अपनी अदाकारी और अपने द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों से तो यह मशहूर हैं ही साथ ही साथ इन पर लगे विवादित आरोपों की वजह से भी यह बहुत मशहूर हुए स्वागत है आपका हमारे चैनल वारिद मंथन में आज हम बात कर रहे हैं अपने अभिनय से लोगों को अपना कायल बना देने वाले नाना पाटेकर जी की वैसे इनकी जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है एक बड़े व्यापारी का बेटा होने के बावजूद भी इन्हें ईंट के भट्टों पर मजदूरी करनी पड़ी क्यों इन्हें बचपन में सड़कों पर जेबरा क्रॉसिंग की पेंटिंग का काम करना पड़ा रात-दिन के पोस्टर चिपकाने वाला यह लड़का कैसे एक दिन बन गया फिल्मों का एक स्टार अभिनेता नाना पाटेकर का प्रेम विवाह हुआ लेकिन आखिर क्यों इन्हें इनकी पत्नी छोड़कर चली गई मशहूर फिल्म अभिनेत्री तनु श्री दत्ता द्वारा नाना पाटेकर पर लगाए गए यण शोषण के आरोपों के पीछे आखिर क्या कहानी थी नाना पाटेकर और मनीषा कोडाला के बीच प्रेम संबंधों के बारे में एक समय ऐसा था जब पूरा का पूरा बॉलीवुड बातें कर रहा था लेकिन आखिर क्या कारण था कि यह प्रेम संबंध टिक ना सका और टूट गया और इस वीडियो में हम आपको यह भी बताएंगे कि आखिर क्या वजह थी कि नाना पाटेकर पर अपने पहले बेटे की हत्या का आरोप लगा नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1981 को मुंबई के मराठी परिवार में हुआ इनके पिता का नाम दिनकर पाटेकर था और इनका खुद का कपड़ों का एक व्यवसाय था और मां संजना पाटेकर एक कुशल गृहिणी थी शायद ही आपको मालूम हो कि नाना पाटेकर का असली नाम नाना पाटेकर नहीं बल्कि विश्वनाथ पाटेकर था नाना पाटेकर अपने सभी भाई बहनों में सबसे ज्यादा सांवले थे और इस रंग की वजह से ही उनके मन में हमेशा हीन भावना बनी रहती थी उन्हें लगता था कि उनके
पिता सबसे कम प्यार उन्हीं से करते हैं नाना पाटेकर के पिता दिनकर पाटेकर को तमाशा देखने का खूब शौक था तमाशा महाराष्ट्र की एक लोक नृत्य और नाट्य कला है जब भी दिनकर पाटेकर तमाशा देखने जाया करते तो अपने बच्चों को साथ ले जाया करते करते थे बचपन में भले ही नाना पाटेकर को तमाशे की ज्यादा समझ नहीं थी लेकिन पिता के चेहरे को खुश देखकर उन्हें भी काफी खुशी मिला करती और यही कारण था कि नाना पाटेकर ने बचपन में ही सोच लिया था कि अपने पिता को खुश रखने के लिए वह जब बड़े हो जाएंगे तो तमाशा ही करेंगे उन्हें लगता था कि उनके पिता को थिएटर बहुत पसंद है और अगर वह बड़े होकर थिएटर करेंगे तो उनके पिता उन्हें भी काफी पसंद करने लगेंगे इसी सोच को लिए नाना पाटेकर बड़े हो रहे थे नाना पाटेकर ने दादर के समर्थ विद्यालय से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की तब तक परिवार में सब अच्छा चल रहा था लेकिन जब नाना 13 साल के हुए तो उनके परिवार पर एक भारी संकट आ गया उनके पिता दिनकर पाटेकर के परिवार में व्यवसाय के साथ कुछ वैसा ही हुआ जैसा कि बाजीगर फिल्म में शाहरुख खान के परिवार के साथ हुआ था उनके टेक्सटाइल के बिजनेस में उनके एक कर्मचारी ने उनके भरोसे को जीतकर धोखे से उनका बिजनेस उनका घरबार सब कुछ हड़प लिया अब नाना का परिवार दरबदर हो गया था उन्हें अपने आलीशान घर को छोड़कर एक चौल में गुजारा करना पड़ा उनके परिवार में एक वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी मुश्किल हो पा रहा था नाना पाटेकर यह सब देखकर सोच चुके थे कि अब पढ़ाई के साथ-साथ कुछ काम भी करना होगा नाना पाटेकर स्कूल से घर आने के बाद 8 किलोमीटर दूर एक ईंट की भट्ठी के पास जाया करते और वहां जाकर अपने कंधे पर परिवार का बोझ लिए यह बच्चा ईंटों की ढोला का काम 6 घंटे तक किया करता जब कभी थोड़ा समय ज्यादा बज जाया करता तो सड़कों पर जो जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाती है उसकी पुताई का काम किया करते और अपने परिवार की जीविका की खातिर यह छोटे-छोटे हाथ कभी-कभार रातों में फिल्मों के पोस्टर दीवारों पर चिपकाने का काम भी किया करते वैसे इन सभी कामों में उन्हें सबसे ज्यादा पैसा पोस्टर चिपकाने के लिए ही मिला करता उन्हें महीने के ₹5000000 पेंटिंग का काम करना काफी अच्छा लगता था धीरे-धीरे नाना पाटेकर की स्कूली पढ़ाई पूरी हो गई और फिर उन्होंने अपने ही कमाए पैसों से अपना एडमिशन जेजे आर्ट कॉलेज में करवाया और साथ ही साथ अपनी जीविका चलाने की खातिर भी छोटे-मोटे काम करते रहे जब पढ़ाई पूरी हो गई तो उन्हें पुना की एक ऐड एजेंसी में काम भी मिल गया वहां नाना पाटेकर को ₹2000000 के दशक में यह रकम काफी बड़ी होती थी लेकिन पिता के लिए जो सपने इन्होंने देखे थे उसे भी पूरा करना था और एक दिन अपने दिल की सुनते हुए इन्होंने यह ₹1000000 प्रति माह मिल रहे थे वहीं यहां पर शो के लिए 50 मिला करते और शोज भी रोजाना कहां होते हैं महीने में आठ शो से ज्यादा नहीं कर पाते थे और नौकरी छोड़ने के इस फैसले के खिलाफ उनका पूरा परिवार आ गया और इस सब में अगर कोई इनके साथ खड़ा था तो वह थे इनके पिता थिएटर ज्वाइन करने पर उनके पिता की आंखों में जो उन्हें चमक दिखाई दी थी वह उनके लिए बहुमूल्य थी थिएटर करते हुए करीब 2 साल बीत चुके थे और नाना पाटेकर अब एक अच्छे अभिनेता के रूप में स्थापित भी हो चुके थे एक दिन शो खत्म होने के बाद एक आदमी उठकर इनके पास आया और कहा कि तुम बहुत अच्छी एक्टिंग करते हो मैं एक डायरेक्टर हूं और एक फिल्म डायरेक्ट करने जा रहा हूं क्या उस फिल्म में तुम अभिनय करोगे नाना पाटेकर ने भी फौरन हामी भर दी नाना की यह फिल्म थी गमन और यह फिल्म 1979 में रिलीज हुई हालांकि यह फिल्म उस वक्त फ्लॉप हो गई थी और नाना पाटेकर को भी इससे कोई पहचान नहीं मिली नाना पाटेकर की इस असफलता
ने उन्हें एक बार फिर मुंबई से पुणे आने को मजबूर कर दिया और नाना एक बार फिर पुणे आकर थिएटर में काम करने लगे लेकिन अबकी बार उनकी मुलाकात एक नई आई अभिनेत्री नीला कांति से हुई नीला कांति नई-नई आई थी वो पेशे से एक बैंकर थी और थिएटर शौकिया तौर पर किया करती थी साथ-साथ थिएटर करते-करते दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और यह दोस्ती ना जाने कब प्यार में बदल गई और फिर दोनों ने एक दूसरे से शादी कर ली जब नाना पाटेकर ने नीला कांति जी से शादी की थी तब वह ज्यादा कमाती थी क्योंकि वह बैंक में भी नौकरी किया करती और साथ ही साथ थिएटर भी उन दिनों नीला कांति की कमाई करीब 22200 हुआ करती और नाना पाटेकर को अपने शूज करके वही 1100 या 1200 कुल मिलाकर घर में करीब ₹ 5500 आ जाया करते और यह रकम उस समय काफी बड़ी थी और दोनों अपनी जिंदगी खुशी-खुशी जी रहे थे एक बार नाना पाटेकर के पिता काफी बीमार हो गए उस समय नाना पाटेकर थिएटर ही किया करते थे नाना पाटेकर ने अपने पिता को एक सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन पिता के इलाज में ज्यादा पैसे लगने थे और नाना पाटेकर के स्टेज शो से कमाए पैसों से घर चलाना और साथ ही साथ पिता के इलाज में खर्च करना बड़ा मुश्किल हो रहा था पिता की गंभीर बीमारी ठीक करने के लिए नाना पाटेकर ज्यादा से ज्यादा शूज करने में लगे हुए थे लेकिन पैसों की कमी की वजह से उनके पिता बच ना सके जिस दिन नाना पाटेकर के पिता की मृत्यु हुई उस दिन नाना पाटेकर महासागर नाम का एक शो कर रहे थे शो के बीच में ही नाना पाटेकर को यह खबर मिली कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन नाना पाटेकर ने शो करना बंद नहीं किया बल्कि वह शो को कंटिन्यू करते ही चले गए नाना ने एक इंटरव्यू में भी बताया था कि उनके पिता ही तो थे जो चाहते थे कि मैं शो करूं इसीलिए मैंने उस शो को पूरा किया और उसके बाद अपने पिता के अंतिम संस्कार में पहुंचा थिएटर के दौरान नाना पाटेकर का एक शो काफी ज्यादा मशहूर हुआ था यह शो उस नाटक की वजह से नहीं बल्कि नाना के रिएक्शन की वजह से ज्यादा मशहूर हुआ था क्योंकि इस शो में एक दृश्य दिखाया जाना था जिसमें बलात्कार का दृश्य था इस दृश्य के बाद दर्शकों में से सभी ने ताली बजाना शुरू कर दिया और यह देखने के बाद नाना पाटे कर उस शो को बीच में ही छोड़कर चले गए थे काफी समझाने बुझाने के बाद नाना वापस तो आए लेकिन उन्होंने सबसे पहले जो कहा वह सुनकर सभी चौक गए थे उन्होंने कहा था कि रीफ जैसी सामाजिक बुराई पर तालियां बजाना बेहद शर्मनाक है भले ही वह एक नाटक क्यों ना हो लेकिन आपको तालियां नहीं बजानी चाहिए थी इस तरह नाना पाटेकर ने अपनी जिंदगी और अपने थिएटर को अपने सिद्धांतों पर जिया धीरे-धीरे थिएटर करते-करते फिर से करीब 2 साल का वक्त बीत चुका था नाना पाटेकर एक शो ही कर रहे थे लेकिन आज का शो काफी ज्यादा खास था क्योंकि इस शो को देख ने के लिए उस समय की मशहूर अभिनेत्री स्मिता पाटिल आने वाली थी वैसे तो स्मिता पाटिल नाना पाटेकर के साथ गमन फिल्म में काम कर चुकी थी और वह नाना की एक्टिंग से काफी ज्यादा प्रभावित भी थी इस शो को देखने के बाद स्मिता ने नाना पाटेकर से कहा था कि आप जानदार एक्टिंग करते हैं एक बार फिर फिल्मों में क्यों नहीं ट्राई करते नाना पाटेकर ने मुस्कुराते हुए कहा था कि मुझे कौन देगा फिल्मों में काम ना तो मेरी आवाज अच्छी है और ना ही मैं खूबसूरत हूं इस पर स्मिता जी ने कहा था कि आप एक बार बार मेरे साथ मुंबई चलिए मैं आपको फिल्मों में काम दिलाऊंगा नाना पाटेकर पहले तो नानु उकर करते रहे लेकिन अपने साथियों के खूब समझाने पर उन्होंने आखिरकार हामी भर दी स्मिता पाटिल डायरेक्टर रवि चोपड़ा के पास नाना पाटेकर को लेकर गई रवि चोपड़ा उन दिनों आज की आवाज नाम की एक फिल्म बना रहे थे जिसमें स्मिता पाटिल भी काम कर रही थी स्मिता पाटिल ने रवि चोपड़ा से नाना पाटेकर को इस फिल्म में काम देने के लिए गुजारिश की रवि चोपड़ा ने एक बार नाना पाटेकर को ऊपर से नीचे तक देखा और फिर कहा कि मैं इन्हें इस फिल्म में एक नकारात्मक किरदार दे सकता हूं नाना पाटेकर इस रोल को करने को तैयार नहीं थे लेकिन स्मिता पाटिल समझदार थी और वह जानती थी कि इस रोल से क्या प्रभाव पड़ सकता है उन्होंने नाना पाटेकर को समझाया कि आप फिल्मों में काम करके एक बार अपनी एक्टिंग का जलवा तो दिखाइए नाना पाटेकर मान गए और इस फिल्म में उन्होंने जगमोहन का किरदार निभाया फिल्म आज की आवाज अच्छी हिट साबित हुई लेकिन नाना पाटेकर के किरदार को किसी ने भी नोटिस नहीं किया अब नाना पाटेकर को एक हिट फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री तो मिल गई थी लेकिन उन्हें जो रोल ऑफर हो रहे थे वह काफी छोटे हुआ करते थे जैसे नाना पाटेकर ने मोहरे अंकुश प्रतिघात जैसी फिल्मों में काम तो किया लेकिन इससे भी इन्हें पैसे मिल रहे थे पहचान नहीं नाना पाटेकर मेहनती तो थे ही उन्होंने अब यह सोच लिया था कि अपने परिवार को अच्छी कंडीशन में लाने के लिए वो और मेहनत करेंगे आपको बचपन में टीवी पर आने वाला एक शो तो याद ही होगा द जंगल बुक जिसमें जंगल में रहने वाला एक छोटा सा बच्चा मोगली जंगल में ही पलता बढ़ता है इस शो में शेर खान के किरदार को नाना पाटेकर ने ही आवाज दी थी इस कार्टून सीरियल में दिए गई आवाज की वजह से नाना पाटेकर का गुजर बसर चल जाता था तभी नाना पाटेकर को परिंदा फिल्म से एक प्रस्ताव आया इस फिल्म में इन्होंने लीड विलन का किरदार किया यह फिल्म एक बहुत बड़ी हिट साबित हुई और इस फिल्म से दर्शक नाना पाटेकर को अच्छी तरह पहचान गए थे अब नाना पाटेकर ने बॉलीवुड के आसमान में उड़ान भरनी शुरू कर दी थी इसके बाद इनकी प्रहार फिल्म आई जिसमें यह एक आर्मी ऑफिसर बने थे इस रोल के लिए इन्होंने बकायदा 3 साल की ट्रेनिंग ली थी और प्रहार भी एक बड़ी हिट साबित हुई और इन तमाम खुशियों के बीच एक और खुशी आई इनके घर एक बेटे का जन्म हुआ पर जब
नाना पाटेकर अपने बेटे को देखने अस्पताल पहुंचे तो इनकी आंखें फटी की फटी रह गई चेहरा देखते ही नाना की रंगत उड़ गई क्योंकि उसके दोनों होंठ कटे हुए थे और वह दूसरे बच्चों से से एकदम अलग लग रहा था कहते हैं कि नाना पाटेकर को उसके इस रूप से चिड़गा थी और नाना हमेशा उदास रहने लगे थे उनकी पत्नी नीला कांति भी इस बात को समझ रही थी लेकिन वह कर भी क्या सकती थी बेटा जैसे-जैसे बड़ा होता जा रहा था उसका रूप और बिगड़ता ही जा रहा था और नाना पाटेकर की चिंता भी साथ-साथ बढ़ती ही जा रही थी वह सोचते कि अगर अभी मेरा बेटा ऐसा लग रहा है तो और बड़ा होने पर वह कितना भद्दा लगेगा नाना पाटेकर कभी अपने बेटे को गोद में भी नहीं लिया करते थे व उसका चेहरा तक देखना पसंद नहीं करते थे बेटे की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ती ही जा रही थी और 2 साल होते होते बेटे की मृत्यु हो गई उस दौरान मीडिया में यह खबरें आई कि नाना अपने बेटे का चेहरा नहीं देखना चाहते थे और इसीलिए उन्होंने अपने बेटे को जहर दे दिया पर यह सच्चाई नहीं थी सगे संबंधी बताते हैं कि एक दिन अचानक नाना पाटेकर की पत्नी को कोई काम पड़ गया अपने बच्चे को वह घर पर सोता छोड़कर बाहर चली गई और उन्होंने सोचा कि नाना घर पर हैं जब तक मैं वापस आऊंगी तब तक वह अपने बच्चे को देख लेंगे पर थोड़ी देर बाद अचानक उनका बच्चा नींद से जग गया और जोर-जोर से रोने लगा नाना उसी कमरे में थे लेकिन वह दूसरी तरफ मुंह करके किताब पढ़ रहे थे ताकि उन्हें अपने बच्चे का चेहरा ना देखना पड़े लेकिन वह नन्हा बच्चा चुप होने का नाम ही ना ले रहा था ऐसे में नाना ने उसकी तरफ मुंह कर ही लिया बच्चा इतना ज्यादा रो रहा था कि उसका पूरा चेहरा लाल पड़ गया था नाना पाटेकर को अपनी ओर देखते हुए देख बच्चे ने अपनी बाहें फैला दी जैसे वह नाना को अपनी ओर बुला रहा हो यह दृश्य काफी करुणामय था और उस बच्चे ने अपने पिता की सोई भावना को जगा दिया बाहें फैलाए अपने बेटे को रोता हुआ वह देख ना सके और फौरन उसे अपनी गोद में ले लिया बच्चे को थपथपा कर व चुप कराने लगे बेटे के प्रति जो नफरत थी शायद वह आज कम हो गई थी और अब तो ऐसा हो गया था कि नाना पाटेकर दिनदिन भर अपने बेटे को प्यार करते रहते और बेटे के प्यार में नाना पाटेकर कभी-कभार इतना खो जाया करते कि वह दो-दो चार-चार दिन तक शूटिंग पर जाना ही भूल जाते और बेटा भी अपने पिता के साथ काफी खुश रहा करता पर यह खुशियां ज्यादा दिन ना टिक सकी क्योंकि कुछ दिनों बाद उनके बेटे की तबीयत अचानक बहुत खराब रहने लगी नाना पाटेकर अपने बेटे को गले लगाए उसकी जान बचाने के लिए हर मुमकिन प्रयास करने लगे पर डॉक्टर के आश्वासन से इस बात का पता लग गया था कि उनका बेटा अब ज्यादा दिन तक इस दुनिया का मेहमान नहीं रहेगा और ऐसा ही हुआ बेटे का कुछ दिनों बाद निधन हो गया बेटे की मौत के बाद नाना बुरी तरह से टूट गए थे उनकी पत्नी नीला कांति बताती हैं कि बेटे की मौत के बाद नाना अपने आप को हमेशा कोसते रहते उन्हें लगता था कि समय रहते उन्होंने अपने बेटे की कद्र नहीं की और इसीलिए ऊपर वाले ने उनके बेटे को उनसे छीन लिया बेटे की मौत के बाद नाना इतने गुमसुम और उदास रहने लगे कि उनके परिवार वालों को भी उन पर तरस आ गया और शायद ऊपर वाले को भी कुछ दिनों बाद उनके घर फिर से खुशियां लौटी जब पत्नी नीला कांति ने एक दूसरे बेटे को जन्म दिया नाना पाटेकर ने अपने दूसरे बेटे का नाम मलहार पाटेकर रखा इन खुशियों के साथ-साथ नाना पाटेकर का फिल्मी करियर भी उड़ान पर था वैसे नाना पाटेकर का नाम आते ही सबसे पहले जो फिल्म याद आती है वह है तिरंगा यह फिल्म 1993 में रिलीज हुई थी डायरेक्टर मेहुल कुमार जब नाना पाटेकर के पास इस फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर गए तो नाना पाटेकर ने इस फिल्म को करने से मना कर दिया था नाना पाटेकर ने यह कहकर मना कर दिया था कि मैं कमर्शियल फिल्में नहीं करता बहुत समझाने पर वह मान तो गए लेकिन उनकी एक शर्त थी कि इस फिल्म में उनके साथ काम करने वाले एक्टर राजकुमार उनके काम में इंटरफेयर नहीं करेंगे तब फिल्म के डायरेक्टर मेहुल कुमार ने नाना पाटेकर को समझाया और कहा कि मैं उनके साथ दो फिल्में कर चुका हूं राजकुमार के बारे में यह मनगण कहानियां हैं
वह किसी के काम में भी इंटरफेयर नहीं करते फिल्म की शूटिंग के दौरान यह जरूर था कि दोनों अपना-अपना शॉट देने के बाद एक दूसरे से दूर बैठ जाया करते और एक दूसरे से बातें नहीं किया करते दोनों को तिरंगा फिल्म में पीलेपीले ओ मोरे जानी गाने में एक साथ डांस करना था तब नाना ने यह डांस करने से मना कर दिया और कहा कि पुलिस के रोल में डांस करना ठुमका लगाना अच्छा नहीं लगेगा दर्शक इस सीन को देखकर क्या कहेंगे तब मेहुल कुमार ने समझाया था कि यह कोई रोमांटिक सॉन्ग नहीं है यह एक मस्ती भरा गाना है हालांकि इस गाने की शूटिंग के बाद राजकुमार और नाना पाटेकर में अच्छी दोस्ती हो गई थी इधर तिरंगा फिल्म की शूटिंग कंप्लीट हुई तो इसके बाद नाना पाटेकर को क्रांति फिल्म मिल गई इधर क्रांतिवीर फिल्म की शूटिंग शुरू होती इससे पहले ही मुंबई में उस दौरान दंगे शुरू हो गए शूटिंग तो छोड़िए नाना पाटेकर को खुद को अपने ही घर में बंद करना पड़ा नाना पाटेकर काफी ज्यादा परेशान थे क्योंकि वह मन ही मन क्रांतिवीर फिल्म की पूरी तैयारी कर चुके थे लेकिन कई दिनों तक अपने आप को अपने घर में बंद रखने के बाद नाना पाटेकर झुंझलाहट में अपने घर से अपनी जीप लेकर बाहर निकल गए लोगों के बीच शांति की अपील करने शायद क्रांतिवीर फिल्म का यह अभिनेता पहले ही ही अपनी फिल्म की शूटिंग की प्रैक्टिस कर रहा था इधर दंगे खत्म हुए और उधर क्रांतिवीर फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई जब क्रांतिवीर फिल्म रिलीज हुई तो यह बहुत बड़ी हिट साबित हुई और नाना पाटेकर अब अपने आप को एक बहुत बड़े अभिनेता के रूप में साबित कर चुके थे अब नाना पाटेकर के पास डायरेक्टर प्रोड्यूसर्स खुद चल कर आया करते इसी दौरान नाना पाटेकर खामोशी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे इसी फिल्म के साथ-साथ इनकी एक और फिल्म की शूटिंग चल रही थी जिसका नाम था अग्नि साक्षी इस दोनों ही फिल्म में एक बात जो कॉमन थी वो थी इस फिल्म की हीरोइन दोनों ही फिल्मों में इनके साथ मनीषा कोडाला काम कर रही थी जहां एक तरफ मनीषा कोडाला अग्निसाक्षी फिल्म में इनकी पत्नी का किरदार निभा रही थी तो वहीं दूसरी तरफ खामोशी फिल्म में मनीषा कोयराला नाना पाटकर की बेटी का किरदार निभा रही थी दो-दो फिल्मों की शूटिंग की वजह से मनीषा कोडाला और नाना पाटेकर का समय एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा गुजरने लगा और इस वजह से मनीषा कोडाला और नाना पाटेकर के बीच नजदीकियां इतनी बढ़ चुकी थी कि वह अपनी निजी जिंदगी को भी भूल चुके थे और तो और नाना पाटेकर अब कई-कई दिनों तक अपने घर भी नहीं जाया करते थे और इसी वजह से नाना पाटेकर और उनकी पत्नी के बीच मतभेद बहुत ज्यादा बढ़ गए थे हालांकि दोनों में कभी तलाक नहीं हुआ लेकिन यह दोनों एक दूसरे से अलग जरूर रहने लगे थे इधर नाना पाटेकर मनीषा कोडाला के
साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे थे नाना ने खुद एक बार एक इंटरव्यू में कहा था कि वह मनीषा से बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे इसी दौरान नाना पाटेकर की साल 1900 1999 में कोहराम फिल्म आई और इस फिल्म में इनकी अभिनेत्री बनी आयशा जुल्का फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर आयशा जुल्का के भी काफी करीब हो गए थे मनीषा कोडाला को यह सब देखकर अच्छा नहीं लग रहा था क्योंकि नाना पाटेकर उन दिनों मनीषा कोडाला को समय नहीं दे पा रहे थे ऐसे में एक दिन मनीषा कोडाला नाना पाटेकर को बिना बताए उनकी शूटिंग लोकेशन पर विजिट करने पहुंच गई उस दिन मनीषा कोडाला ने नाना पाटेकर और आयशा जुल्का को आपत्ति जनक स्थिति में देख लिया और यही वह दिन था जिस मनीषा कोडाला ने नाना के साथ अपने सारे रिश्ते खत्म कर दिए नाना पाटेकर के जीवन से जुड़े इन किस्सों में साल 2007 का एक प्रकरण काफी सुर्खियों में आया इस घटना के बाद नाना पाटेकर जी का एक और रूप देखने को मिला जब नाना पाटेकर साल 2008 में हॉन ओके प्लीज फिल्म की शूटिंग कर रहे थे इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक्ट्रेस तनु श्री दता का एक आइटम डांस शूट होना था और इसी शूट के दौरान एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे बॉलीवुड को हिला कर रख दिया नाना पाटेकर पर तनु श्री दता ने सेक्सुअल हरासमेंट का आरोप लगाया तनु श्री दता का कहना था कि जिस दिन उनके इस गाने की शूटिंग हो रही थी उस दिन नाना पाटेकर का उसमें कोई सीन नहीं था लेकिन फिर भी नाना उस दिन सेट पर पहुंचे और कुछ ऐसी हरकतें करने लगे जिससे तनुश्री दता खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रही थी जब तनुश्री ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो पूरी की पूरी फिल्म की टीम नाना पाटेकर की सपोर्ट में खड़ी हो गई और इस घटना के बाद पूरा का पूरा बॉलीवुड दो भागों में बट गया था ज्यादातर लोग नाना पाटेकर के सपोर्ट में खड़े हो गए थे क्योंकि इससे पहले नाना पाटेकर के लव अफेयर्स के बारे में तो लोगों ने सुना था
लेकिन ऐसी घटना के बारे में पहले किसी ने कभी नहीं सुना था इसके कुछ समय बाद ही तनुश्री दता ने बॉलीवुड से दूरी बना ली किरदार कैसा भी हो लेकिन नाना पाटेकर उस किरदार को इस तरह से निभाते हैं कि वह किरदार इंटरेस्टिंग बन ही जाता है और उनकी इसी अदाकारी के लिए उन्हें कई मर्तबा नेशनल अवार्ड से नवाजा भी गया है फिर चाहे वह परिंदा फिल्म हो अग्निसाक्षी फिल्म हो या या फिर क्रांतिवीर आश्चर्य की बात तो यह है कि नाना पाटेकर आज इतने बड़े स्टार होने के बाद भी अपनी मां के साथ वन बीएचके के एक फ्लैट में रहते हैं और अक्सर मीडिया में यह खबरें आती रहती हैं कि वह गरीब और मजलूम की मदद करते कभी ना कभी कहीं ना कहीं जरूर पाए जाते हैं अभी जब कुछ समय पहले महाराष्ट्र में सूखा आया था तो नाना पाटेकर ने किसानों की ₹1 लाख से मदद की थी नाना पाटेकर साहब का कहना है कि वह फिल्मों में केवल रचनात्मक संतुष्टि के लिए काम करते हैं ना कि अपना जीवन विला ता के साथ जीने के लिए भारतीय सिनेमा के इतिहास में नाना पाटेकर का नाम हमेशा गर्व से लिया जाएगा वारिधि मंथन चैनल इनकी आने वाली फिल्मों के लिए इन्हें शुभकामनाएं देता है नाना पाटेकर की कौन सी फिल्म या कौन सा डायलॉग आपको सबसे ज्यादा पसंद है हमें कमेंट्स में जरूर बताइएगा वीडियो पसंद आई हो तो इसे लाइक करिएगा और अगर आप हमारे चैनल वारिधि मंथन पर नए हैं तो इसे सब्सक्राइब करके बेल आइकन दबा दीजिएगा ताकि ऐसी ही अनसुनी कहानियां हम आपके लिए हमेशा लाते रहे