अनुराग ने आई फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में जो फिल्में देखी है ना खास तौर पर विक्टोरियो डिसी का वगैरह की उन सब पर खूब बात होती है .
लेकिन उससे भी पहले आप नाना पाटेकर और एन चंद्रा इन सब के बड़े फैन थे मैं बहुत बड़ा फैन था हां बताइए जरा इसके बारे में अंकुश ये तीन फिल्में मुझे बहुत ज्यादा इफेक्ट की थी इंपैक्ट की और परिंदा बाद में नाना पाटकर और दोनों चोपड़ा की ब नाना पाटेकर का बहुत बड़ा इंपैक्ट था हुआ था फिर आपने काम किया नाना पाटेकर के साथ मैं गया हूं दो तीन बार मिलने उनसे मुझे प्यार से हज्जाम बुलाते हैं
हज्जाम हज्जाम क्यों बुलाते हैं वैसे आई थ सबको बुलाते प्या से और हज्जाम क्या कर रहे क्या कर रहा है तू आज कभी कोई रोल आपको नहीं लगा जिसम दो तीन बार लगा उनको एक बार मैं बहुत बड़ा इंटरनेशनल रोल लेकर गया था नाना पाटकर के साथ एक बार एक एक एक फिल्म थी बाहर से इंडिपेंडेंट फिल्म मेकर अमेरिका से आया हुआ था गोवा में शूट कर रहा था वो एक बार सारा फुटेज लेके आया इसका क्या किया जाए फुटेज देखा मैंने कहा इसमें कैरेक्टर की जरूरत है फिल्म का नाम था द पूल तो उने कहा एक आदमी चाहिए पुल का मालिक भी दिखाना चाहिए वो बच्चों के साथ स्ट्रीट के बच्चों के साथ शूट कर रहे थे तो उसकी जो पार्टनर थी उन्होंने एक फोटो दिखाई मेरे को मैं इस तरह का एक्टर चाहिए वो फोटो नाना पार्टी करके थी मैं ये तो बहुत बड़ा एक्टर तो नहीं आएगा उन्होने अच्छा रेफरेंस के लिए भी वही दिखाई कि ऐसा एक्टर चाहिए मैंने फिर नाना से जाके बोला उन्होने क्या है मैंने कहा ऐसी ऐसी फिल्म है कितना काम पै तो होगा नहीं उनके पास जो भी छोटा मोटा होगा कितने दिन का काम है मैंने कहा होगा चार पाच दिन का ठीक है मैं चला जाऊंगा व चले गए एक्चुअली गोवा शूट करने व फिल्म में उन्होंने एक्टिंग भी की था पूल नाम की फिल्म पूल को मिला अवार्ड ओके में अवार्ड मिला वो देख के डली स्कट का मेल आया उनको नाना पाटेकर चाहिए थे के रोल के लिए तो नाना पाटेकर के पास वापस गया मैं को कैरेक्टर के लिए आप चाहिए उने कहा क्या है बात का रो नहीं करूगा मना करया यह बात किसी को पहली बार बोल रहा हूं ने मना कर दिया बस वो थी उसके बाद दो तीन बार गया था मैं काम ने का तो शौक अभी भी है उनके साथ मुझे अभी भी है तमन्ना कभी करूंगा और अनिल कपूर उनके भी आप फैन थे बहुत बड़ा जरा वो कहानी बताइए एलविन काली चरण की अब फिल्म तो आप बनाओगे नहीं वो तो कहानी बता बना बनाऊंगा बिल्कुल बनाऊंगा ठीक है .
बेसिक बता दो नहीं नहीं कहा मब फिल्म की कहानी नहीं बना सकता मैं फिल्म की कहानी एक्चुअली क्यों बहुत सारा हो गया है वो कहानी तब बना रहा था कहानी था कि साल 2025 और यह कब सोची थी कहानी ये लिखी थी 2002 में फिल्म का क्या बाद हां उसके स्क्रिप्ट में पहले पेज प लिखा है साल 2025 इकॉनमी हो चुकी है लोग काम पर नहीं जाते इतनी गर्मी पड़ती है लोग सिर्फ रात को बाहर निकलते हैं प्लेजर इज द ओनली बिजनेस दिल्ली हैज बीन रिनेम इनटू हस्तिनापुर और यमुना के इस पार और उस पार दो अलग-अलग लोगों का कंट्रोल है यमुना पूरी तरह काली पड़ चुकी उसके अंदर कोई नहीं जाता.
यह वर्ल्ड में एक मैंने कॉमिक बुक टाइप हिस्टोरिक मतलब एक फ्यूचरिस्टिक सी फिल्म लिखी थी अब उसमें से कितना आज की डेट में सच तुम खुद ही देख सकते हो ये आज भी पन्ने प लिखा हुआ है और उसका टाइटल उसका टाइटल मतलब एक कैरेक्टर है जो बाहर से आता उसका नाम था लविन क्रिकेटर था ना कालीचरण हा इंटरेस्टिंग नाम था टाइप नाम चाहिए था तो बना दिया हमने एक फ्रिज भी आता था इस नाम का था व फिल्म उसकी स्टोरी बनाई थी कि वो आदमी का नाम लविन इसलिए पढा था क्योंकि उसको जब किया था उसकी माता जी वो छोटा सा