी न्यूज़ पे। तो तनुश्री आपका बहुत-बहुत धन्यवाद समय निकालकर हमसे बात करने के लिए। मेरा पहला सवाल तनुश्री आपसे यही होगा। जो यह वीडियो वायरल हुआ जो वीडियो आपने साझा किया सोशल मीडिया पे उस पे आप बहुत हैरान बहुत परेशान दिख रही थी। सबसे पहले मैं जानना चाहती हूं क्यों क्या हो गया था।

देखिए वो जो वीडियो था ना वो 5 साल का मेरा जो एक्सपीरियंस रहा है हालांकि मैं अंदर से सुकून से हूं लेकिन कभी कबभार इतनी सारी चीजें हो रही थी ना तो मेरा एक इमोशनल ब्रेकडाउन जैसा हुआ जो स्पॉनटेनियस था और पता नहीं मेरे माइंड में क्या आया मैंने उसको पोस्ट कर दिया मुझे नहीं पता था वायरल हो जाएगा क्योंकि मैंने वैसा एक वीडियो दो साल पहले भी पोस्ट किया था लेकिन किसी ने मुझे कॉल नहीं किया मतलब किसी ने उसको सीरियसली नहीं लिया हालांकि दो-ती साल पहले जब मैंने वो वाला वीडियो पोस्ट किया था मेरी हालत ज्यादा खराब थी। उस वक्त तो ये चीजें शुरू हुई थी और उस वक्त तो मैं समझ ही नहीं पा रही थी कि मेरे साथ क्या हो रहा है।

नहीं आप तो कह रही ये सब चीजें शुरू हुई थी मतलब क्या शुरू हुआ था? आप जब कहती हैं ये कि पिछले दो-ती साल पहले ये चीजें शुरू हुई थी तो क्या शुरू हुआ था? ये 2020 में मैंने नोटिस किया कि मुझे परेशान किया जा रहा है जानबूझकर। कुछ लोग जैसे जैसे अंडरवर का हरासमेंट होता है ना जैसे गुर्गे फॉलो कर रहे हैं, अंडरवर्ड के लोग फॉलो कर रहे हैं। वो मेरा मतलब मुझे धीरे-धीरे रियलाइज हुआ कि ये कौन लोग हैं मुझे हमेशा फॉलो करते रहते हैं और उनकी हमेशा वीडियो रिकॉर्डिंग चलती है। अच्छा ये फैंस नहीं है क्योंकि मैं तो हमेशा काफी टाइम से सेलिब्रिटी हूं। और अभी तो फिलहाल काफी टाइम से मेरी पिक्चर ही नहीं आई है और मैं मास्कवास्क लगा के घूमती हूं। मैं ऐसे कपड़े पहन के घूमती हूं। तो किसी को पता ही नहीं मैं कहां जा रही हूं, कहां आ रही हूं। लेकिन इनको पता होता है। तो मैं एयरपोर्ट पे लोग फ्लाइट ले रही हूं। या फिर मंदिर जा रही हूं। पिल्ग इनको छोड़ा गया है मेरे पीछे। किसी ने मेरी सुपारी दे दी। मुझे ऐसा लगता है। मुझे ऐसा लगता है क्योंकि इन लोगों ने ना दे मेक श्योर जैसे मैं हां बोलिए बोलिए। दे उनको मतलब मैं अगर इग्नोर भी कर हां मैं अगर उनको इग्नोर भी करूं ना वो वो मुझे जता देते हैं कि हम तुम्हारे पीछे पड़े हैं। देखो क्योंकि मैंने बहुत बार ऐसा भी नोटिस किया कि यही लोग मेरे एयरपोर्ट के घुसने तक टिकट लेने तक सारी मेरी गतिविधियां वह ऑब्जर्व करते हैं और वीडियो रिकॉर्ड करते हैं और फिर मेरे ही सामने चलके अपने स्क्रोल करते हैं ताकि मैं डर जाऊं देखकर कि यार ये बंदा मुझे एयरपोर्ट के एंट्री से लेकर बोर्डिंग से लेकर फ्लाइट से लेकर ये सारे लोग मुझे फॉलो कर रहे हैं और मुझे रिकॉर्डिंग भी कर रहे हैं। मेरा उज्जैन में एक्सीडेंट हुआ। उज्जैन में मैं गई।

मेरा किसी ने ब्रेक काट दिया था और मेरा गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। तो तब मुझे जब धक्का लगा तब मुझे यकीन होने लगा कि हां यह बात सच है क्योंकि उसके पहले मुझे डाउट हो रहा था 2020 में 2021 में मुझे डाउट होने लगा था क्योंकि जब मैं कहीं जाती भी थी तो मेरे मैं किसी होटल में रुकी हूं मैं सेलिब्रिटी हूं तो होटल के मैनेजर्स को लोगों को तो पता है कि मैं सेलिब्रिटी हूं। आप मेरे होटल की मेरे रूम की मैं अकेली सिंगल लेडी भी हूं। आप मेरे रूम की चाबी आप स्पेयर की किसी और आदमी को क्यों दे रहे हैं? ये अजीब बात है ना। ऐसा कभी मेरे साथ लाइफ में नहीं हुआ। देखिए मैं एक रीज़नेबल पर्सन हूं। मैं ना लॉजिक से कंक्लूजन करती हूं। अगर मेरे मन में कोई शंका आई है, डाउट आया है, मैं इमीडिएटली उस चीज को किसी के ऊपर डाउट नहीं डाल देती हूं। मैं खुद को क्लेरिफाई करती हूं। मेरे मन में भी बात आती है कि मैं कंफर्म करूं कि ये मेरा वहम तो नहीं है। तो मैं सारी चीजों को ना ऑब्जर्व करती हूं। टेस्ट करती हूं। सब कुछ करने के बाद एक कंक्लूजन पे आती हूं कि नहीं ये हो रहा है। तो पहली बात तो ये है कि 2020 में मेरे साथ एक बहुत सारी अजीब घटनाएं घटी। लेकिन उस वक्त ना मेरे को मेरे को विश्वास नहीं हो रहा था। मैं खुद को मानने को तैयार नहीं थी कि ये सब हो सकता है क्योंकि ये सब फिल्मों में देखा था मैंने कि हां लड़की ने कुछ बोला तो उसके पीछे गुंडे छोड़ दिए उसको पागल करने के लिए उसको डैमेज करने के लिए उसको मार डालने के लिए। तो ये मुझे बहुत फिल्मी लगता था। तो मैंने इनिशियली तो विश्वास ही नहीं किया। लेकिन देन आई वास फोर्स्ड मतलब मुझे मतलब घटनाओं ने मुझे फोर्स किया उस चीज को बिलीव करने में। तो सबसे पहली घटना जो बहुत ज्यादा ऑब्वियस हो गई थी। मेरे घर में एक मेड को प्लांट किया गया। ठीक है? मेरी पुरानी जितनी मेड्स थी, जो भरोसे वाली थी, उनको एक-एक करके हटा दिया गया। उसके आने के बाद मेरा वर्कआउट बंद हो गया।

मेरा योगा, जिम, पूजा पाठ, मेडिटेशन सब क्योंकि मेरी हालत इतनी खराब हो गई। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था मुझे हुआ क्या है। 15 16 18 घंटे सो रही हूं। उसमें से आधे आधा टाइम तो मैं बेहोश हूं। मुझे मतलब होश ही नहीं कि 18 घंटे मैं सो गई हूं। और जब उठती थी ना तो मतलब मेरा दिमाग ग्रोगी फगी मतलब ऐसा लगा कि मेरे मेरे ऊपर से ट्रेन निकल गई है। तो मुझे समझ नहीं आ रहा था और मैं बस मतलब मेरी हालत दिन पर दिन इतनी खराब होती जा रही थी कि मैं सिर्फ उसके लिए दरवाजा खोलने के लिए उठती थी। वो आती थी बेल बजाती उसको चाबी नहीं दी थी मैंने क्योंकि नए को मैं चाबी नहीं देती हूं। आती थी बेल बजाती थी 1:00 बजे। मैं दरवाजा खोल ऐसे सम हाउ दरवाजा खोल के हां कर लो काम क्योंकि मैं वैसे भी मेड्स के पीछे किट किट नहीं करती। उनको एक बार काम समझा देती हूं तो वो कर लेती है और काम उसका साफ था। काम के सिलसिले में प्रॉब्लम नहीं था।

लेकिन मुझे ना डाउट होने लगा कि पहले तो मैंने सोचा कि मुझे ही कोई गंभीर बीमारी हो गई होगी। कैंसर हो गया होगा। ब्रेन ट्यूमर हो गया होगा कुछ तो भी। क्योंकि इतना हालत किसका खराब होता है? जो पांच दिन पहले वर्कआउट कर रही थी। भाग इदू कटलेट भाग रही हूं पार्क में। खुश हूं। एनर्जेटिक हूं। जैसे मैं हूं हमेशा वैसे लोगों ने मुझे हमेशा देखा है। यू नो आई एम वेरी हाई एनर्जी पर्सन। और बॉलीवुड में मेरी फिल्मों की बातचीत चल रही तो मैं थोड़ा सा अपने आपको श्रिंक कर रही थी क्योंकि स्क्रीन में आप डबल दिखते हो तो इतना वर्कआउट चल रहा था एंड आई वास फाइन। वर्कआउट करने के बाद भी मेरे में एनर्जी होती थी। तो मैंने पहले सोचा कि मेरे को कुछ हो गया होगा। फिर मैंने ब्लड टेस्ट करवाए और ब्लड टेस्ट में सारा नॉर्मल आया। सिर्फ विटामिन डी और विटामिन बी3 का एकदम माइनस में जा रहा था।

तो मैंने और सारा टेस्ट करवा लिए। कैंसर, ट्यूमर मतलब दुनिया भर के जो टेस्ट होते हैं ना हां। सारे टेस्ट करवा लिए। कुछ सब कुछ नॉर्मल था। वास विटामिन B3 और डी क्रैश हुआ था। तो मैंने मैंने ना की बात कर इसलिए B12 एंड डी3 पर वो तनुश्री माइनस में जा रहा था बहुत कम रहती है। नहीं नहीं मेरे मेरा हमेशा एकदम चंगा है। मेरा तो कुछ भी ये सब विटामिन विटामिन खराब नहीं होता। लेकिन वो मैंने उसको भी मैंने मल्टीपल टेस्ट किए इस कंक्लूजन में आने के लिए कि वो कुछ मिला रही थी क्योंकि मैं मैं किसी पे भी ना डाउट एम वही करने नहीं देती हूं। मुझे अगर अपने आप को भी बताना है ना दूसरों को बताने से पहले मैं खुद के लिए भी मैं कंफर्म करती हूं। तो मैंने क्या तीन चीजें की एक तो मैंने खुद के टेस्ट कराए। मैंने उसको एआई मॉडल में जैसे अपने डायग्नोस्टिक टूल्स होते हैं ना तो उसमें मैंने डाला कि कौन से ड्रग्स या कौन से मेडिसिन से इन दोनों की चीजें क्रैश होती है। क्योंकि मेरा विटामिन और ये सब सब नॉर्मल था। मैं तो रेगुलर टेस्ट करवाती हूं। मैं हर तीन-ती महीने में मेरे टेस्ट करवाती हूं। तो मेरा सब कुछ नॉर्मल है। तो अचानक से क्रैश क्यों हुआ?

तो अचानक से तभी क्रैश होता है कि जब आपके बॉडी में कोई ऐसा केमिकल जा रहा है, ऐसा कोई ड्रग जा रहा है, मेडिसिन जा रहा है जो उस चीज को डिप्लीट कर देता है आपके बॉडी से। राइट? तो और मैं खुद उसी मेडिकेशन पर नहीं थी। तो मुझे ना डाउट होने लगा था उस पे कि इसके आते साथ तीन दिन में मेरी हालत यहां से यहां कैसे आ गई? सी आपको अगर खुद आपके बॉडी में अगर डेवलपमेंट हो रहा है ना किसी प्रॉब्लम का तो धीरे-धीरे आप क्रैश करोगे। करेक्ट। आप तुरंत क्रैश नहीं करोगे। अनलेस योर बॉडी इज बीइंग फेड सम हैवी डोज़ ऑफ सम काइंड ऑफ़ मेडिसिन और हैवी डोज़ ऑफ़ ड्रग। उसी से वो अचानक से क्रैश करता है। तीन दिन में आप बिस्तर पे पड़े हो। तो उतना तो लॉजिक है मुझ में। आई हैव बीन अ साइंस स्टूडेंट आल्सो यू नो स्कूल में। तो मैं जनरली मैं मेरा दिमाग चलता है। तो तब तक तो भी थोड़ा बहुत चल रहा था। तो मैंने ये सब जासूसी करनी शुरू कर दी। फिर मैंने उसका फोन भी चेक किया। ठीक है? उसका जब मैंने फोन चेक उसने पहले मैंने क्या किया? मैंने उसके हाथ का पानी पीना बंद कर दिया।

वो पानी भरती थी एकवा गार्ड से। तो मुझे जब डाउट हुआ मैंने सोचा इसको टेस्ट करती हूं। मैंने पानी तो भरवाया उससे लेकिन मैं शाम को ना बिसलरी के बॉटल्स मंगवा के अपने कबर्ड में छुपा के रखती थी बेडरूम के कबर्ड में और उसको मैंने पता ही नहीं होने दिया कि मैंने उसके उसका भरा हुआ पानी नहीं पी रही हूं। तो मेरा दिमाग चलने लगा। मैं आपकी पूरी बैक स्टोरी सुन चुकी हूं। अब अब हमारे पास वो सवाल है जो दर्शक आपसे पूछना चाहेंगे। अब आप यह कह रही हैं कि 5 साल से यह पूरा तमाशा चल रहा है। आपका यह कहना है कि कुछ लोग आपके पीछे हैं जो आपको हर जगह फॉलो करते हैं। तनुश्री आप जिस होटल में रुकती हैं उसका पता उनके पास है। आप कहां जा रही हैं, किसको मिल रही हैं, क्या कर रही हैं सबका पता उनके पास है। मैं मैं अब आप यह सवाल का सीधा जवाब दीजिए। आपके हिसाब से यह लोग कौन है तनुश्री और यह आपके पीछे क्यों पड़े हैं? देखिए मैं भी कयास ही लगा सकती हूं क्योंकि ऐसा तो है नहीं कि वो मुझे बोल के कर रहे हैं। मैं मेरे मैं आपको बस इंसिडेंस बता रही हूं कि ये घर के मेड के इंसिडेंट हुए। मेरी ऐसी हालत हुई और मैंने सब रिसर्च करके खुफिया जासूसी करके ही मैं अपना अजम्पशनंस मैंने अपने आप को भी मैंने अजम्शन जो मैंने बनाए हैं। मैंने हां उसके बाद मेरा एक्सीडेंट भी हुआ। अच्छा उज्जैन में एक बार नहीं दो बार मेरी ऑटो के ब्रेक एंड क्लच काटे गए हैं।

तो दो बार कोइंसिडेंस कैसे हो सकता है? कोई आप कन्वस् आप कन्विंस है कि कोई कुछ कर रहा है तो सवाल यही है कि आपको आपके हिसाब से कौन है ये लोग और क्यों कर रहे हैं ये काम देखिए मैं मी टू मूवमेंट के बाद ही ये सारी घटनाएं मेरे साथ शुरू हुई है और 2019 की दिसंबर में मैंने नाना पाटेकर के नाम फाउंडेशन पे सवाल उठाए थे तो मी टू 2018 के बाद भी धमकियां वमकियां आई थी मुझे जैसे किसी पॉलिटिकल ग्रुप ने धमकी दे दी मी टू मूवमेंट के टाइम पे या ऐसे कोई लोग नीचे बिल्डिंग में घूम रहे हैं वो डराने की टैक्टिक तो होती है तो मैं नहीं डरी थी लेकिन 2020 में जो चीजें घटनाएं शुरू हुई वो इमीडिएटली आफ्टर द प्रेस कॉन्फ्रेंस जब 2019 दिसंबर में मैंने नाम फाउंडेशन पे प्रेस कॉन्फ्रेंस किया कि ये नाम फाउंडेशन करती क्या है इतना पैसा गवर्नमेंट से लेती होगी एनजीओ है और पब्लिक से भी पैसा उनको मिलता है कॉर्पोरेट से भी पैसा मिलता है लेकिन उनको उनके काम के हिसाब से तो हमने कुछ भी नहीं देखा उनके वो उन्होंने बोला हमने फलाना ये किया वो किया उस गांव में अगर आप जाके के देखो तो वहां पे कुछ भी नहीं है। उनका कोई भी कुछ रिकॉर्ड नहीं है। प्लस दो जर्नलिस्ट ने उस नाम फाउंडेशन के फाइनेंसियल इर्रेगुलरिटीज के बारे में सवाल पूछे थे। तो उन जर्नलिस्ट के साथ भी यही घटनाएं घटी थी। तो आप कह रही है जब से आपने सवाल नाना पाटेकर के ऊपर उठाया तब से यह चल रहा है।

तो आपका कहने का मतलब क्या है? तनुश्री कि नाना पाटेकर इसके पीछे उसके नाम फाउंडेशन पे जब मैंने सवाल उठाया उसका मी टू मूवमेंट तो हो चुका था। नाम फाउंडेशन जो उसका फाउंडेशन है उसके ऊपर जब मैंने सवाल उठाया तो उसके बाद तुरंत यह सारी घटना एक के बाद एक होने लगी और जो लोगों का फॉलो करना मेरे ईमेल अकाउंट्स हैक हो गए थे 202 से 2023 तक मेरे ईमेल अकाउंट्स हैक थे तो मुझे मैं हमेशा सोचती थी इनको पता कैसे चलता है मैं कहां जा रही हूं तो ईमेल्स में मेरे सारे बुकिंग्स आते हैं। होटल बुकिंग, स्लाइड बुकिंग सारे ईमेल्स में आते हैं। तो अगर हैक है तो वहां से पता चल रही थी। मेरे प्रोजेक्ट सारे साबोटाज हो गए। इनफैक्ट कुछ ही दिनों में हम हो सकता है कि हो सकता है कि वन ऑफ द पीपल जो मेरे साथ काम करना चाहते थे और जिनको सबोटाज किया गया है हो सकता है वो भी सामने आके बोले क्योंकि मेरे साथ जितने लोग काम करना चाहते थे ना एक प्रोड्यूसर भूटान भाग गया हम वो मुझे उसने मेरे को फिल्मेट किया था और वो ही वास बंगाली फ्रॉम माय कम्युनिटी एंड ही ही हैड अप्रोच मी ही वांटेड टू डू प्रोजेक्ट्स विथ मी और एक दिन वो अचानक से गायब हो गया डर के गायब हो गया हम और मेरे मेरे मी टू मूवमेंट के बाद तो मेरे की विटनेसेस को पीसीओ से कॉल आते थे। मेरा एक मेरे एक की विटनेस है। आई विटनेस है। उसका एफिडेविफिट है कोर्ट में सबमिटेड जिसमें उसने अपने हाथों से साइन करके लिखा है कि उसको धमकियां आती थी।

हम ये आई विटनेस विटनेस का जो एफिडेविट है अपने क्या देखा था? क्या देखा था? क्या बात कही थी अपने एफिडेविट में? आई विटनेस ने आई विटनेस ने अपने एफिडेविट में कहा था कि जो भी मैम बोल रही हैं वह 100% सच है। यह नाना पाटेकर सेट पे था जब उसका काम नहीं था। वो मैडम को अग्रेसिवली बिहेव कर रहा था। उनको खींच रहा था। उनको टच कर रहा था। उनको परेशान कर रहा था। मैडम परेशान हो रही थी। मैडम ने कंप्लेंट करी। जो भी मैंने बोला है ना अपने एफआईआर में सारा चीज उसने कंफर्म कर दिया। तो तनु सुनिए आप मुझे कह रही हैं कि यह नाना पाटेकर है जो आपको फॉलो करवा रहे हैं। नाना पाटेकर हैं जो आपका एक्सीडेंट करवाने की कोशिश कर रहे हैं। नाना पाटेकर हैं जो आपके घर में मेड प्लांट कर रहे हैं। नाना पाटेकर हैं जो आपके प्रोजेक्ट साबोटाज कर रहे हैं। नाना पाटेकर इतने इतने रिसोर्सफुल हैं कि वो ये सारी चीजें तनुश्री दत्ता अभी तक मतलब ये ये बात कहे हुए कितने साल बीत गए आपके मी टू मूवमेंट को तब से लेकर अभी तक नाना पाटकर आपके पीछे पड़े हुए हैं। यह बात सही है। मेरी बात कंप्लीट करने दीजिए। पहली बात तो यह है कि मेरी की विटनेस ने अपने एफिडेविट में यह भी कहा है कि जब वो जब 208 में वो पता चला कि वो की विटनेस है तो उसको पीसीओ से थ्रेटनिंग कॉल्स भी आए। ठीक है? राइट? उन्होंने ये भी एफिडेविट में लिखा कि उनको भी गुंडों के कॉल्स आए। पहला तो ये फैक्टर मैं आपको फैक्ट्स प्रेजेंट कर रही हूं। दूसरा फैक्ट यह है कि नाना पाटेकर ने खुद अपने YouTube वीडियो में बोला है कि वो मान्या सुर गैंगस्टर की फैमिली से बिलोंग करता है। उन्होंने खुद अपने YouTube इंटरव्यू में खुद अपनी ढंगे हाकी है कि वो गैंगस्टर फैमिली से बिलोंग करते हैं। अगर वो एक्टर नहीं होता तो वो गैंगस्टर होते। और उनका ये क्रिमिनल बैकग्राउंड है।

उन्होंने खुद बोला है। मुझे तो पता भी नहीं था। जब मैंने वो इंटरव्यू देखा तब मुझे और यकीन हो गया। तीसरी चीज अ मैं इतने साल बॉम्बे में रही हूं और पहले तो मैं काम करती थी। पहले तो मैं एक्चुअली मतलब फेमस थी और बिना मास्क के घूमती थी। पहले तब ज्यादा रीज़न था किसी को फॉलो करना। मी टू मूवमेंट के बाद ही ये सारी घटनाएं क्यों घटी और हम जो मूवीज में देखते हैं यही तो देखते हैं। समाज में यही तो होता है जो विसलन आप एक बात बता समझ रही हूं। मगर देखिए सवाल यहां पर ये आता है तनुश्री कि आपको लगता है कि नाना पाटेकर इन सारे अगर आप कह रहे हैं कि नाना पाटेकर इसके पीछे है आप क्या नाना पाटेकर अकेले इन सारी चीजों के पीछे या उनको किसी का साथ मिल रहा है उनको अंडरवर्ड का साथ मिल रहा है किसी और का साथ मिल रहा है क्या कहानी आप सोच रही हैं क्या हो रहा है देखिए पहली बात तो यह है कि जब जो इंसान खुद ही बोल रहा है कि मान्या सुर्वे गैंगस्टर उसका कजन है और मान्या सुरवे का गैंग आज भी एक्टिव है मान्या सुरवे के दोस्त भी होंगे ना गैंगस्टर्स मुंबई में महाराष्ट्र में तो ऐसे कितने सारे गैंगस्टर सारे तो भाई और नाना पाटेकर उनका भाई है। तो मैं अभी कयास ही लगा रही हूं।

बेस्ड ऑन फैक्टर्स। मेरा दिमाग लॉजिकली काम करता है। आई एम प्रेजेंटिंग फैक्ट्स। ओके? एंड ऑल द फैक्ट्स पॉइंट। एंड सेकंड थिंग अगर क्या वो अकेले हैं? तो उसमें मेरा एक मानना है कि बॉलीवुड में एक बॉलीवुड माफिया एक ग्रुप है। ठीक है? जिसका वर्णन जिक्र सुशांत सिंह राजपूत के केस के टाइम पे भी आया था। और जिया खान और इन सब के केस में भी एक एक है ना कि बॉलीवुड माफिया एक ग्रुप है जो साबोटाज करती है लोगों का काम उनका काम खराब करती है उनके पीछे पड़ी रहती है तो नाना पाटेकर को लक हो सकता है कि उनका भी सपोर्ट हो क्योंकि आप सुनिए मी टू मूवमेंट की लीडर मैं हूं ठीक है अगर मैं बॉलीवुड में वापस आ जाऊं मैं एकदम चंगी होके एकदम खुश होके अपना स्टार भी बन जाऊं तो कौन सा मैसेज जाएगा बाकी लड़कियों की तरफ कौन सा मैसेज जाएगा समाज की तरफ और 10 लड़कियां आएंगी लेकिन अगर मेरी मेरी हालत खराब हो गई, मैं मर गई या मेरी पिक्चरें नहीं हुई। मतलब मैं एकदम डाउन एंड आउट हो गई तो क्या मैसेज जाएगा कि हिम्मत मत करना।

ये तनुश्री दत्ता जैसा हाल करेंगे तुम्हारा भी। सो दिस इज आल्सो अ साइकोलॉजिकल मैसेज बीइंग सेंड। मेरा ऐसा हाल करके जब तक मेरा बुरा हाल रहेगा। हां मैं समझ गई। तू तब से ये बॉलीवुड माफिया लॉजिकली आप हां मैं समझ रही हूं। ये बॉलीवुड माफिया की बात कर रही हैं। कौन है ये बॉलीवुड माफिया? कौन है इस माफिया के मेंबर्स? देखिए अगर मुझे पता होता तो मैं उनका नाम और नंबर देके उनको पकड़वा नहीं लेती। अगर यह इतने ही आसान होता तो सुशांत सिंह का केस आज सॉल्व नहीं हो गया होता। इतना आसान होता तो जिया के खान का केस सॉल्व नहीं हो गया होता। ये माफिया ग्रुप है इसलिए तो वो चालाकी से काम करते हैं ना। वो थोड़ी ना खुल्लम खुल्ला आईडी दिखा के आएंगे कि देखिए हम ये हैं। हम आपको पीछा कर रहे हैं। हम आपको मार डालेंगे। शक किस पे है तनुष? देखिए छत की सुई देखिए नाना पाटेकर के साथ मेरा जो केस था मिटू का वो 2 महीने पहले ही बंद हुआ है। उसने खबरें फैलाई थी उसको क्लीन चिट मिल गया लेकिन उसको कोई क्लीन चिट नहीं मिला था।

2 महीने पहले जज ने न्यूट्रल वे से उस केस को बंद किया। उसको क्लीन चिट नहीं दिया ना ही मुझे गलत ठहराया ना ही उसको सही ठहराया। न्यूट्रल वे से उस केस को बंद किया गया है स्ट्यूट ऑफ़ लिमिटेशंस बोल के। क्योंकि अगर स्ट्यूट और लिमिटेशन नहीं दिया होता तो मेरी की विटनेस का एफिडेविट एक्सेप्ट हो गया होता और नाना को जेल हो गई होती। ठीक है? तो यहां पे सारे एविडेंसेस को मदेनजर रखते हुए हम बोलिए। सबकी सुई एक ही जगह जाती है। मैं कहां जाते हैं? सारे जो मैंने आपको बताया सारी चीजें हां नाना के अंडरवर क्रिमिनल बैकग्राउंड। उसके बाद मी टू की मैं लीडर हूं। यहां पे बॉलीवुड जो माफिया लोग हैं उनके भी तो खुले चिट्टे हैं ना। उनके बॉलीवुड में किसी और बॉलीवुड में कोई और भी है वापस आ गई। बॉलीवुड में कोई और भी है जो नाना की मदद कर रहा है। तनुश्री ऐसा आपको लगता है? 100% उसके फ्रेंड्स होंगे ना बॉलीवुड उसके जैसे कितने फ्रेंड्स होंगे बॉलीवुड में जिनके बहुत सारी काली करतूतें हैं वो छुपा के रखना चाहते हैं।

कौन से फ्रेंड्स? नाम बताएं आपको अगर शक अब आप नाना से ही पूछिए उनके कौन से आप मुझ मुझे कहां से पता होगा? हम मुझे बस इतना पता है कि सुशांत सिंह राजपूत के साथ जो जो चीजें हुई वही वही चीजें मेरे साथ हुई। फर्क इतना है कि वो चल बसे हैं और मैं जिंदा हूं और सुशांत सिंह ने सुसाइड नहीं किया। ये मैं पत्थर की लकीर में लिख के आज बोल देती हूं क्योंकि मेरे साथ वही चीजें हुई। सुशांत के जो वीडियोस आए थे ना जिसमें वो बीमारमार दिख रहा है। ऐसा कैसे हो सकता है कि उसके सारे पुराने स्टाफ को हटाने के बाद वो अचानक से बीमार रहने लगा। अचानक से पागल हो गया। जब तक कि पुराना स्टाफ था तब तक वो चंगा था। नया कहानी सुशांत और आपकी कहानी सुशांत और आपकी सिमिलर है। आप यह कह रही हैं कि वही कहानी आपके साथ दोहराई जा रही है। तो तनुश्री फिर सवाल ये उठता है कि तनुश्री दत्ता पुलिस के पास क्यों नहीं जा रही अगर इतनी एविडेंस के साथ बैठी हुई है तो? नहीं एविडेंस तो एविडेंस कहां है मेरे पास?

सारे अलग-अलग लोग झुंड के झुंड फॉलो कर रहे हैं। एक इंसान थोड़ी फॉलो कर रहा है मुझे। अगर एक इंसान स्टॉकिंग कर रहा होता मैं उसकी फोटो निकाल के पुलिस को दे देती। यहां पे अलग-अलग लोग फॉलो कर रहे हैं। कभी मेड कभी कुछ। अच्छा एक और चीज सुनिए। पुलिस के साथ मेरा एक्सपीरियंस क्या रहा है आप सबको पता है। 208 में इन लोगों ने क्या किया? मेरे ही की विटनेसेस को जेल में डाल दिया था। मेरा एफआईआर कुछ अजीब सा कुछ करके मराठी में कुछ लिख के कुछ भी फाइल कर दिया था। जो एफआईआर था ही नहीं। नाना का नाम हटा दिया था एफआईआर से। 2018 में मैंने किया तब प्रेशर आया था मीडिया का पॉलिटिक्स का। हां। तब उन्होंने प्रॉपर्ली एफआईआर किया। मैं 4 घंटा बैठी वहां पे। सवाल जवाब एफआईआर की प्रक्रिया जो होती है ना वो बहुत लंबी मगजमारी वाली होती है। आसान नहीं होता है। उसको सिंपलीफाई करना चाहिए गवर्नमेंट को। मैंने एफआईआर किया। 7 महीने तक मैंने फॉलो अप किया और सात महीने बाद पुलिस ने 20 समरी रिपोर्ट करके बी समरी मतलब फॉल्स मशस केस नो एविडेंस इतना एविडेंस एफिडेविट है की विटनेस है। आपने तो बात ही नहीं की। अच्छा मेरे सारे विटनेसेस को डरा धमका के गांव किसी को गांव किसी को यहां भेज दिया।

उन सबको कॉल्स आए थे। जी तनुश्री मुझे तो अब ये इंटरव्यू करना पड़ेगा। लेकिन आखिरी सवाल आपसे यह है कि क्या आप पुलिस के पास जाएंगी या नहीं जाएंगी? क्या आप अब पुलिस के पास जाना चाहती हैं या नहीं? पुलिस आई थी मेरे पास। उनको मैंने इंफॉर्मेशन दे दी है। ठीक है? और यह जो है ऑनगोइंग फिनोमिना है पिछले 5 साल से। बीच-बीच में रुकती है बीच-बीच में शुरू हो जाती है। ये ना कोवर्ट हरासमेंट है। मतलब अंडरवर की जो चीजें होती है ना इसी तरीके से होती है। अंडरवर्ड की जब चीजें होती है तो इंसान बहुत कंफ्यूज रहता है। बहुत टाइम लगता है इंसान को समझने में भी कि मेरे साथ ये हो रहा है।

तो अब जब सारी चीजें बहुत क्लियर हो गई है। पुलिस आके बात करके गई। अब मैं जाऊंगी पुलिस के पास लेकिन मैं अपनी सारी चीजें लिख के जाऊंगी पॉइंट वाइज क्योंकि मुझे वहां बैठ के चार घंटा वेस्ट नहीं करना सवाल जवाब में और किस तरह से एफआईआर होगा या कंप्लेंट होगा कि क्या होगा मुझे नहीं पता क्योंकि यहां पे एक इंसान के अगेंस्

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