सुपरस्टार गोविंदा अपने जमाने में काफी पॉपुलर थे। हां, अपनी फिल्मों के लिए, अपने काम के लिए तो थे ही, लेकिन इस बात के लिए भी काफी चर्चा में रहते थे कि गोविंदा तो आते ही लेट है। अब गोविंदा ने यह जो इल्जाम उन पर लगा है, इस पर डिटेल में बात करते हुए कहा है कि मैं लेट आता था, लेकिन मेरी वजह से मेरे सारे को-एक्टर्स अमीर हुए हैं और इतने अमीर हुए हैं कि वह जो फ्लैट में रहते थे, वह अब बंगलो में आ गए हैं।
गोविंदा ने कहा कि हां, मैं लेट आता था। पॉसिबल ही नहीं था टाइम पर आना क्योंकि मैं पांच-पांच छह-छह शिफ्ट करता था। मेरे को एक्टर्स को वेट करना पड़ता था लेकिन जितना एक्स्ट्रा वो वेट करते थे उसके लिए उन्हें पैसा भी मिलता था। गोविंदा ने कहा कि कादर खान साहब के साथ मैंने 43 फिल्म्स की। शक्ति कपूर के साथ मैंने 42 फिल्म्स की। जब मैं देखता था तो वो फ्लैट में रहते थे। आज उनके अपने बंगलोज़ हैं।
इतना ही नहीं गोविंदा ने यह भी कहा कि उनकी वजह से उनके स्टाफ मेंबर्स भी बंगलों के मालिक बने हैं। गोविंदा ने बताया कि वो अपने सीनियर्स की बहुत ज्यादा मानते थे। एक बार देव साहब ने उन्हें आकर कहा कि यह जो चार स्टाफ मेंबर्स हैं तुम्हारे जो तुम्हारा स्पॉटबॉय है, जो ड्राइवर है, यह तुम्हारे बारे में नेगेटिव बातें मार्केट में फैला रहे हैं। इन्हें तुम निकाल दो। गोविंदा ने कहा कि इन्हें मैं निकाल दूंगा तो इनके घर वाले क्या खाएंगे और बच्चे भूखे मरेंगे। इनके घर वाले मुझे गालियां देंगे। तब देव साहब ने ही आईडिया दिया कि इन्हें घर लेकर दे दो ताकि यह तुम्हें हमेशा दुआ देंगे। गोविंदा ने कहा कि उस दौरान महाड़ा में सस्ते घर मिलते थे। तो मैंने उन लोगों को वहां पर महाड़ा में घर लेकर दिए।
आज वो सभी घर करोड़ों रुपए के हैं और कई फिल्म इंडस्ट्री के एक्टर एक्ट्रेसेस उस कॉलोनी में रहते हैं। इतना ही नहीं गोविंदा ने यह भी खुलासा किया कि जैसे वो थे वैसे ही धर्म पाजी भी थे। उन्होंने भी कई लोगों के लिए फ्री में फिल्में की। इनफैक्ट धर्मेंद्र ने अपने एक ड्राइवर के लिए फ्री में फिल्म की।
उसी फिल्म से उस ड्राइवर ने एक बंगला खड़ा कर दिया। तो यह बहुत बड़ी बात है धर्मपाल जी की कि उन्होंने लोगों को साफ नियत से मदद की। हालांकि रिटर्न में उन्हें लोगों से ऐसा व्यवहार नहीं मिला। लेकिन कहते हैं ना कि जिनकी नियत साफ होती है एंड तक लोग उन्हें राजा की तरह ट्रीट करते हैं। धर्मपाजी को तो लोगों ने राजा की तरह ही ट्रीट किया। और जहां तक बात है गोविंदा की, उनके इस क्लेम की कि उनकी वजह से उनके इर्द-गिर्द वाले सारे बंगलों के मालिक बने। कल यह भी हो सकता है क्योंकि गोविंदा ने अपने परिवार की तो मदद की ही लेकिन बाहर भी उन्होंने काफी लोगों की मदद