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कंगना के बयान पर बौखलाए मुकेश खन्ना का कह दी चौंकाने वाली बात,मचा बवाल!

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कंगना रनौत जो बीजेपी की एमपी भी हैं और रनाउंड एक्ट्रेस भी हैं। लेकिन लगातार उनके विवादित बयानों की वजह से आजकल वह ज्यादा चर्चा में हैं। जजी को लेकर उन्होंने जो विवादित बयान दिया था उसके बाद से बाबा रामदेव, तापसी पन्नू, राखी, सोनू सूद इस तरीके के जो एक्टर्स हैं, उनके ऊपर भी वह अब कर रही हैं। इस बारे में हमारे साथ बात करने के लिए मशहूर एक्टर मुकेश खन्ना जी हैं।

सर कंगना रनौत लगातार अपने बयानों की वजह से विवादों में रहती हैं और अब उनका एक नया जो बयान आया है कि जो भी एक्टर्स उन्हें जो है किसी तरीके के सजेशंस दे रहे हैं कि विवादित बयान नहीं देने चाहिए या खासतौर पे जेंजी पे जो उन्होंने एक अभद्र टिप्पणी की थी उसको लेकर जो है कुछ कह रहे हैं तो उस पर वो पलटवार कर रही हैं। क्या कहेंगी? कुत्ते हैं।

अपने जो है करियर को देखना चाहिए। लोग हमसे जलते हैं। इस तरीके की बातें कह रही हैं। आप क्या कहेंगे सर? देखिए मैं दो बातें हैं इसमें। एक तो आपने खुद कहा कि उसके खिलाफ कहा गया तो आदमी कभी भी किसी पर कोई नींद में सपने में नहीं जागी कि वो सोनू सूद और वो अपना जो चार पांच नाम जो आपने लिए हैं उनके खिलाफ बोल गई है वो। क्योंकि रामदेव बाबा तक के खिलाफ बोल दी गई है और किसी और दो नाम और भी है।

बट देखिए ये ये जब अटैक होता है तो सामने से होता है। जब उन्होंने कुछ उसके बारे में कहा है तो जिस पोजीशन पर वो बैठी है वो कोई उसको अपनी पोजीशन भी दिख रही है और वो आज वो पोजीशन में नहीं है जो उस पोजीशन में थी। आज वो पार्लियामेंट में आज वो राज्यसभा में जा सकती है कहीं भी जा सकती है।

उसने जवाब दिया है वो वो जवाब देना सही है। भाषा सही है कि नहीं है मुझे नहीं मालूम। बट एक देखिए कंगना रणावत जो आप बोल रहे हो बार-बार ये अकेली नहीं है जिसने ये सब स्टेटमेंट वंदे मातरम को लेकर या जनरण गण को लेकर या इवन जो कॉकरोच पार्टी के बारे में बात कर रहे हैं। सबने बोला है।

मैंने भी बोला है। डे वन से मैं बोल रहा हूं कि कॉकरोचेस जब आपके घर में आते हैं तो कोई वेलकम नहीं करता पूरे वर्ल्ड में। हम क्यों इसको इतना इतना महत्व दे रहे हैं? कॉकरोच को उठा के फेंक दिया जाता है। आप मेरे खिलाफ भी कोई बोल सकते थे। अब उसने कौन सी भाषा यूज़ की है? उसने उसने इन लोगों को क्या कहा है मुझे नहीं मालूम। बट ये न्यूज़ में रहने वाले लोग हैं। मैं अपनी बात बोल के निकल जाता हूं। तो मैं डिफेंड किसी को भी नहीं करूंगा। ना मैं सोनू सूद को डिफेंड करूंगा, ना मैं कंगना को डिफेंड करूंगा या मैं उनको बुरा कहूंगा या रामदेव बाबा को बुरा कहूंगा। सब लोग एक एक जबानी में छिड़े हुए हैं। बट बट मकसद आप देखिए कारण देखिए वो हमारे देश के खिलाफ है।

जजी का इस्तेमाल करके बाहर के मुल्क वाले पैसे डाल के जो कुछ कर रहे हैं दिख रहा है सब। कोई भी आदमी जजी के नाम पे सिर नहीं काट सकता। माथा आपने देखा होगा नेपाल में मैंने देखा टीवी भी दिखाया गया वो लोग जाके सिर काट रहे हैं उसको कोई स्टूडेंट कोई स्टूडेंट को आप बोलो ये तलवार लो किसी का सिर काटो कभी नहीं काटेगा ये पीछे बैठे हुए जिसको हम वहां पर बैठ जाते हैं.

किसानों का आंदोलन होता है तो खिस्तानी पीछे आके बैठ जाता है ये आंदोलन होता है तो विपक्ष पार्टी को बोलते हैं ये मौका अच्छा है चलो तवा गरम है रोटियां अपने सेक लो मकसद नीट से जाके सीधा रिजाइन करो साहब रिजाइन करो साहब अरे रिजाइन करने से तुम्हारा नीट का प्रॉब्लम तो पकड़ो उनको जिन लोगों ने पेपर लीक किया है तो मैं मैं इसके ऊपर कमेंट नहीं करूंगा कि वो ज्यादा बोली है या वो ज्यादा बोली दोनों दोनों एक ही टॉपिक को लेके बोल रहे हैं।

मेन मकसद है कि आप जाइए कि क्या वंदे मातरम गाने के खिलाफ जो इन लोगों का ऑब्जेक्शन है दो टॉपिक हैं। एक एक तो जंतरमंतर का है और एक अभी रीसेंट जो आ गया है कि अपने हेड क्वार्टर में बोलते हैं बंद करो बंद करो बंद करो बंद करो स्टुपिडिटी मुझे बोला आज जो पार्लियामेंट में पास हो चुका है कि हम सात अंतरे गाएंगे तो ये लोग अपना रूल खुद बनाएंगे तो फिर ये हमारे देश में नहीं रह रहे हैं ना ये लोग तो एक उसके ऊपर मैं बोल सकता हूं और एक दूसरा ये जो कॉकरोच जनता पार्टी ये कोई भी हिसाब से स्टूडेंट्स को गाइड नहीं कर रही है।

मिसगाइड कर रही है। उनके इशू को उन्हें उठाकर दुनिया भर के तामझाम डलवा दिए हैं। दिखते हैं बीच में भीड़ में भीड़ भीड़ होती है। भीड़ में एक तालाब एक मछली पूरे तालाब को गंदा करती है। एक भीड़ के अंदर 50 आदमी आप डाल दो। पत्थर कोई स्टूडेंट नहीं मारेगा लेकिन ये एक ये मारेगा तो लगेगा स्टूडेंट ने मारा है। हुआ है हो रहा है। आज से नहीं किसान आंदोलन से हो रहा है। तो तो दो दो इशूज़ हैं। दोनों इशू में मुझे लग रहा है कि बाहरी ताकतें इस्तेमाल हो रही हैं। पैसे इस्तेमाल हो रहे हैं। कल के भी देखो कल के भी अभी आप लोग बात नहीं उठाए पर कल के इवन पप्पू जी के जो गुजरात के आई मीन पुणे के जो फंक्शन में भी एक लड़की बोल गई है कि मेरे को ₹25,000 ऑफर किया जाए।

हम सो दैट मींस यू नो इट इट इज़ वेरी ऑब्वियस दैट ऐसे मुझे बाहरी मुल्क स्पेन से किसी ने मुझे लिखा बोला सर मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि ये लोग राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को वोट क्यों दे रहे हैं मुझे समझ में नहीं आता ये क्या बोल रहा है स्टूपिड वहां से आदमी जब रिएक्ट कर रहा है हम यहां बैठ के देख रहे हैं कि उसको खुद को मालूम नहीं क्या है एक तामझाम और आजकल भीड़ इकट्ठा करना कोई नई बात नहीं है सर पैसा फेंको तमाशा देखो तो मैं मैं मैं इस बात को कहूंगा कि कहीं ना कहीं स्ट्रिक्ट एक्शन लेना चाहिए दोनों मामले में। इवन जन मनगढ़ तक के मामले में भी हमको ओपनली आना पड़ेगा कि मेरा देश है।

यह मेरा देश का ये मेरा वो है। वंदे मातरम आप क्यों नहीं गाओगे? कोई एक्ट्रेस आके बोल देवे कि मैं तो समझ नहीं पा रही हूं। कुछ कुछ रिलीजन दूसरे होते हैं। वो एक ही भगवान एक ही को मानते हैं। यहां पर जब मल्टीपल भगवान आएंगे तो उनको समझ में नहीं आएगा। मुझे समझ में नहीं आई बात। आप बंगाल में पैदा हुई हैं। जहां मां काली का जितना भर बढ़चढ़ के मान सम्मान फंक्शन होता है हमारे गणपति के फंक्शन से भी ज्यादा होता है।

वहां पर एक बढ़ी हुई टैगोर फैमिली से आई हुई सडनली आप किसी और धर्म के धर्म की हो गई है। इसका मतलब आयशा बेगम नाम आपने ला के रख दिया। अब वो आयशा बेगम बोल रही है, टैगोर नहीं बोल रही है। इट्स नॉट देयर इट इज़ नॉट लॉजिक कि भई हमारे हमारे भी एक ही भगवान है सब। वो आर्गुमेंट क्या पेश कर रही है कि हमारे बहुत सारे हमारे बहुत सारे भगवान नहीं हमारे देवी देवता है भगवान एक है निराकार है ब्रह्मा विष्णु महेश बोलो राम कृष्ण सब अवतार है और हम उनको पूजते हैं हम देवी माता को पूजते हैं अंबे माता को पूजते हैं.

सरस्वती माता को पूजते हैं वंदे मातरम में गाना है तुम ही तुम तुम्ही तुम ही विद्या तुम ही सरस्वती तुम ही लक्ष्मी तुम ही बट वो हम भारत माता को बोल रहे हैं हम उनकी वंदना नहीं कर रहे हम आप देखिए ध्यान से देखिए तुम ही विद्या तुम ही तुम ही हो वो भारत माता माता के नाम पर लिखा गया वंदे मातरम गाना है जो आज लोग नहीं समझ रहे हैं कि यही हमारे देश का नेशनल एंथम होना चाहिए क्योंकि ये राइटली एड्रेस टू झंडा एंड भारत माता एव्री लाइन फ्रॉम द बिगिनिंग जो है वो जो शुरू होता है वंदे मातरम सुजनाम सुपलाम मल यजशीतम मातरम वंदे मातरम तुम ही विद्या तुम ही विनी मैं करता हूं और ये करता है वो आप ऑब्जेक्शन कैसे दे सकते हो जस्ट बिकॉज़ आप अपने मेन रीज़न यह नहीं है कि उनको हमारे देवी देवता पसंद नहीं है।

अंदर की बात बोलूं तो उनको यह पसंद नहीं है कि हम झुकते नहीं है किसी के साथ। हम सिर्फ खुदा के सामने झुकते हैं। वो बात नहीं उठा रही है ये जो हमारी बेगम जो आपकी नवाब की बेगम बन गई है। वो आज सडनली ये बोलती हैं क्या उनको पहले याद नहीं था कि ये सब देवी देवता एक्सेप्टेबल है और दूसरे धर्म की फिक्र क्यों करनी? पहले तो नहीं करती थी आप। अभी करते हो मतलब आपने धर्म परिवर्तन कर लिया। अगर धर्म परिवर्तन कर लिया तो फिर नाम चेंज करके आयशा बेगम रखो ना अपना नाम।

अपने फायदे के लिए शर्मिला टैगोर रखते हो और बाद में शादी के लिए चेंज करके रखा हुआ है नाम कि बिकॉज़ मैं आई कैन मैरी नाउ। धर्म परिवर्तन करना पड़ता है। बट धर्म परिवर्तन करने का मतलब अपनी अपने अपने संस्कारों को तो मत आप रहो। आप आपकी आपकी खुद की वजूद होना चाहिए उस घर में। तो सर कहने का यह मतलब है कि जो जो भी इस सब मामलों को लेकर चाहे वंदे मातरम का हो चाहे जजी का लेकर हो चाहे कंगना रनौत का पूरा प्रकरण हो ऐसे लोगों को जब बिग नेम्स होते हैं तो जो भी स्टेटमेंट देते हैं उन्हें बहुत सोच समझ कर देना चाहिए जब वो देश से जुड़ा हो देशभक्ति से जुड़ा हो या युवाओं से जुड़ा हो ऐसे मुद्दों पर जो भी ऐसे टाइम पर जब तवा गर्म होता है सब अपनी-अपनी रोटियां सेक रहे हैं।

अपोजिशन पार्टी भी अपनी रोटियां सेक रही हैं। मेन मकसद से सब भटक जाते हैं। चाहे वो किसान का आंदोलन हो, चाहे ये हो, चाहे चाहे इवन जंतरमंतर हो, चाहे इवन वंदे मातरम हो। मेन इशू अटक जाता है। मकसद यही होता है कि हमको ये कुर्सी हटाकर बैठना है। ऐसे मौके पर हमारे जो बड़े-बड़े शख्स हैं, जो बड़े-बड़े फिल्म इंडस्ट्री के लोग हैं। हालांकि बहुत लोग आगे नहीं आते। सेफ्टी के लिए हिसाब से नहीं आते। मुझे आरन ने क्यों कहा था? मुकेश जी आप बोलते हो और कोई नहीं बोलता है। महानायक भी नहीं बोलता है।

मैंने कहा नहीं बोलते। तो सबको अपनी-अपनी फिक्र होती है कि मेरा मैं उससे दुश्मनी नहीं लूंगा। मैं शायद स्टूपिड हूं। मेरे को फर्क नहीं पड़ता। आपको फिल्म नहीं देगी तो मैंने कहा अभी तक कहां दिया था? ये मैं सोच सकता हूं। तो जो लोग हैं उनको उठना चाहिए। चाहे ड्रग्स का मामला हो, चाहे वंदे मातरम का। मैं ये नहीं बोलूंगा कि नहीं बोलना चाहिए। लेकिन आपने सही कहा कि अपने अपने अहदे को आपकी हर बात लोग रिएक्ट करेंगे।

आपके पास इतना बड़ा आयाम है कि आप अगर शाहरुख खान अपने मंगेतर को बाजीगर में उठा के फेंक देता है तो एक कस्बे का आदमी बोलेगा अरे शाहरुख खान ने किया है बादशाह खान ने तो मैं भी कर सकता हूं वो भी मंगेतर को उठा के फेंक सकता है क्योंकि ये आप सीख देते रहे गुलशन ग्रोवर करे तो कुछ फर्क नहीं पड़ता सो व्हेन यू आर डूइंग सच थिंग्स आई बिलीव दैट यू मस्ट मेंटेन योर इमेज बट पीपल ओवर से दैट वी आर जस्ट एंटरटेनर्स वी आर नॉट मसीहास साहब आप मसीहा है आपकी बात सुनते हैं

लोग आपको इसीलिए करोड़ों अरबों रुपए कमाई होती है। आपके सर या आदाब बोलते हो और इशारे से बोलते हैं खा ले गुटखा वो सब देखते हैं लोग। सो यू आर राइट द पीपल हु एवर दे आर वेदर दे आर इन पॉलिटिक्स वेदर दे आर इन फिल्म इंडस्ट्री वेदर दे आर फ्रॉम साउथ वेदर दे आर फ्रॉम नॉर्थ दे शुड नो दैट हम जो बोलेंगे वो फॉलो करने वाले बहुत बैठे हैं आज तो गिना जाता है ना मेरे तो 10 1 लाख एक करोड़ हैं और आपको बोलने के पहले सोचना चाहिए मैं मैं भी नहीं सोचता हूं इसलिए मुझे भी ट्रोल करते हैं लोग लेकिन आई डोंट केयर बिकॉज़ मैं जो बोलता हूं मैं मीन करता हूं। आज भी बिलीव करता हूं क्योंकि मैं बोलने मैं यह नहीं बोलूंगा मैंने सोचे बगैर बोला है।

कोई मैं मैं कोई अफगानी नहीं हूं कि पहले चलाऊंगा बाद में सोचूंगा। मेरे दिमाग में बात उठती है कि ये गलत है और गलत को गलत बोलना मेरा धर्म है। मैं सिटीजन ऑफ इंडिया हूं। मैं सिर्फ सिर्फ मैं मैं कोई एक्टर नहीं हूं। बट हर कोई आदमी जब बोल जाता है तो कहीं ना कहीं या तो वो वामपंथी से जुड़ा हुआ होता है। जो जाकर बैठ गए थे पूरे के पूरे वामपंथी लोग। जंतरमंतर में साफ दिखता है कि आपको हिंदू धर्म से नफरत है।

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