रणवीर सिंह पर एफ डब्ल्यूआईसीई नाम के फेडरेशन ने बैन लगा दिया। इस फेडरेशन से कहा जा रहा है कि 34 एसोसिएशंस जुड़े हैं और तकरीबन 5 लाख वर्कर्स इंडस्ट्री के इस फेडरेशन से जुड़े हैं। इसमें जूनियर आर्टिस्ट, क्रू मेंबर्स, एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स सभी शामिल है। कह सकते हैं कि रणवीर सिंह के लिए फरहान अख्तर ने इंडस्ट्री वर्सेस रणवीर सिंह वाली सिचुएशन कर दी।
लेकिन एक सवाल जो सभी पूछ रहे हैं वो ये कि अगर फरहान अख्तर का रणवीर सिंह से ये मैटर हो गया था इतना बड़ा 45 करोड़ का तो फरान अख्तर डायरेक्ट लीगल केस करते रणवीर सिंह पर उन्होंने ये फेडरेशन को इकट्ठा करके रणवीर सिंह के ऊपर प्रेशर क्यों बनाया और रणवीर सिंह वर्सेस इंडस्ट्री वाली सिचुएशन क्यों की? इसके कुछ प्रोबेबल रीज़ंस पर डिस्कस करते हैं। सबसे पहली बात तो अगर रणवीर सिंह के साथ कोई काम ही नहीं करेगा तो उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स अपने आप अटक जाएंगे। दूसरी चीज यह कि जो फेडरेशन है वह कोई लीगल बॉडी नहीं है।
वह एक एसोसिएशन है जिससे लोग जुड़े हुए हैं। यह जो फेडरेशन है यह ज्यादा से ज्यादा किसी भी आर्टिस्ट पर प्रेशर बना सकता है। मामले को सॉर्ट आउट करने के लिए मीडिएटर के तौर पर एक्ट कर सकता है। कोई लीगल फैसला रणवीर सिंह पर यह फेडरेशन नहीं सुना सकता। फेडरेशन का यह कहना कि हम रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे।
यह अपने आप में बताता है कि फेडरेशन किसी भी आर्टिस्ट को काम करने से नहीं रोक सकता है। फेडरेशन ने खुद को रोका है कि हम रणवीर सिंह को सपोर्ट नहीं करेंगे जब तक फरहान अख्तर के साथ मामला सॉर्ट आउट नहीं हो जाता।
अब आता है सवाल कि फरहान अख्तर के साथ मामला सॉर्ट आउट करना ही था। तो डायरेक्ट लीगल केस कर देते। आए दिन फिल्म इंडस्ट्री में डायरेक्टर्स और फिल्म मेकर्स के बीच यह लीगल केसेस हो रहे हैं। हाल ही में वरुण धवन की फिल्म है जवानी तो इश्क होना ही का मामला ही देख लीजिए।
वासु भागनानी और रमेश तोरानी दोनों आपस में कोर्ट में लड़े। इनफैक्ट धुरंधर के टाइम पर डायरेक्टर राजीव राय ने भी आदित्य धर पर केस किया और कहा कि मेरे म्यूजिक का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। तो कोर्ट में जाकर यह मामले सॉर्ट आउट होते हैं। फिर फरहान अख्तर आखिर कोर्ट क्यों नहीं गए? इसके पीछे अहम रीजन यह है कि अगर फरहान अख्तर कोर्ट में जाते, तो फिर वो रणवीर सिंह के साथ यह वाली दादागिरी नहीं कर पाते, जो इस वक्त वो कर रहे हैं फिल्म इंडस्ट्री में एसोसिएशन को एक करके रणवीर सिंह को बैन करने की। क्योंकि कोर्ट मामला सुनता, रणवीर सिंह को भी चांस देता सुनने का और यह मामला लंबे समय तक चलता। और कोर्ट जब फैसला भी करता तो ज्यादा से ज्यादा वो रणवीर सिंह को जो भी नुकसान हुआ है वो देने का फैसला करता।
कोर्ट यह नहीं कहता कि रणवीर सिंह को बैन कर दो इंडस्ट्री से या रणवीर सिंह को काम करने का हक नहीं है या कोई भी वर्कर रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेगा। कोर्ट इस मामले को फरहान वर्सेस रणवीर सिंह ही रखता। लेकिन फरहान अख्तर ने अपना दिमाग लगाकर अपने पिता और अपने फैमिली की पावर लगाकर इंडस्ट्री को ही रणवीर सिंह के खिलाफ कर दिया। हालांकि इतने बड़े बवाल के बावजूद रणवीर सिंह चुप रहे हैं। उन्होंने अपनी स्टेटमेंट में बस इतना कहा है कि इस सिचुएशन में मैं चुप ही रहना पसंद करूंगा और मैं पहले भी चुप रहा हूं। मैं इंडस्ट्री की इज्जत करता हूं।
डॉन 3 की पूरी टीम की इज्जत करता हूं। अपने पर्सनल रिश्तों की इज्जत करता हूं जो भी मेरे इस इंडस्ट्री में है। इसीलिए मैं चुप रहूंगा। वेल आपको क्या लगता है? क्या रीजन है कि फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह के खिलाफ यह जो लड़ाई है यह इंडस्ट्री के एसोसिएशन के जरिए लड़ी ना कि कोर्ट के