16 साल एक ऐसा शख्स जिसने भारत को आईपीएल [संगीत] दिया। लेकिन उसी इंसान को भारत छोड़कर भागना पड़ा। ललित मोदी। अब इतने सालों बाद वो भारत लौटने की तैयारी कर रहा [संगीत] है। एक वक्त था जब बड़े-बड़े बिजनेसमैन, बॉलीवुड स्टार्स और क्रिकेटर्स उसकी एक कॉल का इंतजार करते [संगीत] थे। लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि वही आदमी ईडी, सीबीआई और बीसीसीआई की जांच के घेरे में आ गया। [संगीत] लेकिन आखिर क्यों एक बिजनेसमैन सबसे बड़ा भगोड़ा बन गया? आज इस वीडियो में हम जानेंगे ललित मोदी की पूरी कहानी बचपन से लेकर [संगीत] आईपीएल बनाने तक, करोड़ों की डील से लेकर सबसे बड़े कंट्रोवर्सीज तक और आज कोट या हमारा लॉ उसे क्या [संगीत] कहता है? ललित मोदी का जन्म 29 नवंबर 1963 को दिल्ली में हुआ। उनका परिवार भारत के सबसे बड़े बिजनेस परिवारों [संगीत] में से एक था। उनके दादा गुलजारमल मोदी ने मोदी ग्रुप्स की शुरुआत [संगीत] की थी। उसी ग्रुप्स के नाम पर उत्तर प्रदेश का शहर मोदी नगर भी बसा। यानी ललित मोदी के पास बचपन [संगीत] से पैसा, बिजनेस और बड़े लोगों का नेटवर्क था। लेकिन उनकी पढ़ाई का सफर आसान नहीं रहा। [संगीत] अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उन पर ड्रग्स रखने, किडनैपिंग में मदद करने और मारपीट जैसे आरोप लगे।
1985 में उन्होंने अमेरिका में पीएलईए बारगेन किया। सजा कम हुई और बाद में वे भारत लौट आए। यह मामला आज भी उनकी शुरुआती जिंदगी का सबसे विवादित हिस्सा माना जाता है। 1990 के दशक में ललित मोदी ने क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन में दिलचस्पी लेना शुरू किया। सबसे पहले राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में सक्रिय हुए। फिर BCCI की राजनीति में धीरे-धीरे मजबूत होते गए। उनकी सबसे बड़ी ताकत थी मार्केटिंग। उन्हें समझ आ गया था कि आने वाला समय सिर्फ क्रिकेट का नहीं बल्कि एंटरटेनमेंट और क्रिकेट के कॉम्बिनेशन का होगा। साल 2007 भारत T20 वर्ल्ड कप जीत चुका था। इसी समय ललित मोदी ने BCCI के सामने एक नया आईडिया रखा इंडियन प्रीमियर लीग। उस समय बहुत लोगों को लगा कि यह आईडिया नहीं चलेगा। लेकिन ललित मोदी ने फ्रेंचाइज मॉडल बनाया, प्लेयर्स ऑक्शन कराया, बॉलीवुड स्टार्स को जोड़ा, कॉर्पोरेट हाउस को जोड़ा। प्राइम टाइम टीवी राइट्स भेजे, चेयर लीडर्स म्यूजिक, एंटरटेनमेंट उन्होंने क्रिकेट को एक शो बना दिया। 2008 में पहला आईपीएल शुरू हुआ। पहले ही सीजन ने इतिहास बना दिया। कुछ ही सालों में आईपीएल दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग बन गई। आज आईपीएल की ब्रांड वैल्यू अरबों डॉलर में है। इस सफलता का सबसे बड़ा क्रेडिट ललित मोदी को दिया जाता है। जितनी तेजी से आईपीएल ऊपर गया उतनी ही तेजी से सवाल भी उठने लगे। 2010 में कोची टस्कर्स केरला फ्रेंचाइज को लेकर विवाद शुरू हुआ। केंद्रीय मंत्री शशि थरूर का नाम सामने आया। ललित मोदी ने Twitter पर फ्रेंचाइज ओनरशिप से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए।
[संगीत] यहीं से राजनीतिक विवाद शुरू हुआ। लेकिन कुछ ही दिनों बाद निशाने पर खुद ललित मोदी आ गए। 2010 में BCCI ने ललित मोदी को सस्पेंड कर दिया। उन पर कई आरोप लगाए गए। फाइनेंशियल इर्रेगुलरिटीज ब्रॉडकास्टिंग राइट में गड़बड़ी। टेंडर प्रोसेस में नियम तोड़ना, फॉरेन एक्सचेंज रूल्स का उल्लंघन और अनऑथराइज्ड पेमेंट्स BCCI ने इंटरनल इंक्वायरी शुरू की। करीब 5 साल बाद 2013 में BCCI की डिसिप्लिनरी कमेटी जिसकी अध्यक्षता उस समय अरुण जेटली कर रहे थे ने ललित मोदी को क्रिकेट प्रशासन से लाइफटाइम बैन कर दिया। BCCI की कारवाई के बाद इनफोर्समेंट डायरेट यानी ईडी भी जांच में उतर गई। ईडी ने उन पर एफईएमए यानी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के कई मामलों में जांच शुरू की। उनके खिलाफ करोड़ों रुपए के फॉरेन एक्सचेंज वायलेशन के आरोप लगाए गए। समय-समय पर ईडी ने उनके खिलाफ कई शो कॉज नोटिस जारी किए। कुछ मामलों में एडजरिकेटिंग अथॉरिटी ने एफएमए उल्लंघन मानते में आर्थिक [संगीत] दंड भी लगाया। हालांकि ललित मोदी लगातार इन आरोपों से इंकार करते रहे। 2010 में ही ललित मोदी भारत छोड़कर लंदन चले गए। तब से वे वहीं रह रहे हैं। भारत की एजेंसियां उन्हें वापस लाने की कोशिश करती रही। ईडी और दूसरी एजेंसियों ने कानूनी प्रक्रिया जारी रखी लेकिन मामला इतना आसान नहीं था। अक्सर लोग सोचते हैं कि योगी कोर्ट ने ललित मोदी को क्लीन चिट दे दी। [संगीत] लेकिन सच इनसे अलग है।
आज तक किसी ब्रिटिश कोर्ट ने यह नहीं कहा कि ललित मोदी पूरी तरह निर्दोष हैं। असल में उनके खिलाफ भारत से किसी आपराधिक मामले में ऐसा अंतिम एक्स्ट्रा ट्रायल नहीं हुआ। जिसमें अदालत ने उन्हें बरी कर दिया हो। वे ब्रिटेन में कानूनी रूप से रह रहे हैं। लेकिन भारत में उनके खिलाफ एफईएमए से जुड़े मामले और जांच अलग-अलग स्तर पर चलती रही है। यानी ब्रिटिश कोर्ट ने ललित मोदी को निर्दोष बताया। ऐसा दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। भारत सरकार लगातार कहती रही है कि कानून अपना काम करेगा। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कई बार कहा कि यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट पूरे होंगे तो प्रत्यार्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। ईडी का भी यही रुख रहा है कि जांच कानून के अनुसार जारी रहेगी।
यानी सरकार का आधिकारिक स्टैंड हमेशा यही रहा। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। 2022 में ललित मोदी फिर अचानक हेडलाइंस में आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस सुष्मिता सेन के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए रिलेशनशिप का ऐलान किया। कुछ महीनों तक दोनों की चर्चा हर जगह रही। लेकिन बाद में यह रिश्ता भी खत्म हो गया। अब इतने साल बाद फिर ललित मोदी चर्चा में हैं क्योंकि खबरें सामने आई है कि वे भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उनकी वापसी कब होगी, किन शर्तों पर होगी और कानूनी मामलों पर क्या असर पड़ेगा यह अभी पूरी तरह साफ नहीं है। अगर वे लौटते हैं तो उन्हें भारतीय एजेंसियों के सामने कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है। ललित मोदी की कहानी सिर्फ एक बिजनेसमैन की कहानी नहीं है। यह उस इंसान की कहानी है जिसने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदल दी। लेकिन उसी आईपीएल की चमक के पीछे ऐसे विवाद खड़े हुए कि उसे देश छोड़ना पड़ा। आज भी कुछ लोग उन्हें आईपीएल का विज़नरी मानते हैं। तो कुछ लोग उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे विवादित चेहरों में गिनते हैं। लेकिन आप क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर रखें। बाकी तमाम खबरों को जानने के लिए देखते रहिए india.com