इमरान खान के खिलाफ कड़ी से कड़ी कारवाई हो। कोई भी विदेशी नागरिक इस प्रकार के राजनैतिक अभियान आंदोलन में हिस्सा नहीं ले सकता है। बॉलीवुड में एक ऐसा नाम है जिसकी फिल्मों ने कभी लाखों लोगों का मनोरंजन किया। लेकिन अब उसी एक्टर की सिटीजनशिप को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बात हो रही है इमरान खान की जो कि एक बार फिर से लाइव लाइट में है। सीजीपी प्रोटेस्ट के बीच [संगीत] उनकी नागरिकता का मुद्दा कैसे सामने आया? बीजेपी नेता ने क्या सवाल उठाए और क्या पूरे विवाद के पीछे की कहानी है। चलिए आपको आसान भाषा में पूरा मामला समझाते हैं। बॉलीवुड एक्टर इमरान खान इन दिनों अपनी फिल्म की वजह से नहीं बल्कि अपनी सिटीजनशिप को लेकर लाइमलाइट बटोर रहे हैं। दरअसल इस पूरे मामले में जब लोगों की अटेंशन गैब हुई जब सीजेपी प्रोटेस्ट [संगीत] से जुड़ा पूरा मामला उनकी नागरिकता पर सवाल लेकर आया। बीजेपी नेता और सांसद कीर्ति ने [संगीत] इमरान खान की नागरिकता को लेकर सवाल उठाए।
राजनैतिक आंदोलन में फिल्म एक्टर अमेरिकन नागरिक इमरान खान ने मुंबई में हिस्सा लिया। गिरफ्तारी दी। कोई भी विदेशी नागरिक इस प्रकार के राजनैतिक अभियान आंदोलन में हिस्सा नहीं ले सकता है। मैंने मुंबई पुलिस से मांग की है इमरान खान के खिलाफ कड़ी से कड़ी कारवाई हो और उसको हिंदुस्तान से तुरंत डिपोर्ट किया जाए। इसके बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और मेन स्ट्रीम मीडिया में काफी ज्यादा हेडलाइंस बना। हालांकि विवाद को समझने के लिए यह समझना जरूरी है कि सवाल उठाया जाना और किसी बात को ऑफिशियली तौर से कहा जाना दोनों अलग-अलग चीजें हैं।
इमरान खान का नाम हिंदी फिल्मों से जुड़ा रहा है। वह जाने तू या जाने ना हेट लव स्टोरी और दिल्ली बेली जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। ऐसे में उनके नाम के साथ सिटीजनशिप का मुद्दा जुड़ने के बाद लोगों की दिलचस्पी भी बढ़ गई है। अब इस पूरे मामले में एक अहम पहलू सीजेपी [संगीत] प्रोटेस्ट भी है। दरअसल प्रोटेस्ट और उससे जुड़े लोगों को लेकर पहले से ही बहुत बातें चल रही हैं। इसी दौरान इमरान खान की नागरिकता पर सवाल उठने से यह विवाद और ज्यादा इंटरेस्टिंग हो गया है। दरअसल अब लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर उनकी नागरिकता को लेकर किस आधार पर सवाल उठाए [संगीत] जा रहे हैं और इस मामले में ऑफिशियली जानकारी क्या कहती है। लेकिन इन सबके बीच एक बात समझना जरूरी है
कि किसी नेता की द्वारा उठाए गए सवाल किसी की सिटीजनशिप को लेकर कोई प्रमाण नहीं देते। इस तरह के मामले दस्तावेज, आधिकारिक रिकॉर्ड और जो संबंधी पक्ष होते हैं उनका जवाब इसमें काफी अहम होता है। इसलिए जब कोई विश्वसनीय या फिर ऑफिशियली जानकारी सामने ना आए जब तक किसी भी दावे को अंतिम सच मान लेना ठीक नहीं है। फिलहाल इस मुद्दे पर बातें हो रही हैं और लोगों की अटेंशन इस मुद्दे पर पूरी तरह से ग्रैप है। क्या इमरान खान की नागरिकता सच में ही खतरे में है या यह सब एक अफवाह है। इस पूरे मामले में आगे क्या कुछ अपडेट आता है यह देखना बहुत बेहतर होगा। फिलहाल ये कंट्रोवर्सी और ज्यादा बड़ी हो गई है। तो इमरान खान की सिटीजनशिप पर उठ रहे सवाल एक बार फिर से लाइमलाइट में हैं। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि सवालों के जवाब आखिरकार कब मिल पाते हैं और इस मामले का सच कब सामने आ पाता है। अब देखना यह होगा कि क्या विवाद के आगे कोई और ऑफिशियली जानकारी सामने आएगी।