ममता बनर्जी की मुश्किलें इस वक्त बढ़ती हुईज़ आ रही हैं। ममता बनर्जी को अब एक और बड़ा झटका लगा है। कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच के सिलसिले में की टीम पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थिति आवास से सटे तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय पहुंची।
के साथ पुलिस और केंद्रीय बल के जवान भी मौजूद थे। हालांकि जांच दल को शुरू में कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया गया और लगभग 1 घंटे तक तृणमूल नेताओं तथा अधिकारियों के बीच बहस होती रही। तृणमूल के पूर्व सांसद सुभाशीष चक्रवर्ती ने कहा कि ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी दिल्ली में हैं।
उनकी अनुपस्थिति में वह कार्यालय की देखरेख कर रहे हैं। इसलिए बिना किसी अनुमति को अंदर नहीं जाने दे सकते। ये हम लोग खंडन कर रहे हैं। हम सब लॉ अवेडिंग सिटीजन है। लेकिन ये घर ममता बनर्जी का घर है।
थ्री टाइम्स का चीफ मिनिस्टर से टाइम्स का एमपी ममता बनर्जी जैसी लीडर वो ममता का जो अभी दिल्ली में प्रोग्राम है ये तो सबको मालूम है। दिल्ली में प्रोग्राम है। ये इंडिया ब्लॉक का मीटिंग है। दूसरा इंपॉर्टेंट मीटिंग्स है। तो ममता बनर्जी जब नहीं है उनके एब्सेंस में ये क्या हो रहा है? मेरा तो एक काम था।
मैं जब आया यह सब देखा अंदर से हमको बुलाया लेकिन सीआईडी नहीं अलऊ कर रहा है। लेकिन इतना दिन तक ममता बनर्जी थे वो लोग नहीं आया।
ममता बनर्जी जब दिल्ली में है तब ये ममता बनर्जी के घर में ये सीआईडी सेंट्रल फोर्स ये ये ठीक नहीं है डेमोक्रेसी के लिए ऑफिस में भी अभी अभी मालूम हुआ वो उसका लीगल मैटर है हमारा कोई के अंदर जाने के लिए रोका गया है मेरा जो यहां पर ममता दीदी का घर का जो सिक्योरिटी है उन अलव कर दिया लेकिन बोल रहा है ।
इन्वेस्टिगेशन चल रहा है इसीलिए वो अलव नहीं कर रहा हम बार-बार रिक्वेस्ट करते रहेंगे तो दीदी का घर ये हो रहा है यहां पर तो रहूंगा ना ये तो आपसे मैं सुन रहा हूं लेकिन किस केस में आया क्यों आया ये तो हम हमारा मालूम नहीं है तो जो लोग इन्वेस्ट इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं उसमें वह पूछताछ कर रहे हैं।
तो शायद उन्होंने हमारा लीडर सुभाष चक्रवर्ती और जो अंदर में है वो ये बता रहा है 30 लोगों का एक टीम पहुंचती है 30 लोगों का एक टीम पहुंचती है।
सिग्नेचर केस में तो सिग्नेचर केस में क्या तहकीकात करना है कि 30 लोगों का टीम पहुंच गया देखिए कौन केस में है कौन केस में नहीं है ये तो हमारे पास इंफॉर्मेशन ऑफिशियल कुछ नहीं है तो जो भी हो जब ममता दीदी दिल्ली में है सब लोग जानते हैं अनाउंस प्रोग्राम था। उस टाइम में एक लेडी एक चीफ मिनिस्टर लीडर ममता बनर्जी जैसी उनके घर पर उनके एब्सेंस में ये इन्वेस्टिगेशन और क्या चल रहा है? बात हुई बात।
दूसरी ओर सीआईडी अधिकारियों ने यह साफ तौर पर कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाशी लेने आए हैं और इसके लिए नोटिस भी साथ लाए हैं। काफी देर तक चली बातचीत और विवाद के बाद शाम करीब 4:00 बजे की टीम कार्यालय के अंदर प्रवेश कर सकी।
जांचकर्ताओं का मानना है कि जिन विधायकों के हस्ताक्षरों को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, उनसे संबंधित बैठक इसी कार्यालय में हुई थी। इसलिए उस दिन कौन-कौन मौजूद था? किन लोगों ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे और घटनाक्रम क्या था? इसकी जानकारी जुटाने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया।
ने कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। उधर जांच के दायरे में आए अभिषेक बनर्जी को पहले भी सीआईडी ने पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। उन्हें निर्धारित समय पर उपस्थित होने को कहा गया था।
लेकिन उन्होंने अतिरिक्त समय मांगा। इसके बावजूद वह अब तक जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं। इसी मामले में सीआईडी की एक अन्य टीम अभिषेक बनर्जी के कार्यालय भी पहुंची। जांच एजेंसी अब हस्ताक्षर जालसाजी के आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। तो जहां एक तरफ टीएमसी में टूट देखने को मिल रही है।