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भारत के इस जिले में मिला ऐसा खजाना की दुनिया हैरान!

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सोना हमारे देश में सोने को सिर्फ एक मेटल नहीं माना जाता। यह हमारी संस्कृति, हमारी शादियों की रौनक और मुसीबत के वक्त का सबसे बड़ा सहारा है। हम भारतीय दुनिया में सबसे ज्यादा सोना खरीदने वाले लोगों में से एक हैं। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। सोने की कीमतों में पिछले कुछ सालों में रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ोतरी देखी गई है। सोना अब आम लोगों की पहुंच से बाहर होते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताकत का एक प्रतीक बन चुका है। वहीं भारतीयों के मन में इसको लेकर दीवानगी कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में सवाल आता है कि जिस सोने को हम इतने चाव से पहनते हैं वो हमारे देश में आता कहां से है? कहां इसकी माइनिंग की जाती है? और हमारे देश में कहां दबा है सोने का अकूत भंडार?

आइए आज भारत फैक्ट्स के इस एपिसोड में हम इन सभी सवालों का जवाब जानेंगे। नमस्कार, मैं हूं आदित्य। india.com में आपका स्वागत है। अगर मैं आपसे पूछूं कि भारत का गोल्डन स्टेट कौन सा है? तो शायद आपके दिमाग में केजीएफ फिल्म का नाम आएगा और आप बिल्कुल सही हैं। भारत के कुल गोल्ड प्रोडक्शन का लगभग 99% हिस्सा अकेले कर्नाटक से आता है। आज के समय में कर्नाटक के रायचूर जिले में मौजूद हुट्टी गोल्ड माइंस देश की सबसे बड़ी और एक्टिव खदान है। जहां से लगातार सोना निकाला जा रहा है। सोने के मामले में कर्नाटक का कोई मुकाबला नहीं है।

वो निर्विवाद रूप से नंबर वन है। कर्नाटक के बाद बहुत ही छोटे स्तर पर आंध्र प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों का नंबर आता है। लेकिन रुकिए कहानी में अभी एक बहुत ही बड़ा ट्विस्ट है। अगर मैं आपसे कहूं कि भारत का सबसे बड़ा सोने का खजाना कर्नाटक में नहीं बल्कि एक ऐसे राज्य में छुपा है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। जी हां, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश का सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व बिहार के जमोई जिले में मौजूद है। आपने बिल्कुल सही सुना बिहार। अनुमान है कि जमोई की धरती के नीचे लगभग 222.8 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क दबा हुआ है। यह मात्रा इतनी ज्यादा है कि यह पूरे भारत के कुल सोने के भंडार का करीब 44% है। यानी आधा खजाना अकेले बिहार के पास है। हालांकि यह अभी सिर्फ एक अनुमानित भंडार है।

जहां से बड़े पैमाने पर कमर्शियल खुदाई होना बाकी है। साथियों लेकिन जिस दिन यहां से सोना निकलना शुरू हो गया उस दिन बिहार की किस्मत और देश की किस्मत खुल जाएगी। साथ ही भारत की इकॉनमी में एक बड़ा जंप देखने को मिल सकता है। अब सवाल आता है कि कर्नाटक और बिहार के अलावा हमारे देश में सोना और कहां-कहां छुपा हुआ है? अगर देश के नक्शे को देखें तो आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में, झारखंड के सिंहभूमि क्षेत्र में, उड़ीसा के देवगढ़ और सुंदरगढ़ में और मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी सोने के भंडार पाए गए हैं। यानी भारत की धरती के नीचे कई जगहों पर पीला सोना दबा हुआ है। लेकिन क्या यह इतना आसान है कि कहीं भी सोना मिले और हम फवाड़ा लेकर खुदाई शुरू कर दें। बिल्कुल नहीं। फिल्मों में भले ही खदानों पर कब्जा करते हुए दिखाया जाता हो, लेकिन असल जिंदगी में इसके नियम बेहद कड़े और पारदर्शी हैं।

भारत में खदानों का पूरा कामकाज एक खास कानून के तहत चलता है जिसे खान और खनिज अधिनियम 1957 यानी एमएमडीआर एक्ट कहा जाता है। सरकार ने इसमें साल 2025 में नए संशोधन भी किए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया को और भी ज्यादा बेहतर बनाया जा सके। इस कानून के मुताबिक अब कोई भी सरकार किसी को अपनी मर्जी से खदान नहीं दे सकती। खदानों के अलॉटमेंट सिर्फ और सिर्फ ई नीलामी के जरिए होता है। जो कंपनी सबसे पारदर्शी तरीके से सही बोली लगाती है उसे ही काम मिलता है। इन सारे कड़े नियमों का पालन करने के बाद ही जमीन से सोने का एक कतरा बाहर आता है। तो साथियों अगली बार जब आप सोने का कोई जेवर देखें तो याद रखिएगा कि उसके पीछे हुट्टी की गहरी खदानें, बिहार के जमुई का छिपा हुआ सपना और सरकार के कड़े कायदे और कानून शामिल हैं। आज के एपिसोड में बस इतना ही। आपको क्या लगता है? क्या बिहार के जमुई में छिपे इस खजाने की खुदाई जल्द से जल्द शुरू कर देनी चाहिए? कमेंट सेक्शन में अपनी राय हमें जरूर बताएं।

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