हुए हैं। ऐसा ही यह किस्सा करीब 40 साल पुरानी फिल्म बाबू से जुड़ा है। जिसे सुनकर आज भी फिल्म प्रेमी मुस्कुरा उठते हैं। दरअसल यह कहानी उस समय की है जब राजेश खन्ना और हेमा मालिनी फिल्म बाबू की शूटिंग कर रहे थे। फिल्म में एक ऐसा सीन था जिसमें हीरोइन के साथ बदसलूकी होती है और उसके बाद हीरो गुस्से में विलेन से भिड़ जाता है। यही सीन बाद में फिल्म की सबसे चर्चित झलकियों में भी शामिल हो गया। साल 1985 में रिलीज हुई फिल्म बाबू में राजेश खन्ना ने रिक्शा चालक बाबू का किरदार निभाया था। जबकि हेमा मालिनी फिल्म में कमू के रोल में नजर आई थी। हेमा मालिनी के सम्मान के लिए सामने आए थे काका। फिल्म के एक बेहद अहम सीन में विलेन का किरदार निभा रहे अभिनेता [संगीत] रूपेश कुमार कमू को परेशान करते हैं। जैसे ही बाबू यह सब देखता है, वह अपना आपा खो बैठता है और विलेन से सीधा जाकर भिड़ जाता है। सीन में राजेश खन्ना का गुस्सा इतना वास्तविक नजर आता है कि कई दर्शकों को पहली बार देखने पर लगा कि यह सिर्फ अभिनय नहीं बल्कि सचमुच की ही लड़ाई है।
हालांकि ये पूरी तरह फिल्म की कहानी का हिस्सा था और शूटिंग के दौरान किसी भी तरह का वास्तविक विवाद नहीं हुआ था। फिल्म बाबू का ये फाइट सीक्वेंस उस दौर में काफी पसंद किया गया था। उस समय एक्शन फिल्मों का एक अलग ही दौर था। लेकिन इस सीन में सिर्फ मारधाड़ नहीं बल्कि एक महिला के सम्मान की रक्षा करने का भी संदेश दिखाया गया था। राजेश खन्ना ने अपने अभिनय से यह साबित कर दिया था कि वह सिर्फ रोमांटिक हीरो ही नहीं बल्कि भावनात्मक और दमदार किरदारों में भी जान डाल सकते हैं। हेमा मालिनी और राजेश खन्ना के बीच फिल्म में दिखाई गई समझदारी और भरोसे ने इस सीन को और भी ज्यादा प्रभावशाली बना दिया था। यही वजह रही कि फिल्म रिलीज होने के कई दशक बाद भी यह सीन अक्सर सोशल मीडिया और फिल्मी चर्चाओं में याद किया जाता है। राजेश और हेमा मालिनी की सुपरहिट जोड़ी। राजेश खन्ना और हेमा मालिनी ने अपने करियर में कई फिल्मों में साथ काम किया था। दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया। इनकी फिल्मों में रोमांस, ड्रामा और भावनाओं का शानदार मेल देखने को मिलता था। दोनों कलाकारों ने अंदाज महबूबा कुदरत नसीब राजपूत बंदिश प्रेमनगर जैसी फिल्मों में अपनी शानदार केमिस्ट्री से दर्शकों का दिल जीता। इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया और आज भी टीवी और ओटीटी पर दर्शकों द्वारा देखी जाती हैं।
फिल्म बाबू में अभिनेता रूपेश कुमार ने नकारात्मक किरदार निभाया था। उस दौर में रूपेश कुमार कई फिल्मों में विलेन की भूमिका निभाकर अपनी आवाज और अलग पहचान बना चुके थे। उनके और राजेश खन्ना के बीच में फिल्माया गया संघर्ष दर्शकों को काफी पसंद आया। खास बात यह रही कि पर्दे पर दोनों के बीच दिखाई गई दुश्मनी सिर्फ अभिनय तक ही सीमित थी। वास्तविक जीवन में कलाकारों के बीच किसी भी तरह का कोई मनमुटाव बिल्कुल नहीं था। फिल्म बाबू भले ही समय के साथ पुरानी हो चुकी हो लेकिन इसके कई सीन आज भी दर्शकों के जहन में ताजा हैं। खासतौर पर वो सीन जिसमें राजेश खन्ना हेमाम मालिनी के सम्मान के लिए विलेन रूपेश कुमार से भिड़ जाते हैं। यह एक सीन उस दौर की फिल्मों की खासियत भी दिखाता है। जहां नायक सिर्फ प्रेमी नहीं बल्कि रक्षक के रूप में भी नजर आता था।
राजेश खन्ना और हेमा मालिनी की जोड़ी आज भी हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम अध्याय का एक अहम हिस्सा मानी जाती है। दोनों कलाकारों ने अपने अभिनय से करोड़ों लोगों का दिल जीता और ऐसी कई फिल्में दी जिनके किस्से आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। बाबू का यह रोचक प्रसंग भी उन्हीं यादगार पलों में शामिल है जिसे हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर की खास याद के रूप में देखा जाता है। बहरहाल इस दिलचस्प किस्से को लेकर क्या है आपकी राय? कमेंट सेक्शन में जरूर जरूर बताइएगा। नमस्कार। [संगीत] हेमा मालिनी को बचाने के लिए इस एक्टर से भिड़ गए थे राजेश खन्ना। 40 साल पुरानी फिल्म का है किस्सा। हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना और ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की जोड़ी को आज भी बॉलीवुड की सबसे यादगार जोड़ियों में शुमार [नाक से की जाने वाली आवाज़] किया जाता है। 70 और 80 के दशक में दोनों ने कई सुपरहिट फिल्मों में एक साथ काम किया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पर्दे पर दोनों की केमिस्ट्री जितनी शानदार थी, उतनी ही दिलचस्प किस्से भी इनकी फिल्मों से जुड़े हुए हैं। ऐसा ही एक किस्सा करीब 40 साल पुरानी फिल्म बाबू से जुड़ा है जिसे सुनकर आज भी फिल्म प्रेमी मुस्कुरा उठते हैं। दरअसल यह कहानी उस समय की है जब राजेश खन्ना
और हेमा मालिनी फिल्म बाबू की शूटिंग कर रहे थे। फिल्म में एक ऐसा सीन था जिसमें हीरोइन के साथ बदसलूकी होती है और उसके बाद हीरो गुस्से में विलेन से भिड़ जाता है। यही सीन बाद में फिल्म की सबसे चर्चित झलकियों में भी शामिल हो गया। साल 1985 में रिलीज हुई फिल्म बाबू में राजेश खन्ना ने रिक्शा चालक बाबू का किरदार निभाया था। जबकि हेमा मालिनी फिल्म में कमू के रोल में नजर आई थी। हेमा मालिनी के सम्मान के लिए सामने आए [संगीत] थे काका। फिल्म के एक बेहद अहम सीन में विलेन का किरदार निभा रहे अभिनेता [संगीत] रूपेश कुमार कमू को परेशान करते हैं। जैसे ही बाबू यह सब देखता है, वह अपना आपा खो बैठता है और विलेन से सीधा जाकर भिड़ जाता है। सीन में राजेश खन्ना का गुस्सा इतना वास्तविक नजर आता है कि कई दर्शकों को पहली बार देखने पर लगा कि यह सिर्फ अभिनय नहीं बल्कि सचमुच की ही लड़ाई है। हालांकि ये पूरी तरह फिल्म की कहानी का हिस्सा था और शूटिंग के दौरान किसी भी तरह का वास्तविक विवाद नहीं हुआ था। फिल्म बाबू का यह फाइट सीक्वेंस उस दौर में काफी पसंद किया गया था। उस समय एक्शन फिल्मों का एक अलग ही दौर था। लेकिन इस सीन में सिर्फ मारधाड़ नहीं बल्कि एक महिला के सम्मान की रक्षा करने का भी संदेश दिखाया गया था। राजेश खन्ना ने अपने अभिनय से यह साबित कर दिया था कि वह सिर्फ रोमांटिक हीरो ही नहीं बल्कि भावनात्मक और दमदार किरदारों में भी जान डाल सकते हैं।
हेमा मालिनी और राजेश खन्ना के बीच फिल्म में दिखाई गई समझदारी और भरोसे ने इस सीन को और भी ज्यादा प्रभावशाली बना दिया था। यही वजह रही कि फिल्म रिलीज होने के कई दशक बाद भी यह सीन अक्सर सोशल मीडिया और फिल्मी चर्चाओं में याद किया जाता है। राजेश और हेमा मालिनी की सुपरहिट जोड़ी। राजेश खन्ना और हेमा मालिनी ने अपने करियर में कई फिल्मों में साथ काम किया था। दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया। इनकी फिल्मों में रोमांस, ड्रामा और भावनाओं का शानदार मेल देखने को मिलता था। दोनों कलाकारों ने अंदाज महबूबा कुदरत नसीब राजपूत बंदिश प्रेम नगर जैसी फिल्मों में अपनी शानदार केमिस्ट्री से दर्शकों का दिल जीता। इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया और आज भी टीवी और ओटीटी पर दर्शकों द्वारा देखी जाती हैं। फिल्म बाबू में अभिनेता रूपेश कुमार ने नकारात्मक किरदार निभाया था। उस दौर में रूपेश कुमार कई फिल्मों में विलेन की भूमिका निभाकर अपनी आवाज और अलग पहचान बना चुके थे। उनके और राजेश खन्ना के बीच में फिल्माया गया संघर्ष दर्शकों को काफी पसंद आया। खास बात यह रही कि पर्दे पर दोनों के बीच दिखाई गई दुश्मनी सिर्फ अभिनय तक ही सीमित थी। वास्तविक जीवन में
कलाकारों के बीच किसी भी तरह का कोई मनमुटाव बिल्कुल नहीं था। फिल्म बाबू भले ही समय के साथ पुरानी हो चुकी हो लेकिन इसके कई सीन आज भी दर्शकों के जहन में ताजा हैं। खासतौर पर वो सीन जिसमें राजेश खन्ना हेमाम मालिनी के सम्मान के लिए विलेन रूपेश कुमार से भिड़ जाते हैं। यह एक सीन उस दौर की फिल्मों की खासियत भी दिखाता है। जहां नायक सिर्फ प्रेमी नहीं बल्कि रक्षक के रूप में भी नजर आता था। राजेश खन्ना और हेमा मालिनी की जोड़ी आज भी हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम अध्याय का एक अहम हिस्सा मानी जाती है। दोनों कलाकारों ने अपने अभिनय से करोड़ों लोगों का दिल जीता और ऐसी कई फिल्में दी जिनके किस्से आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। बाबू का यह रोचक प्रसंग भी उन्हीं यादगार पलों में शामिल है जिसे हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर की खास याद के रूप में देखा जाता है। बहरहाल इस दिलचस्प किस्से को लेकर क्या है आपकी राय? कमेंट सेक्शन में जरूर जरूर बताइएगा। नमस्कार। [संगीत] हेमा मालिनी को बचाने के लिए इस एक्टर