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क्यों हेमा मालिनी के पॉलिटिक्स ज्वाइन करने के खिलाफ थे धर्मेंद्र? वजह चौंका देगी।

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पहली बार धर्मेंद्र के खिलाफ जाकर बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा मालिनी ने लिया सबसे बड़ा फैसला। धर्मेंद्र के लाख मना करने के बावजूद भी जिद पर अड़ी रही हेमा मालिनी। आखिरकार कौन है वो एक्टर जिसने धर्मेंद्र के खिलाफ जाकर दिया हेमा मालिनी का साथ?

धर्मेंद्र जी भले ही पिछले साल हम सबको छोड़कर इस दुनिया से चले गए हो लेकिन अब भी धर्मेंद्र के कई किस्से हैं जिन्हें फैंस जानना चाहते हैं जो खुद हेमा मालिनी बता रही है। कुछ किस्से तो ऐसे हैं जिन्हें सुनकर आज फैंस हैरान होने वाले हैं। दरअसल हाल ही में एक इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र जी से जुड़ा हुआ एक ऐसा किस्सा पूरी दुनिया के साथ शेयर किया जिसे सुनकर लोग हैरान हो गए। पहली बार हेमा मालिनी ने बताया कि उनके और धर्मेंद्र के बीच में एक बहुत बड़ा झगड़ा हुआ था और इस झगड़े के बावजूद भी लाख धर्मेंद्र के मना करने के बावजूद भी हेमा मालिनी धर्मेंद्र के फैसले के खिलाफ गई थी और इस काम में उनके इस उनका साथ दिया था।

एक बॉलीवुड की ही एक्टर ने। क्या था यह मामला? किस बात पर हुआ था हेमा मालिनी और धर्मेंद्र जी का झगड़ा और क्या करना चाहती थी हेमा मालिनी जो वो ज़िद पर अड़ गई थी धर्मेंद्र जी के सामने? अब हाल ही में हेमा मालिनी एक इवेंट में पहुंची थी। जहां पर अचानक से ही धर्मेंद्र जी की बातें होने लगी। इस इवेंट में जब हेमा मालिनी से ये पूछा गया कि आप और धर्मेंद्र जब तक धर्मेंद्र जी जिंदा थे आप हमेशा ही लोगों के आइडियल कपल थे।

हर कोई आपके जैसा बनना चाहता था। हर कोई चाहता था कि आप दोनों के बीच में जितना प्यार है वैसा ही प्यार हर पति-पत्नी के बीच में हो। लेकिन क्या फिर भी आज तक कभी ऐसा हुआ कि आप दोनों के बीच में किसी बात को लेकर मनमुटाव हुआ हो या झगड़ा हुआ हो? तो इस पर पहली बार हेमा मालिनी ने अपनी चुप्पी तोड़ी। अब तक हर किसी को ये लगता था कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के बीच में कभी झगड़ा नहीं हो सकता। लेकिन हेमा मालिनी ने बताया कि एक बार मेरे और धर्मेंद्र जी के बीच में बहुत बहुत बड़ा झगड़ा हुआ था। झगड़ा इतना ज्यादा बढ़ गया था कि ये झगड़ा कई महीनों तक चला था।

अब वो बात क्या थी मैं आपको बताती हूं। दरअसल हेमा मालिनी कई सालों पहले राजनीति यानी पॉलिटिक्स में आना चाहती थी। वो बीजेपी की पार्टी ज्वाइन करना चाहती थी। लेकिन धर्मेंद्र जी इस चीज के बिल्कुल खिलाफ थे। धर्मेंद्र जी नहीं चाहते थे कि हेमा मालिनी किसी भी कीमत में पॉलिटिक्स जॉइन करें और इसकी कई वजह थी। पहली वजह तो धर्मेंद्र जी को ये लगता था कि जब भी कोई नेता होता है और जब वो पब्लिक के बीच में जाता है जब चुनाव प्रचार के लिए जाता है जब इलेक्शन में वोट मांगने के लिए जाता है तो उसको भीड़ के बीच में जाना पड़ता है। ऐसे में हेमा मालिनी की पहली पॉपुलैरिटी बहुत ज्यादा थी। भ उस वक्त की ड्रीम गर्ल थी हेमा मालिनी और हर कोई हेमा मालिनी को पास से छूना चाहता था, देखना चाहता था।

तो धर्मेंद्र जी का कहना था उस वक्त कि वो बहुत ज्यादा डर गए थे जब हेमा मालिनी इस तरह से बीच सड़कों पे जाती थी या भीड़भाड़ में जाती थी तो उनको डर लगता था कि कहीं हेमा मालिनी को कुछ हो ना जाए। फिर दूसरा डर धर्मेंद्र जी का ये था कि हेमा मालिनी को बीजेपी पार्टी की तरफ से उनका प्रचार करने के लिए कई-कई राज्यों में जाना पड़ता था। अलग-अलग स्टेट्स में जाना पड़ता था। हेलीकॉप्टर्स से लंबी-लंबी यात्रा करनी पड़ती थी। तो इसको लेकर भी धर्मेंद्र जी बहुत चिंता में रहते थे कि तुम अकेली जा रही हो चुनाव प्रचार करने दूर-दूर राज्यों में जाती हो। कभी तुम्हें कुछ हो गया तो क्या होगा? क्योंकि धर्मेंद्र जी हेमा मालिनी से बहुत ज्यादा प्यार करते थे। लेकिन हेमा मालिनी ज़िद पर अड़ गई थी कि वो पॉलिटिक्स जॉइ करके रहेगी। दरअसल हेमा मालिनी ने इस इंटरव्यू में यह भी बताया कि वो कभी भी पॉलिटिक्स जॉइ नहीं करना चाहती थी। वो जब एक्ट्रेस थी तो उनका कभी भी सपना नहीं था कि वो राजनीति में आए।

लेकिन पहली बार लेकिन पहली बार हेमा मालिनी के मन में पॉलिटिक्स आने का ख्याल आया वो सन था 1999 यानी 1999। बीजेपी पार्टी से जो विनोद खन्ना जो एक्टर थे वह चुनाव लड़ रहे थे। और एक बार जब उन्हें चुनावी रैली में विनोद खन्ना को जाना था और चुनाव प्रचार कर रहा था तो उन्होंने अपनी जो साथी एक्ट्रेस और बहुत अच्छी दोस्त थी हेमा मालिनी की मदद मांगी। उन्होंने कहा कि मैं एक चुनाव प्रचार के लिए जा रहा हूं। बीजेपी पार्टी से मैं चुनाव लड़ रहा हूं। तो तुम भी हेमा मालिनी मेरे साथ चलो तुम्हें देखकर शायद और लोग इकट्ठा हो जाए और मैं वोट मांग सकूं। तो हेमा मालिनी भी गई उनके साथ और आप यकीन नहीं करेंगे जब विनोद खन्ना चुनाव प्रचार कर रहे थे। हेमा मालिनी ने खुद बताया तो विनोद खन्ना को देखने के लिए जितनी जनता आई थी उससे कहीं ज्यादा जनता हेमा मालिनी को देखने आई थी और हेमा मालिनी खुद भी ये देखकर हैरान हो गई थी कि क्या सचमुच पब्लिक के बीच में मेरी इतनी फैन फॉलोइंग है लोग सिर्फ मुझे देखने के लिए अपना सारा कामधाम छोड़कर इस रैली में आ गए हैं तब पहली बार हेमा मालिनी का कहना है।

1999 यानी 1999 में मेरे मन में ये इच्छा जागी कि क्यों ना मैं भी पॉलिटिक्स जॉइ करूं लेकिन फिर भी मैंने अपने मन को मार दिया जब क्योंकि मैंने धर्मेंद्र जी से पूछा तो धर्मेंद्र जी ने पॉलिटिक्स में जाने के लिए मना कर दिया था। लेकिन उसके बाद जो मेरी मां है मैंने अपनी मां से भी ये बात बोली कि मैं भी शायद पॉलिटिक्स में जाना चाहती हूं। तो उसके बाद उनकी मां ने बोला बिल्कुल तुम्हें जाना चाहिए। हेमा मालिनी का कहना है कि उनकी मां ने उनको बहुत सपोर्ट किया। उनकी मां ने बोला कि बीजेपी एक बहुत अच्छी पार्टी है। उस वक्त बीजेपी का हिस्सा लाल कृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे लोग थे। तो उनको कहा उन्होंने कहा था कि तुमने लोगों का बहुत एंटरटेनमेंट किया।

अपनी फिल्मों से लोगों को बहुत अच्छी-अच्छी फिल्में दी हैं। लेकिन अब तुम्हारा काम है देश की सेवा करना और तुम्हें बीजेपी पार्टी जरूर जॉइ करनी चाहिए। तो हेमा मालिनी अपनी मां के सपोर्ट पे और विनोद खन्ना जो कि एक्टर थे उनके सपोर्ट की वजह से पॉलिटिक्स में उन्होंने एंट्री की वो भी धर्मेंद्र के खिलाफ जाकर क्योंकि धर्मेंद्र नहीं चाहते थे कि हेमा मालिनी पॉलिटिक्स में आए लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने 2003 में बीजेपी ज्वाइन की लेकिन बीजेपी जॉइन करने के बाद भी हेमा मालिनी का कहना है कि उन्होंने एक बहुत बड़ी शर्त रख दी थी ।

बीजेपी के सामने कि भाई मैं तो चुनाव तभी लडूंगी जब मुझे मथुरा सीट से ही चुनाव लड़ने का मौका दिया जाएगा| क्योंकि हेमा मालिनी का कहना है कि वो श्री कृष्ण जी की बहुत बड़ी भक्त हैं और जो मथुरा है वो श्री कृष्ण की नगरी है। इसीलिए हेमा मालिनी का कहना है कि वो चुनाव भी मथुरा से ही लड़ना चाहती थी। उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा क्योंकि जो मथुरा की सीट थी वो पहले किसी और नेता को दे दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद भी बीजेपी ने उस वक्त जो हेमा मालिनी है उनका कहना है कि सुषमा स्वराज थी और जो अरुण जेटली साहब थी इन लोगों ने बहुत मदद की और मुझे मथुरा से मथुरा की सीट मिल गई।

उसके बाद 2014 से लेकर अब तक हेमा मालिनी लगातार मथुरा की सीट से जीतती आई है। हेमा मालिनी ने इस इंटरव्यू में यह भी कहा कि जब वो नई-नई पॉलिटिक्स पॉलिटिक्स में आई थी जब जब उन्होंने नई-नई राजनीति ज्वाइन की थी तो उनको बहुत डर लगता था भीड़ के सामने भाषण देने में। वो बहुत डरती थी। तो उस वक्त उनका कहना है कि दो लोगों ने मेरी बहुत मदद की। एक मेरी मां जो मेरा भाषण लिखा करती थी कि तुम भीड़ में जब जाओगी जनता के बीच जाओगी तो तुम्हें क्या भाषण देना है एक नेता की तरह। दूसरा हेमा मालिनी का कहना है जिस शख्स ने उनकी मदद की वो थे बॉलीवुड एक्टर विनोद खन्ना। विनोद खन्ना ने बताया कि तुम्हें भीड़ में खड़े होकर बात कैसे करनी है, इंटरव्यू कैसे देना है, क्या बोलना है, किन मुद्दों पर बात करनी है? क्योंकि विनोद खन्ना भी उस वक्त एक जानेमाने पॉलिटिशियन थे। एक्ट्रेस थे वो भी पॉलिटिक्स में ज्वाइन कर चुके थे। तो हेमा मालिनी का कहना है कि धर्मेंद्र जी ने तो साफ मना कर दिया था।

घर में बहुत झगड़ा भी हुआ। कई महीनों तक धर्मेंद्र जी ने हेमा मालिनी से बात नहीं की जब उन्होंने बीजेपी पार्टी ज्वाइन कर ली थी। लेकिन इसके बावजूद भी जो हेमा मालिनी है वो नहीं रुकी और उन्होंने कहा कि वो एक अच्छी पॉलिटिशियन बनके दिखाएगी और देश की सेवा करेगी। और आज लीजिए वह मथुरा से लगातार जीतती आ रही हैं और देश की सेवा करने का भी उन्हें मौका मिल रहा है। तो यह पहली बार था जब धर्मेंद्र जी और हेमा मालिनी के बीच में बड़ा झगड़ा हुआ था। अब इस झगड़े के बारे में सनी देओल और बॉबी देओल कितना जानते हैं

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