रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम इस पूरे मामले में सामने आ रहा है। मैंने आपको बताया अभी थोड़ी देर पहले कि कौन-कौन से नाम सामने आए हैं। उसमें टिन्नू यादव भी है। ये चंपत राय के बेहद खास बताए जा रहे हैं। टिन्नू यादव चढ़ावे की गिनती में शामिल होते। मतलब चढ़ावा जो हम आप चढ़ाते थे ना जाते थे। पैसा चढ़ाया, किसी ने आभूषण चढ़ाया, किसी ने कुछ चढ़ाया। भाई जिसकी जितनी श्रद्धा और जैसी श्रद्धा वो चढ़ा रहा था।
तो वो गिनती में बैठा करता था यह भाई। टिन्नू यादव इस पर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले तक टिन्नू यादव ऑटो से चलता था। आरोप है कि अब टिन्नू यादव के पास ₹50 करोड़ से अधिक की संपत्ति होगी। तो बताएंगे ना भाई कि राम मंदिर इधर बना। राम जी पर चढ़ावा चढ़ रहा है। और आपने जो 50 करोड़ की संपत्ति जोड़ी है वो कहां से जोड़ी है? कोई यह नहीं कह रहा है कि आपने राम मंदिर से जोड़े। आ जाएगी रिपोर्ट तो पता चल जाएगा।
लेकिन तब तक बताइए तो सही कि 50 करोड़ की संपत्ति एकाएक कहां से आपके पास आ गई? या कहां से लाए हैं? कौन सी ऐसी कमाई होती है जिसमें तुरंत ऑटो पर और टैक्सी में चलने वाला आदमी 50 करोड़ की संपत्ति जोड़ लेता है। बताइए देश को अगर कोई ऐसा बिजनेस है तो भाई देश में कोई गरीब ही नहीं रहेगा ना। हर ऑटो टेमो में चलने वाला आदमी कहेगा कि हमको भी बिज़नेस का आईडिया दे दीजिए। हम भी कर लेंगे। लेकिन नहीं कोई बोल नहीं रहा है बॉस।
अयोध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आलीशान हॉस्टल है। स्टूडेंट हॉस्टल इस भाई का जिस पर आरोप लगाए टिन्नू यादव। इन आरोपों की पड़ताल के लिए हमारी टीम टिन्नू यादव के घर भी पहुंची। आज ऐसा नहीं कि हमने भी सोचा कि जो मुहामुही बात चल रही है उसी को सुन के आपको कुछ बता देंगे। ऐसा नहीं किया हमने। हमने एकदम जड़ तक जाकर इस पूरे मामले की रिपोर्टिंग की है। टिन्नू यादव के घर पर मेरे सहयोगी पहुंचे। आज टिन्नू यादव का घर अयोध्या के स्वर्ग द्वार इलाके में है। यह पुराना घर संकरी गलियों में बना हुआ है। टिन्नू यादव की पत्नी ने बताया कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत है।
एक बार सुन लीजिए। ये कहा जा रहा है कि पहले वो ऑटो चलाते थे और अचानक फिर उनके पास संपर्क ऐसा कुछ नहीं। ऑटो था दो-तीन ऑटो था। बहुत अच्छे परिवार से हम लोग हैं। हमारे ससुर जी नए घाट में उनका दुकान था। अच्छा खासा होटल था। आ बगल पूछेंगे किसी से सब बताएंगे। ऐसा नहीं था। ये फिर जो अचानक इनके नाम का बीच में क्यों मामला आ गया कि मामला चढ़ावा चोरी का था और ये चढ़ावे की प्रक्रिया से जुड़े थे क्या कहीं से नहीं जुड़े हैं इनको तो आज तक कोई पद भी नहीं वहां दिया गया चार लोग आए इनकी व्यवस्था कर दीजिए चाय नाश्ता का अधिकारी आ रहे हैं इनका सम्मान करना है ये कर दीजिए अगर हम चोर होते भैया तो सन 92 से जुड़े हैं 32 साल हमारा हो गया आज इनको नजर में आ रहा हम चोर हैं मैडम कोई नहीं कह रहा कि आप चोर हैं लेकिन आरोप लगा है तो जवाब तो देना पड़ेगा ना। लोग कह रहे हैं कि 50 करोड़ की संपत्ति बन गई तो बताना पड़ेगा ना कि कहां से लाए भाई? कौन सा ऐसा बिजनेस है? कौन सी ऐसी नौकरी है?
कौन सी ऐसी दौलत थी आपके पास बपौती पूर्वजों की बाबा परदादा की जिसको बेच के आपने इतना संपत्ति और इतना सब कुछ जोड़ लिया। इतने कम टाइम में अगर खानदान में पहले से इतनी संपत्ति थी तो उसका भी ब्यौरा दे दीजिए। क्या दिक्कत है? आरोप लगे हैं तो फिर भाई सफाई तो देनी पड़ेगी। और आरोप कोई ऐसा है कि पड़ोसी का भाई बंधु का दिया जमीन हड़प लेने का आरोप है। यह करोड़ों सनातनियों करोड़ों राम भक्त जो हैं उनकी आस्था को हड़प लेने का आरोप है।
बॉस इसलिए इसका जवाब देना पड़ेगा। जिस-जिस के नाम सामने आ रहे हैं। एक तरफ टिन्नू यादव का गलियों वाला मकान है तो दूसरी तरफ यह भी आरोप लग रहे हैं कि टिन्नू यादव ने अयोध्या के रामपथ के पास बने कई होटल्स में इन्वेस्टमेंट कर लिया हुआ है। दावा किया जा रहा है कि इन होटल्स में लाखों रुपए लगाए गए हैं। अयोध्या के रामपथ से हमारे सहयोगी की एक रिपोर्ट आपको दिखाता हूं। तो ये जो इलाका है समझ लेना बहुत जरूरी है। देखिए यहां लाइन से आपको होटल्स नजर आएंगे।कि क्योंकि बड़ी संख्या में लाखों श्रद्धालु करोड़ों श्रद्धालु हर महीने रामलीला के दर्शन करने आते हैं। तो ऐसे में होटल इंडस्ट्री बड़े पैमाने पर यहां पर पनप रही है। गेस्ट हाउसेस का धंधा बहुत अच्छा है।
और इसी को ध्यान में रखते हुए टिन्नू यादव ने अपना पैसा इन होटल्स में निवेश किया था, इन्वेस्ट किया था। आठ से नौ संख्या बताई जा रही है। अकेले टिन्नू यादव नहीं टिन्नू यादव ने अपने एक भतीजे मनीष यादव को भी राम मंदिर परिसर में ड्यूटी पर लगवाया था। वह भी वहां पर कामकाज किया करता था। तो अब एसआईटी की जांच के दायरे में टिन्नू यादव हैं। उनसे भी पूछताछ की जाएगी। उनसे भी पड़ताल होगी और तब जाकर सच्चाई निकल कर सामने आएगी। दावे तो कई सारे किए जा रहे हैं। लेकिन आप इन आरोपों पर टिन्नू यादव का बयान भी आज सामने आ गया। टिन्नू यादव ने साफ किया है कि वह सिर्फ राम जन्मभूमि मंदिर के अंदर व्यवस्था देखते हैं।
अगर आरोप लगे हैं तो जांच में पूरा सहयोग करेंगे। एक बार सुनिए टिन्नू यादव ने क्या कहा है। कह रहे हैं कि हम सहयोग करेंगे। अच्छी बात है। आरोप लगा है तो सहयोग कीजिए। बताइए भाई क्योंकि मामला सिर्फ आपका नहीं है। ये दुनिया भर के जो राम भक्त हैं उनसे जुड़ा हुआ मामला है। वैसे राम मंदिर के जो प्रमुख प्रभारी का काम देख रहे हैं गोपाल राव का रिश्तेदार उनका नाम भी सामने आ गया है। गोपाल राव के भतीजे हैं सोमेश आनंद उनकी गतिविधियां भी संदिग्ध पाई गई हैं। बहुत बताया यह जा रहा है कि सोमेश आनंद ने एक साल में कर्नाटक सहित देश भर में करीब 50 यात्राएं की। आरोप है कि ट्रेन से जाते वक्त उनके पास कई बोलों में लगेज रहते थे।
लेकिन जब वह फ्लाइट से लौटते थे तो उनके पास लगेज नहीं होता। फिलहाल सोमेश के बैंक खातों और हवाई टिकट्स की भी स्क्रूटनी की जा सकती। इस पूरे मामले पर संत समाज की ओर से भी बयान सामने आ रहे हैं। कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सुर्खियों में आया तो अनिल मिश्रा का लिफ्ट वाला आलीशान घर भी चर्चा में आ गया। सूत्र बता रहे हैं कि अनिल मिश्रा 5 साल पहले तक सामान्य रहन-सहन वाले इंसान थे। किराए के मकान में रहते थे। वहीं एक होम्योपैथिक क्लीनिक वहां पर चलाते थे। ये लेकिन ट्रस्ट में जगह मिलने के बाद स्कूटर से चलना उनका बंद हो गया। साकेतपुरी में करीब ₹2.5 करोड़ का तीन मंजिला आलीशान घर उनका बन चुका है। जिसमें दो लिफ्ट भी लगाए गए हैं। स्कूटर की जगह इनोवा गाड़ी मिल गई है। अब उनको प्रॉपर्टी करीब 5 से ₹1 करोड़ बढ़ गई है। जांच के दायरे में एक और नाम है। वो नाम है के डी तिवारी का। केडी तिवारी के पास रामलला के दरबार में चढ़ने वाले सोने चांदी की कीमती आभूषणं को लेकर उनको संभालने की जिम्मेदारी होती है। अब केडी तिवारी इसलिए रडार पर हैं क्योंकि उन्होंने हाल ही में ₹1.5 करोड़ की एक जमीन खरीदी जिसके बाद के डी तिवारी ने एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने आरोपों से इंकार कर दिया। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सुर्खियों में आया तो राम मंदिर को लेकर और भी दावे किए जाने लग गए। धर्म सेना के संस्थापक संतोष दुबे ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है। संतोष दुबे के मुताबिक राम मंदिर की 1250 शिलाएं भी गायब हो चुकी हैं। यह शिलाएं 1989 में देश विदेश से पूजित होकर अयोध्या लाई गई। इसमें सोने, चांदी, हीरे, माणिक्य और अष्ट धातु की 20050 शिलाएं हैं। दावा यह है कि ये शिलाएं 2002 तक कार सेवकपुर में ही मिट्टी की पूजित शिलाएं थी जो रखी हुई थी। आज भी कार सेवक पूर्व में रखी हुई है।
लेकिन धातु की जो शिलाएं थी वह नहीं दिखाई दे रही। वह गायब हो गई हैं। संतोष दुबे के मुताबिक सोने चांदी की शिलाओं की देखरेख का जिम्मा भी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पास ही था। ये शिलाएं कार्य सेवकपुर में जहां सुरक्षित रखी गई थी वहां तीन ताले लगे। फिर ये शिलाएं कहां गायब हो गई? यह किसी को नहीं पता है। जवाब तो देना पड़ेगा ना कि तीन-तीन ताला लगा कर रखे। पहरादारी लगा कर रखे और गायब हो गया। आरोप लग रहा है कि गायब हो गया तो लाके दिखाइए कि गायब नहीं है और नहीं तो गायब हुआ तो जवाब दीजिए भाई सब नहीं चलने वाला है। रामलला मंदिर से जुड़ा हुआ है। इसलिए विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का भी एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। आज उन्होंने फिर इस पर तंज कसते हुए कार्यक्रम में कहा कि जांच तो हो जाएगी लेकिन भगवान को जवाब कौन देगा? अखिलेश यादव ने कहा है
मैं इस विषय में कुछ इसलिए नहीं कहता हूं मैं चाहता हूं अधिकारियों की एसआईटी कौन करेगा और मैंने तो यहां तक कहा कि जो वहां सेवा करने वाले हैं उनका वेतन तूने बढ़ाया महीने का लाखों वेतन होता तो शायद उन्हें इस दिशा में नहीं सोचना पड़ता महीनों में वेतन की एफआईआर बढ़ी होगी है हमारी और आपकी कानूनी वाली है वो तो अलग विषय है लेकिन जो भगवान की एफआईआई दिख जाएगी।
उसका क्या करोगे आप हमें तो ये पता लगा कि डबल इंजन की डबल टंकी है हां बड़ी-बड़ी टंकियां है वो भरी जा रही है अखिलेश यादव को भाई साहब तुरंत जवाब भी मिल गया एसबीएसपी के अध्यक्ष ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को राम मंदिर ट्रस्ट और सरकार के बीच का अंतर समझा दिया