Cli

जंतर-मंतर पर खाना बांटने वाले जुनैद को कहा से मिली फंडिंग ? सच चौंका देगा।

Uncategorized

सेंट्रल दिल्ली में आरएएफ और दिल्ली पुलिस जवानों को का मुद्दा आज सुप्रीम कोर्ट में उठा है। लंबी सुनवाई चली जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कई दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। लेकिन एक सुनवाई ऐसे व्यक्ति के ऊपर भी हुई जिसके बारे में पूरा का पूरा देश जानना चाहता है। वो शख्स कौन है? वो है जुनैद। जुनैद ने कई दिन तक जंतरमंतर पर कॉकरोचों को जमकर खाना खिलाया।

अब ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि सीमित कमाई [संगीत] वाला यह व्यक्ति यानी कि जुनैद असीमित खाना कैसे बांट रहा था? क्या जुनैद की फंडिंग फंडिंग जो है वो विदेशी ताकत कर रही थी? यह भी सवाल खड़े [संगीत] हो रहे हैं और इसको लेकर हमने आपके लिए एक रिपोर्ट भी तैयार की है। इस रिपोर्ट को देखिए, समझिए [संगीत] कि आखिर क्यों अब जुनैद की इन तमाम हरकतों पर सवाल उठ रहा है। संसद उखाड़ने की सोच रखने वाले देश विरोधी कॉकरोचों के कलंकित कारनामे पर आज सुप्रीम कोर्ट में लंबी सुनवाई हुई।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि हिंसा के सभी सीसीटीवी, ड्रोन, बॉडी कैमरा फुटेज और वायरलेस कम्युनिकेशन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। साथ ही प्रदर्शनकारियों का डिजिटल डाटा सुरक्षित रहे और फिलहाल उसे सार्वजनिक ना किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि 18 वर्ष से कम आयु के जिन बच्चों को छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया है और जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है उन्हें सभी राज्य तत्काल रिहा करें।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि में 250 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि पहले यह पता लगाना जरूरी है कि पुलिसकर्मियों पर हमला छात्रों ने किया या किसी और ने। डंडों से हमला किया। जंतरमंतर पर पहुंचे पिज़्ज़ा और बर्गर की तस्वीरें तो आपने देखी होगी।

जंतरमंतर पर खाना बांटने वालों में जुनैद भी शामिल था। जुनैद हर रोज हजारों रुपए खर्च कर खाना बांट रहा था। सवाल उठने लगे कि जिस जुनैद की कमाई सीमित है, वह जंतरमंतर पर असीमित खर्चा कैसे कर रहा है? जुनैद पर आरोप लगे तो वह भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। जुनैद के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जुनैद तो सिर्फ खाना सप्लाई कर रहे थे। जुनैद को गाजियाबाद की मसूरी पुलिस ने पकड़ा और थाने ले गए। जुनैद के परिवार के सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया और पूछा गया कि खाने की फंडिंग कौन कर रहा है? जुनैद के वकील ने कहा कि यह काम पुलिस ने कानून के दायरे से बाहर रहकर किया। इस पर सॉललीिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जुनैद पीड़ित नहीं है।

यह मामला अलग है। किसी शख्स का पानी पिला देना, खाना खिला देना और वो भी ऐसे नौजवानों को जो अपने मुल्क के आईनी राइट और कानूनी हुकूक की लड़ाई लड़ रहे हो। ऐसे में एक ऐसे शख्स को जो पानी का और खाने का इंतजाम कर रहा हो उस पर जुर्म साबित करना और उसको मुजरिम के श्रेणी में लाना ये कतई तौर पर निहायत अफसोसनाक बात है। ऐसे लोगों पर इस तरीके की कारवाई किसी भी सूरत में लोकतांत्रिक और जमूरी निजाम के तहत मुनासिब नहीं है। इसलिए जो भी कारवाईया इन इस तरीके की की जा रही है उसको फरी तरीके पर और फरी तौर पर बंद करने की जरूरत है। खाना बांटने वाले जुनैद का परिवार भी आरोप लगा रहा है कि मसूरी पुलिस ने बुलाकर उनसे पूछताछ की थी।

मेरा लड़का दिल्ली प्रोटेक्टर है और मुझे थाने पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ करके मुझे भेज दिया गया। मैं अपने घर आ गया हूं। जंतरमंतर की तस्वीरें पूरे देश ने देखी है। खाना कहां-कहां से आ रहा था? पूरा देश जानता है। सवाल यह है कि क्या वाकई एंटीसोशल एलिमेंट जंतरमंतर पर खाना बांट रहे थे? जनतंत्र मंतर पर जो युवाओं का आंदोलन था उसमें जिस तरह से सुरक्षा एजेंसियों पर जवानों पर जिस तरह से स्टोन पेंटिंग की घटनाएं हुई और सुरक्षा कर्मियों के साथ जिस तरह से की घटनाएं हुई तो निश्चित रूप से जो लोग उस संदिग्ध पाए गए होंगे सुरक्षा एजेंसियों का काम है कि उसकी तहकीकात करना कि आखिर ये पूर्व नियोजित था इसके पीछे कौन लोग थे कि जो सुरक्षा शिक्षा कर्मियों के साथ ही मारपीट कर रहे थे।

पानी की बोतलें। दिल्ली में सीजेपी द्वारा किए गए की जांच हर एंगल से हो रही है। कारण है आंदोलन की विदेशी फंडिंग के आरोप। कम से कम देश को पता चलना चाहिए कि कॉकरोचों का दाना पानी पाकिस्तान से आ रहा था या अमेरिका से।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *