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बीच सड़क पर PM मोदी ने खाई झालमुड़ी फिर TMC के घुसपैठ एजेंडे पर किया तीखा वार

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भाई हमें अपना जालम खिलाओ। खाते हैं आप? आप खाते हैं। [संगीत] दिमाग नहीं खाते हुए। [हंसी] पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ऐसा अंदाज देखने को मिला जिसने सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल पैदा कर दी। झारग्राम में रैलियों के व्यस्त कार्यक्रम के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक अपना काफिला रुकवाकर सड़क किनारे एक स्थानीय दुकान पर बंगाल के पारंपरिक नाश्ते झालमड़ी का लुत्फ उठाया। उन्होंने ना केवल इस तीखे चटपटे स्वाद का आनंद लिया बल्कि दुकानदार को ₹10 देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था और सादगी का संदेश दिया।

इस दौरान उन्होंने आम लोगों से संवाद किया और फिर जनसभा में टीएमसी पर घुसपैठ की राजनीति करने का तीखा हमला बोला। लेकिन इस बीच जो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है आप वो पूरा वीडियो देखिए। पीएम की सादगी [संगीत] आपका भी दिल जीत लेगी। भाई हमें अपना जालमोली खिलाओ। हां। कितने का होता है आपका जालमोली? नहीं नहीं कि अच्छे वाला कितने का होता है? 10 20 हां जो भी है बना दो। हां दाल थोड़ी खाएंगे हां हां खाएंगे बिलकुल खाएंगे [संगीत] तो कितना ₹10 देना है दुकान में आया सर हां ₹10 देना है नहीं भाई ऐसा नहीं

[हौसला बढ़ाने की आवाज़] प्याज खाते हैं आप हां आप प्याज खाते हैं दिमाग नहीं खाते बस जिंदाबाद जिंदाबाद [हंसी] रविवार का दिन पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बेहद गहमागहमी भरा रहा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक के [संगीत] बाद एक चार रैलियां कर रहे थे। इसी चुनावी आपाधापी के बीच झारग्राम में जनसभा को संबोधित करने के बाद जब वे हेलीपैड की ओर बढ़े तो कॉलेज मोड के पास उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई। आमतौर पर सुरक्षा के कड़े घेरे में रहने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अचानक एक साधारण सी दुकान पर खड़ा देखकर वहां के मौजूद लोग दंग रह गए। पीएम मोदी वहां एक छोटे से दुकानदार से झालमोड़ी तैयार करवाते नजर आए और

बड़े चाव से खुद भी खाया और नागरिकों को स्थानीय लोगों से भी झालमोड़ी साझा की। उन्होंने इस पल की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा बंगाल की रैलियों के बीच झालमोड़ी का यह स्वाद वाकई बेमिसाल था। इन तस्वीरों में साफ देखा गया कि प्रधानमंत्री केवल भोजन नहीं बल्कि वहां के मौजूद समर्थकों और आम लोगों के साथ उस नाश्ते को साझा कर रहे थे। यह दृश्य बंगाल की संस्कृति और आम जनता के बीच उनके जुड़ाव को साफ तौर पर दर्शाती है। दुकानदार को ₹10 थमाते हुए पीएम ने यह दिखाया कि वह जमीन से जुड़े छोटे व्यक्ति हैं और छोटे व्यापारियों के श्रम का सम्मान करते हैं। भीड़ में मौजूद लोगों के लिए यह एक अविस्मरणीय क्षण था जब देश का प्रधानमंत्री उनके बीच खड़े होकर एक आम नागरिक की तरह स्थानीय जायके का आनंद ले रहा हो। हालांकि स्वाद के पीछे छिपी राजनीति भी उतनी ही तीखी थी जितनी कि वह छाल मोड़ी। झारम के विजय संकल्प सभा में मोदी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने इस चुनाव को केवल सत्ता का संघर्ष नहीं

बल्कि बंगाल की समृद्ध विरासत और पहचान को बचाने की लड़ाई करार दिया। प्रधानमंत्री ने जनता को आगाह किया। आज बंगाल पर अपनी पहचान खोने का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि यहां की सत्ताधारी पार्टी एक बेहद खतरनाक एजेंडे पर चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार बंगाल को घुसपैठियों का सुरक्षित ठिकाना बनाना चाहती है

और उनकी पूरी राजनीति उन्हीं के इर्द-गिर्द सिमट गई। पीएम ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि ऐसी सरकार जो सिर्फ घुसपैठियों के मजहब, उनकी भाषा और उनके तौर तरीकों की रक्षा करने में जुटी है वो राज्यों के मूल निवासियों के हितों की बलि चढ़ा देगी। भाई हमें अपना जालम खिलाओ। हां। कितने का होता है आपका जालमूली? नहीं नहीं अच्छे वाला कितने का होता है? 10 हां जो भी है बना दो। हां। थोड़ी खाएंगे। हां हां खाएंगे बिल्कुल खाएंगे तो कितना ₹10 देना है दुकान में आए सर एक हां ₹10 देना है नहीं भाई ऐसा नहीं [हौसला बढ़ाने की आवाज़] खाते हैं आप हां आप खाते हैं दिमाग नहीं खाते बस जिंदाबाद [हंसी] [संगीत] सब्सक्राइब टू वन इंडिया एंड नेवर मिस एन अपडेट। डाउनलोड द वन इंडिया ऐप नाउ। [संगीत]

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