सामने आ रही विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रमुख मुस्लिम नेता मोहम्मद फ़ैज़ खान ने सरकार से एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि बहुचर्चित ‘सूर्या मामले’ के सिलसिले में एक मदरसे में
असद नाम के युवक को कथित तौर पर तालीम (शिक्षा) देने वाले मौलाना के खिलाफ तुरंत उचित कार्रवाई की जाए।मोहम्मद फ़ैज़ खान ने इस पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष तरीके से जांच करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले से जुड़े हर पहलू को सामने लाने के लिए एक उचित जांच कमेटी बिठाई जानी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए
, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि कानून व्यवस्था का सम्मान बना रहे।सामाजिक और राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचलमुस्लिम नेता की यह टिप्पणी सामने आते ही देश के तमाम सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में तेजी से फैल गई है। उनके इस बेबाक बयान ने समाज के विभिन्न वर्गों, विचारकों और राजनेताओं का ध्यान अपनी ओर दृढ़ता से आकर्षित किया है। कई लोग उनके इस कदम को सही दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं।
जवाबदेही और न्याय पर छिड़ी नई बहसइस बयान के सार्वजनिक होने के बाद से ही हर तरफ जवाबदेही (Accountability) और न्याय (Justice) को लेकर एक व्यापक बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की चर्चाओं में लोग इस बात पर विचार-विमर्श कर रहे हैं कि किसी भी अप्रिय घटना में पर्दे के पीछे रहकर प्रभावित करने वाले तत्वों की जवाबदेही कैसे तय की जाए। यह बयान आने वाले दिनों में इस मामले को एक नया मोड़ दे सकता है।