एक भला इंसान कौन होता है? यह सलीम खान साहब से अच्छा और कोई नहीं बता सकता क्योंकि हमने उनकी फिल्मों में भी देखा है। सलीम खान साहब कुछ सालों पहले कपिल शर्मा शो में आए थे और तब उन्होंने कहा था कि एक आदमी अच्छा है या बुरा यह उससे पता चलता है कि उसके दोस्त कितने पुराने हैं और उसने अपने घर में कितने पुराने स्टाफ को अभी तक रखा हुआ है।
यानी कि जितने लंबे रिश्ते चलते हैं इंसान कितना अच्छा है उसका पैमाना वही बताता है। अगर सलीम खान साहब का दिया गया यह ज्ञान अमिताभ बच्चन पर अप्लाई किया जाए तो अमिताभ बच्चन के करियर को लेकर कुछ ऐसी चीजें सामने आती है जिससे यह तो पता चलता है कि वो एक्टर बहुत अच्छे हैं बट इंसान अच्छे हैं या नहीं इस पर हमेशा बहस रहेगी। अब अमिताभ बच्चन के इंसान कैसे हैं इसकी बात अब क्यों हो रही है? तो आपको बता दें कि अमिताभ बच्चन जिन्होंने एक बहुत पॉपुलर एक्टर के साथ कई फिल्मों में काम किया है। उस एक्टर की डॉटर ने खुलासा किया है कि जब उनके पिता की डेथ हुई तो अमिताभ बच्चन की तरफ से एक फोन तक नहीं आया। दुख बांटने आना,
परिवार से मिलने आना तो दूर की बात थी। इस एक्टर की डॉटर ने यह भी खुलासा किया है कि जया बच्चन भी मेरे पिता की अच्छी दोस्त थी। लेकिन जया बच्चन की तरफ से भी कोई कंडोलेंस मैसेज नहीं आया। यह एक्टर है मुकरी जिन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ लावरिस, शराबी, कूली, अमर अकबर एंड थनी जैसी फिल्मों में काम किया है। मूछे हो तो न्थू लाल जैसी। मुकरी के साथ का ही अमिताभ बच्चन का यह सीन काफी वायरल है और यह डायलॉग भी बहुत मशहूर है। मुकरी की डॉटर नसीम मुकरी ने रिसेंटली इंटरव्यू दिया जिसमें उन्होंने कहा कि जब पापा की डेथ हुई तो अमिताभ बच्चन के परिवार की तरफ से ना कोई मैसेज आया ना ही
कोई कॉल आया। ऑन द कंट्रोरी। बात करें ऋषि कपूर साहब की तो उन्हें रात को 2:00 बजे टीवी से पता चला कि उनके पिता नसीम मुकरी की डेथ हो गई है। अगले दिन सुबह 7:00 बजे ऋषि कपूर उनके घर पर थे और फूट-फूट कर रोए मुकरी के बारे में बातें की। परिवार के साथ दुख बांटा। नसीम मुकरी का दिया गया। का यह स्टेटमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और एक बार फिर से इस बात पर बहस शुरू हो गई है कि अमिताभ बच्चन चाहे बड़े एक्टर होंगे लेकिन बतौर इंसान उनसे अलग हुए दोस्तों
ने उनको लेकर जो खुलासे हुए हैं जो खुलासे किए हैं उससे यह पता चलता है कि वो एक सेल्फिश इंसान है। फिर चाहे कादर खान साहब हो जिन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन ने पॉलिटिशियन बनने के साथ सबको इंस्ट्रक्शन दिए कि उन्हें सर कहकर बुलाया जाए या फिर महमूद हो जिन्होंने अमिताभ बच्चन को सबसे बड़ा ब्रेक दिया। लेकिन जब बुरे हालात में बुरी हेल्थ के दौर में महमूद हॉस्पिटल में एडमिट थे तो अमिताभ बच्चन उनसे मिलने तक नहीं गए। या फिर अमर सिंह हो जिन्होंने अमिताभ बच्चन को कर्जे से निकलने में बहुत मदद की थी। लेकिन उनके साथ भी एक टाइम के बाद खटपट हो