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जेब में रखा स्मार्टफोन कहीं वो मौत का सामान तो नहीं? जोधपुर की इस घटना ने सबको डराया

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[संगीत] ये तस्वीर ये वीडियो जो अभी आपने स्क्रीन पर देखी है किसी बम धमाके की नहीं बल्कि एक मोबाइल फोन की है जो अचानक एक शख्स की जेब में बम की तरह फट पड़ा है। देखते ही देखते जेब से आग के लपटे और धुएं का गुबार निकलने लगा। दर्द से तड़पता हुआ शख्स अपनी जान बचाने के लिए दुकान से बाहर की ओर भागा। लेकिन तब तक उसकी जांघ पूरी तरह से झुलस चुकी थी और जलते फोन को जेब से निकालने की कोशिश में उसकी उंगलियां भी जल गई। सोचिए जिस मोबाइल फोन को हम हर वक्त अपनी जेब में रखते हैं अगर वही अचानक आग का गोला बन जाए तो क्या होगा? जोधपुर से सामने आई यह घटना अब हर स्मार्टफोन यूजर को डराने लगी है। यह पूरा मामला आखिर है क्या? आइए आपको बताते हैं। नमस्कार, आप देख रहे हैं N 24। मैं हूं आपके साथ खुशबू शर्मा।

मोबाइल फोन जो हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका [संगीत] है। सुबह खुलते ही हाथ में मोबाइल फोन होता है और रात को सोने से पहले आखिरी नजर भी उसी पर पड़ती है। लेकिन सोचिए अगर यही मोबाइल अचानक आपकी जेब में रखा बम बन जाए तो अगर जिस डिवाइस पर आप भरोसा कर रहे हैं वही आपकी जान के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाए तो। राजस्थान के जोधपुर से सामने आई एक घटना ने लाखों स्मार्टफोन यूज़र्स को डरा कर रख दिया है। यहां एक किराना व्यापारी अपनी दुकान पर रोज की तरह काम कर रहा था। सब कुछ नॉर्मल था। ना कोई चेतावनी, ना कोई अलर्ट, ना कोई ओवर हीटिंग का संकेत। लेकिन अगले ही पल उसके जेब में रखा जो मोबाइल फोन है वह जोरदार धमाके के साथ फटफड़ता है। धमाका इतना अचानक हुआ कि व्यापारी गोपाल सोनी को पहले लगा कि शायद पास रखे लैपटॉप से उसे करंट लगा है। लेकिन जब उन्होंने नीचे की ओर देखा तो उनकी पैंट की जेब से धुआं

और आग की लपटें निकल रही थी। दुकान [संगीत] के भीतर अफरातफरी मच गई। दर्द से चीखते हुए गोपाल खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। उन्होंने जलते हुए मोबाइल को जेब से बाहर निकालने की कोशिश की। लेकिन इस कोशिश में उनकी उंगलियां भी बुरी तरह से झुलस गई। यह घटना [गला साफ़ करने की आवाज़] जोधपुर के मंडोर कृषि मंडी इलाके की है। जहां 39 साल के किराना व्यापारी गोपाल सोनी [संगीत] अपनी दुकान पर बैठे थे। अचानक उनकी जेब में रखा मोबाइल फोन बम की तरह फट पड़ता है। धमाके के बाद कुछ ही सेकंड्स में आग भड़क उठी और उनकी पैंट जलने लगी। जांघ का हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास मौजूद दुकानदार दौड़कर पहुंचते हैं और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन अब प्लास्टिक सर्जन की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

सबसे हैरान करने वाली बात यहां पर यह है कि गोपाल के अनुसार [संगीत] फोन में ब्लास्ट से पहले कोई भी एब्नॉर्मल संकेत नहीं था। फोन ना तो गर्म हो रहा था और ना ही चार्जिंग पर लगा था। मोबाइल की बैटरी लगभग 87% थी। यानी उन आम कारणों में से कोई भी मौजूद नहीं था जिन्हें अक्सर मोबाइल ब्लास्ट की वजह माना जाता है। दरअसल गोपाल सोनी ने बताया है कि उन्होंने 2 साल पहले Vivo कंपनी का मोबाइल फोन खरीदा था और वह नॉर्मल तरीके से उसका इस्तेमाल कर रहे थे। आमतौर पर माना जाता है कि 100% से ज्यादा चार्ज होने या रात भर चार्जिंग पर छोड़ने से फोन फटते हैं। लेकिन हादसे के वक्त मोबाइल सिर्फ 87% चार्ज था। पीड़ित के अनुसार ब्लास्ट से ठीक पहले फोन बिल्कुल नॉर्मल था। ना गरम हुआ था, ना हीट थी और ना ही उसमें कोई खराबी का संकेत दिख रहा था। [संगीत] और मैंने दुकान ओपन करी सुबह 11:30 बजे मंडोर मंडी के अंदर राधा कृष्ण इंडस्ट्रीज ओपन करने के बाद लेबर ने साफ सफाई करी और मैं अंदर बैठने के लिए सीट पे अंदर बैठने के लिए जैसे ही अंदर गया दुकान में तो एकदम मेरी पट में ब्लास्ट हुआ फोन जल गया पूरा और फ़ 87% चार्जिंग था और ये Vivo Y21 था मतलब ऐसा एकदम ब्लास्ट आग लगी थी क्या हुआ ओ आग लगी है ऐसे एकदम फटके कैसे फते हैं जैसे ऐसे से एकदम आग लगी और ब्लास्ट हुआ और पूरा से सारा जल गया। इतनी गर्मी गर्मी तो काफी है। अचानक [संगीत] हुए इस ब्लास्ट से दुकान में मौजूद अन्य व्यापारी भी सहम गए। सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे जब वो दुकान के काउंटर में कुछ देख रहे थे तभी अचानक तेज धमाका होता है। कुछ सेकंड्स के भीतर उनकी जेब आग की लपटों में बदल गई। दुकान धुएं से भर गई और आसपास के लोग भी दहशत में आ गए। चिल्लाने की आवाजें सुनकर कृषि मंडी के अन्य व्यापारी और पड़ोसी जो हैं वह तुरंत दुकान की तरफ दौड़ पड़े। लेकिन सवाल सिर्फ एक मोबाइल फोन का नहीं है। सवाल उस तकनीक का है जिस पर आज पूरी दुनिया निर्भर है। हर दिन करोड़ों लोग स्मार्टफोन जेब में रखकर [संगीत] चलते हैं।

बच्चे हो, युवा हो या बुजुर्ग हर किसी की जिंदगी मोबाइल के इर्द-गिर्द घूमती है। ऐसे में जब बिना किसी चेतावनी के फोन ब्लास्ट होने की घटनाएं सामने आती है तो चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल ब्लास्ट के पीछे कई कारण हो सकते हैं। बैटरी का खराब होना, ओवर [संगीत] हीटिंग होना, नकली चार्जर का इस्तेमाल लंबे समय तक धूप में रखना या फिर बैटरी के अंदर तकनीकी खराबी। लेकिन कई मामलों में बाहरी संकेत बिल्कुल नहीं दिखाई देते और यही सबसे बड़ी चिंता की बात है। चलिए अब आपको जल्दी से यह बता देते हैं कि स्मार्टफोन में ब्लास्ट की जो प्रमुख यानी मेन जो वजह होती है वो कौन सी है? [नाक से की जाने वाली आवाज़] सबसे पहले चार्जिंग के समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना। यह आप बिल्कुल ना करें। फोन का लंबे समय तक तेज धूप या [संगीत] अधिक गर्मी के संपर्क में रहना भी ब्लास्ट का कारण बन सकता है। बैटरी की क्षमता से अधिक वाट वाले चार्जर का इस्तेमाल करना, फोन के बैक कवर के पीछे रुपए, कागज या अन्य वस्तुएं रखना, स्मार्टफोन की बैटरी का बार-बार ओवरचार्ज होना, नॉन सर्टिफाइड या नकली चार्जर और केबल का इस्तेमाल करना। वहीं पुरानी या फिर क्षतिग्रस्त या फूली हुई बैटरी का इस्तेमाल करना, मोबाइल फोन ब्लास्ट से बचने के लिए अब क्या करें? आपको इसके बारे में भी जानकारी देते हैं। हमेशा ओरिजिनल या प्रमाणित चार्जर का इस्तेमाल करें। गर्मी के मौसम में फोन थोड़े से यूज़ से ओवर हीट हो जाते हैं। फोन ओवर हीट होने पर ठंडा होने तक उसे यूज़ ना करें। चार्जिंग के समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल ना करें। चार्जिंग के दौरान भारी [संगीत] गेमिंग या वीडियो स्ट्रीमिंग से आप बचें। फोन को कार, धूप या अत्यधिक गर्म जगह पर ना छोड़ें। हल्के और अच्छी क्वालिटी वाले फोन कवर का आप इस्तेमाल करें। बैटरी को पूरी तरह डिस्चार्ज या लगातार 100% [संगीत] चार्ज रहने से भी आप बचाएं। रात भर लगाकर चार्जिंग से बचें। वहीं किसी दूसरे फोन के चार्जर से मोबाइल चार्ज करने से बचें। खासकर अगर उसकी रेटिंग अलग हो। अतिरिक्त सावधानी आपको क्या रखनी चाहिए? अगर हम उसकी बात करें तो फोन असामान्य रूप से गर्म हो तो उसे तुरंत इस्तेमाल करना बंद कर दें। फूली हुई या खराब बैटरी को तुरंत बदलवाएं। नकली चार्जर और सस्ती केबल का उपयोग करने से बचें। चार्जिंग के दौरान फोन को तकिए, गद्दे या बंद जगह में ना रखें। अब आपको हम जल्दी से मोबाइल के हीट होने के संकेत भी बता देते हैं। अगर मोबाइल का प्रोसेसर स्लो हो जाता है

तो समझिए वो हीट कर रहा है। स्क्रीन का ब्लर यानी कि धुंधली होना या फिर डार्क दिखाई देना। चार्जिंग के दौरान मोबाइल का अत्यधिक गर्म हो जाना भी एक संकेत है। वहीं कुछ घंटे इस्तेमाल करने के बाद फोन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना सबसे बड़ा संकेत माना जाता है। इसके अलावा स्क्रीन पर सिस्टम अलर्ट या ओवर हीटिंग नोटिफिकेशन आना। आपको जानकारी दें पिछले महीने दक्षिण कोरिया में भी इसी तरह की घटना जो है वो सामने आई थी। जहां एक व्यक्ति के हाथ में फोन अचानक गर्म हुआ और फिर फट गया। अब जोधपुर की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या स्मार्टफोन कंपनियां बैटरी सुरक्षा को लेकर पर्याप्त कदम उठा रही हैं। हालांकि इस मामले में अभी यह साफ नहीं है कि ब्लास्ट की असली वजह क्या थी? तकनीकी जांच के बाद ही यह तो पता चल पाएगा कि फोन में खराबी थी, उसकी बैटरी फेल [संगीत] हुई थी या कोई अन्य तकनीकी कारण था। लेकिन इस घटना ने यह जरूर साबित कर दिया है कि मोबाइल फोन केवल सुविधा का साधन नहीं है

बल्कि लापरवाही की स्थिति में बड़ा खतरा बन सकता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि हमेशा ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें। फोन को ज्यादा गर्म जगहों पर ना रखें। [संगीत] चार्जिंग के दौरान भारी गेमिंग से बचें और बैटरी में जरा सी भी खराबी दिखे तो उसे तुरंत बदलवा लें। क्योंकि सवाल सिर्फ एक मोबाइल फोन का नहीं है। सवाल आपकी सुरक्षा का है। जो डिवाइस हर पल आपके साथ रहता है। अगर वही अचानक बम बन जाए तो हादसा सिर्फ एक तकनीकी खराबी नहीं रहता बल्कि जिंदगी और मौत के बीच का फासला बन सकता है। फिलहाल आप खबर पर क्या कुछ कहना चाहेंगे? कमेंट्स में हमें अपनी राय जरूर दें। निष्पक्ष [संगीत] मतलब न्यूज़ 24

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