नाना पाटेकर के निजी जीवन, विवाद, फिल्मों के बारे में बहुत बात हो चुकी लेकिन उनकी पढ़ाई के बारे में बेहद कम लोग जानते होंगे।नाना पाटेकर का बचपन और शुरुआती पढ़ाई मुंबई में हुई. उन्होंने दादर वेस्ट स्थित समर्थ विद्यालय से स्कूली शिक्षा हासिल की. इसके बाद उन्होंने ‘बांद्रा स्कूल ऑफ आर्ट्स’ से पढ़ाई की, जिसे अब ‘एल.एस. रहेजा स्कूल ऑफ आर्ट’ के नाम से जाना जाता है. बचपन से ही उनका झुकाव कला की तरफ था और आगे की पढ़ाई में भी उन्होंने इसी फील्ड को चुना
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद नाना पाटेकर ने मुंबई के मशहूर सर जे. जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट (Sir J.J. Institute of Applied Art) में दाखिला लिया. यहां उन्होंने Commercial Arts में Diploma किया. यही उनकी सबसे बड़ी ऑफिशियल एकेडमिक योग्यता मानी जाती है. यानी नाना पाटेकर की पढ़ाई किसी सामान्य डिग्री कोर्स के बजाय आर्ट्स और क्रिएटिव फील्ड से जुड़ी रही.
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कमर्शियल आर्टिस्ट और विजुअलाइजर के तौर पर काम किया. बताया जाता है कि उन्होंने फिल्मों के पोस्टर पेंट करने का काम भी किया था. कला की इसी समझ ने आगे चलकर उनके अभिनय और पर्दे पर किरदारों को निभाने के अंदाज को भी प्रभावित किया.
साल 1978 में उन्होंने फिल्म ‘गमन’ से सिनेमा में कदम रखा. इसके बाद ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया
बता दे की हल ही में उनका निधन हुआ है, वो गोवा में थे जब उन्हें अचानक तबीयत बिगड़ने का एहसास हुआ, लेकिन कुछ कर पाते उससे पहले ही उनकी मौत हुई।