मोहन सिस्टर्स पर टूटा दुखों का पहाड़। बेटियों के सिर से उठा पिता का साया। पापा को खोकर हुआ रो-रो कर बुरा हाल। परिवार को लगा बड़ा झटका। नीति की दर्द भरी पोस्ट ने नम की आंखें। श्रेया घोषाल से लेकर कपिल शर्मा और नेहा धूपिया तक ने जताया दुख। मशहूर प्लेबैक सिंगर नीति मोहन और डांसर कोरियोग्राफर शक्ति मोहन मुक्ति मोहन के पिता बृज मोहन शर्मा का निधन हो गया है।
15 अक्टूबर को 74 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया। इस दुखद खबर की जानकारी खुद नीति मोहन ने सोशल मीडिया पर अपने पिता की तस्वीर शेयर कर दी है। उनकी पोस्ट सामने आते ही फैंस के साथ-साथ पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई इस मुश्किल वक्त में मोहन परिवार को हिम्मत देने की कोशिश कर रहा है। अपने पिता को खोने का दर्द बयां करते हुए नीति ने लिखा कि बहुत गहरे दुख और भारी मन के साथ हमें आपको यह दुखद सूचना देनी पड़ रही है कि हमारे प्यारे पिता बृज मोहन शर्मा अब इस दुनिया में नहीं रहे। 15 अक्टूबर को इस दुनिया से विदा लेकर प्रभु के चरणों में जा विराजे हैं। उनकी समझदारी, दयालुता संस्कार और निस्वार्थ प्रेम हमेशा हमारे दिलों में बसे रहेंगे। भले ही वह अब हमारे बीच नहीं है लेकिन उनका आशीर्वाद, उनकी सीख और उनकी खूबसूरत यादें जीवन भर हमारा मार्गदर्शन करती रहेंगी। उनके जाने से एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। लेकिन उनका प्यार हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगा। पापा, हम आपको बहुत याद करेंगे। नीति की इस पोस्ट में छिपा दर्द साफ महसूस किया जा सकता है। एक बेटी के लिए पिता को खोना कितना मुश्किल होता है, इसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं है। सिंगर ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उनके जाने से जिंदगी में ऐसा खालीपन आ गया है जिसे कभी नहीं भरा जा सकता। नीति की इस इमोशनल पोस्ट पर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई सितारों ने भी दुख जाहिर किया है।
मशहूर सिंगर श्रेया घोषाल ने बृज मोहन शर्मा को एक अच्छे इंसान और प्यार करने वाले पिता के तौर पर याद किया। उन्होंने लिखा कि माता-पिता को खोने से जिंदगी में जो खालीपन आता है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। कपिल शर्मा और नेहा धूपिया ने भी मोहन सिस्टर्स को हिम्मत दी। बृजमोहन शर्मा अपनी चारों बेटियों नीति, शक्ति, मुक्ति और कृति के बेहद करीब थे। कहते हैं बेटियों की जिंदगी हो या उनका करियर पिता हमेशा उनके साथ खड़े रहे।
उन्होंने अपनी बेटियों को आगे बढ़ने और सपनों को पूरा करने के लिए मोटिवेट किया। आज भले ही वह अपनी बेटियों के बीच नहीं है, लेकिन उनकी परवरिश, उनके संस्कार और उनका प्यार हमेशा उनकी बेटियों के साथ रहेगा। बृजमोहन शर्मा के जाने से मोहन परिवार में जो खालीपन आया है उसे भर पाना लगभग नामुमकिन है। लेकिन पिता की यादें और उनका आशीर्वाद हमेशा उनकी बेटियों की सबसे बड़ी ताकत बने रहेंगे। बृजमोहन शर्मा हमेशा अपनी बेटियों की यादों में जिंदा रहेंगे।