क्या कहना चाहते हैं इनके बारे? बहुत अच्छा कलाकार है। इसकी पहली फिल्म मेरे साथ थी। राजू बन गया जंटू। अच्छा। रिलीज़ तो उसकी दूसरी हो गई लेकिन पहली बार बहुत बेहतरीन कलाकार। मैंने उस वक्त पूछ लो कभी शाहरुख को। उस वक्त मैंने कहा था तू बहुत बड़ा स्टार बनेगा। पहली फिल्म में मैंने उसको कभी रिसेंटली बात हुई आपकी शाहरुख खान। जब जब भी मिलता है आज भी वैसे उसी तरह से मिलता है मेरे साथ। मुझे कोई दिक्कत नहीं उससे। और वो मेरा अपना है। मेरा छोटा है।
तो मुझे उससे दिक्कत क्यों होती? चलिए अगली तस्वीर किसकी है देख लेते हैं और वो विवेक अग्निहोत्री जी के लिए है राहुल गांधी जी की। विवेक जी अब आपको बोलनी है इन पे दो लाइनें। हमारे घर में जब बहुत टेंशन का माहौल होता है कई बार। जी। और लोग बहुत स्ट्रेस में होते हैं। खासतौर पे पल्लवी जी जब स्ट्रेस में होती है तो मैं राहुल गांधी जी की कोई स्पीच पल्लवी उसका वीडियो पल्लवी को WhatsApp पर भेज देता हूं। और फिर हमारे घर में सब ठीक हो जाता है। हम लोग उसके बाद रात को बड़े आनंद से सोते हैं।
देखिए पल्लवी जी भी मुस्कुरा रही हैं। नाना जी भी मुस्कुरा रहे हैं। मुझे मैं मैं पहली बार ये सुन रहा हूं। मेरे समझ में नहीं आ रहा मैं क्या करूं? जी। अच्छा चलिए अगली अगली तस्वीर किसके लिए आ रही है? पल्लवी [नाक से की जाने वाली आवाज़] जी के लिए आ रही है। और वो किसकी तस्वीर है? वो कन्हैया कुमार की है। कांग्रेस के बड़े नेता हो गए हैं। ये अब बताइए जिन्होंने कहा था भारत तेरे टुकड़े होंगे। जी मैं इन्हीं की प्रोफेसर तो थी कश्मीर [हंसी] फाइल्स में। इसीलिए आपको तस्वीर दिखाई है ये वाली। अरे वाह। अच्छा हमारे प्रोड्यूसर अवनीश ने का काम है। पकड़िएगा उसको ब्रेक के। जी बिल्कुल [हंसी] क्या कहना चाहती हैं आप? कुछ नहीं। अभी इनके बारे में कुछ कहने की जरूरत ही नहीं है। इन्होंने ही बोल-बोल के जहां इनको पहुंचना था पहुंच गए हैं। इन्होंने डजू में एनएसयूआई को चार में से तीन सीटें हरवा दी हैं।
मैं बढ़ता हूं आगे। ऐसे प्रोफेसर्स होंगे तो ऐसे ही स्टूडेंट होंगे। जी। अब अगली तस्वीर नाना पाटेकर जी के लिए प्रकाश झा की। हां। वाह। क्या कहना चाहते हैं आप? बेहतरीन डायरेक्टर है। मुझे प्रकाश यादव याद आया। आपकी राजनीति में जो एक्टिंग थी बड़ी जोरदार थी। आप राजनीति में आ कब रहे हैं? मैं हां। यार मुझे क्या है तू अच्छा है तो मैं अच्छा बोलता हूं। बकवास है तो बकवास बोलता हूं। पार्टी के किसी के बारे में बोल दूंगा। दूसरे दिन मुझे घर में बिठाएंगे। तो बजाय उसके मैं यहां कभी ऑफर तो आए होंगे आपको बड़े। सबके सबकी तरफ से आया है। सबसे पहले ऑफर किसने दिया था? नहीं मैं नहीं बताऊंगा। नहीं सबने दिए। सब नहीं।
अच्छा, 2024 में हम कुछ देख सकते हैं आप? नहीं नहीं। मैं मैं सिर्फ़ एक चाहूंगा कि अगर कुछ गलत होता है, तो मैं उसके खिलाफ मैं आवाज उठाऊंगा। मुझे यह सही नहीं लगता, मुझे यह सही लगता। यह मैं बोल दूंगा। तो, उसके लिए अगर पार्टी में रहोगे, तो तुम कर नहीं पाओगे। मतलब आप पार्टी टाइप का मटेरियल नहीं है। मैं मटेरियल ही नहीं हूं। नहीं, मैं पॉलिटिकल पार्टी की बात कर रहा हूं। कुछ भी मुझे लगता है कि मैं आम आदमी हूं। तो मैं मुझे तो आप आप पॉलिटिकल पार्टी में भी फिट नहीं है।
बॉलीवुड की पार्टी में भी आप फिट नहीं है। मैं वहां जाके काम करके मैं निकल आता हूं। पार्टी में नहीं जाते। मैं कहीं जाती हूं। अरे ये बहुत दूर रहते हैं ऐसी जगह जहां पहुंचना ही असंभव है। मल्हार पाटेकर ऐसा बेटा होना। एक दूसरा बेटा मेरा सामने बैठा है। जी इनको बुला ले। आइए आइए आइए। प्रसाद यही यही है। जी जी। तो मैं मैं खुशनसीब हूं कि मेरे ऐसे बेटे हैं। जी। बस इससे और कुछ भगवान के पास कुछ मांगना ही नहीं है। देखिए ये उनके दूसरे बेटे हैं। क्या कहना आप क्या कहना चाहते हैं इनके बारे में? नहीं नहीं मैं कौन नहीं आप क्या कहना चाहते हैं?
ग्रेटेस्ट फादर ग्रेटेस्ट फादर। चलिए हमने आपको सडनली बुला लिया। थैंक यू सो मच यहां आने के लिए। तो ये मैं मैं समझता हूं कि ऐसे बेटे बच्चे हो तो मुझे और कुछ कमाने की जरूरत नहीं है। अगली तस्वीर आपके लिए विवेक जी और यह आपको बिल्कुल छोड़ने वाले नहीं है। उमर अब्दुल्लाह ये अपने खानदान का नाम रोशन कर रहे हैं और करते रहे इसी तरह से शेख अब्दुल्ला जी फारूक साहब के बाद उमार जी हैं। ये थोड़ा सा मुझे ऐसा लगता है कि उमार अब्दुल्ला साहब को अब ये स्वीकार कर लेना चाहिए कि कश्मीर भारत का इंटीग्रल पार्ट है। अब ये सत्य है। इससे लड़ाई लड़ने की आवश्यकता नहीं है। अदरवाइज ही इज़ अ वेरी इंटेलिजेंट मैन एंड वेरी वेरी नाइस चार्मिंग मैन। मैं मुझे मैं एक्चुअली मैं उमार साहब की पर्सनालिटी जो है उसका बड़ा वो हूं। लेकिन अब इनको वो अलगाव वाली सेपरेटिज्म वाली पॉलिटिक्स छोड़ देनी चाहिए। अगली तस्वीर इरफान खान की अभी ये नहीं रहे। यार इरफान मेरा इतना हमने सलाम बॉम्बे में काम किया था बहुत पहले और सुतापा उसकी जो बीवी है मुझे हमेशा कहती थी कि नाना यार वो इरफान का नाम बता दो। कहीं से उसको अच्छे काम मिले। मैंने कहा वो अपने बलबूते पे बहुत बड़ा हो जाएगा सुतापा तू फिक्र मत कर इतना बड़ा हो जाएगा तो मुझे जब मिला था मैं जाने से पहले जब उनका डिटेक्ट हुआ था कैंसर तो यार ये मैं बात कहूं ना कहूं बोल बोल तो मुझे कहा था यार अगर गुजर जाऊं तो मेरे वहां उधर वो रात रानी का पौधा लगा देना और मैं सच कहता हूं कि मैंने वो पौधा बना के रखा जी मैं आजकल मुंबई में रहता नहीं और मैं लगाऊंगा वो पौधा। तो मेरा बहुत अच्छा आप इमोशनल हो गए और बहुत बड़े स्टार थे ये और इसमें बहुत अच्छा बहुत इंसान बहुत इंसान भी बहुत अच्छे थे। इसमें कोई दो राय नहीं।
बहुत अच्छा था। ऐसे दोस्त होना बहुत सौभाग्य की बात है हमारे यहां हमको कभी महसूस ही नहीं होता कि हम किस जात धर्म के हमारी कलाकारों की एक ही जात है हम कलाकार हैं बस अभी हमको कभी कबभार अभी हमारी उम्र होने के बाद अगर हमें हमारा धर्म याद आता है जात याद आती है तो वो गलत है कहां उम्र हुई है नाना अभी आपको बड़े सारे मेरी नहीं मैं बाकी लोगों की मेरी तो कभी होने वाली नहीं [हंसी] मैं 18 का हूं व अटका हूं अभी मैं इसलिए वोटिंग को जाऊंगा तो कहां कौन सा अब इधर टीका लगेगा मालूम नहीं है। जी जी जी चलिए आखिरी तस्वीर आ रही है और वो विवेक जी आपके लिए है और वो है प्रकाश राज की। ये छोड़ने नहीं वाले आपको पीछे। नहीं अच्छा है। चलिए ठीक है। प्रकाश राज जी भारत के जो बहुत अच्छे विलेन हैं भारत के उनमें से एक हैं और आज की तारीख में मेरे ख्याल से काफी हां विवेक विवेक नहीं मैं गलत तो नहीं कह रहा विलेन का ही रोल करते हैं। और और इससे अच्छा क्या हो सकता है कि आदमी जो अपने जीवन में है उसको अपनी कला में ले आए और कला और जीवन एक ही हो जाए उससे अच्छा क्या