इन लोगों की कतार देख मन में सवाल है कि कहीं भारत बड़ी गलती तो नहीं कर रहा। 24 घंटों में करीब 1 लाख 400 लोग देश से निकलना चाहते हैं और जिस वक्त आप यह खबर देख रहे होंगे इनकी संख्या 2 से 3 लाख पहुंच चुकी होगी। दरअसल यह लाखों लोग बांग्लादेशी हैं जो भारत आने के लिए वीजा की लाइनों में लगे हैं।
भारत ने 28 जून से बांग्लादेशियों के लिए वीजा सर्विस को दोबारा शुरू कर दिया था। वीजा सर्विस के शुरू होने के 24 घंटे के अंदर ही करीब 1,40,000 बांग्लादेशियों ने भारत आने के लिए वीजा एप्लीकेशन लगा भी दी। हैरानी की बात देखिए कि अभी केवल पांच वीजा केंद्रों को ही चालू किया गया है।
अगस्त 2024 से पहले भारत बांग्लादेश में 16 वीजा आवेदन केंद्र चलाता था। सोचिए अगर 16 के 16 वीजा केंद्र खुल जाते तो भारत में घुसने के लिए करीब 10-15 लाख बांग्लादेशी वीजा एप्लीकेशन डाल चुके होते। बांग्लादेशियों का कहना है कि भारत में मुसलमानों के साथ अत्याचार होता है। लेकिन ये लाखों बांग्लादेशी भारत में आने के लिए क्यों तड़प रहे हैं? भारत को गाली देने के बावजूद इन्हें भारत में ही आना है।
इनमें से कोई भी पाकिस्तान का वीजा लेने नहीं गया। चीन का वीजा लेने नहीं गया। यह लोग भारत के झंडे पर पैर रखते हैं, लेकिन अपने पासपोर्ट में उसी भारत की वीजा स्टैंप लगवाना चाहते हैं। हमारा मानना है कि बांग्लादेशियों को वीजा नहीं देना चाहिए।
बांग्लादेश ने भारत के पास अपने दो रणनीतिक प्रोजेक्ट भारत से ही छीनकर चीन को दे दिए हैं। जिनमें से पहला भारत से महज 80 कि.मी. दूर मोंगला प्रोजेक्ट है। तो दूसरा भारत की चिकन नेक से 100 कि.मी. दूर तीस्ता नदी पर बन रहा प्रोजेक्ट है।
आपको बता दें कि ज्यादातर बांग्लादेशी भारत में इलाज करवाने के लिए वीजा मांगने आए हैं। यह पाकिस्तान और चीन में इलाज नहीं करवाना चाहते। अब जरा इस महिला का सच आप जान लीजिए। इस महिला ने भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी से कहा है कि हमें भारत का वीजा नहीं मिल रहा है। शायद यह पीछे खड़े अपने पति के लिए मेडिकल वीजा मांगने आई है।
आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि पीछे खड़ा इस महिला का पति बांग्लादेश की पार्टी जमात इस्लामी का नेता है। रोज भारत के टुकड़े और हिंदुओं के टुकड़े करने के नारे लगाता होगा। जमात के लोग आजकल बांग्लादेश में बन रही 81 फुट ऊंची भगवान राम की मूर्ति को गिराने के लिए सड़कों पर निकले हैं। लेकिन अब इन्हीं लोगों को भारत में इलाज करवाना है।
जमात के लोग भारत को गला फाड़-फाड़ कर गालियां देते हैं। लेकिन जब इलाज की भीख मांगनी होती है तो इनकी आवाज नहीं निकलती। यह अपनी पत्नी को आगे कर देते हैं। जमात के इस कट्टरपंथी नेता की पत्नी ने दिनेश त्रिवेदी से बंगाली में क्या कहा वह आपको आगे सुनवाएंगे। लेकिन उससे पहले एक दिलचस्प चीज देखिए कि भयंकर अत्याचारों के बावजूद भी इस वीजा सेंटर में बहुत कम बांग्लादेशी हिंदू पहुंचे। लेकिन हिंदुओं को मारने वाले बांग्लादेशी मुस्लिमों की वीजा सेंटर पर भीड़ लग गई। इसी वीजा सेंटर पर एक बांग्लादेशी मां दिनेश त्रिवेदी से यह पूछ रही है कि क्या वो शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों के वीजा के लिए कोई अलग काउंटर का इंतजाम करवा सकते हैं?
जब भारत को मिटाने की बातें होती हैं तो यह सब लोग एकजुट हो जाते हैं। लेकिन आज भारत से जीवन दान मांग रहे हैं। आप बताइए कि बांग्लादेशियों को मेडिकल वीजा देना चाहिए या नहीं देना चाहिए।
बहरहाल दिनेश त्रिवेदी से मेडिकल वीजा मांगने आई इस मुस्लिम महिला के चेहरे पर झूठी लाचारी देखिए। देखिए कैसे कान में यह दिनेश त्रिवेदी से कह रही है कि मेरे पति को वीजा दिलवा दो। सब श्री राम