36 दिन, हजारों छात्र और जमीन पर बिखरा खून। सवाल सिर्फ एक परीक्षा का नहीं है। सवाल उन लाखों सपनों का है जिन्हें पेपर लीक और प्रशासनिक लाचारी ने ली लिया। दिल्ली का जंतरमंतर आज सिर्फ एक मैदान नहीं बल्कि देश के युवाओं के गुस्से का ज्वालामुखी बन चुका है। एक तरफ सड़कों पर बैंडेड और प्लास्टर बांधकर खड़े छात्र हैं तो दूसरी तरफ सरकार के दरवाजे। और इसी बीच हवा में तैर रही है फेक न्यूज़ की वो चिंगारियां जो इस आग में घी डालने का काम कर रही है।
आज का दिन इस आंदोलन की सबसे बड़ी तारीख है। दोपहर के ठीक 3:30 बजने वाले हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ छात्र प्रतिनिधियों की आर-पार की बैठक होने जा रही है। क्या सरकार झुकेगी कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा या फिर दिल्ली देखेगी संसद मार्च पार्ट टू। आइए जंतरमंतर से लेकर बिहार की सड़कों तक इस महासंग्राम की एक-एक कड़ी को खोलते हैं। सबसे पहले रुख करते हैं जंतरमंतर का। आज शनिवार की सुबह से ही वहां समर्थकों का ऐसा हुजूम उमड़ पड़ा है कि पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। 36 दिनों का थकान चेहरे पर नहीं आंखों में आक्रोश बनकर तैर रहा है। तस्वीरें देखिए। 20 जुलाई के संसद मार्च में जिस भगत सिंह नाम के छात्र पर पुलिस की लाई इस आंदोलन की अगुवाई कर रही कांग्रेस जनता पार्टी ने सरकार को सीधे-सीधे कटघरी में खड़ा कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान कुर्सी पर बने रहते हैं तो बातचीत का नाटक करने का कोई मतलब नहीं है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने पुलिस को ललकारते हुए कहा है कि दिल्ली पुलिस जितनी चाहे नाकेबंदी कर ले ना तो वह छात्रों को जंतरमंतर आने से रोक सकती है और ना ही भूखे पेटों तक खाना पहुंचने से।
अब सबकी सासे अटकी है दोपहर 3:30 बजे पर। एक तरफ होंगे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, दूसरी तरफ सीजेपी के प्रतिनिधि। सीजेपी का दावा है कि सरकार आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-ए करोड़ मुआवजा और दर्ज केस वापस लेने पर मान चुकी है। क्या सरकार? लेकिन आज धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करेगी। अगर जवाब ना में आया तो सीजेपी ने साफ कर दिया है। संसद मार्च पार्ट टू का ऐलान इसी जंतरमंतर से होगा। लेकिन इस आंदोलन के पीछे एक और खतरनाक खेल चल रहा है जिसका पर्दाफाश आज दिल्ली पुलिस ने किया है। दिल्ली पुलिस ने मीडिया के सामने आकर बड़ा खुलासा किया है कि आंदोलन को भड़काने और डिजिटल दंगे कराने की साजिश रच रहे 400 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि यह वही अकाउंट्स है जो ऑपरेशन सिंदूर के वक्त भी देश विरोधी माहौल बनाने में एक्टिव थे। पुलिस ने देश की जनता से अपील की है
किसी भी वायरल वीडियो पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें। फैक्ट्स को चेक करें। साथ ही आरएमएल अस्पताल से राहत की खबर आई है। 20 जुलाई को घायल हुई 21 साल की वो छात्रा अब खतरे से बाहर है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है। दिल्ली का यह गुस्सा पूरे देश में फैल चुका है। बिहार के पटना, आरा, छपरा और सिवान में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। सिवान में हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि पथराव के बाद पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी है। चारों तरफ अफरातफरी का माहौल है। छात्रों के इस उग्र रूप को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी कानून की चाबुक चलाई। केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक से जुड़े मामलों में एक नए कड़े कानून के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। अब संगठित पेपर लीक कराने वालों को 10 साल की कड़ी सजा मिलेगी। साथ ही साथ ₹1 करोड़ तक का भारी जुर्माना चुकाना पड़ेगा। लेकिन सवाल वही है क्या साल?
लेकिन सवाल वही है क्या छात्र इस नए कानून से मानेंगे या बात सिर्फ और सिर्फ इस्तीफे पर जाकर रुकेगी? अगर आप अभी-अभी हमारे साथ जुड़े हैं तो बीते पांच दिनों की पूरी पिक्चर समझ लीजिए। 20 जुलाई संसद मार्च पर पुलिस का लाठी चार्ज कई सिर फूटे 21 जुलाई अभिजीत दीपके का बयान बात करनी है तो सरकार खुद जंतरमंतर आई 22 और 23 जुलाई सोनम बांगचुक का अनशन और सरकार को जंतरमंतर आने की चुनौती 24 जुलाई दूसरे दौर की बात के बाद बांगचुक का अनशन खत्म हुआ और आज 25 जुलाई अब से कुछ ही देर में तीसरे दौर की महा बैठक घड़ी की सुइयां 3:30 बजे की तरफ बढ़ रही है क्या 36 दिनों से जल रही आग आज शांत होगी क्या सरकार अपने मंत्री का इस्तीफा देकर छात्रों का गुस्सा ठंडा करेगी या फिर यह बैठक बेनतीजा छूटेगी और दिल्ली की सड़कों पर संसद मार्च पार्ट टू का सैलाब उमड़ेगा। हर एक पल की लाइव अपडेट सीधे जंतरमंतर और नॉर्थ ब्लॉक से हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। आप बने रहिए वन इंडिया हिंदी के साथ। [संगीत] सब्सक्राइब टू वन इंडिया एंड नेवर मिस एन अपडेट। [संगीत] डाउनलोड द वन इंडिया ऐप नाउ।