क्या कोई पत्नी अपने ही पति की के लिए सांप का इस्तेमाल कर सकती है? क्या एक प्रेम कहानी का अंत इतना खौफनाक हो सकता है कि पूरी साजिश किसी क्राइम थिलर जैसी लगे? और आखिर पुलिस ने इस कथित स्नेक बाइट हादसे के पीछे छिपी की कहानी का पर्दाफाश कैसे किया।
मेरठ से सामने आई यह खबर जितनी हैरान करने वाली है उतनी ही डरावनी भी है। एक ऐसा मामला जहां शुरुआत प्रेम विवाह से हुई। बीच में आया एक नया रिश्ता और आखिर में खत्म हुई एक जान। पुलिस का दावा है कि यह कोई सामान्य सांप के काटने से कोई मौत नहीं है बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ रची गई कहानी थी। इस मामले में पत्नी, उसके कथित प्रेमी और दो सपेरों को गिरफ्तार किया गया है।
दामिनी का परिवार हस्तिनापुर में आकर रहने लगा था। हस्तिनापुर के गणेशपुर स्थित स्वामी कल्याण देव स्कूल में दामिनी बच्चों को पढ़ाती थी। ऐसे स्कूल में अतुल कुमार भी शिक्षक थे। 8 साल पहले स्कूल से ही दोनों एक दूसरे के करीब आए। दोनों ने अपनी शादी का प्रस्ताव परिवार के सामने रख दिया।
परिवार के इंकार करने पर दोनों ने एक दूसरे के बिना रहने से इंकार कर दिया और दोनों के प्यार को देखते हुए परिवार को झुकना पड़ा और अतुल पवार और दामिनी ने परिवार के विरोध के बावजूद प्रेम विवाह किया था। दोनों पहले एक ही स्कूल में शिक्षक थे जैसा हमने आपको बताया प्यार हुआ शादी हुई और फिर दोनों ने हस्तिनापुर में अपना कृष्णा किड्स प्ले स्कूल शुरू किया।
दामिनी उसी स्कूल में प्रिंसिपल थी। कुछ समय बाद उनके दो बच्चे भी हुए। देखने वालों को यही लगता था कि यह एक खुशहाल परिवार है। लेकिन पुलिस के मुताबिक करीब 11 महीने पहले कहानी ने नया मोड़ लिया। दामिनी रोजाना बच्चों के संग वैन में सवार होकर स्कूल जाती है। स्कूल की वैन चलाने वाले ड्राइवर तुषार पायला और दामिनी के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी। दोनों रोज साथ स्कूल जाते थे। आते थे। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई। जांच में सामने आया कि इसके बाद अतुल को रास्ते से हटाने की साजिश तैयार होने लगी। अतुल की का षड्यंत्र करीब 3 महीने पहले रचा गया।
पुलिस का दावा है कि की प्लानिंग करीब 3 महीने से शुरू हुई थी। जांच के अनुसार सबसे पहले दामिनी ने परिवार को यह कहकर अलग रहने के लिए तैयार किया कि किसी ज्योतिषी ने चेतावनी दी है कि अगर 4 साल तक परिवार से अलग नहीं रहे तो बड़ा अनर्थ हो सकता है। इसी बहाने अतुल, दामिनी और दोनों बच्चे गांव छोड़कर हस्तिनापुर के किराए के मकान में रहने लगे। पुलिस का कहना है कि की पहली कोशिश करीब 20 दिन पहले की गई थी।
आरोप है कि तुषार ने कार से अतुल की बाइक को टक्कर मारने की कोशिश की लेकिन हेलमेट होने की वजह से उनकी जान बच गई। उस समय मामला आगे नहीं बढ़ा। इसके बाद कथित तौर पर दूसरी और अंतिम कही जाए तो योजना बनाई गई। आरोपियों की योजना थी कि हत्या के बाद बीमे की रकम से 15 लाख की नई गाड़ी खरीदी जाएगी और बाकी के 5 लाख वारदात में मदद करने वाले सपेरों को दिए जाएंगे। पुलिस के मुताबिक तुषार ने दो सपेरों सोनू और उदय से संपर्क किया। आरोप है कि दोनों ने करैत प्रजाति का जहरीला सांप ढूंढा और उसे लगभग 11 दिन पहले स्कूल में डिब्बे में छिपा कर रख दिया।
अब आते हैं उस रात पर जिसने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। पुलिस के अनुसार घटना वाली रात दामिनी ने अतुल को दूध में लगभग 25 नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी। जब वह गहरी नींद में सो गए तब दामिनी अपने बेटे को लेकर दूसरे कमरे में चली गई। कुछ देर बाद तुषार और दोनों सपेरे घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने डब्बे से जहरीला करैत सांप निकालकर सो रहे अतुल के कंबल के अंदर छोड़ दिया और डब्बे से सांप छोड़कर तीनों आरोपी चले गए।
सांप के पैर पर काटने के बाद दामिनी ने शोर मचाया। आसपास के लोग पहुंचे और अतुल को उठाकर अस्पताल ले गए। पुलिस का दावा है कि सांप ने अतुल के पैर पर दो बार काटा जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद कथित तौर पर पूरी घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की गई। दामिनी ने शोर मचाया कि घर में सांप घुस गया है। आसपास के लोग पहुंचे। सांप को मार दिया गया और अतुल को अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लेकिन कहानी यहीं पर खत्म नहीं हुई। पुलिस को शुरुआत से ही कुछ बातें असामान्य लगी।
सबसे बड़ा शक तब हुआ जब दामिनी ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। हालांकि अतुल के पिता अजब सिंह पोस्टमार्टम कराने पर अड़े रहे। यहीं से जांच की दिशा बदल जाती है। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी कि सीडीआर की जांच की। जांच में दामिनी और तुषार के लगातार संपर्क में रहने की बात सामने आई। तुषार फरार हो गया था लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के बाद पूरे कथित षड्यंत्र का खुलासा होने का दावा किया गया। पुलिस ने दामिनी, तुषार और दोनों सपेरों को गिरफ्तार कर लिया है।
चारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। जांच में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। पुलिस के अनुसार अतुल के नाम करीब ₹ लाख का बीमा था। आरोप है कि हत्या के बाद बीमे की रकम से नई गाड़ी खरीदने और सपेरों को पैसे देने की योजना बनाई गई थी। जैसा हमने आपको पहले बताया। हालांकि इस पहलू की जांच अभी कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी है।
देखिए आज थाना हस्तिनापुर पर यह सूचना प्राप्त हुई कि अतुल पवार पुत्र श्री अजब सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है और उनके बिस्तर से एक सांप मिला है तो वहां पर तत्काल थाना पुलिस और सीओ मवाना पहुंचे जो देखा गया तो परिजनों द्वारा यह बताया जा रहा था विशेषकर पत्नी द्वारा कि सांप से सांप के डसने से ही इनकी मृत्यु हुई है और पुलिस को सूचना देने से पहले यह उनको अस्पताल भी लेकर गए थे। परंतु जिस प्रकार की परिस्थितियां थी और जो सांप का व्यवहार होता है उस जानवर का कि वह बड़ा शाई होता है उसको लेकर कुछ चीजें मैच नहीं खा रही थी कि वह क्यों बिस्तर में इनकी चादर के अंदर आकर उनको काटेगा। इसी क्रम में टेक्निकल सर्विलांस किया गया। तो इनकी पत्नी जो हैं दामिनी इनके इन्हीं के स्कूल के ड्राइवर यह दोनों मिलकर एक स्कूल कृष्णा किड्स पब्लिक स्कूल चलाते थे।
इन दोनों ने 2019 में प्रेम विवाह किया था। दामिनी का इनके ही स्कूल के एक ड्राइवर से संबंध पता चला। इनकी लगातार उनसे वार्ता होती थी। तुषार नाम का व्यक्ति था। तुषार ने दो तुषार का जब मोबाइल और अन्य चीजें देखी गई तो उनके मोबाइल में एक डब्बे में बंद एक सांप का फोटो भी प्राप्त हुआ। उसके आधार पर जब उससे पूछताछ की गई तो उसने यह बताया कि दो सपेरों से मिलकर उसने एक सांप खरीदा था और जो मृतक अतुल हैं वह एक विद्या प्रकाशन में ड्राइवर का काम करते थे। पहले इनका 20 लाख का बीमा था।
इसी पैसे को लेकर इन दोनों ने यह प्लान बनाया कि यह अपने पति को मरवा देंगी और वह अपनी पत्नी से तलाक ले लेगा और यह दोनों शादी करके और इस पैसे से आगे चलके रहेंगी। इसमें इसी क्रम में यह भी पता चला कि थोड़े दिन पहले अभियुक्त द्वारा अतुल जी का अिका से टक्कर भी मारी गई थी। तो जब अतुल ने अपने घर में दामिनी से पूछा कि इस पर मुकदमा कराया जाए तो दामिनी ने यह कहकर टाल दिया था कि जब गाड़ी का नंबर नहीं पता है या कुछ नहीं पता है तो फिर मुकदमा करा के क्या करेंगे? और फिर उसके द्वारा सोची समझी साजिश के तहत इस घटना को कारित किया गया है।
इसमें जो बरामद सांप है उसे हेतु भेजा जा रहा है। जो टेक्निकल सर्विलांस और जो फोन से हमें एविडेंस प्राप्त हुए हैं उनके एग्जामिनेशन के लिए एफएसएल भेजा जाएगा और इसमें अग्रिम विधिक कारवाई की जा रही है। थाना हस्तिनापुर पुलिस और स्वाद टीम देहात के द्वारा इस घटना का चंद घंटों में सफल अनावरण किया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस अब उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने कथित तौर पर जहरीला सांप उपलब्ध कराया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सांप बेचने या उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी कानूनी कारवाई की जाएगी।
एक्शन लिया जाएगा। तो यह मामला सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं है। यह कई गंभीर सवाल भी खड़े करता है। अगर पुलिस का दावा सही साबित होता है तो एक कथित प्रेम संबंध बीमे की रकम और पूरी प्लानिंग ने मिलकर एक परिवार को तबाह कर दिया।
यह मामला यह भी दिखाता है कि किसी मौत को पहले नजर में हादसा मान लेना कितना खतरनाक हो सकता है। अगर पोस्टमार्टम ना होता, कॉल रिकॉर्ड की जांच ना होती और पुलिस हर छोटी बात पर ध्यान ना देती तो शायद यह मामला हमेशा के लिए सांप के काटने से हुई मौत मान लिया जाता। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। सभी आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में सबूतों और सुनवाई के बाद ही होगा।
इस पूरे मामले पर आपकी क्या कुछ राय है? क्या आपको लगता है ऐसे मामलों में शुरुआती जांच और भी ज्यादा वैज्ञानिक तरीके से होनी चाहिए?