में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बगावत अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है। यह सीधे इस्लामाबाद की सत्ता और रावलपिंडी के लिए चुनौती बन चुकी है। पीओके में पिछले 19 दिन से प्रदर्शन जारी है। इंटरनेट बंद है। राशन के ट्रक रोक दिए गए हैं। लेकिन जो नहीं रुका है वो है पाकिस्तान के विरोध में आवास और हक के लिए आंदोलन। जिसके बाद तो पाकिस्तानियों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि वह खुलेआम प्रदर्शनकारियों को गोली मार देने की धमकी दे रहे हैं और धमकियों के बीच दो मासूम बच्चियों की आवाज अब पाकिस्तान के झूठे नैरेटिव पर सबसे बड़ा तमाचा बन गई है।
बच्चियां जुल्म का वो सच बयां कर रही हैं जिसे देखकर इंसानियत शर्मसार हो जाए। जिंदाबाद जिंदाबाद। एक घंटे एक घंटे इंटरनेट की आम [संगीत] ये गुस्सा है ये वो बारूद है जो अब पाकिस्तान की सल्तनत को उखाड़ फेंकेगा। इसके पैसे इनके पैसे पीओके में पिछले 20 दिनों से हुकूमत के खिलाफ महासंग्राम जारी है। जिससे भिड़ने के लिए ना शहबाज शरीफ की पुलिस में दम है ना आसिम मुनीर के रेंजर्स में हिम्मत। वतन श्री वतन इसके अक रावलाकोट में ईदगाह ग्राउंड पर बैठे 500 से ज्यादा भी। आवाम के इस फौलाद को तोड़ने के लिए अब पाकिस्तान ने घटिया हथकंडा अपनाया है। 5 जून से इंटरनेट बंद है। 11 दिन से राशन ओके की आवाम को फूफा मार दिया जाए। आप ड्राइवर हैं सारे?
तो आप कब से खड़े हैं यहां पे? सात दिन हो गए। तो आपके पास है क्या? गंदम। गंधम। अच्छा तो क्यों खड़े हैं? वजह क्या है? ये पाकिस्तान गवर्नमेंट ने रोका हुआ है। अच्छा तो ये गंदम कहां ले जा रहे थे आप? कौन सी जगह? शाहबाज शरीफ में अगर थोड़ी भी गैरत बची है तो इस मासूम बच्ची के आंसुओं का हिसाब दो जिसका निवाला तुम्हारी फौज ने छीना है। पाकिस्तानियों मेरा दूध आने दो ना। मुझे भूख लगी है। मम्मा रोज फीडर में पानी डाल के देती हैं। प्लीज दूध आने दो ना। दूसरी तरफ अब सत्ताधारी पीपीपी का गुंडा विधायक जावेद भट्ट रावलपिंडी में बैठकर धमकी दे रहा है कि चुनाव के बाद इस आंदोलन के नेता शौकत नवाज मीर और आंदोलनकारियों को बीच चौराहे पर फांसी दे दी जाएगी। इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी के हुक्मरानों के पैर कांप रहे हैं।
शाहबाज शरीफ की सरकार और जनरल आसिम मुनीर की बंदूकें जनता के हौसले के आगे बेअसर साबित हो रही हैं। अब हालात ये हैं कि अपनी आवाम को हक देने के बजाय पाकिस्तानी हुक्मरान गीदड़ भपकियों पर उतर आए हैं। क्या होगा? वोट कम पड़ेगा और क्या होगा? वोट इलेक्शन तो होंगे लाजमी होंगे। उसी चौक पे लटकाएंगे इनको फांसी देंगे लटकाऊंगा और सीधा-सीधा शूट करेंगे इंशाल्लाह। सबको गोलियां मारेंगे इंशाल्लाह। विडंबना देखिए यह जावेद भट्ट खुद पीओके में नहीं रहता। रावलपिंडी में ऐश करता है और वहां की 12 फर्जी रिफ्यूजी सीटों के दम पर विधायक बनता है। इसी धांधली और तानाशाही के खिलाफ 9 जून से जनता रावल कोच के ईदगाह मैदान में डटी हुई है। हमारी चीजें हमें दो।
हमारी चीजें हमें दो और हमारे मुल्क से दफा हो जाओ। बहुत ही बड़ी बात है। इसी मैदान में एक मासूम बच्ची ने पूरी पाकिस्तानी फौज और हुकूमत को रावलाकोट आने की चुनौती दे दी है। ये पाकिस्तानी हुकूमत से यही कहना चाहूंगी हम खुद तहरीक है। मैंने तीन साल से जो हम अपनी खुद मुनसिम तरीके से खुद तरीके से हम इस तहरीक को आगे बढ़ाते हैं। जब हमने आपके हुकूक मांगे तो आप लोग हमें दहशत कराते हैं। अगर हम दहशत गर्द है तो प्लीज आके देख लीजिए हम दहशत मैं यही कहना चाहूंगी हमने की आवामी एक्शन कमेटी के ख्वाजा मेहरान ने मुनीर और शाहबाज को सीधी चुनौती दी है कि अगर तुम में दम है तो सिर्फ एक घंटे के लिए इंटरनेट चालू कर दो।
पूरी दुनिया देख लेगी कि असली दहशतगर्द कौन है। [हौसला बढ़ाने की आवाज़] छुपा नहीं लगा और दूसरी बात दूसरी बात कि अगर हो घंटे वास्ते एक घंटे वास्ते एक घंटे वास्ते इंटरनेट सर्विस की आमसो और साबित करो कैसे इंटरनेट खोलने की औकात इस बुज़दिल फौज में नहीं है क्योंकि अगर इंटरनेट खोला तो पाकिस्तान का वो घिनौना चेहरा बेनकाब हो जाएगा जिसे जिसे देखकर दुनिया थू थू करेगी। हुई दीवारों पे शर्माएंगे यारों पे वैसे जा शहबाज शरीफ आसिम मुनीर तुम्हारी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है क्योंकि जिस आवाम के टैक्स पर तुम्हारी फौज ऐश करती है आज उसी के बच्चे दूध की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं क्योंकि तुमने राशन के ट्रक रोक रखे हैं। पाकिस्तानी हुक्मरान ध्यान से सुन लो इन आवाजों को क्योंकि पीओके से आजादी की यह आग अब बुझने वाली नहीं है।