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जिमी शेरगिल का क्या हुआ? मोहब्बतें का स्टार क्यों गुमनाम हो गया?

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इस कहानी में आप बन गए राम। यह बन गई सीता। बचे हम अब रावण तो रावण ही सही। एक ऐसा अभिनेता जो कभी बॉलीवुड का सबसे चॉकलेटी हीरो माना गया जिसकी मुस्कान पर लाखों लड़कियां फिदा थी। क्या यही [संगीत] प्यार है? क्या यही प्यार है? हां यही प्यार है। वो अभिनेता जिसने शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार के साथ स्क्रीन शेयर की और जिसकी पहली बड़ी सफलता ने उसे रातोंरात स्टार बना दिया। आप बहुत खुशकिस्मत हैं सर। आप जिससे मोहब्बत करते हैं वो आपसे मोहब्बत करती है। बहुत खुशकिस्मत हैं आप सर। [संगीत] गुड नाइट। नाम, दौलत, शोहरत सभी कुछ बड़ी आसानी से उसके कदम चूम रही थी। रेशम [संगीत] सी है ये हवाएं सनम। लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि वही अभिनेता धीरे-धीरे फिल्मों में हीरो से साइड रोल और फिर दमदार कैरेक्टर आर्टिस्ट बन गया। कैसा है पापा जी? सोलो डांस आइटम किया है मैंने। मुंबई से डांस मास्टर मंगाया। ₹1400 देके बताओ। क्यों बॉलीवुड ने उस कलाकार को कभी वो मुकाम नहीं दिया जिसका वो वास्तव में हकदार था? आपको क्या लगता है? आप आधे शहर के सामने हमारा मजाक बना देंगे और हम गाय की तरह खड़े रहेंगे। आखिर कैसे एक साधारण पंजाबी परिवार का लड़का जो भारतीय सिनेमा का सबसे भरोसेमंद अभिनेता बन गया था वो अचानक गायब हो गया। तो आज ढूंढेंगे उसी गुमनाम अभिनेता को और जानेंगे उसके बारे में सभी कुछ। आप बने रहिए इस वीडियो के अंत तक हमारे साथ। [संगीत] तेरे पीछे अंखियां दी नींद गई। तेरे पीछे दिल का करार गया। तेरे पीछे। नमस्कार,

मैं हूं नीलम शुक्ला देवांगन और आप देख रहे हैं वो पुराने दिन। कहते हैं बॉलीवुड में वही टिकता है जिसके पीछे कोई बड़ा परिवार हो। कोई बड़ा गॉड फादर हो या फिर किस्मत हर कदम पर उसका साथ दे। लेकिन कुछ कलाकार ऐसे भी होते हैं जो बिना शोर मचाए बिना विवादों का सहारा लिए और बिना किसी फिल्मी विरासत के अपने अभिनय से लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं। एक ऐसे ही कलाकार हैं जमी शेरगिल। आप लोगों ने मुझे मैस्कॉट के लिए चुना उसके लिए आप लोग का बहुत-बहुत धन्यवाद। अरे तुझे नहीं मुझे चुना है बेवकूफ। [हंसी] तो आइए हम सब मिलकर इस जूस को भारत का ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का सबसे अच्छा जूस बनाएं। जो बिना शोर मचाए खामोशी से बॉलीवुड के ऊपरी पायदान पर पहुंच गए। पर किस्मत का खेल देखिए कि आज की पीढ़ी उनका नाम तक भूल चुकी है। इस वीडियो में हम जानेंगे जिमी शेरगिल की पूरी कहानी। उनका वो सफर जिसने उन्हें करोड़ों लोगों का पसंदीदा कलाकार बनाया और फिर उनसे सब कुछ छीन लिया। जीत है जो इस खेल [संगीत][गाना गाने की आवाज़] में इसमें तो हार भी है। तो चलिए शुरू करते हैं।

3 दिसंबर 1970 को उत्तर प्रदेश का गोरखपुर शहर यही एक सिख पंजाबी परिवार में जन्म हुआ एक ऐसे बच्चे का जिसका नाम रखा गया जसजीत सिंह गिल। आगे चलकर यही लड़का पूरी दुनिया में जिम्मी शेरगिल के नाम से मशहूर हुआ। शरारा शरारा तू है एक शरारा शरारा शरारा हालांकि उनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था लेकिन उनका परिवार मूल रूप से पंजाब का रहने वाला था। उनके पिता एक सम्मानित व्यवसाय थे जबकि उनकी मां गृहणी थी। परिवार आर्थिक रूप से अच्छा था। इसीलिए बचपन किसी अभाव में नहीं बीता। घर में अनुशासन भी था और संस्कार भी। परिवार चाहता था कि बेटा अच्छी पढ़ाई करें। एक सम्मानजनक नौकरी करें और परिवार का नाम रोशन करें। उस समय किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि यही लड़का एक दिन फिल्मों की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएगा। मस्ताना मौसम है रंगीन नजारा। बचपन में जमी काफी शांत स्वभाव के थे। वे ज्यादा शरारती नहीं थे। स्कूल में पढ़ाई भी अच्छी करते थे और खेल कूद में भी हिस्सा लेते थे। उन्हें क्रिकेट और हॉकी का शौक था। दोस्तों के बीच वे अपने विनम्र स्वभाव के कारण काफी पसंद किए जाते थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश में हुई। लेकिन कुछ समय बाद परिवार पंजाब चला गया। यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लेना शुरू किया। पंजाब आने के बाद उन्होंने अपने आगे की पढ़ाई पूरी की। स्कूल खत्म होने के बाद वे चंडीगढ़ पहुंचे जहां उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई की। कॉलेज के दिनों में उनकी पर्सनालिटी सबसे अलग दिखाई देती थी। लंबा कद, आकर्षक चेहरा और बेहद सादा स्वभाव। लोग उन्हें देखते ही रह जाते थे। यहीं पहली बार दोस्तों ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें मॉडलिंग करनी चाहिए। शुरुआत में जमी ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन धीरे-धीरे उन्हें भी महसूस होने लगा कि शायद उनका भविष्य किसी ऑफिस में नहीं बल्कि कैमरे के सामने लिखा है। हालांकि एक बहुत बड़ी चुनौती उनके सामने थी। क्यों नहीं करूंगा प्यार का नाटक? जरूर करूंगा। अरे ऐसा नाटक करूंगा कि तुम्हें पता भी नहीं चलेगा कि मैं नाटक कर रहा हूं या असलियत है। वे एक सिख परिवार से थे और उस समय उनके लंबे बाल थे।

मॉडलिंग और फिल्मों में आने के लिए उन्हें अपना लुक बदलना पड़ता। काफी सोच विचार के बाद उन्होंने अपने बाल कटवा लिए। यह फैसला आसान नहीं था। परिवार इस बात से खुश भी नहीं था। रिश्तेदारों ने भी सवाल उठाए। लेकिन जमी अपने सपनों को लेकर पूरी तरह से गंभीर थे। बाद में जब परिवार ने उनकी लगन देखी तो उन्होंने भी उनका साथ देना शुरू किया। आई डोंट नो मॉम। मैं किसी गलत नहीं कह रही। मैं सिर्फ इतना कह रहे हैं कि जो होया जमे होया ठीक नहीं हो। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने छोटे-मोटे मॉडलिंग असाइनमेंट करने शुरू कर दिए। कैमरे के सामने उनका आत्मविश्वास बढ़ने लगा। धीरे-धीरे उन्हें विज्ञापनों में काम मिलने लगा। लेकिन मॉडलिंग उनका अंतिम लक्ष्य नहीं था। वे फिल्मों में काम करना चाहते थे। इसी सपने को लेकर वे मुंबई पहुंच गए। ओ हसीना [संगीत] जुल्फा वाली जाने जान ढूंढती है काफिर आंखें। मुंबई एक ऐसा शहर जहां हर दिन हजारों लोग हीरो बनने आते हैं। लेकिन सफल कुछ ही हो पाते हैं। जमी के लिए भी यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने कई स्टूडियो के चक्कर लगाए। दर्जनों ऑडिशन दिए। कई बार रिजेक्ट हुए। कई लोगों ने कहा कि उनका चेहरा अच्छा है लेकिन उनमें स्टार वाली बात नहीं है। अगर उस समय उन्होंने हार मान ली होती तो शायद आज हम जमी शेरगिल नाम के अभिनेता को कभी नहीं जान पाते लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वे लगातार ऑडिशन देते रहे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कई फिल्म निर्देशकों और कास्टिंग टीम से हुई। उनका सादा व्यक्तित्व और स्वाभाविक अभिनय लोगों का ध्यान खींचने लगा। फिर आया साल 1996 जब मशहूर निर्देशक गुलजार एक नई फिल्म बना रहे थे माचिस। यह फिल्म पंजाब में आतंकवाद की पृष्ठभूमि पर आधारित थी और इसमें नए चेहरों को मौका दिया जा रहा था। जमी शेरगिल को भी इस फिल्म में अभिनय करने का अवसर मिला। पाजी बड़ी जबरदस्त सिक्योरिटी होती है उसके चारों तरफ। देख लेंगे। अब तक क्या कर लिया सिक्योरिटी ने? हालांकि उनकी भूमिका बहुत बड़ी नहीं थी लेकिन पहली ही फिल्म में उन्होंने ऐसा अभिनय किया कि फिल्म समीक्षकों ने उनकी तारीफ शुरू कर दी। माचिस बॉक्स ऑफिस पर भले ही बहुत बड़ी कमर्शियल फिल्म नहीं थी लेकिन इसे आलोचकों ने बेहद पसंद किया। इस फिल्म ने जमी शेरगिल को बॉलीवुड में एक गंभीर अभिनेता के रूप में पहचान दिला दी। 84 के दंगों में मेरे दारजी को ना उन्हीं की पगड़ी से बांधकर चलता हुआ टायर उनके गले में डालकर भस्म कर दिया था लोगों ने। लेकिन पहचान मिलना और स्टार बनना दोनों अलग बातें थी। माचिस के बाद उन्हें लगातार काम तो मिलने लगा लेकिन ज्यादातर छोटे किरदार ही मिले। कई फिल्मों में वे दिखाई दिए लेकिन दर्शकों की नजर उन पर टिक नहीं पा रही थी। कई साल तक वे संघर्ष करते रहे। उस दौर में बॉलीवुड पर शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, अजय देवगन और अक्षय कुमार जैसे सितारों का दबदबा था। नए कलाकारों के लिए जगह बना पाना बेहद मुश्किल था। लेकिन किस्मत कभी भी बदल सकती है और जिमी की किस्मत भी बदलने वाली थी। साल था 2000। निर्देशक आदित्य चोपड़ा अपनी नई फिल्म बना रहे थे मोहब्बतें। फिल्म में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान जैसे दो सबसे बड़े सुपरस्टार थे। इनके साथ कई नए चेहरों को

भी लॉन्च किया जा रहा था। जमी शेरगिल को उनमें से एक चुना गया। किसी नए अभिनेता के लिए इससे बड़ा मौका शायद ही हो सकता था। उन्हें पता था कि अगर इस फिल्म में वह दर्शकों का दिल जीत गए तो उनका पूरा करियर बदल सकता है और हुआ भी कुछ ऐसा ही। मोहब्बतें रिलीज हुई, फिल्म सुपरहिट साबित हुई। इसके गाने पूरे देश में छा गए। दिल के सब दरवाजे खोल देखो आए आए चोर सब दरवाजे [संगीत] और पहली बार करोड़ों लोगों ने जमी शेरगिल को बड़े पर्दे पर नोटिस किया। उनकी मासूम मुस्कान, शांत अभिनय और रोमांटिक अंदाज ने खासकर युवाओं के बीच उन्हें बेहद लोकप्रिय बना दिया। रातोंरात वे बॉलीवुड के नए रोमांटिक हीरो बन गए। तुमने कभी बताया नहीं? तुम डांस किया करती थी। इसमें बताने की क्या [संगीत] बात है? और वैसे भी मैं डांस किया करती थी। अब नहीं करती। क्यों? तुम सवाल बहुत पूछते [संगीत] हो। तुम जवाब क्यों नहीं देती? लेकिन उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि असली परीक्षा तो अब शुरू होने वाली है। मोहब्बतें की जबरदस्त सफलता के बाद ऐसा लगने लगा था कि बॉलीवुड को अपना नया रोमांटिक स्टार मिल गया है। फिल्म के हर कलाकार की चर्चा हो रही थी और जिमी शेरगिल भी रातोंरात लाखों युवाओं के दिलों की धड़कन बन चुके थे। उनकी मासूम मुस्कान, सादगी और शांत अभिनय ने दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया था। लेकिन बॉलीवुड सिर्फ एक हिट फिल्म से किसी को सुपरस्टार नहीं बनाता। यहां हर शुक्रवार किस्मत बदलती है और जमी शेरगिल की किस्मत भी बदलने लगी। मोहब्बतें के बाद उन्हें लगातार कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। निर्माता निर्देशक उन्हें रोमांटिक हीरो के रूप में देख रहे थे। उस समय ऐसा लग रहा था कि वे शाहरुख खान के बाद रोमांस के नए चेहरे बन सकते हैं। उन्होंने मेरे यार की शादी है। दिल है तुम्हारा। कहता है दिल बार-बार हासिल जैसी फिल्मों में काम किया। हार नहीं जीत [संगीत] नहीं जहां प्यार है। जिसमें हारजीत हो। हालांकि इन फिल्मों में उनके अभिनय की तारीफ हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर वेसी सफलता हासिल नहीं कर सकी जिसकी उन्हें जरूरत थी। इश्क किया है मैंने चोरी नहीं [संगीत] की है तेरे संग यारा धीरे-धीरे एक समस्या सामने आने लगी। जीमी अच्छे अभिनेता तो थे लेकिन उनके हिस्से ऐसी फिल्म नहीं आ रही थी जो उन्हें नंबर वन हीरो बना सके। कई बार उनकी फिल्में रिलीज हुई लेकिन बड़े सितारों की फिल्मों के सामने दब गई। दीवानों [गाना गाने की आवाज़] को पता है [संगीत] यह इश्क [गाना गाने की आवाज़] तो कई बार कहानी कमजोर रही तो कई बार प्रचार की कमी ने नुकसान पहुंचाया। ऐसे में बहुत से कलाकार निराश हो जाते हैं। लेकिन जिमी ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने उनका पूरा करियर बचा लिया। उन्होंने सिर्फ हीरो बनने की जिद छोड़ दी। उन्होंने तय किया कि अब वे वही किरदार करेंगे जो अभिनय के लिहाज से मजबूत होंगे। चाहे वह मुख्य भूमिका हो या सहायक भूमिका। यही फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस में उन्होंने डॉक्टर जहीर का किरदार निभाया। छोड़िए सब ठीक हो जाएगा। छोड़िए मुझे टेंशन नहीं लेने का जहीर भाई। क्यों परेशान कर रहे हैं? छोड़िए भाई। ठीक हो जाएगा सब। क्यों परेशान करें? छोड़िए। कहां नहा रहा हूं कल? फिल्म में संजय दत्त और अरशद वारसी मुख्य भूमिका में थे। लेकिन जिमी का अभिनय भी दर्शकों को पसंद आया। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक अलग-अलग किरदार निभाने शुरू किए। साल 2008 में आई फिल्म अ वेडनेसडे में उनका गंभीर अभिनय लोगों को बेहद पसंद आया। ये सब ठीक नहीं हो रहा है। ये सारे बच गए और हमें बॉम्ब्स का पता नहीं चला तो आरिफ राठौर सर ने कहा है। नहीं जय इन तीनों को छोड़। इसको साथ लेके चलते हैं। और यह तब छूटेगा जब वो हमें बॉम्ब्स की एक्सैक्ट लोकेशन बताएंगे। नसीरुद्दीन शाह और अनुपम खेर जैसे दिग्गज कलाकारों के बीच भी उन्होंने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करवाई। फिर आई साहब बीबी और गैंगस्टर। यह फिल्म जमी शेरगिल के करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक मानी जाती है।

आपका खून आलसी हो चुका है। हमारा नहीं। इस फिल्म में उन्होंने एक शाही परिवार के दबंग और जटिल व्यक्तित्व वाले राजा की भूमिका निभाई। उनका अभिनय इतना प्रभावशाली था कि दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने उनकी जमकर तारीफ की। फिल्म की सफलता के बाद इसके दूसरे और तीसरे भाग भी बने और जिमी इस फ्रेंचाइजी का सबसे मजबूत चेहरा बन गए। दो मशहूर लोग यहां खड़े हैं और भीड़ कहीं और। आपको भीड़ पसंद है? बहुत। और सर झुकाए भीड़ तो और भी ज्यादा। इसके बाद उन्होंने स्पेशल 26 बुलेट राजा हैप्पी भाग जाएगी। हैप्पी फिर भाग जाएगी। दे दे प्यार दे ऑपरेशन में फेयर कॉलर बम सिकंदर का मुकद्दर जैसी कई फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाई। हमें पता चल गया वो कहां है। [संगीत] अखंडवीर और उसके भतीजों के साथ जंगल में शिकार खेल रहा है। वहीं छुप के मारेंगे साले को। समय के साथ उन्होंने पुलिस अधिकारी, नेता, गैंगस्टर, बिजनेसमैन और ग्रे शेड वाले किरदारों में खुद को पूरी तरह से ढाल लिया। इसी वजह से आज उन्हें बॉलीवुड का सबसे भरोसेमंद कैरेक्टर अभिनेता माना जाता है। जो देश के लिए लड़ते हैं, उनकी मौत का काउंटडाउन उनकी पहली सांस के साथ शुरू हो जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जहां बॉलीवुड में उन्हें संघर्ष करना पड़ा, वहीं पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें सुपरस्टार का दर्जा दिया। जमी शेरगिल ने पंजाबी फिल्मों की ओर रुख किया और वहां उनकी लोकप्रियता देखते ही देखते आसमान छूने लगी। मेल करा दे रब्बा धरती साड़ा हक दाना पानी शेर जिंद जान जैसी फिल्मों ने उन्हें पंजाबी सिनेमा का सबसे बड़ा सितारा बना दिया। [संगीत] साडी जिंदगी खास तेरी था। [गाना गाने की आवाज़] सोची ना तेु दिलों का। आज भी पंजाब में उनकी फिल्मों का इंतजार उसी तरह से किया जाता है जैसे बॉलीवुड में बड़े सुपरस्टार की फिल्मों का होता है। अगर उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो जमी शेरगिल हमेशा से मीडिया की चकाचौंध से दूर रहे। बॉलीवुड में अक्सर किसी ना किसी अभिनेता का नाम अपनी सह अभिनेत्रियों के साथ जोड़ा जाता है। पर जमी शेरगिल इन सब से अछूते रहे। खुद जमी हमेशा कहते रहे हैं कि वे अपनी निजी जिंदगी को कैमरों से दूर रखना पसंद करते हैं। यही वजह है कि उनका नाम कभी किसी बड़े प्रेम प्रसंगों या विवादित रिश्तों में नहीं आया। उनकी जिंदगी में असली प्यार आया प्रियंका पूरी के रूप में। प्रियंका फिल्म इंडस्ट्री से नहीं थी। दोनों कई वर्षों तक एक दूसरे को जानते रहे। लंबे समय तक दोस्ती के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। दोनों की शादी भी बेहद सादगी के साथ हुई। ना कोई बड़ा फिल्मी समारोह, ना कोई मीडिया शो, ना ही कोई दिखावा। यही जिमी शेरगिल की पहचान भी है। शादी के बाद उनके घर बेटे का जन्म हुआ जिसका नाम वीर शेरगिल रखा गया। जिमी अपने बेटे को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखते हैं। वे मानते हैं कि बच्चों को सामान्य माहौल में बड़ा होना चाहिए और प्रसिद्धि का दबाव उन पर नहीं पड़ना चाहिए। यही कारण है कि उनका परिवार बहुत कम सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देता है। जमी अक्सर कहते हैं कि शूटिंग खत्म होने के बाद वे सबसे पहले अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। अगर पुरस्कारों की बात करें तो जमी शेरगिल को भले ही बॉलीवुड के सबसे बड़े अवार्ड कम मिले हो

लेकिन उनके अभिनय की हमेशा तारीफ हुई है। के तीन छड़े हैं राहुल, सलमान भाई और मैं और हमने आपस में डिसाइड किया है जिस दिन भी शादी करेंगे इकट्ठे करें। माचिस, मोहब्बतें, अवेयरनेस डे, साहब बीबी और गैंगस्टर स्पेशल 26 और पंजाबी फिल्मों में उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह में नामांकन मिला। याचना के साथ कल पीली कोठी पे हाजिरी भरी है। समझ रहे हैं? वरना हम सिर्फ खोद के निकालते नहीं है। खोद के निकाल के फिर गाड़ देते हैं। पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें कई सम्मान भी मिले और वे वहां के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में गिने जाते हैं। फर्नांडिस को जितना कम पता चले उतना अच्छा है। हम कहीं अंदर जाकर बात कर सकते हैं। एक समय ऐसा भी आया जब लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि जमी शेरगिल हीरो से ज्यादा मजबूत अभिनेता हैं। शायद यही उनकी सबसे बड़ी जीत भी थी क्योंकि बॉलीवुड में बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं जो तीन दशक तक लगातार काम करते रहे और हर पीढ़ी उन्हें पसंद करें। लेकिन अभी उनकी जिंदगी का सबसे दिलचस्प हिस्सा, सबसे दिलचस्प कहानी बाकी है। जब किसी अभिनेता का करियर 30 साल से भी ज्यादा लंबा हो तो आमतौर पर उसके नाम के साथ कई बड़े विवाद जुड़ जाते हैं। लेकिन जिमी शेरगिल उन गिने-चुने कलाकारों में हैं जिन्होंने हमेशा अपने काम को ही अपनी पहचान बनाया। यही वजह है कि उनका नाम कभी बड़े झगड़ों, सोशल मीडिया विवादों या किसी सनसनीखेज विवाद में नहीं आया। हालांकि साल 2016 में उनका नाम एक मामले में जरूर सुर्खियों में आया था। उस समय पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले थे और चुनाव आयोग ने आचार संहिता लागू कर रखी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी गाड़ी से चुनाव प्रचार से जुड़ी कुछ सामग्री मिलने की बात सामने आई। पुलिस ने पूछताछ भी की लेकिन बाद में मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ा और जमी शेरगिल किसी बड़े कानूनी विवाद में नहीं फंसे। इसके अलावा उनका करियर लगभग विवादों से मुक्त रहा। जीमी शेरगिल की लाइफस्टाइल की बात करें तो जमी शेरगिल को बेहद आलीशान लेकिन शांत जीवन पसंद है। उन्हें महंगी कारों का शौक है। उनके पास समय-समय पर BMW, Mercedes, Benz, Audi और Toyota जैसी लग्जरी गाड़ियां रही हैं। हालांकि वे कभी भी अपनी संपत्ति का दिखावा नहीं करते हैं। मुंबई में उनका शानदार घर है जबकि पंजाब में भी उनका पुश्तैनी जुड़ाव बना हुआ है। शूटिंग से समय मिलते ही वे अक्सर पंजाब जाना पसंद करते हैं। अगर उनकी कुल संपत्ति की बात करें तो अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं। अनुमान है कि फिल्मों, पंजाबी सिनेमा, वेब सीरीज, ब्रांड एंडोर्समेंट और अन्य प्रोजेक्ट से उन्होंने करोड़ों रुपए की संपत्ति बनाई है। वे एक फिल्म और वेब प्रोजेक्ट्स के लिए अच्छी खासी फीस लेने वाले अभिनेताओं में गिने जाते हैं। झंडा लहराने से इलेक्शन नहीं जीता [संगीत] जाएगा। समाज पार्टी के नाम पर कलंक हैं आप। क्या हुआ?

हम देख रहे थे ऊपर से क्या हाल किए हैं आप हमारे कॉन्स्टिट्यूएंसी का। लेकिन शायद जमी सेगिल की सबसे बड़ी कमाई पैसा नहीं बल्कि लोगों का भरोसा है। क्योंकि जब भी किसी फिल्म में एक मजबूत सधा हुआ और प्रभावशाली अभिनेता चाहिए होता है तो निर्देशक बेझिझक जमी शेरगिल का नाम लेते हैं। समय के साथ जब सिनेमा डिजिटल प्लेटफार्म की ओर बढ़ा तब भी जमी पीछे नहीं रहे। उन्होंने ओटीटी की दुनिया में भी अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज करवाई। वेब सीरीज में उन्होंने पुलिस अधिकारी, वकील, राजनेता और प्रभावशाली व्यक्तियों के किरदार निभाए। जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया। इतिहास सिर्फ वीरों का होता है। कायर कभी इतिहास नहीं बनाते। वीर भोग्य वसुंधरा। युवा दर्शकों की नई पीढ़ी जिसने उन्हें मोहब्बतें में नहीं देखा था, उसने ओटीटी के जरिए उनके अभिनय को पहचाना। यही एक सच्चे कलाकार की पहचान होती है। ऑल दी विक्टिम्स हैव बीन किल्ड बाय समबडी हु इज अ लेफ्ट हैंडेड पर्सन। [संगीत] आज भी निर्देशक जानते हैं कि अगर किसी किरदार में गंभीरता, गरिमा और गहराई चाहिए तो जमी शेरगिल उस भूमिका के साथ पूरा न्याय करेंगे। शायद यही वजह है कि उन्हें अक्सर बॉलीवुड का सबसे अंडर रेटेड अभिनेता कहा जाता है क्योंकि उन्हें जितनी प्रतिभा मिली उतनी बड़ी स्टारडम शायद कभी नहीं मिली। लेकिन दूसरी तरफ यह भी सच है कि हर सुपरस्टार समय के साथ भुला दिया जाता है। जबकि एक महान अभिनेता हमेशा याद रखा जाता है। और जमी शेरगिल ने अपने अभिनय से यह साबित कर दिया है कि असली पहचान फिल्मों की संख्या या बॉक्स ऑफिस नहीं बल्कि दर्शकों के दिलों में बनाई गई जगह होती है। यही वजह है कि लगभग तीन दशक बाद भी जमी शेरगिल भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित, सबसे भरोसेमंद, और सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में गिने जाते हैं। अगर आपको जमी शेरगिल की यह प्रेरणादायक जीवन यात्रा पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक करें। अपने दोस्तों के साथ इसे शेयर करें और ऐसे ही सिनेमा की अनसुनी कहानियों के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें। तो मिलते हैं अगली कहानी के साथ। आज के लिए बस इतना ही। अब मुझे यानी अपनी दोस्त और होस्ट नीलम शुक्ला देवांगन को दीजिए इजाजत। नमस्कार।

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