डीप फेक एक ऐसी एआई तकनीक जिसका इस्तेमाल दुनिया भर में लोगों की क्लोन तस्वीरें और वीडियोस बनाने के लिए किया जा रहा है। इनमें से ज्यादातर तस्वीरें आपत्तिजनक और विवादस्पद होती हैं और इनके जरिए अक्सर सेलिब्रिटीज और राजनेताओं को टारगेट किया जाता है। लेकिन क्या आपने सुना कि इन आपत्तिजनक तस्वीरों को किसी ने खुद शेयर किया हो। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने ऐसा ही कुछ किया है।
दरअसल जॉर्जिया मेलोनी का हाल ही में एक आपत्तिजनक डीप फेक फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस फोटो को लेकर चर्चाएं चारों ओर थी। इस फोटो के बाबत कई लोगों ने मेलोनी को ट्रोल किया। उनकी तस्वीर पर तंज कसे गए। कई लोगों ने तो उनके कैरेक्टर को ही जज करना शुरू कर दिया।
हालांकि इन तस्वीरों पर चुप रहने के बजाय जॉर्जिया मेलोनी ने खुद इन्हें शेयर किया और ट्रोल्स को करारा जवाब भी दिया। गौरतलब है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अब दुनिया के बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज की इमेज को खराब करने के लिए एक डेंजरस वेपन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
हाल ही में इसका शिकार बनी इटली की पहली प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी। उनका एक आपत्तिजनक फेक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि इसे छिपाने के बजाय जॉर्जिया मेलोनी ने खुद इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया और उन लोगों को एक्सपोज किया जो उनके खिलाफ इस तस्वीर को लेकर प्रोपेगेंडा चला रहे थे। अब आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है। इस तस्वीर में आप देख सकते हैं जॉर्जिया मेलोनी में बिस्तर पर बैठी हैं।
इसे असली बताकर कुछ राजनीतिक विरोधी और ट्रोल्स ने उनकी साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। मंगलवार को इटली के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया। जॉर्जिया मेलोनी ने पहले मजाक किया और फिर तीखे अंदाज में इस फोटो को लेकर ट्रोल्स को मुंहत जवाब दिया।
यही नहीं मेलोनी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए उस यूजर का स्क्रीनशॉट भी लगाया है जिन्होंने उनकी तस्वीर पर कमेंट करते हुए लिखा था कि प्रधानमंत्री को शर्म आनी चाहिए। तीर पर एक सावे जवाब देते हुए कहा कि यह तो मानना पड़ेगा कि जिसने भी इसे बनाया है कम से कम इस तस्वीर में मुझे बेहतर दिखाया है। इस मजाक के बाद मेलोनी ने एक सीरियस मैसेज देते हुए कहा कि किसी को भी धोखा देने और मैनपुलेट करने का एक खतरनाक हथियार है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि मैं तो इस बारे में खुद के लिए आवाज उठा सकती हूं। लेकिन ऐसा किसी के भी साथ हो सकता है। ऐसे में किसी भी कंटेंट को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जान लेनी जरूरी है। मेलोनी ने कहा इन दिनों मेरी कई फर्जी तस्वीरें वायरल हो रही है। इन्हें आई इंटेलिजेंस से बनाया गया है और कुछ उत्साही विरोधियों द्वारा असली बताकर पेश किया जा रहा है।
मुझे यह तो स्वीकार करना होगा कि जिसने भी इसे बनाया है, कम से कम अटैच की गई तस्वीर में उसने मुझे काफी बेहतर दिखाया है।
लेकिन सच्चाई यह है कि आजकल लोग मुझ पर हमला करने और झूठी बातें फैलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हालांकि यह मुद्दा मेरे बस से परे है। डीप फेक एक खतरनाक उपकरण है क्योंकि यह किसी को भी धोखा दे सकता है, हेरफेर कर सकता है और नुकसान पहुंचा सकता है। मैं अपनी रक्षा कर सकती हूं। लेकिन कई अन्य लोग ऐसा नहीं कर सकते। इसीलिए एक नियम हमेशा लागू होना चाहिए।
विश्वास करने से पहले पुष्टि करें और साझा करने से पहले विश्वास करें क्योंकि आज जो मेरे साथ हुआ कल किसी के भी साथ हो सकता है। गौरतलब है यह पहली दफा नहीं है जब मेलोनी का निशाना बनी हो। इससे पहले 2022 में भी उनके चेहरे का इस्तेमाल कर कुछ वीडियोस बनाए गए थे। मेलोनी ने उन दोषियों के खिलाफ डेफमेशन यानी मानहानि का केस दर्ज किया था। इस केस के बाबत उन्होंने ₹1 लाख यानी करीब 91 लाख की क्षतिपूर्ति की मांग की है।
यह केस अब भी कोर्ट में है। जॉर्जिया मेलोनी का यह अंदाज सोशल मीडिया पर बेहद पसंद किया जा रहा है। इस तस्वीर पर चुप रहने के बजाय मेलोनी ने इसे पब्लिकली शेयर किया और ट्रोल्स को इसके जरिए करारा जवाब भी दिया।