यातायात अब सिर्फ कार, बाइक या बसों तक सीमित नहीं रहा है बल्कि अब उड़ने वाली गाड़ियां [संगीत] भी आ गई हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले रवि टंप ने कमाल कर दिखाया है। उन्होंने एक फ्लाइंग कार बनाई है। वहीं रवि टंपटा ने इसके प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण भी कर लिया है।
यह एक फ्लाइंग व्हीकल है बनाई है। इसका उद्देश्य पर्सनल मोबिलिटी को स्काई मोबिलिटी को बढ़ावा करना है। आगे लाना है फ्यूचर में। हमने हर जनरेशन में एक बड़ा बदलाव दिखाया मानव सभ्यता के जैसे पहले ट्रांसपोर्टेशन जानवर से होता था। गाड़ी बैलगाड़ी गाड़ी ट्रक रेलवे ये सब कुछ एयरक्राफ्ट बने। लेकिन एक मौजूदा जो एयरक्राफ्ट के फ्लाइंग सिस्टम है वो एक्सपेंसिव हर जगह अवेलेबल नहीं है।
उसका एक अल्टरनेट ऐसी मैं व्यवस्था लाना चाह रहा हूं यहां जो कि हर घर से आप वर्टिकल टेक ऑफ लैंडिंग करके मेडिकल इमरजेंसी या कहीं जाना चाहे उससे कर सकते हैं। तो पर्सनल स्काई मोबिलिटी को फ्यूचर बनाना है। सर कितनी दूरी अभी कटती है? दूरी ये प्रोटोटाइप है। दूरी हम इससे कितनी भी कर सकते हैं और कितने ही भी आवर इसकी चार्जिंग का वो टाइमिंग बढ़ा सकते हैं। इस पे ऐसा कोई वो नहीं है।
कितना समय लग गया इसको बनाने में? कितनी मेहनत? एक साल लग गया सर इसको बनाने में। परिवार ने किस तरह सहयोग किया? परिवार हमेशा सहयोग करते रहा है। मैंने काफी प्रोजेक्ट बनाए। उस सारा परिवार का बहुत सपोर्ट आया। अच्छा पीजीसी और सरकार से भी परमिशन लेनी होगी। बिल्कुल हमारी इस बारे में बात हो रही है। प्रशासन इस लग गया है। चारएबीपी गंगा खबर आपकी जुबान आपकी