प्रेमानंद महाराज के एक युवा शिष्य जिनका नाम दीपक लोधी उर्फ़ रसिक दुलारी शरण था। यह सवाल हर किसी के मन में है कि क्या वाकई में यह जो मामला है वो का है या फिर कुछ और है? आध्यात्मिक दुनिया में अपने प्रवचन और राधा कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम के लिए देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में विख्यात वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से एक बेहद ही चौंकाने वाली और बहुत ही रहस्यमई खबर सामने आ रही है।
प्रेमानंद महाराज के एक युवा शिष्य जिनका नाम दीपक लोधी उर्फ़ रसिक दुलारी शरण था। उनकी हालत में परिस्थितियों में हो गई। इस घटना के बाद से ना सिर्फ वृंदावन में बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के बीच कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। एक हड़कंप सा मचा हुआ है। शुरुआती तौर पर पुलिस इसे यानी कि का मामला मानकर चल रही है। लेकिन जैसे-जैसे इस पूरे मामले की परतें खुल रही हैं। वैसे-वैसे इसमें ऐसे-से दावे सामने आ रहे हैं। चौंकाने वाले दावे किए जा रहे हैं। गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। जिसके बाद यह सवाल हर किसी के ज़हन में है।
यह सवाल हर किसी के मन में है कि क्या वाकई में यह जो मामला है वह का है या फिर कुछ और है? तो चलिए आज के इस वीडियो में विस्तार से जानते हैं कि आखिर उस दिन वृंदावन के गुरु कृपा कुंज आश्रम में हुआ क्या था। जो है, जो शिष्य है, जिनकी हुई है, उनके परिवार वालों ने कौन से बड़े और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं और इस पूरे मामले में पुलिस की जांच अभी तक कहां पर पहुंची है?
सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि पूरी घटना घटी कहां पर है, कहां पर हुई है और कैसे हुई? क्या हुआ? देखिए रिपोर्ट्स के मुताबिक और जो तस्वीरें निकल कर सामने आई हैं इस पूरी घटना को लेकर क्योंकि एक सीसीटीवी वीडियो है जो बहुत तेजी के साथ वायरल हुआ। देखिए मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले 25 साल के दीपक लोधी जो कि कुछ समय पहले वृंदावन आए थे और प्रेमानंद महाराज की शरण में रहकर भक्ति मार्ग से उनका जुड़ाव हुआ था।
भक्ति मार्ग से वह जुड़ गए थे। जिन्हें आश्रम में रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता था। इसी नाम से उनको पुकारा करते थे। वो वृंदावन के वाराघाट क्षेत्र में स्थित नए बने चार मंजिला गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल पर रह रहे थे। अब हुआ क्या कि शुक्रवार की सुबह करीब 10:30 बजे अचानक से यह खबर आई कि दीपक आश्रम की चौथी मंजिल से । ना सिर्फ यह खबर आई बल्कि इससे जुड़ा हुआ एक वीडियो भी आया। उन्हें तुरंत गंभीर हालत में वृंदावन के ही एक निजी अस्पताल लेकर जाया गया। जहां पर डॉक्टर्स ने उन्हें कर दिया। इस घटना की इस खबर की जैसे ही सूचना मिली इसके बाद मथुरा पुलिस और मौके पर पहुंची और साक्ष्य यानी कि जो सबूत जुटाने का जो काम है वो शुरू कर दिया गया। एविडेंस को वहां से इकट्ठा किया गया।
शुरुआती पुलिस जांच में जो शुरुआत में पुलिस की इन्वेस्टिगेशन हुई उसमें यह बात सामने आई है कि दीपक ने कथित तौर पर चौथी मंजिल से छलांग लगाकर कर ली। लेकिन मामला यहीं पर शांत नहीं होता। क्योंकि इसके बाद जो दावे किए जा रहे हैं, जिस तरह के खुलासे किए जा रहे हैं, उन्होंने सबको सन कर दिया है। इससे ज्यादा बड़ी बात मैं ये कहना चाहूंगा, सही यह होगा बोलना कि लोगों के मन में कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर हुआ क्या?
इस घटना के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब मृतक के शरीर पर यह कहा जा रहा है, इस बात का दावा किया जा रहा है कि जब के शरीर पर चोटों के निशान मिले। परिवारों के बयान ने पुलिस के वाले थ्योरी पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए। मीडिया रिपोर्ट्स और शुरुआती मेडिकल जांच में यह बात सामने आई है कि दीपक के शरीर और सिर पर गंभीर चोट के निशान तो थे ही।
साथ ही साथ बहुत ही हैरान कर देने वाला मामला है। साथ ही साथ उनके शरीर के संवेदनशील यानी कि पर भी गंभीर चोट या फिर पाए गए हैं। जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।
सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हुआ क्या था। इसके अलावा घटना स्थल और जांच के दौरान कई तरह की बातें और संदिग्ध सामग्रियां जैसे कि या फिर अन्य चीजें मिलने की चर्चा भी सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में बहुत ज्यादा है। हालांकि आपको बता दें कि लगातार ऐसे दावे किए जा रहे हैं।
हालांकि पुलिस अभी इन सभी एंगल से फॉरेंसिक जांच कर रही है। तमाम दावों की इस वक्त इन्वेस्टिगेशन की जा रही है कि क्या यह महज एक ऊंचाई से मामला है या फिर इसके पीछे कोई भयानक साजिश छुपी हुई है और अगर है तो ऐसा क्या हो गया? पुलिस अधिकारियों का यह कहना है कि शरीर पर मौजूद वो निशान ऊंचाई से की और जो सामने आएगी इसके बाद ही हो पाएगा। लेकिन इस मामले में सबसे ज्यादा जो सनसनीखेज हैरान कर देने वाला बयान है वो के परिवार वालों की तरफ से सामने आया। उन्होंने क्या कहा? जिन्होंने आश्रम की व्यवस्था और वहां के तौर तरीकों पर ही कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
हालांकि एक बार फिर से आपको ये क्लियर कर दें। ये जो बयान है ये जो सवाल हैं वो जो शिष्य जिनकी मौत हुई है उनके परिवार वालों की तरफ से। यानी कि अभी तक जो जो हुआ है, जो जो बयान निकल कर सामने आए, उसके आधार पर जो सवाल बन रहे हैं, हम उन फैक्ट्स को, उन जानकारी को सिर्फ आपके सामने रख रहे हैं। यही वजह है कि अभी यहां पर किसी भी कंक्लूजन में पहुंचना बहुत मुश्किल है।
यही वजह है कि जो पुलिस है उसकी तरफ से भी कहा जा रहा है कि उसे फाइनल रिपोर्ट और इन्वेस्टिगेशन के पूरा होने का इंतजार है। अब आप देखिए हुआ क्या? जो दीपक है उनकी बहनोई सोनू पटेल और अन्य परिजनों ने मीडिया के सामने यानी जो शिष्य हैं जिनकी मौत हुई है उनकी जो बहनोई हैं सोनू पटेल और जो बाकी परिजन हैं परिवार वाले हैं उन्होंने मीडिया के सामने आकर यह आरोप लगाया है। यह आरोप है। यह आरोप लगाया कि जब से दीपक साल 2000 जो कि असल नाम है दीपक। जब से दीपक साल 2024 में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा था और उसने गुरु दीक्षा ली थी तब से उसका अपने परिवार से संपर्क लगभग काट दिया गया था।
अब यह परिवार वालों का कहना है कि जो संपर्क है वह काट दिया गया था। अब इसमें हुआ क्या था? क्या खुद से जो शिष्य हैं उन्होंने संपर्क नहीं रखा या फिर वह सिर्फ आध्यात्म लीन रहना चाहते यह बड़ा ही निजी मामला है। परिवार का दावा यह है कि पिछले 2 सालों से ना तो उन्हें दीपक से मिलने दिया जाता था और ना ही फोन पर बात करने दी जाती थी।
दीपक के पास मोबाइल फोन तक रखने की अनुमति नहीं थी। जिस वजह से परिवार पूरी तरह से अपने बेटे से संपर्क नहीं कर पा रहा था। परिजनों का यह भी आरोप है कि जब यह दर्दनाक घटना हुई, जब यह पूरा वाक्या हुआ तो आश्रम के लोगों ने उन्हें फोन पर केवल यह कहकर बताया और यह भी कहना परिवार वालों का कि उनका यह दावा है या आरोप है कि भ्रमित किया गया कि दीपक सिर्फ सीढ़ियों से फिसल कर गिर गया और उसका अस्पताल में सामान्य इलाज चल रहा है। लेकिन जब परिवार के लोग भागते हुए जब तुरंत वहां पर वृंदावन पहुंचे तो उन्हें घंटों बाहर होकर रखा गया और कोई साफ तौर पर स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं दी गई।
परिवार का यह भी कहना है कि उनका बेटा जैसा कदम कभी उठा नहीं सकता। वो एक धार्मिक प्रवृत्ति का एक सीधा साधा युवक था जो कि भगवान की भक्ति में लीन रहने के लिए यहां पर आया हुआ था। परिवार ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई है कि आखिर 2 साल तक उन्हें मिलने क्यों नहीं दिया गया और इस के पीछे जरूर कोई अंदरूनी राज है। यह परिवार वालों का कहना है। परिवार और कई स्थानीय लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले में सिर्फ स्थानीय पुलिस की जो जांच है उससे काम नहीं चलेगा बल्कि इसकी निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और अगर जरूरत पड़े तो इस पूरी घटना की इस पूरे प्रकरण की
जांच कराई जाए ताकि यह साफ हो सके कि यह थी, कोई दुर्घटना थी या फिर कुछ और था। इसकी जांच होनी चाहिए। फिलहाल मथुरा पुलिस इस हाई प्रोफाइल और संवेदनशील मामले में बहुत ही फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पुलिस का यह कहना है कि आश्रम में रहने वाले जो बाकी 40 से 50 साधक और वहां के सेवादार हैं उनसे भी पूछताछ हो रही है। उनसे जानकारी पूरी इकट्ठा की जा रही है। यह भी इन्वेस्टिगेट किया जा रहा है।
यह भी खंगाला जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में दीपक की किसी से कोई अनबन तो नहीं हो गई थी। उनको कोई मानसिक तनाव, कोई ऐसा तो कुछ नहीं था। उनके साथ कोई हालात से तो वो गुजर नहीं रहे थे। आश्रम की चौथी मंजिल और उस जगह से जो सबूत जो साक्ष्य इकट्ठा किए हैं जहां से जो दीपक है उनका शरीर गिरा था वो तमाम साक्ष्य की फिलहाल इन्वेस्टिगेशन हो रही है। उन्हें जांचा जा रहा है। क्योंकि मामला देश के एक बहुत ही लोकप्रिय और आध्यात्मिक संत के आश्रम से जुड़ा हुआ है और ऐसे संत हैं। जाहिर सी बात है कि इस घटना के सामने आने के बाद कोई सोच भी नहीं सकता कि उनके आश्रम के एक शिष्य ने ऐसा कुछ कर लिया। इसलिए प्रशासन पर भी इस पूरे सच को सामने लाने का बहुत बड़ा दबाव है।