होरमुच से गुजर रहे भारतीय झंडे वाले जहाज पर फायरिंग को लेकर चीन ने बयान दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने उकसावे से बचने की अपील की है। नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गो जियाकुन ने यह बात कही। इसके साथ ही चीन ने ईरानी झंडे वाले जहाज को रोकने और फिर उसे कब्जे में लेने की अमेरिकी कारवाही पर चिंता जताई है।
चीन के अनुसार सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ सीज फायर का पालन करना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारतीय शिप पर हमले को लेकर सवाल [संगीत] पूछा गया कि ईरानी सेना ने कोरमज स्टेट में भारतीय झंडे वाले एक जहाज पर फायरिंग की थी जिससे नेविगेशनल सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई थी। चीन इस तनाव को कैसे देखता है और स्टेट में अपने शिपिंग और एनर्जी हितों की सुरक्षा के लिए वह किन उपायों का सोच रहा है? इसके जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियाकुन ने कहा कि होरमुच की स्थिति बहुत नाजुक है। लेकिन चीन को उम्मीद है कि सभी पक्ष इसकी गंभीरता को समझेंगे।
उन्होंने कहा, मैंने होरमोजिस्ट्रेट के मुद्दे पर चीन का रुख पहले ही बता दिया है। हम यह दोहराना चाहेंगे कि होरमजस्ट्रेट एक इंटरनेशनल वोटरवे है और इसे नेविगेशन के लिए खुला रखना इस इलाके के देशों और इंटरनेशनल कम्युनिटी के हक में है। उनके अनुसार सब मिलकर काम करेंगे और चीन अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के साथ मिलकर कोशिशें जारी रखने को तैयार हैं। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे तनाव बढ़ाने से बचें और ऐसा माहौल बनाएं जिससे इस रास्ते पर सामान्य आवाजाही शुरू हो सके। ईरानी जहाज को कब्जे में लेने की बात अमेरिका ने की थी।
कहा था कि उसने एक ईरानी जहाज के खिलाफ कारवाई करते हुए उसे कब्जे में ले लिया क्योंकि वह ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी से बचने की फिराक में था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा टाउस्का नामक एक ईरानी झंडे वाला मालवाहक जहाज जिसकी लंबाई लगभग 900 फीट है और जिसका वजन लगभग एक विमान वाहक पोत के बराबर है। हमारी नौसैनिक [संगीत] नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था और उनके लिए यह अच्छा नहीं रहा। भारतीय जहाजों पर ईरानी नौसेना की गोलीबारी पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी बड़ा बयान दिया था।
विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने इस घटना को बेहद परेशान करने वाला करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवाहन की स्वतंत्रता किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकार ने इस मामले को कूटनीतिक स्तर पर उठाते हुए शनिवार को ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली को तलब किया था। मिस्री ने रविवार को कहा कि हम इस हमले से बेहद विचलित हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को ऊर्जा संबंधी और अन्य सभी व्यापार [संगीत] के लिए निर्बाध और खुला रहना चाहिए। मिस्री ने ईरान को यह भी याद दिलाया कि हुरमुज जैसा अहम मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार की जीवन रेखा है और इसके सिद्धांतों का सम्मान करना भी अनिवार्य है। विदेश सचिव ने ईरान के समक्ष भारत की चिंता साझा की और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से हम चिंतित हैं। ईरान के राजदूत ने आश्वासन दिया था कि वे भारत की चिंता और सुझावों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। खबरों के मुताबिक ईरानी नौसेना की गनब्स ने होरमुज में दो भारतीय जहाजों सनमार हेराल्ड और जग अर्नव पर बिना चेतावनी गोलीबारी की थी। यह जहाज इराक और सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे थे। वीडियो कमर उजाला.com अगर आप यह वीडियो YouTube पर देख रहे हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर बेल आइकन दबाएं और Facebook पर देख रहे हैं तो हमारे पेज को लाइक करें।