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बर्मा से भागकर आई एक बो!ल्ड लड़की कैसे बन गई सलमान खान की मां?जानकर चौंक जाएंगे।

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आज हम बात करेंगे गुजरे जमाने की एक ऐसी गर्ल की जिसने बॉलीवुड में सॉन्ग की शुरुआत की। पिया तू अब तो आजा। ये सब क्या देखना पड़ रहा है? अच्छा है मैं अंधा हूं। एक ऐसी डांसर जिसके लटके झटके के बिना मूवी ही पूरी नहीं होती थी। क्या प्रोग्राम है आज रात का? 60 और 70 के दशक में वो एकमात्र डांसर गर्ल थी जिसे एक आइटम नंबर के लिए लाखों रुपए मिलते थे और वो हीरोइन पर भी भारी पड़ जाती थी। वाओ बड़ी बात यह थी कि वो भारतीय नहीं थी। फिर भी भारत में उसका जलवा अलग ही लेवल का था। तो हम बात कर रहे हैं बीते जमाने की मशहूर डांसर और आइटम गर्ल रही हेललेन की। महबूबा महबूबा आखिर हेललेन का जन्म कहां हुआ? वो भारत कैसे आई?

कैसे उसकी जिंदगी दूसरे विश्व का शिकार हो गई। कैसे एक विदेशी भूखी प्यासी लड़की जो सड़कों पर दो रोटी के लिए ठोकरें खाती फिरती थी वो बॉलीवुड की सबसे अमीर डांसर बन गई। क्या कर रहा है यार तू? वो कौन था जो हेललेन का इस्तेमाल करके उसे पूरी तरह से लूट कर भाग गया था। और आखिर कैसे एक आइटम गर्ल सलमान खान की मां बनी? क्या बात करें? जानेंगे हेललेन की अनसुनी और रोचक कहानी। तो चलिए शुरू करते हैं। [संगीत] वेलकम टू फिल्मी विचार। हेललेन का जन्म बर्मा यानी कि आज के म्यांमार में 21 नवंबर 1938 को हुआ था। हेललेन का पूरा नाम था हेललेन जयरा रिचर्डसन। उनकी मां का नाम था मर्लिन जो वर्मा की रहने वाली थी और पिता का नाम था जॉर्ज जो एक एंग्लो इंडियन थे। हेललेन के जन्म के कुछ ही महीनों बाद जॉर्ज की हो गई और इसके बाद उनकी मां ने एक ब्रिटिश सैनिक जिसका नाम रिचर्डसन था .

उससे दूसरी शादी कर ली और इस तरह हेलेन के पिता एक अंग्रेज बन गए।मजा आया। रिचर्ड सन से मर्लिन को तीन बच्चे हुए। पहला बेटा रोजर, दूसरा बेटा रिचर्ड और एक बेटी जेनिफर और वो चौथी बार प्रेग्नेंट थी। लेकिन जब दूसरा विश्व युद्ध हुआ तो जापान ने बर्मा पर हमला कर दिया और लड़ते हुए रिचर्डसन शहीद हो गए। बर्मा की हालत बिगड़ गई और युद्ध का ऐसा भयानक असर हुआ कि लोगों को अपनी जान बचाकर रातोंरात भागना पड़ा और उन्हीं भागने वालों में से हेललेन का परिवार भी था। दिल ना कहीं लगन जालिम है ये जमाना दिल ना कहीं लगन लेकिन युद्ध की मार झेलते हुए और भूख प्यास से लड़ते हुए अपनी जान बचाते हुए कई महीनों तक वो सफर करती रही जिस कारण हेललेन की मां के गर्भ में पल रहे बच्चे की भी हो गई.

लेकिन हेललेन अपने भाई-बहन और मां के साथ लड़ते हुए कोलकाता पहुंच गए और इस तरह वह बर्मा से भारत आ गए। यहां आने के बाद उनकी हालत और भी बुरी हो गई थी। खाने को रोटी तक नहीं थी और ना ही सिर ढकने के लिए छत। दिन रात भूख प्यास से लड़ते रहते। कभी खाना मिलता तो कभी भूखे पेट ही सोना पड़ता। और इसी तरह भुखमरी से लड़ते हुए 1948 में हेललेन के भाई रिचर्ड की भी स्मॉल पॉक्स के कारण मौत हो गई। हेललेन की मां एक नर्स का काम करने लगी और हेललेन ने भी छोटी-मोटी मजदूरी करना शुरू कर दिया। कोई तो बताओ, कोई समझाओ दिल किसको दूं? हालांकि इससे उनके हालात कभी नहीं सुधरे और वह खाना जुटाने में भी सफल नहीं हो पाए।

तो हेलेन अपनी मां के साथ कोलकाता से बंबई आ गई। यह वो समय था जब बॉलीवुड अपने शुरुआती दौर में था और कुकू मोरे नाम की एक एंग्लो इंडियन लड़की फिल्मों में डांसर के तौर पर खूब फेमस थी। एक दो तीन आजा मौसम है रंगीन आजा एक दो तीन आजा मौसम। वह उस दौर में एक गाने पर डांस करने का ₹6000 लेती थी और बॉलीवुड मूवीज की चर्चित कैवरेज डांसर थी। हेलेन की मां ने कुकू से विनती की और खुद को एंग्लो इंडियन बताकर उससे सहानुभूति की भीख मांगी और हेलेन को फिल्मों में काम दिलवाने के लिए कहा। कुकू ने भी ज्यादा भाव नहीं खाया और हेलेन की फिल्मों में एंट्री करवा दी और एक कोरस डांसर के तौर पर हेललेन ने बॉलीवुड में कदम रखा। उन्होंने शुरुआती दौर में आवारा अब्दुल्ला, सामिस्तान और अलिफ लाला जैसी मूवीज में कोरस डांसर के तौर पर काम किया। ओई मां ओई मां ये क्या हो गया

उनकी गली में दिल खो गया। और इस तरह बर्मा से जान बचाकर भारत आई एक बेसहारा लड़की की बॉलीवुड में एंट्री हो गई। और इसके बाद हेललेन ने एक से बढ़कर एक फिल्मों में छोटे-मोटे गानों पर अपनी कमर मटकाई। जिनमें मयूर पंख, संतोषम, हलाकू, मिस्टर लंबू और यहूदी की लड़की जैसी मूवीस शामिल रहीं और वो लगातार काम करने लगी। हम थी लेकिन ये खबर खुद हम कहेंगे रहरह कर तुम याद आते हो। हालांकि बहुत काम करने के बाद भी हेललेन को अभी तक वो पहचान नहीं मिली थी जिसके लिए वो काम कर रही थी। 1958 में आई किशोर कुमार की मूवी चलती का नाम गाड़ी और इसमें हेललेन ने एक कैमरे किया। हम तुम्हारे हैं जरा घर से निकल कर देखो। और यह गाना बड़ा हिट हुआ। इसके बाद आई अशोक कुमार और मधुबाला की बेहतरीन मूवी हावड़ा ब्रिज। और इस मूवी में एक आइटम सॉन्ग था मेरा नाम चिन चिन चू च बाबा चिन चू रात चांदनी में और तू जिस पर हेललेन ऐसी थिरकी कि वो रातोंरात स्टार बन गई रात चांदनी में और तू हेलो मिस्टर हूं मेरा नाम चिन चु यह गाना इतना बड़ा हिट हुआ कि इसने हेललेन की जिंदगी बदल दी और वो हर किसी की नजरों में आ गई इसके बाद आई दिलीप कुमार की मूवी यहूदी जिसमें जब उन्होंने दुखी होकर यह कहा यह मेरा दीवानापन है या मोहब्बत का तो हर आशिक दो पैग मारकर फूट-फूट कर रोने लगा था खाओ मां कसम और इस मूवी में भी हेललेन का एक बेहतरीन कैबेट डांस था बेचैन देखो ऐसी नजर तनहाइों में शाम शहर तुम याद आते और इस गाने में हेललेन ने उसी कुकू को कंपटीशन देते हुए डांस किया जिसके आगे वह कभी काम की भीख मांग रही थी। मतलब अब हेललेन कुकू से भी आगे निकलने लगी थी।

हेललेन ने जब पहली बार डांस किया था तो उस समय वो केवल 13 साल की थी और 19 साल की होते-होते हेललेन एक बेहतरीन डांसर बन चुकी थी और अपना नाम भी बना चुकी थी और 60 के दशक में ही हेललेन इतनी फेमस हो गई कि वो ना सिर्फ बॉलीवुड में बल्कि साउथ मूवी में भी कैबेज डांसर के तौर पर अपनी पहचान बना चुकी थीअरे बहुत मनूस लग रहे हो मत करो रहने दो 1960 में आई मूवी हम हिंदुस्तानी जिसका यह गाना छोड़ो कल कीlबातें कल की बात पुरानी नए दौर में आज भी 15 अगस्त और 26 जनवरी पर बजता है में लिखेंगेमिलकर नई कहानी हम हिंदुस्तानी और इस मूवी में हेललेन ने एक सेकंड हीरोइन के तौर पर काम किया था और ना सिर्फ एक्टिंग की बल्कि जॉय मुखर्जी के साथ खूब रोमांटिक सीन भी दिए।

आजा तुझे आसमान में ले चलूं चांद को उसकी औकात दिखानी है। मेरी महबूबा जो उस समय बड़ी बात मानी जाती थी। मतलब अब हेललेन डांसिंग के साथ-साथ फिल्मों में छोटे-मोटे रोल भी करने लगी थी। इसके बाद आई राजकुमार और मीना कुमारी की एक यादगार मूवी दिल अपना और प्रीत पराई और इसमें भी हेललेन का एक आइटम सॉन्ग था। तन के ये उजले मन के है काले दिल किसको दूं या उसको

दूं। इसके बाद 1962 में आई चाइना टाउन और हेललेन ने शमी कपूर के साथ आइटम सॉन्ग किया। या दिल रुबा या दिल रुबा या दिल रुबा या दिल रुबा 1964 में आई मूवी आया तूफान जिसके हीरो थे दारा सिंह और इस मूवी में हेललेन ने मेन हीरोइन के तौर पर काम किया जिसके गाने भी लाजवाब थे जिन्हें सुनकर दिल खुश हो जाता है। जरा संभालना मेरी जान अपनी निगाहें के तेरा मेरा नया-नया प्यार हुआ है। आपने क्या कहा मैंने क्या सुन लिया। और इस मूवी को देखकर पता चलता है कि भोजपुरी गाने 1964 में ही नेशनल लेवल के बन चुके थे। तो हर नाम लेके छोड़ा है जमाना तो हर नाम लेके और दारा सिंह की हीरोइन बनकर भी हेललेन ने खूब महफिल लूटी और एक रोमांटिक हीरोइन एक बहादुर लड़की और एक आइटम गर्ल का काम अकेले ही कर दिया। इसके बाद आई चा और इस मूवी में भी हेललेन मैन हीरोइन बनकर हीरो के साथ रोमांस करते हुए नजर आई। मानो ना मनो मुझे तुमसे प्यार हो गया है। दो बदन प्यार की आग में जल गए। दो बदन। इसके बाद आई मनोज कुमार की सबसे यादगार मूवी जिसका नाम था वो कौन थी? हालांकि वो साधना थी और इस मूवी के गानों की तो बात ही अलग थी जो दिल में सीधा उतर जाते थे। लग जा गले के फिर हसीना।

इस मूवी में हेललेन ने सीधे मनोज कुमार के साथ रोमांस किया। कल जो मिला था मुझे ख्वाब में भूल तो नहीं हो क्या तुम? [संगीत] और हर किसी को भरोसा हो गया कि हेललेन ना सिर्फ एक अच्छी डांसर है बल्कि वो एक्ट्रेस भी कमाल की है। इसके बाद आई एक मल्टीस्टारर मूवी जिंदगी और इसमें भी हेललेन के एक गाने ने खूब तहलका मचाया। घुमघरवा मोरा छमम छमम बाजे घुमघरवा मोरा। इसके बाद मनोज कुमार की वो मूवी आई जिसमें लड़की छुप छुप कर सबको डराते हुए यह गा रही थी। गुमनाम है। कोई बदनाम है। मतलब मूवी का नाम था गुमनाम और इस मूवी की भी जितनी तारीफ की जाए वो कम है। मतलब इसका सब कुछ हिटता। फिर चाहे मनोज कुमार और नंदा के गाने रहे हो। मेरे दिल मेरे हमदम बाहों में आ गया। रोमांस रहा हो या फिर महमूद की कॉमेडी रही हो। जय हंगामा। कहां भाग रही थी मैं? या अल्लाह काले से डर गए क्या? और जब हेललेन के साथ महमूद ने नाचते हुए यह गाया हमें काले हैं तो क्या हुआ दिल वाले हैं? हमें काले हैं तो क्या हुआ दिल वाले तो इस गाने ने रिकॉर्ड तोड़ दिए और इस मूवी में भी हेललेन ने बेहतरीन काम किया। पी के हम तुम जो चले आए हैं इस महफिल में। मतलब एक्टिंग भी की, आइटम सॉन्ग भी किए और कॉमेडी भी की।

और अब हेललेन एक डिमांडिंग आइटम गर्ल बन चुकी थी। और अब वो हर बड़े एक्टर के साथ रोमांस भी कर रही थी। सेरी आंख मिलाकर पीले और साथ ही हर बड़े एक्टर को आइटम गर्ल बनकर साथ में नचा रही थी। [हंसी] इन्होंने अभी तक प्यार भी नहीं किया। अरे बहुत मनूस लग रहे हो। मत करो रहने दो। इसके बाद हेललेन ₹1 लाख में नाची। खाओ मां कसम। मतलब मूवी का नाम था ₹1 लाख। और इस मूवी का यह गाना आग रे का लाला अंग्रेजी दुल्हन लाया रे आग रे का। उस समय किसी को चिढ़ाने के बहुत काम आता था। 1967 में आई मूवी बहू बेगम और इस मूवी में हेललेन ने एक कोठे वाली का किरदार निभाया। निकले थे कहां जाने के लिए पहुंचे हैं कहां मालूम नहीं और यह किरदार उन्होंने ऐसे निभाया कि हर कोई उनकी एक्टिंग का दीवाना हो गया और ऐसा मुजरा दिखाया कि अशोक कुमार और मीना कुमारी उन्हें बस देखते ही रह गई क्या खबर कौन सारा पर्दे में है क्या खबरइसके बाद जाल मूवी से हेललेन ने भारत में इंग्लैंड की संस्कृति दिखाते हुए नदी के किनारे को बीच बनाया और बहुत ज्यादा मॉडर्न बनते हुए यह गाना गाया। बंगले में होटल में कुछ समझे दया? हां सर इसका मतलब है इसके बाद देवनंद की ज्वेल थीफ आई और इसमें भी हेललेन ने एक नंबर दिया। फिर धर्मेंद्र की शिकारी में वो गर्ल बनी।

इसके बाद अजीब सा प्राणी बनकर उन्होंने राजेंद्र कुमार को प्यार करना सिखाया। कर ले प्यार कर लेते दिन है यही और सच में उन्हें देखकर ऐसा लगता था कि मानो वो अपने समय से 30-40 साल आगे की थी। मतलब ऐसी ड्रेस आज के समय पर भी मॉडर्न नहीं मानी जाती जो हेललेन 1969-70 में पहन रही थी और उस ड्रेस को पहनकर भरी महफिल में ठुमके भी लगा रही थी। यूं ही आहें भरे क्या हमसे भी खूबसूरत। इसके बाद जब शम्मी कपूर प्रिंस बने, तो हेलेलन ने इसमें भी उनके साथ खूब रोमांस किया और अपने जलवे भी दिखाए।

इसके बाद सुनील दत्त की भाई-बहन में भी वो सुनील दत्त को रिझाती हुई नजर आई। इसके बाद संजय खान की इंतकाम आई और इसमें भी हेललेन ने जब ऐसी हरकतें की। [संगीत] जाने जा तो बूढ़ों में भी अपनी जवानी फूट पड़ी। इसके बाद हेललेन अशोक कुमार के साथ भी रोमांस करते हुए दिखाई दी। मेहरबानमहबूब दिलबर इसके बाद राजेश खन्नादा ट्रेन लेकर आए और नंदा से कहने लगे गुलाबी आंखें जो तेरी देखी शराबी ये दिल हो गए। और इस मूवी में भी हेललेन ने जब इस गाने पर कमर मटकाई मेरी ज मैंने कहा ओ मेरी जूने सुना मेरी ज मैंने तो यह गाना भी मूवी हिट कराने की गारंटी बन गया। इसके बाद धर्मेंद्र ने हेमा मालिनी से कहा तुम हंसी मैं जवान तुम हंसी मैं जवान तुम मतलब मूवी का नाम था तुम हंसी मैं जवान और इस मूवी में हेललेन सबको चीखने के लिए कह रही थी मेरी जान छींक छींक मेरी जा छी ये क्या है और इतने प्यार से कह रही थी कि लोग छींकने भी लगे मेरी जा छी आज छी मेरी जान छी आज भाई साहब कुछ ज्यादा नहीं हो गया ये इसके बाद भी हेललेन एक से बढ़कर एक मूवीज में लगातार काम करती रही और वो हर बड़े एक्टर की अब पहली पसंद बन चुकी थी और उनके नंबर के बिना मूवी ही पूरी नहीं होती थी।

इसके बाद जब कारवा में जितेंद्र ने आशा पारिक से यह कहा, कितना प्यारा वादा है इन मतवाली आंखों का किस्मत में सो तो यह मूवी भी एक यादगार मूवी बन गई और इस मूवी में हेललेन का यह गाना भी चोला साह के आंखें बुझा किसी परिचय का मोहताज नहीं था वो आ गया देखो देखो वो आ गया समझ रहे हैं ना आप? लेकिन सुन के अच्छा लगा। इसके बाद संजय खान ने उपासना की और इस मूवी में हेललेन ने एक पुतले से चिपक-चिपक कर यह कहा मेरी जवानी प्यार को तरसे अंग अंग से मस्ती बरसे।

मतलब पुतले की महबूबा बनकर क्या फायदा? लेकिन फिर भी सीन ऐसे दिए कि लोगों को देखकर लगा कि मानो फायदा तो हुआ है। [चीखने की आवाज़] महबूबा ये सब क्या देखना पड़ रहा है? अच्छा है मैं अंधा हूं। इसके बाद भी हेललेन का जलवा बरकरार रहा। 1972 में जब राजेश खन्ना मेरे जीवन साथी लेकर आए तो इसमें भी हेललेन ने उनके साथ कमर मटकाई और यह गाना भी उनका एक यादगार नंबर बन गया। इसके बाद दिल दौलत और दुनिया आई और इस मूवी में भी हेललेन ने राजेश खन्ना की सेकंड हीरोइन की तरह काम किया और इस मूवी के हेललेन पर फिल्माए गए गाने गजब के थे। इसके बाद आई अनामिका और हेललेन ने इस मूवी के गानों पर भी ठुमके लगाए।

इस मूवी की सबसे बड़ी बात थी गाने का स्टाइल। जिसे आशा भोसले ने ऐसे गाया जिसे सुनकर आज भी लोग कहते हैं कि दूसरी कोई सिंगर इस गाने को नहीं गा सकती थी। 1975 में आई मूवी शोलेली और हेललेन ने गब्बर सिंह का मनोरंजन किया। महबूबा महबूबा और उन पर फिल्माया गया यह गाना गुलशन महबूब खिलते हैं जब सेहरा में मिलते [संगीत] हैं मैं और इतना बड़ा हिट हुआ कि आज भी लोग इसे शादी और पार्टियों में बजाकर कमर मटकाते हैं। इसके बाद काला सोना में हेललेन ने प्रवीण बॉबी के साथ मिलकर ठुमके लगाए और ऐसे लगाए कि गुंडे उन्हें देखकर अपनी गुंडाई भूल गए। हेलन ने अमिताभ बच्चन के साथ मेन लीड में भी काम किया है। मतलब वो अमिताभ बच्चन की हीरोइन भी बन चुकी थी और यह मूवी थी ईमान धर्म।

इसके बाद धर्मेंद्र साजिश करते हुए नजर आए और इस मूवी में हेललेन ने दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो के साथ मिलकर यह कहा lदादा जी को ऐसे ना बना कोई साजिश है [संगीत] और जो जलवा दिखाया तो दादाजी भी अपने होश खो बैठे और ना सिर्फ हेललेन को बल्कि पहली बार सायरा बानो को भी इस अवतार में देखकर ठरकी लोगों की वो सपनों की रानी बन गई थी। इसके बाद भी हेललेन ने एक से बढ़कर एक मूवीज में आइटम नंबर दिए और वह उस दौर की सबसे महंगी आइटम गर्ल बन गई थी।

1978 में जब अमिताभ बच्चन डॉन बने, तो इसमें भी हेललेन ने एक आइटम गर्ल बनकर उनसे यह कहा, चलो डॉन, पुलिस तुम्हारा इंतजार कर रही है। डॉन का इंतजार तो 11 मुल्कों की पुलिस कर रही है लेकिन सोनिया। डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। और यह गाना भी हेललेन का एक यादगार गाना बन गया। इसके बाद विनोद खन्ना ने लहू के दो रंग बताए और हेललेन ने उनके साथ यह गाना गाया तू गोरी डोली। इस मूवी में हेललेन ने विनोद खन्ना की विदेशी पत्नी का किरदार निभाया था और ऐसी एक्टिंग की कि उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर्स का फिल्म फेयर अवार्ड भी मिला।

हालांकि अब धीरे-धीरे हेललेन की उम्र ढलने लगी थी और उनका लुक भी बदलने लगा था। राम बलराम में उन्होंने एक अधेड़ उम्र की औरत का किरदार निभाया था। जिसे देखकर लोगों को भी यह समझ में आ गया कि अब उनकी आइटम गर्ल वाला दौर जा चुका है। जो होना [संगीत] है हो जाए अब तो राम ही जान बचा। [संगीत] इसके बाद भी हेललेन कई मूवीज में काम करती रही। लेकिन अब उनकी पहचान उनसे दूर हो रही थी और उनका आइटम सॉन्ग वाला दौर जाने लगा था और उन्हें काम मिलना भी थोड़ा कम होने लगा था।

हालांकि 1982 में आई मूवी सवाल में हेललेन ने एक बार फिर से आइटम गर्ल बनकर अपना कमबैक करने की कोशिश की। दिल चाहिए क्या चाहिए क्या चाहिए। लेकिन लोगों ने उसे उतना रिस्पांस नहीं दिया। इसके बाद हेललेन एक सपोर्टिंग एक्ट्रेस बन गई और छोटे-मोटे किरदार निभाने लगी। उन्होंने हादसा बॉन्ड 303 और अकेला जैसी मूवीज में सपोर्टिंग किरदार भी निभाए। 1996 में जब सलमान खान खामोशी लेकर आए तो इसमें हेललेन ने एक बूढ़ी दादी का किरदार निभाया और अब वो पूरी तरह से एक आइटम गर्ल से एक बूढ़ी औरत बन गई थी। मौसम के सरगमन कुसुम क्या गा रहा है समा। इसके बाद जब ऐश्वर्या राय अजय देवगन के साथ यह कह कर चली गई हमlदिल दे चुके सनम और सलमान खान ये गाते हुए रह गए। तो लुट गए हम तेरी मोहब्बत में तड़प-तड़प के इस दिल से आ तो रोने के लिए उन्होंने अपनी मां के कंधे का सहारा लिया और इस मूवी में उनकी मां हेलन ही बनी थी जो असलियत में भी सलमान खान की मां बन चुकी थी जिसकी चर्चा हम आगे करेंगे बिटली नहीं बनना मुझे बोलना जिससे गए इसके बाद जब शाहरुख खान मोहब्बतें लेकर आए और अमिताभ बच्चन ने अपने तीन स्तंभ बताए। तो इसमें भी हेललेन ने एक सपोर्टिंग किरदार निभाया। इसके बाद भी हेललेन ने शरारत, दिल ने जिसे अपना कहा। अनजाने हमको दीवाना कर गए। मैरी गोल्ड, जोड़ी ब्रेकर्स और हीरोइन जैसी कई मूवीज में छोटे-मोटे किरदार निभाए। हेललेन ने अपने पूरे करियर में लगभग 600 से भी ज्यादा फिल्मों में आइटम सॉन्ग किए हैं।

उन्होंने ना सिर्फ हिंदी में बल्कि तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और पंजाबी मूवीज में भी डांसर के तौर पर अपना जलवा दिखाया है। वो एकमात्र आइटम गर्ल थी जिसकी डिमांड हीरोइन से ज्यादा हुआ करती थी। और एक समय ऐसा था जब उनके नंबर के बिना मूवी ही पूरी नहीं होती थी। और अगर किसी मूवी में आइटम सॉन्ग है तो सिर्फ एक ही चॉइस होती थी और वो थी हेललेन। मैंने दिल अभी दिया नहीं। मैं अभी जानू हेलन ही वो डांसर बनी जिसने बॉलीवुड में आइटम सॉन्ग की शुरुआत की और उसे यूनिक बनाया। हेललेन ही वो डांसर रही जिसने बॉलीवुड में पहली बार वैली डांस किया था और बॉलीवुड में वैली डांस की शुरुआत करने वाली हेलन ही थी।

उन्हें पहली आइटम गर्ल और कैब क्वीन का खिताब भी मिला। हेललेन के लिए सबसे ज्यादा गाने आशा भोसले ने गाए। आशा भोसले ही वो सिंगर थी जिन्होंने हेललेन पर फिल्माए गए अतरंगी गाने गाए। हमसे ना करो हम तुम्हें अपने रंग में रंग डालेंगे एक ही पल क्योंकि दूसरी कोई भी सिंगर वो गाने नहीं गाती थी।

हालांकि हेललेन लता मंगेशकर की फैन थी। जबकि लता मंगेशकर ने हेललेन के लिए सिर्फ एक गाना गाया और वो गाना था इस दुनिया में जीना हो तो सुन लो मेरी बात। गम छोड़ के मनाओ रंग। कहा जाता है कि हेललेन अपनी ड्रेस भी खुद ही डिजाइन करती थी। मतलब वो किसी के कहने पर नहीं बल्कि खुद ही अपने अतरंगी से कपड़े पहनती थी और उसने आइटम गर्ल का एक लेबल सेट कर दिया था जिस पर आज भी बॉलीवुड की हीरोइन चलने की कोशिश करते हैं और अब हम बात करेंगे हेललेन की पर्सनल लाइफ की। मैं तीन पे आई दिल्ली जैसा दिल सिंगापुर का जोन मेरा हेललेन अपनी मां और सौतेले भाई बहन के साथ वर्मा से भागकर भारत आई थी। लेकिन बाद में हेललेन एक बड़ी एक्ट्रेस बन गई और अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी रहने लगी।

लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि हेललेन की जिंदगी अचानक से बदल गई। हेललेन की मां जो पहले ही दो शादियां कर चुकी थी लेकिन उसे बाद में हेललेन के ही ड्राइवर से प्यार हो गया। जब हेललेन को यह पता चला तो उन्हें बहुत बुरा लगा। उन्होंने अपनी मां को खूब समझाया लेकिन उनकी मां नहीं मानी और एक दिन हेललेन के ड्राइवर के साथ ही भाग गई। इससे हेललेन को बहुत बड़ा धक्का लगा और उसने अपनी मां के साथ सारे रिश्ते खत्म कर लिए। भैया हो गया आप तो छोड़ दो। लेकिन नहीं लगाओ [हंसी] लगाओ। मुझे अपने घर जाना है। हेलन के सौतेले भाई का नाम था रोज़र। जिसने कुछ मूवीज में छोटे-मोटे किरदार भी निभाए। उसे देवंद की मूवी ज्वेलन थीफ में एक गाने में देखा गया था। उनकी सौतेली बहन जेनिफर ने भी कुछ मूवीज में काम किया है और 1962 में आई मूवी आरती में जेनिफर ने काम किया था।

उसने दो-दो शादियां की और उसके बाद अपनी जिंदगी को पूरी तरह से पर्सनल कर लिया और अब उसकी कोई भी जानकारी नहीं मिलती। 60 के दशक में एक और डांसर थी मधुमती जो हेललेन जैसा ही डांस करती थी और दोनों दिखने में भी एक जैसी ही लगती थी। इसी समय पर यह अफवाह फैलने लगी कि मधुमती कोई और नहीं बल्कि हेललेन की बहन वही जेनिफर है जो अपना नाम बदलकर काम कर रही है। जो हो इजाजत तो हम ये सारे जहां से कह गए। हालांकि यह बात सच नहीं थी। लेकिन फिर भी उस समय इसने खूब सुर्खियां बटोरी थी। हेललेन के निजी जीवन की बात की जाए तो जब वह फिल्मों में अच्छे से आई भी नहीं थी तभी उनके कनेक्शन एक डायरेक्टर प्रेम नारायण अरोड़ा से बन गए थे। प्रेम नारायण एक जानेमाने फिल्म मेकर थे जिन्होंने कई बेहतरीन मूवी बनाई हैं।

प्रेम अरोड़ा ने ही हेललेन को बॉलीवुड में स्थापित किया। धीरे-धीरे हेललेन और अरोड़ा एक दूसरे को पसंद करने लगे। हेललेन बहुत छोटी थी। लेकिन फिर भी वो अरोड़ा के साथ लिविन जैसे रिलेशनशिप में रहने लगी थी और यह सिलसिला दो-ती सालों तक चलता रहा और उन्हीं के दम पर हेलेन ने अपनी अच्छी पहचान बना ली थी और केवल 19 साल की उम्र में हेललेन ने प्रेम नारायण अरोड़ा से शादी कर ली। हालांकि प्रेम अरोड़ा हेललेन से लगभग 27 साल बड़े थे और उनकी बाप के उम्र के थे। लेकिन फिर भी हेललेन ने उनके साथ शादी कर ली। सिर्फ इसलिए ताकि उसे बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने में आसानी हो। आज हो जाए कोई दीवानापन मेहरबान। दोनों की शादी लगभग 16 17 साल तक बहुत अच्छे तरीके से चली। प्रेम नारायण खुद एक डायरेक्टर थे और उन्होंने कई मूवीज बनाई थी।

हालांकि कुछ समय के बाद जब उन्हें काम मिलना बंद हो गया और वह कंगाल हो गए तो वह पूरी तरह से हेललेन पर निर्भर हो गए थे। अब हेललेन एक बड़ी स्टार बन चुकी थी और अब उन्हें एक बेरोजगार पति के खर्चे उठाने में परेशानी होने लगी थी। धीरे-धीरे हेललेन ने उनसे दूरी बना ली और पति को बुढ़ापे में कंगाली में मरने के लिए छोड़ दिया। हेललेन अब भी जवान थी जबकि उनके पति की उम्र ढल चुकी थी। मैं गुड़ती गली मांगता है उसके पति से जुड़ी एक और कहानी भी है।

कहते हैं कि हेललेन के पति बहुत ज्यादा खर्चीले थे। जब वह नाकामयाब हुए तो शराब के आदि हो गए और जब हेललेन ने उन्हें खर्च देना ही बंद कर दिया तो प्रेम नारायण हेललेन के पैसे और गहने लेकर भाग गए। बाद में हेललेन ने दिलीप कुमार से मदद मांगी और दिलीप कुमार ने उस समय के डॉन करीम लाला से उनके पति को धमकाने के लिए कहा और फिर करीम लाला ने हेललेन के पति को धमका कर हेललेन का सामान वापस मंगाया था। मैं कई बार कह चुकी हूं रे मुझे शराबी पसंद है शराब नहीं। तू समझा? हेललेन ने प्रेम नारायण से 1957 में शादी की थी और 1974 में अपने ही जन्मदिन के दिन हेललेन ने अपने पति से तलाक ले लिया और अपने करियर पर ध्यान देने लगी।

जिस कुकू ने हेललेन को बॉलीवुड में पहचान दिलवाई थी। जब उसका बुरा समय आया तो हैलेन ने उससे बात करना भी बंद कर दिया था और एक स्टेटमेंट दिया कि कुकू मेरे नाखून के बराबर भी नहीं है। हेरेन को लगता था कि अब वो कुकू से बड़ी बन चुकी है। इसलिए उसने कुकू को इग्नोर करना ही शुरू कर दिया और यह बात कुकू के दिल पर लगने वाली थी। बेचैन दिल खोई सी नजर अनहाइों में शाम शहर तुम याद आते हो। इसके बाद हेललेन की मुलाकात हुई सलीम खान से यानी कि सल्लू भाई के बाप से। काबली खान एक ऐसी मूवी थी जिसमें हेललेन हीरोइन थी। बॉलीवुड के मशहूर विलेन अजीत खान हीरो थे और सलमान खान के पिता सलीम खान विलेन थे और इसी मूवी में काम करते हुए हेललेन और सलीम खान की नजदीकियां बढ़ गई थी।

यानी कि हेललेन मूवी के हीरो को छोड़कर मूवी के विलेन के प्यार में पड़ गई थी। नीले नीली घटा उठ के फिर गवा [संगीत] है नशा ही नशा सलीम खान एक फिल्म राइटर थे और सलीम जावेद की जोड़ी उस समय पर बड़ी हिट हुआ करती थी। सलीम खान ने कुछ मूवीज में हेललेन के साथ एक्टिंग की और हेललेन को खूब काम भी दिलवाया। सलीम खान पहले से शादीशुदा थे और पहले ही सुशीला चरक को सलमा खान बनाकर उनसे तीन-चार बच्चे भी पैदा कर चुके थे। जिनमें सलमान खान, अरबाज खान, सोहिल खान और अलवीरा खान जैसे बच्चे शामिल थे।

हालांकि फिर भी बिना किसी की परवाह किए सलीम खान ने 1981 में हेललेन से शादी कर ली और हेलेन को हेललेन रिचर्डसन से हेलेन खान बना दिया। लेकिन सलीम खान की पत्नी और बच्चों ने हेलेन को नहीं अपनाया और कई सालों तक हेललेन को सलमान खान और उनके पूरे परिवार की नफरत का शिकार होना पड़ा। हालांकि हेललेन और सलीम खान का कोई बच्चा नहीं हुआ और बाद में हेललेन ने एक अनाथ बच्ची अर्पिता को गोद ले लिया। गुड मॉर्निंग मम्मी। आपको अपना प्रॉमिस याद है ना? हां बिल्कुल याद है। तुमने अपने डैडी को देखा नहीं? कहां? समय के साथ सलमान खान और उनके पूरे परिवार ने हेललेन को अपना लिया और सलमान खान भी हेललेन को अपनी दूसरी मां कहने लगे। बाद में पूरे परिवार ने सौतेली बहन अर्पिता को भी अपना लिया और खुद सलमान खान ने अपनी बहन अर्पिता की शादी आयुष शर्मा से करवाई।

सलमान खान अर्पिता को अपनी सगी बहन से भी ज्यादा प्यार करते हैं और उसके पति आयुष शर्मा के साथ भी सलमान खान कुछ मूवीज में काम कर चुके हैं। जिनमें सबसे खास रही मूवी अंतिम। 1999 में हेललेन को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है और 2009 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। हम तेरे धीरेधीरे [संगीत] जाने वाले हैं। हमें काले हैं तो क्या हुआ दिलवा। हेललेन की जिंदगी पर एक किताब भी लिखी जा चुकी है जिसका नाम है हेललेन द लाइफ एंड टाइम ऑफ एन एच बम और इस बुक को 2007 में बेस्ट बुक ऑफ इंडियन सिनेमा का अवार्ड भी मिल चुका है। इसके अलावा एक अमेरिकी डायरेक्टर ने हेलेन पर 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी बनाई थी।

हेललेन एकमात्र डांसर रही जिसने बॉलीवुड में सबसे ज्यादा बिक पहनने और अपनी आंखों में लेंस डालने का रिकॉर्ड बनाया। वो लगभग हर गाने में अपने बाल और अपनी आंखें बदल लेती थी। हेललेन अब लगभग 87 साल की हो चुकी हैं और पूरे परिवार के साथ रहती हैं। अब सलमान खान और उनकी मां भी उन्हें अपने परिवार का ही हिस्सा मानते हैं। हेललेन कई रियलिटी शोज़ में भी दिखाई देती रहती हैं। तो यह थी गुजरे जमाने की कैब्रे क्वीन और बॉलीवुड की पहली रही और सलमान खान की दूसरी मम्मी यानी कि हेललेन की कहानी। मैं अलबेली प्यार जता कर ले लेती हूं दिल

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