प्यार एक ऐसी चीज जो ना धर्म देखती है और ना जाति। और उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से सामने आई एक कहानी ने एक बार फिर यही साबित कर दिया है। जहां एक मुस्लिम पिता ने अपनी बेटी की खुशी के लिए समाज की परवाह किए बिना उसे हिंदू युवक के साथ विदा कर दिया। इस अनोखी शादी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह मामला प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के दाऊदपुर गांव का है। यहां रहने वाले अमन कुमार गौतम और सानिया बानो एक दूसरे से प्यार करते थे। दोनों का प्रेम संबंध काफी समय से चल रहा था। जब दोनों बालग हो गए तब उन्होंने अपनी जिंदगी साथ बिताने का फैसला लिया। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ प्रेम विवाह तक सीमित नहीं रही। बल्कि यह सामाजिक और धार्मिक सीमाओं को तोड़ने वाली एक मिसाल बन गई।
जानकारी के मुताबिक दोनों ने अपनी मर्जी से शादी करने का निर्णय लिया और फिर एक स्थानीय मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रों के बीच सात फेरे लिए गए। एक दूसरे को जीवन भर साथ निभाने का वचन दिया गया और शादी की सभी रस्में पूरी की गई। सबसे खास बात यह रही कि इस पूरे समारोह में दोनों परिवार मौजूद रहे।
जहां अक्सर ऐसे मामलों में परिवारों का विरोध देखने को मिलता है, वहीं यहां तस्वीर बिल्कुल अलग थी। सानिया के माता-पिता अपनी बेटी की शादी में शामिल हुए और उसे खुशी-खुशी विदा किया। वहीं अमन के परिवार ने भी सानिया को पूरे सम्मान और प्यार के साथ अपनी बहू के रूप में स्वीकार किया।
इस शादी को कानूनी सुरक्षा देने के लिए अमन और सान्या ने नोटरी के समक्ष शपथ पत्र भी तैयार कराया। इस हलफनामे में दोनों ने स्पष्ट रूप से लिखा कि उन्होंने यह विवाह अपनी स्वतंत्र इच्छा से किया है। उन पर किसी तरह का दबाव या डर नहीं है। दोनों ने एक दूसरे को जीवन साथी के रूप में स्वीकार करते हुए जीवन भर साथ निभाने का संकल्प भी लिया।
इतना ही नहीं दस्तावेज में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि कोई व्यक्ति उनके विवाह पर अनावश्यक आपत्ति दर्ज कराता है तो उसे अनुचित माना जाएगा। गांव के दो सम्मानित लोगों ने इस शपथ पत्र पर गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए। जिससे पूरे मामले को कानूनी और सामाजिक समर्थन भी मिला। शादी के बाद जब सानिया के पिता से बात की गई तो उनकी बातें सुनकर हर कोई भावुक हो गया। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि हमारी बेटी हमेशा खुश रहे। अगर उसे हिंदू युवक से प्यार था और वह उसके साथ अपना जीवन बिताना चाहती है तो हमें इस रिश्ते से कोई भी एतराज नहीं है। हमारी बेटी की खुशी ही हमारे लिए सबसे बड़ी चीज है।
वहीं दूले अमन के पिता ने भी दिलजीत लेने वाली बात कही। उन्होंने कहा हम सान्या को बहू बनाकर बेहद खुश हैं। हम उसे बहू नहीं बल्कि बेटी की तरह प्यार और सम्मान देंगे। वह अब हमारे परिवार का हिस्सा है और हमेशा खुश रहेगी। आज के समय में जब धर्म और जाति के नाम पर समाज में अक्सर तनाव देखने को मिलता है। ऐसे में प्रतापगढ़ की यह कहानी एक सकारात्मक संदेश देती है। यह बताती है कि प्यार, विश्वास और इंसानियत किसी भी धर्म या जाति से बड़े होते हैं।
जब परिवार अपने बच्चों की खुशियों को प्राथमिकता देते हैं, तब समाज में सौहार्द और भाईचारे की नई मिसाल कायम होती है। इस अनोखी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल जीत रहा है। लोग इससे जुड़े और दोनों परिवारों की जमकर तारीफ कर रहे हैं।