Cli

इस वजह से हुई प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौ;त? जांच रिपोर्ट में हुए खौ!नाक खुलासे, मचा तह;ल!का

Uncategorized

। प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसीक दुलारी की मौत का मामला अब रिपोर्ट सामने आने के बाद और ज्यादा गंभीर हो गया है। दरअसल रिपोर्ट में दीपक के शरीर पर सिर से लेकर छाती, पसलियों, होठ, टुड्डी और टखने तक कई चोटों का जिक्र किया गया है। और रिपोर्ट में कुछ चोटों को अंदरूनी चोटों से भी जोड़ा गया है। और सबसे अहम बात यह है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अत्यधिक रक्त स्राव यानी कि हेमरेजिक शॉक बताया गया है और इसे मृत्यु से पहले लगी चोटों से संबंधित बताया गया। हालांकि किस वजह से लगी? से पहले आखिर क्या हुआ? इन तमाम सवालों का जवाब पुलिस की जांच में सामने आएगा। देखिए अब पूरा मामला आपको बता दें। मामला मथुरा के वृंदावन का है। मृतक की पहचान दीपक कुमार पुत्र छेठराम लोढ़ी के रूप में हुई है और बताया जा रहा है कि दीपक गुरु कृपा कुंज थाना वृंदावन जनपद मथुरा का निवासी था। साधु के रूप में यहां पर रह रहा था। 26 सितंबर 2026 को मथुरा स्थित पोस्टमार्टम हाउस में दीपक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। अब इसी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों में कई सवाल खड़े हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक शरीर पर कई बाहरी और अंदरूनी चोटें दर्ज की गई।

सिर पर करीब 14 टाकू वाला घाव पाया गया। सिर के ऑक्सिपिटल क्षेत्र में हेमेटोमा यानी कि खून जमा होने की स्थिति का उल्लेख है। इसके साथ ही खोपड़ी में हेयर लाइन फ्रैक्चर की बात भी सामने आई और सिर्फ इतना ही नहीं मस्तिष्क में भी हेमेटोमा दर्ज किया गया है। यानी सिर पर लगी चोट सिर्फ बाहरी नहीं थी बल्कि उसके अंदर भी चोट के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी चोटों का जिक्र है। निचले होठों और टिड्डी पर चोट दर्ज की गई है। टखने पर भी चोट मिली है और इसके साथ ही अंदरूनी हड्डी में फ्रैक्चर का भी उल्लेख है। यानी कि पोस्टमार्टम में चोटों का दायरा सिर्फ सिर तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में बाहरी और अंदरूनी चोटों का जिक्र है।

जिसने अब इस पूरे मामले की परिस्थितियों को लेकर जांच को और ज्यादा जटिल बना दिया है। लेकिन सबसे गंभीर जानकारी छाती और पसलियों से जुड़ी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक छाती के बाई तरफ पांच से आठवीं पसली तक फ्रैक्चर पाया गया। यानी लगातार चार पसलियों के फ्रैक्चर का उल्लेख इस रिपोर्ट में है। इसके साथ ही बाएं फेफड़े के फटने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है। दोनों फेफड़ों में पीलापन पाए जाने का उल्लेख किया गया। जबकि फेफड़ों के आसपास की गुहा में रक्त मौजूद होने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है। अब ऐसे में सवाल यह है कि आखिर ऐसी चोट किन परिस्थितियों में आई होगी? क्या दीपक किसी हादसे का शिकार हुए? क्या उनके साथ किसी तरह की कोई मारपीट हुई? या फिर चोटों के पीछे कोई और वजह थी। इन सवालों का जवाब फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं देती क्योंकि यह बताता है कि शरीर पर किस तरह के चोट थी और चिकित्सी तौर पर की वजह क्या रही। लेकिन चोटें किस घटना में लगी और उस वक्त वहां क्या हुआ था यह पुलिस की जांच का विषय है। रिपोर्ट में पेट की गुहा से ले में करीब 100 मि.मी. पानी जैसे द्रव की मौजूदगी का भी उल्लेख है। लीवर के पीले पाए जाने और पित्ताशय के भरे होने की भी बात सामने आई है। वहीं हृदय के दोनों चेंबर खाली पाए गए हैं। रिपोर्ट में ऋण की हड्डी की जांच नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया गया। यानी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के अलग-अलग अंगों की स्थिति को दर्ज किया गया है और कई गंभीर चोटों का उल्लेख भी सामने आया। इस पूरे मामले में एक और जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आती रही है। रिपोर्ट में शरीर के एक हिस्से के अलग होने की जानकारी भी दर्ज है। वहीं शव की पहचान पुलिसकर्मी एचसी 632 जितेंद्र कुमार और मृतक के भाई मनीष पटेल द्वारा किए जाने की बात रिपोर्ट में दर्ज है। पोस्टमार्टम के समय चिकित्सय अनुमान के मुताबिक मृत्यु को करीब एक दिन बीत चुका था। अब पुलिस रिकॉर्ड की बात करें तो इस मामले में जीडी संख्या 049 दिनांक 25 सितंबर 2026 दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मौत के कारण अत्यधिक रक्त्राव यानी कि हेमरेजिक शॉक बताया गया और इस हेमरेजिक शॉक को मृत्यु से पहले लगी चोटों से संबंधित बताया गया और यही वजह है कि अब जांच के केंद्र में सबसे बड़ा सवाल यही है कि दीपक को इतनी गंभीर चोट आखिर कहां से लगी? कैसे लगी? सिर पर गहरा घाव, खोपड़ी में हेयर लाइन फ्रैक्चर, मस्तिष्क में हेमेटोमा, टखने में फ्रैक्चर, पांचवी से आठवीं पसली तक फ्रैक्चर और बाएं फेफड़े के फटने का उल्लेख। इन तमाम मेडिकल निष्कर्षों को पुलिस अब घटनाक्रम से जोड़कर देखेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई चोटों में से इन मामलों की जांच के कई पहलुओं को महत्वपूर्ण बना दिया है। लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट रिपोर्ट किसी घटना की परिस्थितियों का अंतिम निष्कर्ष नहीं होता। रिपोर्ट शरीर पर मौजूद चोटों, अंदरूनी क्षति और चिकित्सीय रूप से मृत्यु के कारणों को दर्ज करती है। अब पुलिस को यह पता लगाना होगा कि ये चोटें कब लगी? किस परिस्थिति में लगी? मृत्यु से पहले दीपक के साथ वास्तव में क्या हुआ? क्या यह चोटें किसी हादसे का परिणाम थी या इनके पीछे कोई दूसरी घटना अन्य घटनाक्रम है? अब इसका जवाब पुलिस की जांच घटना स्थल से मिरे साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के साथ ही फॉरेंसिक साक्ष्यों में ही सामने आएगा। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इतना जरूर स्पष्ट किया है कि शरीर पर कई गंभीर बाहरी और अंदरूनी चोटें दर्ज की गई थी। चिकित्स तौर पर मौत का कारण अत्यधिक रक्त स्राव यानी कि हेमोजिक शॉक बताया गया। अब निगाहें पुलिस की जांच पर है कि इन चोटों की परिस्थितियों और मौत से पहले का घटना पूरा घटनाक्रम किस तरह से सामने आता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *