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प्रेमानंद महाराज के आश्रम वालो पर रोते रोते ये क्या बोल गई शिष्य की मां? लगाए गंभीर आरोप, मचा चकचार!

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ऐसा कैसा आश्रम है कि मां को भी अंदर नहीं जाने देते। बेटे को मिलने ऐसा कौन सा भगवान है? मां के मां से बढ़कर कोई भगवान होता क्या? मां से बढ़कर कोई भगवान नहीं होता। मेरा बेटा मुझे चाहिए अभी के अभी नहीं तो मैं यहां ऊपर सबको बैठूंगी। तो छोटे-छोटे बच्चे को लेके आ रहे हैं। कुछ समझ में नहीं आया। आज तो महाराज जी की शिकायत कर रहे हो। अपने लड़के को अपने घर में क्यों रखा? क्यों भेजा यहां पे? खा लिया किसी की हमारा बच्चा ले रहे हो हम नहीं बना हमारे घर प्रेमानंद महाराज का राधा केली कुंज आश्रम जहां लोगों की भीड़ होती है आस्था होती है राधा नाम की गूंज होती है अब वहां सवाल हैं बवाल हैं नारे हैं आरोप हैं.

और यह बवंडर शुरू हुआ प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की संदिग्ध मौत के बाद जब हाथरस से आए एक परिवार ने आश्रम पर गंभीर आरोप लगाए आरोप लगाए कि उनका का 17 साल का बेटा अनुज पिछले 3 महीने से लापता है और आश्रम की ओर से ना तो कोई जवाब दिया जा रहा है ना बेटे की ओर से संपर्क हो पा रहा है। परिवार धरने पर बैठता है और तस्वीरें और इस परिवार के आरोप वायरल हो जाते हैं। लेकिन मानो यह तो शुरुआत थी। इस घटना के बाद कुछ और परिवार सामने आते हैं और लगा देते हैं गंभीर आरोप। होता है जमकर हंगामा। हाथों में अपने बच्चों की फोटो लेकर पहुंचे लोग और उनसे भिड़ते आश्रम के लोग।

प्रेमानंद महाराज के अनुयाई। रहने वाले आज महाराज जी की शिकायत कर रहे हो अपने लड़के को अपने घर में क्यों रखा क्यों भेजा यहां पे क्यों भेजा तुमने अपने लड़के को यहां क्यों भेजादाबाद इन सबके बीच महाराष्ट्र के संभाजी नगर से आई उज्ज्वला रोती हुई अपने बेटे की तस्वीर दिखाते हुए जो कुछ बोलती हैं वो हैरान कर देने वाला है। रहने वाली है आप संभाजी नगर से हूं। कब का बेटा आया हुआ है आपका? अब 2 महीने हो गए। अ महीने हो गए। आठ महीने हो गए। हां। क्या कह के आया था बेटा? दिन हो गए। हां। क्या कह के आया था बेटा आपका? नहीं वो मैंने पढ़ने को भेजा था उसको। कहां भेजा था आपने? संभाजी नगर में। तो प्रेमानंद जी के यहां कैसा सब कुछ वैसा करता था.

प्रेमानंद बाबा बाबा के वीडियो देखता था उनके जैसा खानपान सब रहन-सहन उनके जैसा था ऐसा ऐसा यहां आने के बाद वो दिखाते नहीं पहले बोले है बाद में बोले नहीं है तो प्रेमा तीन तास वो गंगा किनारे बैठाया क्यों बैठाया हुआ तब क्यों बैठा है वो उन्होंने तो आपको बेटा मिला था प्रेमानंद जी के यहां कभी नहीं मिला जब से नहीं मिला खाली एक दिन उन्होंने बोला है करके दिखाया सीसीटीवी में हाय बोल क्या क्या नाम है आपका मेरा नाम उज्जवला है उज्जवला परमेश्वर बेटे का क्या नाम था ओम परमेश्वर तक कब आया था बेटा यहां पे वो 217 को वहां से निकला तो 22 को यहां आ गया और मैं 22 को वहां निकली सातवें महीने में 23 को यहां आ गई 23 को मैं यहां अंदर जाने नहीं दे रहे थे गुरु पूर्णिमा का उत्सव चल रहा था तो पुलिस को लेके अंदर गई।

उन्होंने हां करे बोले है मेरे पाव पड़े सब सब महाराज लोग मेरे मेरे पांव छुए कि हां माता जी आप बात अच्छी है आपका बेटा कितना अच्छा है वो भगवान को भगवान से प्रार्थना करो आपका बेटा अच्छा रहेगा ऐसे बातें करे उन्होंने ऐसे बातें करे फिर बोला है है आपका बेटा है बोले और गंगा किनारे लेके गए मुझे तीन तास बिठाया मुझे तीन तास गंगा किनारे पे पर मिलवाया नहीं बेटे से कभी मिलवाया नहीं मिलवाया आपको वो बिल्कुल पक्का वो है कि बेटा अंदर ही है मेरा बेटा अंदर ही है पक्का तो ये क्यों नहीं मिलने दे रहे आपसे क्या मालूम क्यों नहीं मिलने दे रहे वो तो किसी को भी मिलने नहीं देते अंदर भी अरे ऐसा कैसा ऐसा कैसा आश्रम है कि मां को भी अंदर नहीं जाने देते बेटे को मिलने देते ऐसा कौन सा भगवान है मां के मां से बढ़कर कोई भगवान होता क्या है मां से बढ़कर कोई भगवान नहीं होता मेरा बेटा मुझे मुझे चाहिए अभी के अभी नहीं तो मैं यहां उपोषण को बैठूंगी अभी अभी दो चार दिन में यह हादसा हो गया।

कैसे होगा यह हादसा? उज्जवला ही नहीं ऐसे कई और परिवार भी वहां पर होते हैं और ऐसे ही आरोप लगाते दिखते हैं। इसमें कासगंज के आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले 16 साल के मयंक के परिजन भी होते हैं। परिजनों के मुताबिक मयंक 7 अगस्त को प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की बात कहकर घर से निकला था और अब तक वापस नहीं लौटा। वहीं एक परिवार मथुरा के देवी आर्टस का भी है। उनका बेटा भी गायब है। हालांकि इन सबके बीच में बड़ी अपडेट आती है कि हाथरस के अनुज को पुलिस ने बरामद कर लिया है। वो अनुज जिसको लेकर परिजनों ने कहा था कि वह 3 महीने से लापता है।

बरसाना से मिला। बरसाना पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के दौरान उसे एक आश्रम से बरामद किया जिसमें उसकी पोशाक बदली हुई नजर आती है। अनुज ने कपड़े का चूल्हा पहना हुआ था। गली में माला और माथे पर चंदन लगा हुआ था। लेकिन जब बवाल की बात करते हैं जो राधा के लिए आश्रम के बाहर हो रहा है तो उसमें एक और रोचक बात देखने को मिलती है। बाबा के समर्थक कहते हैं कि दरअसल यह सब कुछ प्रेमानंद महाराज को बदनाम करने की आश्रम के खिलाफ साजिश रचने के तहत आरोप लगाए जा रहे हैं। तीन अलग-अलग परिवारों के लोग जब प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर अपनों की तलाश में पहुंचे। उनका आक्रोश वहां पर बहुत ज्यादा था। वह धरने पर बैठने की बात करते हैं। इन सबके बीच में उनसे भिड़ते हैं आश्रम के लोग। आश्रम के सेवक खुलकर सामने आ जाते हैं और प्रेमानंद महाराज को बदनाम करने की साजिश इसे बताते हैं। फिलहाल मामला पुलिस तक पहुंच रहा है। अब सबकी निगाहें पुलिस पर हैं और आश्रम पर। लेकिन इन सबके बीच में आश्रम का एक बड़ा स्टेटमेंट भी आ जाता है।

यह स्टेटमेंट आता है रसिक दुलारी की संदिग्ध मौत पर। राधाकेली कुंज ट्रस्ट प्रबंधन ने आश्रम की ओर से अपने Facebook पेज पर एक अपील जारी की जिसकी पुष्टि आश्रम की तरफ से की गई और इस अपील में कहा गया कि पिछले दिनों जो घटना हुई है उससे पूज्य महाराज जी और समस्त अनुयाय अत्यंत आहत हैं। ट्रस्ट साधा के परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करता है। वहीं केली कुंज ट्रस्ट द्वारा भी पुलिस प्रशासन को घटना के निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में सहयोग देने की बात कही गई है। जांच पूरी होने तक ट्रस्ट सभी श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से विनम्र अनुरोध करता है कि किसी प्रकार की अधूरी जानकारी, अफवाह और पूर्वानुमान के आधार पर पूज्य महाराज और आश्रम की छवि को धूमिल करने का काम ना करें। आपको बता दें कि दुलारी चरण की मौत 25 सितंबर को श्री हित राधा केली कुंज के ही आश्रम गुरु कृपा कुंज की चार मंजिला इमारत से गिरकर हुई थी। जिसके बाद कई सारे सस्पेंस की बातें भी कही गई। और इसी के बाद यह पूरा बवाल शुरू हुआ। सवालों में आया राधा केली कुंज आश्रम। मथुरा से मदन गोपाल की रिपोर्ट यूपी तक। पवन जी एक बात होती है। क्या आपको कभी ऑफर नहीं आया बीजेपी की तरफ से? बहुत बार आया। आया आया। कैसा आया? आया।

क्या ऑफर आया? आया। हमने बताया था राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को आया। किस तरह का ऑफर आया? मतलब सब आया। विधायक, मंत्री सब आया। जानते हैं ये भी घटना बता दें आपको। हां मेरे पिताजी जैसे मैंने राजनीति शुरुआत की तो मेरे पिताजी कभी नहीं चाहते थे। लेकिन जब मैंने राजनीति में मैं प्रवेश कर गया लखनऊ उपाध्यक्ष हो गया तो ये भी बहुत महत्वपूर्ण घटना है। नेताजी का फैजाबाद आगमन था। हम तो मैंने कहा कि आपको मेरे घर चलना है। कहा हां चलेंगे तुम्हारे घर। मैं जेल से छूट के आया था। भाई मेरे ऊपर गंगेस्टर और सारे मुकदमे दर्ज हुए थे बहन जी की सरकार में। उसके बाद मैं छूट के आया था। तो मैंने कहा आपको मेरे घर चलना है। कहा चलेंगे नेताजी मेरे घर आए। अंगूर विभाग कॉलोनी में मेरी माता जी ने खाना बनाया था। नेता जी ने जो मेरी माता जी ने बनाया था पूरी सब्जी दही कचौड़ी दही बड़ा जो था सब खाया नेता जी ने बैठ के पूरा आराम से सब खाया और खाने के बाद कहा कि और कुछ बना है तो हमने मम्मी बुलाया अपनी माता जी को तो उन्होंने पूछा क्या नाम है आपका कह मेरा नाम गीता कह बताइए कुछ और बना है कह नहीं जो बना था सब खिला दिया.

फिर उन्होंने मेरी माता जी ने कहा नेता जी से कि ये पढ़ते लिखते नहीं है क्या होगा इनका नेता जी ने कहा पवन के कारण आज मुलायम सिंह यादव इस दरवाजे पर आए हैं और देखना वो एक दिन वह भी आएगा। आज मेरे आने पर डीएम कप्तान बाहर खड़े हैं। एक दिन पवन भी आगे जाएगा। डीएम कप्तान भी बाहर खड़े होंगे। पवन बड़ा आदमी नेता बनेगा और मुझे नेताजी ने बनाया उस स्थान पे पहुंचाया। ऐसे थे धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव जी। तो उसी दिन से मेरी माता पिता मेरे पूरा परिवार का एक लगाव है नेताजी के परिवार से। जब यह सब बातें आई कुछ लोगों ने कि भाजपा वाजपाई सब तो मेरे पिताजी ने तुरंत मुझको फोन किया। कहा जीवन में भूल ना करना, जीवन में गलती ना करना। यह चीजें मेरे पिताजी ने बहुत सख्ती से मुझसे बात कही थी। मैं बहुत ईमानदारी से आपसे कह रहा हूं।

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