सोचिए आप एक ऐसे जहाज में बैठे हैं जो सिर्फ एक प्लेन नहीं बल्कि हवा में उड़ता किला है दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइलें भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती इसमें प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ना सिर्फ सफर करते हैं बल्कि यह प्लेन एक चलता फिरता ऑफिस और वॉर रूम भी है यह है एयर इंडिया वन भारत का सबसे हाईटेक और सिक्योर वीवीआईपी एयरक्राफ्ट।
पर सवाल यह है कि इसे उड़ाता कौन है और इस जहाज में ऐसा क्या खास है जो इसे अमेरिका के एयरफोर्स वन जितना पावरफुल बनाता है आइए आज इसे पूरे डिटेल में समझते हैं जब भारत के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति विदेश यात्रा पर जाते हैं तो वह किसी आम फ्लाइट में नहीं बैठते उनके लिए खास प्लेन तैयार किया गया है जिसका नाम है एयर इंडिया वन यह एक बोइंग 77 300 र है जिसे साल 2020 में भारत ने खरीदा और तब से यह भारत के टॉप लीडर्स की आधिकारिक फ्लाइट बन चुका है इसकी कीमत 8400 करोड़ बताई जाती है लेकिन यह कोई आम बोइंग 77 नहीं है बल्कि एक बख्तरबंद उड़ता किला है।
यह हवा में उड़ने वाला एक कमांड सेंटर है जो इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी और सिक्योरिटी फीचर से लेस है कि इसे दुनिया के सबसे सेफ प्लेंस में गिना जाता है इसे खास तौर पर सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है ताकि हमारे टॉप लीडर्स पूरी दुनिया में बिना किसी रुकावट के सफर कर सके अब सवाल ये उठता है कि इस प्लेन की इतनी खासियत क्या है अब यह मत सोचिए कि इसे कोई भी आम एयरलाइंस का पायलट उड़ाता होगा एयर इंडिया वन को भारतीय वायुसेना के स्पेशल ट्रेंड पायलट ही उड़ाते हैं यह वही पायलट होते हैं जो विमानों और वीवीआईपी ट्रांसपोर्ट में महारत हासिल कर चुके होते हैं यह पायलट सिर्फ विमान उड़ाने में ही एक्सपर्ट नहीं होते बल्कि हाई लेवल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स का काउंटर टेररिस्ट टेक्निक्स और इमरजेंसी रिस्पांस में भी सुपर स्किल्ड होते हैं इस फ्लाइट को ऑपरेट करने के लिए कम से कम चार पायलट होते हैं।
इनके अलावा एयरफोर्स और स्पेशल सिक्योरिटी टीम के लोग भी फ्लाइट में मौजूद रहते हैं इस प्लेन को फ्लाइंग फोर्ट्रेस कहा जाता है यानी कि ऐसा प्लेन जो किसी भी खतरे को नाकाम कर सकता है इसके सिक्योरिटी फीचर्स कुछ इस तरह है डिफेंस सिस्टम यह प्लेन अमेरिका के एयरफोर्स वन की तरह सेल्फ प्रोटेक्शन स्वीट यानी एसपीएस से लेस है जो इसे किसी भी तरह के से बचा सकता है अगर कोई दुश्मन इस प्लेन को निशाना बनाती है तो यह सिस्टम उसे जाम कर देगा या उसका रास्ता बदल देगा जैमिंग टेक्नोलॉजी इसमें एक ऐसा एडवांस सिस्टम है जो किसी भी रडार को चकमा देकर खुद को गायब कर सकता है यानी इसे दुश्मन के रडार पर पकड़ना बेहद मुश्किल है एंटी फ्लेयर्स एंड सेंसर्स यह प्लेन काउंटर मेजर पेंसिंग सिस्टम यानी सीएमडी से लेस है जो अगर किसी भी को ट्रैक करता है तो तुरंत ही स्पेशल फ्लेयर्स यानी रोशनी के छोड़कर को भटका सकता है इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स प्रोटेक्शन अगर कहीं हो जाए तो उसके वेव से प्लेन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को कोई नुकसान नहीं होगा इसके लिए इसमें 238 मील लंबी खास केबलिंग की गई है जो इसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक से सुरक्षित रखती है अब आते हैं इसके अंदर के सेटअप पर यह सिर्फ एक प्लेन नहीं बल्कि हवा में चलता फिरता प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति भवन है।
लग्जरी ऑफिस और कॉन्फ्रेंस रूम इसमें एक फुल्ली इक्विप्ड ऑफिस है जहां से प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति दुनिया से कनेक्ट रह सकते हैं बड़े-बड़े डिस्प्ले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम सेटेलाइट कम्युनिकेशन सब कुछ मौजूद है मेडिकल इमरजेंसी फैसिलिटी फ्लाइट में एक मिनी ऑपरेशन थिएटर भी है ताकि किस किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में तुरंत इलाज किया जा सके साथ ही एक स्पेशल डॉक्टर और मेडिकल टीम हमेशा मौजूद रहती है ।
प्राइवेट बेडरूम और वीआईपी केबिन प्रधानमंत्री राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए स्पेशल बेडरूम और एक एग्जीक्यूटिव लच भी होता है इसमें आरामदायक सीड्स और हाईटेक कंट्रोल सिस्टम है जिससे वह अपने सफर के दौरान भी काम कर सकते हैं खाने पीने की सुविधा इस प्लेन में इतनी जगह है कि यह करीब 2000 लोगों के लिए खाना स्टोर कर सकता है यहां स्पेशल शेफ होते हैं हैं जो हाई क्वालिटी और सिक्योरिटी चेक्ड खाना तैयार करते हैं अब बात करते हैं इसकी टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस की रेंज बोइंग 77 बिना रुके 13500 किमी तक उड़ सकता है यानी भारत से अमेरिका आराम से बिना किसी स्टॉप के पहुंच सकता है।
स्पीड इसकी मैक्स क्रूजिंग स्पीड 900 किलोमीटर प्रति घंटा है मिड एयर रिफ्यूलिंग यह प्लेन हवा में ही ईंधन भर सकता है यानी इसे जमीन पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती अब अगर आप एयर इंडिया व के अंदर घुस जाएं तो आपको हर किसी के गले में एक कलर कोडेड आईडी कार्ड दिखेगा यह कार्ड सिर्फ पहचान के लिए नहीं बल्कि बताता है कि प्लेन में कौन कितने हाई प्रोफाइल काम से आया है सबसे पहले तो जान लीजिए कि एयर इंडिया व में वीआईपी वन राष्ट्रपति होते हैं वीआईपी टू उपराष्ट्रपति और वीआईपी थ प्रधानमंत्री इन तीनों के लिए एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव एंक्लोजर बना होता है।
जहां ऑफिस और बेडरूम जैसी प्राइवेट सुविधाएं होती हैं लेकिन इनके अलावा जो बाकी लोग सफर कर रहे होते हैं उनका दर्जा इन आईडी कार्ड्स के रंग से तय होता है पर्पल सबसे ऊंचे दर्जे के लोगों को यह कार्ड मिलता है इसमें वो अधिकारी शामिल होते हैं जो संयुक्त सचिव यानी जॉइंट सेक्रेटरी या उससे ऊंचे पद पर होते हैं साथ ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी के कमांडोज भी इसी कलर की आईडी पहनते हैं यह फर्स्ट क्लास केबिन में बैठते हैं और एसपीजी कमांडोज तो जरूरत पड़ने पर क्लोज कॉम्बैट हथियार भी साथ रखते हैं पिंक संयुक्त सचिव से नीचे रैंक वाले सरकारी अफसरों को गुलाबी आईडी मिलती है यह लोग बिजनेस क्लास के बराबर सीटों पर बैठते हैं रेड अब आते हैं वह लोग जो सपोर्ट स्टाफ में होते हैं जैसे शेफ बटलर और अन्य सिक्योरिटी पर्सनल एसपीजी को छोड़कर इन्हें लाल रंग की आईडी दी जाती है और यह लोग इकोनॉमी क्लास जैसी सीटों पर सफर करते हैं येलो आखिर में आते हैं पत्रकार जो एयर इंडिया वन के प्रेस पूल का हिस्सा होते हैं।
इनका भी दर्जा साफ है पीली आईडी और इकॉनमी क्लास जैसी सीटें यानी इस फ्लाइट में आपका कार्ड ही आपकी पहचान और ओहदा बताता है एयर इंडिया व का हर कोना बारीकी से प्लान किया गया है ताकि वीवीआईपी और उनकी टीम का सफर ना सिर्फ सेफ बल्कि पूरी तरह ऑर्गेनाइज्ड भी रहे एयर इंडिया वन यानी बोइंग 77 300 र सिर्फ भारत के राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए रिजर्व है लेकिन इनके अलावा भी कई बड़े सरकारी अफसरों और मंत्रियों के पास स्पेशल वीआईपी प्लेंस होते हैं अब यह जानना दिलचस्प होगा कि इनके पास कौन-कौन से जहाज हैं और उनका इस्तेमाल कैसे किया जाता है सबसे पहले आते हैं।
बोइंग बिजनेस जेट्स यानी बीबीजे पर जब बोइंग 77 की जरूरत ना हो तब इसका इस्तेमाल किया जाता है प्रधानमंत्री राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति छोटे लेकिन लग्जरी बोइंग 737 बीबीजे का भी इस्तेमाल करते हैं यह उन यात्राओं के लिए होते हैं जहां बोइंग 77 भेजना जरूरी नहीं होता भारतीय वायुसेना के पास छह बोइंग 737 बीबीजे हैं इनमें से तीन को नाम दिया गया है और तीन बिना नाम के हैं के 5012 राजदूत प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल होता है के 5013 राजहंस उपराष्ट्रपति का आधिकारिक विमान है के 5014 राजकमल राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल होता है k 2412 k 2413 के3 187 यह तीन बीबीजे बिना नाम के हैं।
लेकिन वीआईपी यात्राओं में इस्तेमाल होते हैं इन विमानों का इस्तेमाल भारत के पड़ोसी देशों जैसे नेपाल भूटान बांग्लादेश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के दौरे में होता है हालांकि इनमें 77 जितनी सुरक्षा नहीं होती लेकिन यह भी हाईटेक और पूरी तरह सेफ होते हैं अगर कोई इलाका ऐसा है जहां हवाई जहाज लैंड नहीं कर सकता तो भारतीय वायुसेना का मिल mi1 हेलीकॉप्टर इस्तेमाल होता है यह खास तौर पर आर्मी बेस या दुर्गम इलाकों में जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है भारत के टॉप कैबिनेट मंत्रियों के पास एमेय लेगासी 600 नाम के चार खास जेट होते हैं।
इनका इस्तेमाल देश के गृह मंत्री वित्त मंत्री रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री करते हैं मेघदूत के 601 गृह मंत्री के लिए वायुदूत के 602 विदेश मंत्री के लिए नव दूत के 603 वित्त मंत्री के लिए और गगन दूत के 604 रक्षा मंत्री के लिए यानी बोइंग 77 सिर्फ हाई प्रोफाइल विदेश यात्राओं के लिए रिजर्व है लेकिन भारत के वीआईपी के पास और भी कई खास जहाज हैं जो जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किए जाते हैं यात्रा छोटी हो या बड़ी भारतीय वायुसेना के पास हर मिशन के लिए एक परफेक्ट प्लेन तैयार रहता है लेकिन एयर इंडिया वन सिर्फ एक प्लेन नहीं बल्कि भारत की ताकत और गौरव का प्रतीक है यह प्लेन बताता है कि भारत अब किसी भी स्तर पर दूसरे देशों से पीछे नहीं है।
इस हाईटेक एयरक्राफ्ट के जरिए हमारे देश के नेता दुनिया के अलग-अलग देशों से जुड़ते हैं और इसी के जरिए भारत की आवाज पूरी दुनिया तक पहुंचती है l