Cli

मुंबई में जानलेवा बारिश ! 3 दिन में 5 लोगों की मौत

Uncategorized

मुंबई बारिश में फिर मौत का तांडव। खुले मेन होल, करंट और गिरते पेड़ों ने ले ली कई जाने। क्या बारिश नहीं प्रशासन की लापरवाही बन रही है मौत की वजह? मुंबई में सिस्टम पर उठे बड़े सवाल। जी हां, मुंबई में मानसून की बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के बीच शहर में कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। सबसे बड़ा मामला साकीनाका का है।

जहां एक व्यक्ति खुले मेन हॉल में गिर गया और उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उस समय ड्रेनेज की मरम्मत का काम चल रहा था और मेन होल खुला हुआ था। हादसे के बाद पूरे शहर में प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया कि व्यक्ति सड़क पर चल रहा था और अचानक खुले मेन होल में समा गया। काफी देर तक तलाश के बाद उसका शव बरामद किया गया। घटना के बाद बीएएमसी ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है

और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं शख्स की मौत पर मेयर ऋतु तावड़े ने कहा कि मेरी मांग है कि जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं उन पर गैर इरातन हत्या का मामला दर्ज किया जाए। मैंने मृतक के परिजनों को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह जो मैनुअल्स किसी को भी नहीं दिखेगा। मैं भी चलूंगी तो मुझे भी नहीं दिखेगा अगर पानी है। तो इस तरह से इतने बारिश में इसको ओपन करके काम नहीं हाथ में लेना चाहिए।

और दूसरी बात मैंने बार-बार कहा था कि जाली का जो काम बिाने का है जिस-जिस मैनुअल में जाली अंदर बिठाने का काम है तो वो बारिश के पहले कंप्लीट करो। बारिश में यह सब होना बहुत गलत है। लेकिन मुझे बहुत दुख होता है असलम शेख जी उनके लिए और उनकी फैमिली के लिए उनका आज देहांत हुआ है। मैंने यहां पे ₹1 लाख की जो मदद है यहां पे मैंने उनकी फैमिली के लिए जाहिर की है। मैंने प्रशासन को बोला है कि कोर्ट के इससे 6 लाख और मैं खुद 4 लाख महापौर निधि से दे रही हूं। ₹1 लाख की जो पूरी मदद है यह मैं यहां पे जाहिर कर रही हूं। इसके साथ ही बारिश के बीच चंबूर में एक स्कूल बस पर विशाल पेड़ गिर गया। इस हादसे में 11 साल के छात्र की मौत हो गई। जबकि कई अन्य बच्चे घायल हुए हैं। इस घटना ने शहर में पेड़ों की समय पर छटाई और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए गए हैं। इसी दौरान ठाणे के मुमरा में जलभराव के बीच करंट लगने से एक किशोरी की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली के खुले तारों की शिकायत पहले भी की गई थी।

लेकिन समय रहते कार्यवाही नहीं हुई। इस घटना ने बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद विपक्ष और स्थानीय नागरिक प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। सवाल यह है कि हर मानसून में ऐसे हादसे क्यों दोहराए जाते हैं? क्या खुले मेन होल, जजर पेड़ और खुले बिजली के तारों की समय पर रहते सुरक्षित नहीं किया जा सकता। यही बहस अब मुंबई की सड़कों से लेकर विधानसभा तक पहुंच चुकी है। फिलहाल के लिए बस इतना ही। बाकी अपडेट के लिए बने रहिए वन इंडिया हिंदी के साथ। सब्सक्राइब टू वन इंडिया एंड नेवर मिस एन अपडेट। डाउनलोड द वन इंडिया ऐप नाउ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *