सेपा नेवी सेपा नेवी। दिस इज़ मोटरंगा सनमार हेडल्ट। यू गव मी क्लीयरेंस टू गो। माय नेम सेकंड ऑन योर लिस्ट। यू गव मी क्लीयरेंस टू गो। यू आर फायरिंग नाउ। लेट मी टर्न बैक। सिपाह नेवी, सिपाह नेवी। आपने मुझे जाने की क्लीयरेंस दी थी। मेरा नाम आपकी लिस्ट में दूसरे नंबर पर है। अब आप फायरिंग कर रहे हैं। मुझे वापस मुड़ने दें। यह शब्द किसी एक्शन फिल्म के नहीं है। यह चीख है उस कप्तान की जिसके सामने मौत खड़ी थी। यह कहानी है
18 अप्रैल 2026 की जगह स्ट्रेट ऑफ होरमूस जिसे आज दुनिया का किलिंग ज़ोन कहा जा रहा है। 31 सेकंड की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग ने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। आज की स्पेशल रिपोर्ट में हम पर्दा उठाएंगे उस खौफनाक मंजर से जब भारत का एक विशाल तेल टांगकर सनमार हेराल्ड समंदर की लहरों पर अपनी जान की भीख मांग रहा था। तारीख नोट कर लीजिए। 18 अप्रैल 2020 समंदर के बीचोंबीच एक दैत्य जैसा जहाज बढ़ रहा था। नाम था सनमार हेराट। यह कोई मामूली जहाज नहीं बल्कि एक वीएलसीसी यानी वेरी लार्ज क्रूड कैरियर था। इसके पेट में 20 लाख बैरल कच्चा तेल भरा था। इतना तेल जो किसी छोटे देश की धड़कनें हफ्तों तक चला सके। यह जहाज अलबसरा टर्मिनल से चला। इराकी तेल लेकर ना [संगीत] कोई तस्करी थी, ना कोई पाबंदी। जहाज पर भारतीय तिरंगा लहरा रहा था। था। सब कुछ कानूनी था। सब कुछ तय था।
लेकिन 2026 की जिओपॉलिटिक्स में कानून और कागज की कीमत गोलियों से कम हो चुकी है। दुनिया के नक्शे पर इस जगह को देखिए। स्टेट ऑफ होर्मूस। सिर्फ 33 कि.मी. चौड़ा यह रास्ता दुनिया की ऊर्जा की नस है। दुनिया का 20% तेल यहीं से गुजरता है। लेकिन आज इस नस पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी का हाथ है। तनाव चरम पर है। अमेरिका और ईरान के बीच तलवारें खींची हुई है और इस जंग के बीच पिसे जा रहे हैं वो कमर्शियल जहाज जिनका इस लड़ाई से कोई लेना देना भी नहीं। आईआरजीसी ने एक नियम बनाया है
क्लीयरेंस लिस्ट जिसका नाम लिस्ट में होगा वही निकलेगा और सनमार हेराल्ड उस लिस्ट में दूसरे नंबर पर था। लेकिन 18 अप्रैल की सुबह सनमार हेराल्ड के साथ भारतीय जहाजों का एक पूरा काफिला था। देश गरिमा, देश वैभव और देश विभोर अरबों डॉलर का तेल एक साथ समंदर को चीरते हुए आगे बढ़ रहा था। कप्तान के पास कागज थे, परमिशन थी लेकिन जैसे ही जहाज लार द्वीप के पास पहुंचा, समंदर की शांति चीख में बदल गई। ईरानी नौसेना सिपाह नेवी ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। चेतावनी बिल्कुल नहीं। यह हमला सीधा था।
गोलियां असली थी और इरादे बेहद खतरनाक। तभी सनमार हेरार्ड के भारतीय कप्तान ने वो किया जो इतिहास में दर्ज हो गया। उन्होंने रेडियो उठाया। उनकी आवाज कांप नहीं रही थी, लेकिन उसमें एक बेबसी थी। उन्होंने चिल्लाकर कहा, सिपाह नेवी आपने हमें परमिशन दी थी। हम दूसरे नंबर पर हैं। आप हम पर गोलियां क्यों चला रहे हैं? हमें बस वापस मुड़ने दीजिए। यह समंदर के इतिहास का सबसे शर्मनाक मंजर था। वो जहाज जो कुछ घंटों में खुले समंदर में सुरक्षित होने वाले थे, उन्हें जान बचाने के लिए बीच रास्ते से वापस मुड़ना पड़ा। सलमान हराल के पीछे-पीछे जग अर्नव और बाकी जहाज भी वापस खाड़ी की ओर भागने लगे। सोचिए जिस जहाज के पास ऑफिशियल क्लीयरेंस हो अगर वह भी सुरक्षित नहीं है तो फिर सुरक्षित कौन है? 18 अप्रैल को समंदर ने देखा कि कागजों की वैल्यू बारूद के सामने शून्य है। आज सनमार है लंगर डाले खड़ा है। तेल रुका हुआ है। दुनिया की अर्थव्यवस्था सहमी हुई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल उस 31 सेकंड की रिकॉर्डिंग का है।
वो रिकॉर्डिंग सिर्फ एक कप्तान की गुहार नहीं है। वो इस बात का सबूत है कि अंतरराष्ट्रीय नियम अब समंदर में डूब चुके हैं। अगर दुनिया के सबसे वेस्ट समुद्री रास्ते पर लिस्ट में नाम होने के बाद भी गोलियां चलती है तो हम एक वैश्विक ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रहे हैं। क्या व्यापारिक जहाजों को समंदर पार करने के लिए हथियारों की जरूरत पड़ेगी? सलमान हेराल्ड तो वापस लौट आया। उसकी जान बच गई लेकिन वो सवाल वहीं खड़ा है। कल जब कोई और जहाज उस 33 कि.मी. के रास्ते में फंसेगा तो क्या उसके पास वापस मुड़ने का मौका होगा? या फिर अगली बार रेडियो पर सिर्फ खामोशी सुनाई देगी। इंतजार कीजिए क्योंकि समंदर की यह जंग अभी खत्म नहीं हुई है। अगली बार जब आप अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाए तो याद रखिएगा कि उस तेल की हर बूंद के पीछे सनमार हेराल्ड जैसे जहाजों की खौफनाक दास्तान छिपी है। [संगीत] सब्सक्राइब टू वन इंडिया एंड नेवर मिस एन अपडेट। [संगीत]