फिल्म इंडस्ट्री के शानदार अभिनेता मुश्ताक खान अब हमारे बीच नहीं रहे। कैंसर से जूझते हुए मुश्ताक खान का निधन हो गया है। पिछले 5 सालों से वह से लड़ रहे थे और इस को जारी रखते हुए वह काम भी कर रहे थे। लेकिन उनके शरीर में फिर से बढ़ गया था। पिछले कुछ दिनों से वह भर्ती थे और कल शाम उन्होंने आखिरी सांस ली।
मुश्ताक खान के बारे में कई जगह कहा जा रहा है कि वह फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ अभिनेता थे, उम्र में शायद उतने सीनियर नहीं थे लेकिन अनुभव में वह बेहद सीनियर थे। अस्सी के दशक के अंत और नब्बे के दशक से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में काम करना शुरू किया था और बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे।
शुरुआत हुई थी ‘दिल है कि मानता नहीं’ से।’हम हैं राही प्यार के’ और ‘वेलकम’ फिल्म के बल्लू किरदार को तो सभी जानते हैं, वह एक बेहद लोकप्रिय और वायरल मीम है।मुश्ताक खान ने फिल्म इंडस्ट्री में जितने साल काम किया, उस काम को लेकर उन्होंने अपना अनुभव साझा किया था और बताया था कि फिल्मों में उनके छोटे रोल होते हैं और वो छोटे रोल, फिल्म को चाहे कितना भी बड़ा बना दें या रोल चाहे कितना भी आइकॉनिक बन जाए, जैसा कि ‘वेलकम’ के मामले में हुआ था, फिर भी हम जैसे अभिनेताओं को मेहनताना कम ही दिया जाता है।
‘वेलकम’ फिल्म के लिए उन्होंने बताया था कि इस फिल्म के लिए उन्होंने 25 से 30 दिन शूटिंग की थी, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 1 लाख रुपये मिले थे। मुश्ताक खान ने कहा था कि इससे ज्यादा बिल तो अक्षय कुमार के पर्सनल स्टाफ का था। तो हम जैसे अभिनेताओं के साथ यही होता है।
कई बार प्रोड्यूसर्स हमें अच्छा मुआवजा नहीं देते। अच्छा मेहनताना भी नहीं देते।हालांकि हां, मुश्ताक खान जैसे अभिनेताओं की उम्मीद यही रहती है कि अगर इस सीन को या इस किरदार को अच्छे से करूं, तो अगली फिल्म में एक और रोल मिल जाएगा। और इसी तरह छोटे-छोटे रोल करके मुश्ताक खान जैसे अभिनेता फिल्मों में एक लंबा सफर तय करके अपना छोटा सा परिवार पाल लेते हैं।कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद मुश्ताक खान को काम जारी रखना पड़ रहा था। यह उनकी बेबसी को ही दर्शाता है। हालांकि सच यही है कि वह लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे थे और जैसा कि नौकरी के मामले में होता है कि एक समय के बाद आपकी अच्छी सेविंग हो जाती है।
लेकिन यह फिल्म इंडस्ट्री है। यहां एक दिन आपके हाथ में बहुत सारा काम होता है और दूसरे दिन आपके हाथ में कोई काम ही नहीं होता।इसी वजह से पहली फिल्म से आप जो बचाते हैं, अगर अगले कुछ समय तक काम नहीं मिलता, तो उसी पैसे में खर्च चल जाता है। इसलिए यह चक्र चलता ही रहता है और कभी रुकता नहीं है। इसी वजह से एक अभिनेता को अपने जीवन की आखिरी सांस तक काम करते रहना पड़ता है।