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सगाई के बाद अचानक क्या हुआ, जो अलग हो गए अभिषेक और करिश्मा?

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धर का लो खटिया जाड़ा लगे खटिया जाड़ा दिल तो पागल है दिल दीवाना है दिल तो पागल है दिलवा कपूर खानदान की पहली बेटी जिन्होंने अपने परिवार की परंपरा को तोड़ते हुए फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। मुझको हुई ना खबर। चोरी-चोरी छुप-छुप कर। 90 के दशक की टॉप एक्ट्रेसेस की लिस्ट में करिश्मा कपूर का नाम शामिल है। इस हीरोइन का स्टारम उस दौरान इतना ज्यादा था कि हर पॉपुलर एक्टर उनके साथ काम करने के लिए बेताब रहता था। जब याद सताए तुम्हें याद हमारी गली आ जाना। इस एक्ट्रेस के साथ कभी अजय देवगन का नाम जुड़ा तो कभी गोविंदा के लिए भी इनका दिल धड़का। कोई प्यारा कोई मासूम नहीं है। क्या चीज हो तुम? करिश्मा को कभी बीवी नंबर वन कहा गया तो कभी जुबैदा के नाम से पुकारा गया। अपने छोटे से फिल्मी करियर में इन्होंने चार फिल्म फेयर अवार्ड सहित एक नेशनल अवार्ड भी अपने नाम किया। मैं हवा हूं कहीं भी ठहरती नहीं। रुक भी जाऊं कहीं पर। अपनी डेब्यू फिल्म में ही स्विम सूट पहनकर करिश्मा ने बता दिया था कि बोल्ड ब्यूटी का टाइटल उनका है और आने वाले वक्त में वो फैशन और ग्लैमर के मामले में ट्रेंड सेटर होने जा रही हैं। ये लड़का है। परिवार की इज्जत और मर्यादा की दुहाई देकर जो कपूर खानदान बहू बेटियों को फिल्मों में आने से रोक रहा था।

उसी खानदान की बेटी करिश्मा ना सिर्फ फिल्मों में आई बल्कि एक वक्त इन्होंने बॉलीवुड में तब तक का सबसे लंबा किस देकर पूरी इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था। [संगीत] बेहतरीन फिगर के साथ लहराते बाल, नीली आंखें और गुलाबी पतले होठों के कॉम्बिनेशन के साथ वो सुंदर होने के परंपरागत भारतीय मानकों पर भी खरी उतरती थी। हो गया सनम से सनम से सनम से सनम। यही वजह रही कि हिंदी सिनेमा के लगातार बदलते दौर में भी करिश्मा कपूर ने लंबे समय तक सिल्वर स्क्रीन पर राज किया। इन सबके बावजूद अपने प्रोफेशनल करियर में बेहद सक्सेसफुल रही करिश्मा कपूर की पर्सनल लाइफ क्यों काफी कांटों से भरी रही? जिस शख्स से इन्होंने शादी की वो पति हनीमून पर करिश्मा को अपने दोस्तों के साथ रात बिताने को क्यों मजबूर करने लगा? इसकी वजह भी बहुत हैरान करने वाली है। जिसकी चर्चा आगे करेंगे। तुमसे दिल लगाने की सजा है। आखिर कैसे इस एक्ट्रेस की शादी इनके लिए सबसे बड़ी बर्बादी की वजह बनी? किस बात को लेकर तब प्रेग्नेंट रही इस ग्लैमरस एक्ट्रेस को अपने पति और उसके परिवार वालों की मारपीट तक झेलनी पड़ी।

जानेंगे इस पेशकश में आगे विस्तार से। करो या शिकायत करो। साथ ही बताऊंगी कि आखिर क्यों करिश्मा कपूर के पिता रणधीर कपूर ने कहा था कि अगर बेटी ने मेरी बात मानी होती तो पति से तलाक की नौबत नहीं आती। और जानेंगे कि मां बबीता के चलते कैसे करिश्मा की जिंदगी बदतर हो गई। हम प्यार है तुम्हारे दिलदार हैं तुम्हारे हमसे। साथ ही बात होगी कि आखिर क्या वजह थी कि अभिषेक बच्चन के साथ सगाई होने के बाद भी इनकी शादी नहीं हो सकी और दो सबसे बड़े फिल्मी परिवारों कपूर और बच्चन के बीच अदावत छिड़ गई थी। इसके अलावा जानेंगे वो किस्सा जब एक फिल्म के सेट पर रवीना टंडन और करिश्मा कपूर ने ना सिर्फ मारपीट की थी, बल्कि एक दूसरे का बाल पकड़ कर खींचा था। अब तेरी दुहाई, यह कैसी जुदाई, तूने जिगर और अंत में बताऊंगी कि आखिर क्यों मनीषा कोयराला ने करिश्मा कपूर को बिगड़ैल बच्ची कहा था। इस सारी बातों को विस्तार से जानने से पहले आइए नजर डालते हैं करिश्मा के बचपन और शुरुआती सफर पर। दीवानी मैं दीवानी साजन की दीवानी। करिश्मा कपूर का जन्म 25 जून 1974 को मुंबई में हुआ था और इनका निक नेम लो है। इनकी फैमिली के अलावा इंडस्ट्री के लोग भी इन्हें लो के नाम से ही पुकारते हैं। करिश्मा बॉलीवुड एक्टर रहे रणधीर कपूर और एक्ट्रेस बबिता शिवदास सानी की बेटी हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर करिश्मा कपूर की छोटी बहन है। मेरे सपनों के राजकुमार, मुझे है तेरा इंतज़ार। लेजेंड्री एक्टर राज कपूर, करिश्मा के दादा और पृथ्वीराज कपूर उनके परदादा थे। इसके अलावा बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर्स की लिस्ट में शुमार शम्मी कपूर और शशि कपूर करिश्मा के दादा थे। जबकि ऋषि कपूर और राजीव कपूर करिश्मा के चाचा थे। करिश्मा कपूर के नाना हरिशिवदासनी भी एक बॉलीवुड एक्टर थे। जबकि पॉपुलर एक्ट्रेस नीतू सिंह करिश्मा की चाची है। इसके अलावा रणबीर कपूर करिश्मा कपूर के कजिन भाई हैं। निगाहें तो मिला [संगीत] ना। करिश्मा की पढ़ाई मुंबई के कैथेड्रल एंड जॉन कॉर्नन स्कूल से हुई है। कपूर खानदान में जन्म लेने के बावजूद उन्हें अपनी जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। करिश्मा कपूर जब स्कूल में पढ़ती थी तो उस समय इनके पिता रणधीर कपूर और मां बबिता शिवदासिनी के बीच अक्सर लड़ाई झगड़े हुआ करते थे।

यही वजह थी कि करिश्मा को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी और वो सिर्फ क्लास सिक्स तक ही पढ़ाई कर सकी। सोना कितना सोना है, सोने जैसा तेरा मन, सुन जा सुन क्या कहती है। फिल्मी बैकग्राउंड से ताल्लुक रखने वाली करिश्मा कपूर को बचपन से एक्ट्रेस बनने का शौक था। वो बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और श्रीदेवी से बहुत ज्यादा इंस्पायर्ड थी। और बचपन से ही उन्हीं जैसा बनने की चाह रखती थी। जबकि करिश्मा कपूर के परदादा यानी पृथ्वीराज कपूर ने परंपरा बनाई थी कि उनके घर की बहू बेटियां सिनेमा में काम नहीं करेंगी। यही वजह थी कि करिश्मा के पिता रणधीर कपूर बेटी के फिल्मों में आने के खिलाफ थे। इसी बात को लेकर रणधीर कपूर और बबीता शिवदासिनी के बीच अक्सर झगड़े होते थे। और यह बात इतनी बढ़ गई थी कि दोनों एक दूसरे से अलग रहने लगे थे। दोनों के अलग होने के बाद करिश्मा कपूर और उनकी बहन करीना कपूर की परवरिश उनकी मां बबीता शिवदासनी ने अकेले ही की। तेरा यार दिलदार बड़ा सोना मैं दे तू सारा प्यार इस खैर पिता और परिवार की मर्जी के खिलाफ करिश्मा कपूर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत सिर्फ 17 साल की उम्र में फिल्म प्रेम कैदी से की। 21 जून 1991 में करिश्मा के 17वें जन्मदिन से ठीक 4 दिन

पहले उनकी पहली फिल्म प्रेम कैदी रिलीज हो चुकी थी। [संगीत] फिल्म में उनके हीरो थे हरीश कुमार और निर्देशक थे केश मुरली मोहन राव। हरीश कुमार की भी यह पहली फिल्म ही थी। यह फिल्म कुछ खास नहीं चली लेकिन करिश्मा के लुक को जरूर नोटिस किया गया। पहली ही फिल्म में वन पीस स्विम सूट में नजर आने वाली करिश्मा ने यह तो जरूर बता दिया था कि बोल्ड ब्यूटी का टाइटल उनका है और आने वाला वक्त उनका है। उस समय लोगों को इस बात का अंदाजा नहीं रहा होगा कि श्रीदेवी माधुरी दीक्षित और दिव्या भारती के बाद इस हीरोइन के पोस्टर भी लड़कों के कमरे में लगने वाले हैं। की तरह तुम भी बदल तो जाओगे। इस फिल्म के बाद करिश्मा ने पुलिस ऑफिसर, जागृति, निश्चय, सपने साजन के और दीदार जैसी कई फिल्मों में काम किया। लेकिन बॉलीवुड में उन्हें असल पहचान साल 1992 में आई फिल्म जिगर से मिली। फारुख सिद्दीकी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में करिश्मा कपूर और अजय देवगन की जोड़ी सुपर डुपरहिट रही। इस फिल्म की सफलता के बाद करिश्मा कपूर रातोंरात स्टार बन गई और इसके बाद इन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। पहली बार सलाम लिखा मैंने खत महबूब के नाम। साल 1900 93 से 1996 के बीच करिश्मा कपूर ने अजय देवगन, गोविंदा, सुनील शेट्टी और सनी देओल जैसे हर बड़े एक्टर के साथ कई हिट फिल्मों में काम किया। इनमें अनाड़ी, राजा बाबू, अंदाज अपना-अपना, सुहाग, गोपी किशन, कुली नंबर वन, जीत और साजन चले ससुराल जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। आंखों में मुझे प्यार नजर आता है। तू ही आशिक। साल 1996 में आई फिल्म राजा हिंदुस्तानी करिश्मा कपूर के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। धर्मेश दर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में करिश्मा कपूर के साथ आमिर खान लीड रोल में नजर आए थे।

यह उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी और इसके लिए पहली बार करिश्मा कपूर को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवार्ड मिला था। तू है पागल तू है तू है दिलबर जानी सबसे प्यारा। राजा हिंदुस्तानी जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के बाद करिश्मा इंडस्ट्री की ए लिस्टर एक्ट्रेसेस में शुमार हो गई थी। इसके बाद उन्हें कई हाई प्रोफाइल प्रोजेक्ट्स मिलने लगे थे। उन्हें सलमान खान के साथ जुड़वा करने का ऑफर मिला। वहीं इसी के बाद करिश्मा को शाहरुख खान के साथ दिल तो पागल है। फिल्म में भी कास्ट किया गया। इन फिल्मों के बाद करिश्मा इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक बन गई थी। एक झलक दिखलाए कभी कभी आंचल में छुप जाए। फिल्म राजा हिंदुस्तानी के अलावा साल 1996 में ही करिश्मा कपूर की नौ और फिल्में भी रिलीज हुई थी। जिसमें साजन चले, ससुराल, कृष्णा, जीत, सपूत, रक्षक और अजय, उनकी कुछ प्रमुख फिल्में हैं। साल 1997 में उन्होंने यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म दिल तो पागल है में काम किया। इस फिल्म में करिश्मा कपूर के अलावा शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित लीड किरदार के रूप में नजर आए थे। यह उस साल सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्म फेयर और नेशनल अवार्ड मिला। प्यार कर हो प्यार कर। हे हे तमाम अच्छी फिल्में, बेहतरीन एक्टिंग और अवार्ड ने करिश्मा के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। वो मोस्ट पॉपुलर और मोस्ट डिमांडिंग एक्ट्रेस की लिस्ट में शुमार हो गई। जाहिर है पॉपुलैरिटी के बाद पैसा भी खूब बरसता है। अब करिश्मा टॉप एक्ट्रेस जैसी महंगी फीस लेने वाली अभिनेत्री बन चुकी थी। [संगीत] ना ना साल 1997 में ही करिश्मा कपूर ने फिल्म दिल तो पागल है के अलावा चार अन्य फिल्मों में भी काम किया जैसे सलमान खान के साथ फिल्म जुड़वा गोविंदा के साथ फिल्म हीरो नंबर वन अक्षय कुमार के साथ लहू के दो रंग और अमिताभ बच्चन और अरबाज खान के साथ फिल्म मृत्युदाता में आना आके सताना जिसकी शरारत इसके अलावा करिश्मा कपूर

ने कुछ और हिट फिल्मों में भी काम किया है। मिसाल के तौर पर बीवी नंबर वन हसीना मान जाएगी। हम साथ-साथ हैं। जानवर दुल्हन हम ले जाएंगे एक रिश्ता और हां मैंने भी प्यार किया है। अच्छी नहीं लगी। मुझसे करिश्मा कपूर ने गोविंदा के साथ कई फिल्मों में काम किया। यह जोड़ी कुछ ऐसी जमी कि दोनों ने साथ में हिट फिल्मों की लाइन लगा दी थी। 1993 में फिल्म मुकाबला में करिश्मा ने पहली बार गोविंदा के साथ काम किया था। इसके बाद दोनों एक साथ करीब 11 फिल्मों में देखे गए। जिसमें एक से बढ़कर एक हिट फिल्मों के नाम शामिल हैं। मिसाल के तौर पर राजा बाबू हीरो नंबर वन साजन चले ससुराल कुल्ली नंबर वन हसीना मान जाएगी। की लड़ा रही है। 90 के दशक में इन फिल्मों में गोविंदा और करिश्मा की जोड़ी ने दर्शकों को खूब एंटरटेन भी किया। 11 फिल्मों के बाद भी दोनों को साथ में कुछ और फिल्में ऑफर हुई थी। लेकिन करिश्मा कपूर ने गोविंदा के साथ काम करने से इंकार कर दिया था। इसकी वजह यह रही कि वो आमिर, शाहरुख और सलमान के साथ फिल्में करने को प्राथमिकता देने लगी थी। साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म फिजा के लिए करिश्मा ने एक बार फिर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर अवार्ड जीता था। रात आई है मोहब्बत रंग आई है। वहीं 2006 में फिल्म मेरे जीवन साथी रिलीज होने के बाद करिश्मा लंबे समय के लिए फिल्मों से दूर हो गई थी। 7 साल के लंबे अंतराल के बाद वो अभिनय की दूसरी पारी खेलने के लिए उतरी लेकिन पुराना वाला कमाल नहीं दिखा पाई। सोना कितना सोना है सोने जैसा तेरा मन सुन जा सुन क्या कहती है 2013 में काफी वक्त के बाद उनकी फिल्म डेंजरस इश्क रिलीज हुई थी जो फ्लॉप साबित हुई थी। करिश्मा अब ओटीटी पर भी डेब्यू कर चुकी हैं। उन्होंने वेब सीरीज मेंटलहुड में काम किया है। उनकी लेटेस्ट फिल्म मर्डर मुबारक मार्च 2024 में रिलीज हुई थी। सस्पेंस फिल्मों की पुरानी ड्रीम गर्ल

या कोई रंगीली करिश्मा कपूर की अचीवमेंट की बात करें तो अपने 22 साल के फिल्मी करियर में उन्होंने 60 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और इस दौरान उन्हें एक नेशनल फिल्म अवार्ड के साथ-साथ फिल्म राजा हिंदुस्तानी दिल तो पागल है। फिजा और जुबैदा के लिए चार फिल्म फेयर अवार्ड मिले हैं। रोज रोज तुम जो सनम ऐसा करोगे। हम जो रूठ जाएंगे तो हाथ मनोगे। अब चर्चा करते हैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के बीच हुए एक बहुत चर्चित झगड़े की। दरअसल यह दोनों ही अभिनेत्रियां 90 के द्वार में पॉपुलर एक्ट्रेसेस में शुमार थी। उन दिनों दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती भी थी और इन्होंने कई फिल्मों में साथ काम भी किया था। फिर दोनों में कुछ ऐसा हुआ कि यह एक दूसरी की जानी दुश्मन बन बैठी। दरअसल साल 1994 में एक फिल्म आई थी आतिश फील द फायर। इसमें संजय दत्त के अलावा करिश्मा और रवीना भी काम कर रही थी। एक दिन शूटिंग के दौरान इस कदर झगड़ा हो गया था कि दोनों हीरोइंस मारपीट पर उतारू हो गई। दोनों एक दूसरे को बालों के विक से पीटने लगी थी। इतना ही नहीं इन्होंने एक दूसरे के बाल तक नोच डाले थे। कहा जाता है कि इस झगड़े की वजह कोई और नहीं बल्कि खुद अजय देवगन थे। दरअसल अजय देवगन पहले रवीना टंडन के साथ रिलेशनशिप में थे, लेकिन बाद में उन्होंने रवीना से ब्रेकअप कर लिया और करिश्मा को डेट करने लगे। इसी बात को लेकर करिश्मा कपूर और रवीना टंडन एक दूसरे से भिड़ गई थी। हुई शादी हो जाए। करिश्मा की कैट फाइट अभिनेत्री मनीषा कोयराला के साथ भी हुई थी।

जिसमें मनीषा ने उन्हें बिगड़ी हुई औलाद तक कह दिया था। क्या थी इसकी वजह? आइए जान लेते हैं। साल 1993 में करिश्मा कपूर और मनीषा कोयराला ने साथ काम किया था। हालांकि इस फिल्म के बाद दोनों कभी किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आई। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि दोनों के बीच बनती नहीं थी। एक बार मनीषा कोयराला ने करिश्मा कपूर को बिगड़ैल औलाद कह दिया था। इस बात से गुस्सा होकर करिश्मा ने भी एक इंटरव्यू में मनीषा को खूब खरी-खोटी सुनाई थी। इस बारे में बात करते हुए करिश्मा ने कहा था कि मुझे यह बात कभी समझ में नहीं आई कि मनीषा को मुझसे क्या दिक्कत है या मैंने ऐसा क्या कर दिया है जो वो अपने हर इंटरव्यू में किसी ना किसी बात को लेकर मुझे बीच में ले आती है। लेकिन वो मेरे बारे में कुछ भी कहे मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है। मुझे कपूर खानदान की बेटी होने पर गर्व महसूस होता है। प्यार दिलों का मेला है। अब बात करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन के अफेयर और सगाई की। दरअसल दोनों का रिश्ता तब शुरू हुआ था, जब साल 1997 में अभिषेक की बहन यानी श्वेता बच्चन का रिश्ता ऋतुंदा के बेटे निखिल नंदा से तय हुआ। तब इस रिश्ते के चलते बच्चन परिवार और कपूर परिवार एक दूसरे के बहुत नजदीक आ गए। इसी दौरान करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन पहली बार एक दूसरे से मिले थे। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी और आंखें चार हुई। दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करने लगे, लेकिन दुनिया से अपने रिश्ते को हमेशा छुपा कर रखते थे। हर किसी के दिल में एक लड़के का ख्याल रहता है। इसी दौरान साल 2000 में अभिषेक बच्चन और करीना कपूर ने फिल्म रिफ्यूजी से बॉलीवुड में डेब्यू किया। कहा जाता है इस फिल्म के सेट पर करीना कपूर अभिषेक को जीजू कहकर बुलाया करती थी। करिश्मा कपूर भी अभिषेक से मिलने के लिए अक्सर फिल्म के सेट पर आया करती थी। इसके बाद साल 2000 में ही करिश्मा और अभिषेक ने एक फिल्म में साथ काम करना शुरू किया। इस फिल्म का नाम था हां मैंने भी प्यार किया। इस फिल्म के निर्देशक थे सुनील दर्शन। साल 2002 में रिलीज हुई यह फिल्म भले ही पिट गई थी, लेकिन अभिषेक और करिश्मा का रिश्ता इस फिल्म की शूटिंग के दौरान काफी आगे बढ़ गया था। प्यार है तुम्हारे दिलदार है तुम्हारे।

खुद फिल्म के निर्देशक सुनील दर्शन ने बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में बताया कि अभिषेक करिश्मा का रिश्ता अफवाह नहीं बल्कि सच था। दोनों शादी करने वाले थे। उन्होंने खुद करिश्मा अभिषेक की सगाई को अटेंड किया था। लेकिन शूटिंग के दौरान सुनील दर्शन को एहसास हुआ यह दोनों एक दूसरे के लिए नहीं बने हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वो दोनों सेट पर हमेशा लड़ते रहते थे। सुनील दर्शन ने कहा कि वे मेड फॉर ईच अदर टाइप नहीं थे। हमेशा झगड़ते थे। शायद कुछ लोग ऐसे ही होते हैं। अभिषेक स्वीट है और करिश्मा भी अच्छी हैं। पर शायद किस्मत ने उन दोनों के लिए कुछ और ही सोचा हुआ था। तेरी आंखों का अंदाज कहता है। अब तक करिश्मा और अभिषेक के अफेयर की खबर से दुनिया अनजान थी। लेकिन यह तब खुलकर लोगों के सामने आ गया जब साल 2002 में अमिताभ बच्चन ने अपने 60वें जन्मदिन पर दोनों की सगाई का ऐलान किया। बच्चन परिवार करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन की सगाई से बहुत खुश था। लेकिन करिश्मा कपूर की मां बबीता शिवदासानी को अभिषेक कुछ खास पसंद नहीं थे। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि करिश्मा कपूर उस समय अपने करियर के पीक पर थी और लगातार हिट फिल्में दे रही थी। जबकि अभिषेक बच्चन उस समय इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए स्ट्रगल कर रहे थे। करिश्मा की मां को अक्सर अभिषेक की कामयाबी का डर सताता था। धरती पे चाहे जहां भी रहेगा तुझे तेरी खुशबू से। कहा जाता है कि एक बार तो बबीता ने खुलकर बच्चन परिवार से अभिषेक की इनकम पूछ ली थी। जिसके बाद से ही दोनों परिवारों में खटास आने लगी थी। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि बच्चन परिवार में बेटी करिश्मा कपूर को आर्थिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए मां बबीता एक एग्रीमेंट करना चाहती थी। इस एग्रीमेंट पर अमिताभ बच्चन और जया बच्चन को साइन करना था। लेकिन अमिताभ बच्चन ने बबीता के सामने ही दो टूक ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया था। इसी के चलते सगाई के महज 4 महीने बाद अचानक ही एक दिन अभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर का रिश्ता टूटने की खबर सामने आ गई। सदा खुश रहो तुम दुआ है हमारी। कहा जाता है कि करिश्मा की मां बबीता इस रिश्ते के टूटने की सबसे बड़ी वजह थी। बच्चन परिवार के इकलौते बेटे से सगाई होने के बावजूद वो बेटी के आर्थिक मसलों को लेकर जरूरत से ज्यादा सोच रही थी। जो इस रिश्ते के टूटने की वजह बनी इसके बाद बच्चन परिवार और कपूर परिवार में भी कहासनी हो गई थी और दोनों परिवारों में इस बात को लेकर कई सालों तक खटास रही थी।

नहीं शरारत हो जाती है मेरी। अभिषेक बच्चन से सगाई टूटने के बाद मां बबीता ने साल 2003 में बिजनेसमैन संजय कपूर से करिश्मा की शादी कर दी। जो उनके लिए बर्बादी की सबसे बड़ी वजह बन गई। करिश्मा कपूर संजय कपूर की दूसरी पत्नी थी। करिश्मा से पहले संजय कपूर ने फैशन डिजाइनर नंदिता मेहतानी से शादी की थी। शादी के 2 साल बाद करिश्मा ने अपनी बेटी समायरा कपूर को जन्म दिया। और इसके 5 साल बाद उनके घर बेटे कियान कपूर का आगमन हुआ। हालांकि इस दौरान करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच सब कुछ सही नहीं चल रहा था। आए हो मेरी जिंदगी में तुम बहार बनके आए हो। एक इंटरव्यू में करिश्मा कपूर ने अपनी दर्दनाक शादी के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। जिसके बारे में सुनकर कोई भी हैरान हो सकता है। करिश्मा कपूर ने बताया था कि संजय उन्हें एक ट्रॉफी की तरह ट्रीट करते थे, और वे उनके साथ अक्सर मारपीट करते थे। करिश्मा ने खुलासा किया था कि शादी के बाद से ही संजय कपूर उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव करते थे। यहां तक कि सुहागरात पर संजय कपूर ने करिश्मा कपूर को अपने दोस्तों के साथ सोने के लिए मजबूर किया था। इतना ही नहीं उन्होंने अपने दोस्तों को करिश्मा कपूर के साथ सोने की कीमत भी बताई थी। वहीं जब करिश्मा कपूर ने मना किया तो संजय ने उन्हें खूब पीटा था। जिनकी धड़कन में चोट खाई। करिश्मा कपूर ने इंटरव्यू में आगे बताया था कि प्रेगनेंसी के दौरान सास उनके साथ बुरा बर्ताव करती थी। करिश्मा की सास ने उन्हें थप्पड़ भी मारा था और संजय ने अपने भाई को करिश्मा पर नजर रखने के लिए कहा था। इसके बाद करिश्मा ने संजय कपूर और उनके घर वालों पर डोमेस्टिक वायलेंस का मामला दर्ज करा दिया था और तलाक लेने का फैसला कर लिया। कोर्ट में दोनों के बीच बच्चों की कस्टडी का मामला भी काफी लंबा चला था। बाद में कोर्ट ने दोनों पक्षों के सामने कुछ शर्तें रखी थी, जिन्हें मानने के बाद इनका तलाक मंजूर हुआ था, और बच्चों की कस्टडी करिश्मा कपूर को मिली। इस तरह साल 2016 में शादी के 13 साल बाद करिश्मा और संजय का रिश्ता हमेशा के लिए खत्म हो गया। लम्हा सताए हो गुजरा हुआ कल। कैसे संजय को एलुमनी के तौर पर करिश्मा को ₹14 करोड़ और एक घर देना पड़ा था। साथ ही दोनों बच्चों की परवरिश के लिए संजय कपूर आज भी करिश्मा को हर महीने ₹1 लाख देते हैं। संजय ने साल 2017 में अपनी नई गर्लफ्रेंड प्रिया सचदेव से तीसरी शादी कर ली थी। इस तलाक को लेकर एचएटी को दे इंटरव्यू में करिश्मा के पिता रणधीर कपूर ने बताया था कि वह इस शादी के बिल्कुल भी पक्ष में नहीं थे। उन्होंने कहा था कि संजय थर्ड क्लास आदमी है। मैं कभी नहीं चाहता था कि करिश्मा की उससे शादी हो।

उसके जहन में ही अय्याशी बसी हुई है। उसने कभी भी अपनी पत्नी की परवाह नहीं की। वो हमेशा उसे तकलीफ देता रहा और दूसरी औरत के साथ जीता रहा। दिल्ली में सभी को पता है कि वह किस तरह का आदमी है। साफ तौर पर रणधीर कपूर का इशारा अपनी पत्नी बबीता की ओर था। जिनको पिता होते हुए भी दरकिनार कर उन्होंने करिश्मा की संजय कपूर से शादी कर दी। इस तरह कहना गलत नहीं होगा कि बच्चन परिवार से रिश्ता तोड़ना, संजय कपूर से शादी और बाद में तलाक। इन सारी बातों के लिए सबसे ज्यादा अगर कोई जिम्मेदार था, तो वह बबीता कपूर थी। अगर वह समझदारी से काम लेती, तो शायद बेटी करिश्मा की निजी जिंदगी कुछ और होती। वहीं करिश्मा के एक्स हस्बैंड संजय कपूर ने अपने एक बयान में कहा था, कि करिश्मा कपूर एक लालची औरत हैं। वो पैसे के अलावा और कुछ नहीं समझती हैं। संजय कपूर ने करिश्मा पर आरोप लगाया था, कि अभिषेक बच्चन से टूटी सगाई के दर्द से उबरने के लिए ही इस एक्ट्रेस ने उनसे शादी की थी। तेरे इंतजार में सच सच गाऊं ले जा। खैर, सिंगल मदर के तौर पर अपने बच्चों की परवरिश के साथ ही करिश्मा कुछ एक फिल्मों और वेब सीरीज में अब भी काम कर रही हैं। इस अभिनेत्री के खुशहाल भविष्य की कामना करते हुए मैं आरजे अंतरा आपसे विदा लेती हूं। कार्यक्रम कैसा लगा? कमेंट करके जरूर बताइएगा। चैनल सब्सक्राइब करने की गुजारिश के साथ मुझे दीजिए इजाजत। नमस्कार। [संगीत] [प्रशंसा]

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