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नीला ड्रम केस; मौ;त की सजा के बाद मुस्कान को मिली मदद, फैजान अंसारी ने किया बड़ा ऐलान…

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यह हैं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर फैजान अंसारी जो मुंबई से सीधा मेरठ पहुंचे हैं। नीला ड्रम हत्याकांड के दोषी मुस्कान रस्तौगी के लिए मुस्कान रस्तौगी की 10 महीने की बच्ची के लिए यह दावा करते हैं कि छोटी बेटी की परवरिश का जिम्मा यह उठाएंगे। उसके पालनपोषण, पढ़ाई से लेकर शादी तक का खर्चा उठाएंगे। कौन है फैजान अंसारी? क्यों मुंबई से सीधा मेरठ पहुंच गए? वकील से क्या बातचीत की? क्या लेटर जमा किया? दरअसल 14 अक्टूबर 2026 को नीला ड्रम हत्याकांड यानी सौरभ राजपूत हत्याकांड के मामले में दोषी पत्नी मुस्कान रस्तौकी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को सजा-ए-मौत का ऐलान किया गया।

फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद से ही मुस्कान और साहिल की टेंशन बढ़ चुकी है। लोअर कोर्ट के फैसले को अपर कोर्ट में चैलेंज करने के लिए सरकारी वकील के जरिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। समय है सिर्फ 1 महीने का। वहीं दूसरी तरफ मुंबई बेस्ड सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर फैजान अंसारी सीधा मेरठ पहुंचे और यहां पर जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे से मुलाकात की। मुस्कान की बेटी के लालन पोषण का पूरा खर्चा उठाने का वादा किया।

फैजान अंसारी का कहना है कि वह बच्ची का सभी खर्चा उठाने के लिए तैयार हैं। इसके लिए उन्होंने कोर्ट में लिखकर भी दिया है। एक लेटर भी सामने आया है जिसमें फैजान अंसारी ने साफ-साफ लिखा है। मैं आर्थिक रूप से इतना सक्षम हूं कि मुस्कान की 10 माह की बेटी को अपनाना चाहता हूं। उसकी पूरी परवरिश, पढ़ाई, शादी तक की जिम्मेदारी लेना चाहता हूं।

जिससे मुस्कान को जल्दी से जल्दी फांसी हो। मीडिया के सामने फैजान अंसारी ने क्या कुछ कहा सुनिए जरा। सर 14 अक्टूबर को कोर्ट ने मुस्कान को फांसी की सजा दी थी और जितना मुझे उस चीज की नॉलेज है सर मुझे लगता है कि मुस्कान की 10 महीने की जो बच्ची है उसकी वजह से उसकी फांसी डिले हो रही है। तो सर मैंने एक स्टेप उठाया।

मेरी लीगल टीम से बात करके आज मैं मुंबई से यहां पे आया हूं और मुस्कान की 10 महीने की बच्ची की पूरी एजुकेशन की पूरी परवरिश की कॉलेज की और शादी तक की रिस्पांसिबिलिटी लेने के लिए ये मैं आया हूं और मैं बताना चाहता हूं जिन लोगों को नहीं पता है कि एक लड़की को मैं अडॉप्ट नहीं कर सकता हूं गोद नहीं ले सकता हूं जैसा लॉ में लिखा है इसलिए मैं उसकी पूरी रिस्पॉन्सिबिलिटी ले रहा हूं और ये मैंने कोर्ट में भी एप्लीकेशन में रिटर्न में लिखा है कि जो भी मेरे फाइनेंसियल स्टेटस है वो मैं देने को रेडी हूं। मेरे आईटीआई रिटर्न्स हैं।

मेरे बैंक स्टेटमेंट हैं। मैं फाइनेंसियली सर इतना स्ट्रांग हूं कि मैं उसकी परवरिश कर सकता हूं। क्योंकि अगर एक बच्ची 10 महीने की या 6 महीने की व्हाटएवर जितने मंथ्स की बच्ची की जेल में जो परवरिश हो रही है तो कोई भी समझ सकता है कि उसकी परवरिश क्या होगी। तो मुझे लगता है उस बच्ची का इससे सर कोई लेना देना नहीं है और उसका कोई कसूर नहीं है।

और मैंने कोर्ट से एक और रिक्वेस्ट करी है कि जब भी मुस्कान को फांसी दी जाए तो उस बच्चे को उस बच्चे की मां को जिसने अपने जिसने अपने बेटे को खोया है। उस मां को भी उस फांसी के जब फांसी हो तो उस मां को भी रखें। मुझे आई डोंट नो आईडिया नहीं है कि कोर्ट में ऐसा लॉ है कि नहीं है। लेकिन सवाल उठा क्या यह पहली बार है जो फैजान अंसारी इस तरह से सामने आए हैं? बड़ी जिम्मेदारी उठाने का वादा कर रहे हैं, दावा कर रहे हैं। तो फैजान अंसारी ने खुद पूरी जानकारी दी।

वो कहते हैं कि जब भी किसी को आर्थिक रूप से कोई भी जरूरत होती है तो वह हर हद तक कोशिश करते हैं। उन्होंने सैफ अली खान पर हुए हमले में घायल ऑटो चालक की मदद करने का भी दावा किया। वहीं टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले में एक पीड़ित की मदद करने का भी दावा किया है। जब शेफ अली खान के ऊपर मुंबई में अटैक हुआ था तो उसको एक ऑटो ड्राइवर ने उसकी जान बचाई थी जिसका नाम भजन सिंह राणा था। उसको मैंने बहुत हेल्प करी जितनी अपनी हैसियत के हिसाब से कर सकता था।

पूरा Google रिकॉर्ड है उसका। मैंने उसको पैसों से हेल्प करी थी और बैंड्रा के जो एमएलए हैं आशीष सेलार सर उनसे पर्सनली मिला था कि सर भजन सिंह राणा के पास खुद का ऑटो भी नहीं है और उसका काम छोड़ के उसने सेफ अली की जान बचाई है। तो उसको भी करा था। फिर अभी रिसेंटली टाइगर श्रॉफ के ऊपर जू में जो अटैक हुआ है उसमें एक बेगुनाह की गोली लगी है सर उसके लिए भी अनफॉर्चुनेटली मैं बॉम्बे में नहीं था नहीं तो उसकी भी जो हॉस्पिटल का पूरा बिल है उसके लिए भी मैं सर आगे आ रहा हूं अभी बॉम्बे जाते ही सो मैं कोशिश करता हूं जितना मैं हेल्प हो सके करूं बट एक 10 महीने की बच्ची जो जेल में रह रही है सर उसका फ्यूचर बहुत खराब हो रहा है तो उसके लिए मैं खत्म इसके अलावा भी तो बहुत सारे बच्चे हैं जो बीमार हैं गरीब हैं जिनकी परवरिश नहीं हो रही है सिर्फ मुस्कान की बच्ची ही क्यों नहीं सिर्फ व्यूज लेने के लिए नहीं नहीं सर मुझे सर इन सब चीज की जरूरत नहीं है।

इन्फ्लुएंसरर हैं इसलिए आपको नहीं इसलिए नहीं सर मैं आपने एक बात सही कही एक बात गलत है उसमें। मैं इन्फ्लुएंसरर हूं अगर मेरे वीडियोस की रीच मिलियंस में जाती है सर। आपने अच्छा क्वेश्चन पूछा है ये भी। तो मैं चाहता हूं उस मिलियंस की रीच में ये चीज भी ऐड ऑन हो जाए कि एक बच्ची को इंसाफ मिलना चाहिए और मैं कोशिश करूंगा आपने बताया तो। जो भी बच्ची ऐसी हैं क्योंकि सर हर चीज का पता नहीं चल पाता है। बट एक इंसान की हैसियत भी होती है। फाइनेंसियल स्टेटस भी होता है। तो मैं अपनी औकात के हिसाब से अपनी हैसियत में जो कर सकता हूं वो भी करूंगा। दरअसल 3 मार्च 2025 को मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या की गई।

हत्या के बाद शव के कई टुकड़े किए गए और लगभग 15 टुकड़ों को नीले ड्रम में भरकर सीमेंट के घोल से सील कर दिया गया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद पत्नी मुस्कान अपने प्रेमी साहिल के साथ हिमाचल की वादियों में घूमने चली गई। वो लगातार परिवार वालों से झूठ बोल रही थी। लेकिन जब यह घटना खुलकर सामने आई तो पूरे देश में हड़कंप मच गया। पूरे देश में नीला ड्रम चर्चाओं में आ गया और अब इस मामले में लगभग 1/2 महीने बाद 14 अक्टूबर 26 को मेरठ कोर्ट ने सजा-ए-मौत का ऐलान किया। अब मेरठ कोर्ट के इस फैसले को चैलेंज करने के लिए अपर कोर्ट में अपील करने की तैयारी की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर फैजान अंसारी ने एक अर्ज़ लगाई है मुस्कान की छोटी बेटी की परवरिश का जिम्मा उठाने की। अब हालांकि यह तो कोर्ट ही तय करेगा कि यह जिम्मेदारी किसको दी जाएगी या दी भी जाएगी या नहीं। लेकिन फिलहाल 6 साल तक बच्ची मुस्कान के साथ जेल में ही रहेगी। मेरठ से उस्मान चौधरी की रिपोर्ट यूपी तक। पवन जी एक बात होती है। क्या आपको कभी ऑफर नहीं आया बीजेपी की तरफ से? बहुत बार आया। आया? आया। कैसा आया? आया। क्या ऑफर आया? आया।

हमने बताया था राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को आया। किस तरह का ऑफर आया? मतलब सब आया। विधायक, मंत्री सब आया। जानते हैं ये भी घटना बता दें आपको। हां, मेरे पिताजी जैसे मैंने राजनीति शुरुआत की तो मेरे पिताजी कभी नहीं चाहते थे। लेकिन जब मैंने राजनीति में मैं प्रवेश कर गया, लखनऊ स्टाध्यक्ष हो गया। तो ये भी बहुत महत्वपूर्ण घटना है। नेताजी का फैजाबाद आगमन था। हम तो मैंने कहा कि आपको मेरे घर चलना कहा हां चलेंगे तुम्हारे घर मैं जेल से छूट के आया था वही मेरे ऊपर गंगेस्टर और सारे मुकदमे दर्ज हुए थे बहन जी की सरकार में उसके बाद मैं छूट के आया था तो मैंने कहा आपको मेरे घर चलना कहा चलेंगे नेताजी मेरे घर आए अंगूरी बाग कॉलोनी में मेरी माता जी ने खाना बनाया था नेताजी ने जो मेरी माता जी ने बनाया था पूरी सब्जी दही कचौड़ी दही बड़ा जो था सब खाया नेता जी ने बैठ के पूरा आराम से सब खाया और खाने के बाद कहा कि और कुछ बना है।

तो हमने मम्मी बुलाया अपनी माता जी को तो उन्होंने पूछा क्या नाम है आपका कह मेरा नाम गीता कह बताइए कुछ और बना है कहने जो बना था सब खिला दिया फिर उन्होंने मेरी माता जी ने कहा नेता जी से कि ये पढ़ते लिखते नहीं है क्या होगा इनका नेता जी ने कहा पवन के कारण आज मुलायम सिंह यादव इस दरवाजे पर आए हैं और देखना एक दिन वह भी आएगा आज मेरे आने पर डीएम कप्तान बाहर खड़े हैं एक दिन पवन भी आगे जाएगा। डीएम कप्तान भी बाहर खड़े होंगे।

पवन बड़ा आदमी नेता बनेगा और मुझे नेता जी ने बनाया। उस स्थान पर पहुंचाया। ऐसे थे धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव जी। तो उसी दिन से मेरी माता पिता मेरे पूरा परिवार का एक लगाव है नेता जी के परिवार से। जब ये सब बातें आई कुछ लोगों ने कि भाजपा वाजपाई ये सब तो मेरे पिताजी ने तुरंत मुझको फोन किया। कहा जीवन में भूल ना करना। जीवन में गलती ना करना। यह चीजें मेरे पिताजी ने बहुत सख्ती से मुझसे बात कही थी। मैं बहुत ईमानदारी से आपसे कह रहा हूं।

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