व्हेन ही नरेटेड इट टू मी, आई मीन आई अब्सोलुटली फेल इन लव विथ अ स्टोरी। आई थॉट इट वास जस्ट ब्रिलियंट एंड इट वास वैरी फ्लटरिंग टू माय ईगो दैट अ दैट यंगर गाय इज इन लव विथ मी बट आई डोंट रेकमेंड दिस प्लीज गाइस। एस यू कैन [हंसी] सी हैज़ नॉट कम बैक। ही लेफ्ट मी।
दिल चाहता है कि रीयनियन में डिंपल, कबाडिया और जावेद अख्तर के बीच बहस हो गई। डिंपल ने कहा कि एक कम उम्र के आदमी का उनके साथ रोमांस करना उनके ईगो के लिए अच्छा था। लेकिन असल जिंदगी में ऐसा ना करने की सलाह दी उन्होंने। जावेद नाराज हो गए और कहा कि प्यार, उम्र के फर्क, नैतिकता और परंपराओं से ऊपर होता है। डिंपल कपाडिया का कहना था कि वह सब तो ठीक है। पर एक उम्र के बाद कम उम्र के लड़के आपको छोड़कर चले जाते हैं।
शायद [संगीत] डिंपल कपाडिया ने अपने एक्सपीरियंस से बात कह डाली। वैसे जावेद अख्तर की फिल्म दिल चाहता है में कुछ अजीब अजीब सी स्टोरी भी दिखाई गई थी। उस समय भले ही लोग उसको झेल गए क्योंकि सबकी आंखों पर पर्दा भी पड़ा हुआ था। वैसे ही कॉमेडी अच्छी लग रही थी और सोनू निगम के गाने तो अच्छे ही थे। पर आज के कॉन्टेक्स्ट में अगर वह रिलीज होती तो पक्का 100% वो सुपर फ्लॉप ही होती। क्योंकि लोग आज काफी मैच्योर हैं। आप फिल्मों में आज के समय में कुछ भी नहीं दिखा सकते। कुछ भी नहीं [संगीत] बोल सकते। आपको बहुत सोच समझ करके ही फिल्में बनानी होंगी।
तभी आज आपकी फिल्में हिट [संगीत] हो पाएंगी। बॉलीवुड में जिस तरह से जावेद अख्तर ने अपनी सोच को फिल्मों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया। [संगीत] उसने समाज को बहुत नुकसान पहुंचाया है। लोगों ने सालों तक एक धर्म को टारगेट किया और आज जब सारी चीजें समझ आ गई तो फिर सब कुछ उलट गया। डिंपल कबाडिया आज के कॉन्टेक्स्ट में [संगीत] बातें कर रही। पर जावेद अख्तर अभी भी वही पुरानी कहानी दोहरा रहे हैं जिसमें इन्हीं लोगों ने सिखाया था कि ऑल इज फेयर इन लव एंड वॉर। मतलब अनदर लव स्टोरी दैट टेल्स यू दैट देयर इज नो
लॉ देयर इज नो ट्रेडिशन देयर इज नो रूल देयर इज नो सो कॉल्ड मोरालिटी दैट कैन स्टैंड इन फ्रंट ऑफ़ लव्स। मे बी शी इज़ ओल्डर देन हिम। सो व्हाट ही लव्स हर शी लव्स हिम। दैट इज इनफ। मोरालिटी डजंट कम इन बिटवीन एंड योर ट्रेडिशन डोंट कम इन बिटवीन। मतलब ये अभी भी यही बात बोल रहा कि देयर इज नो मोरालिटी। तो मोरालिटी नाम की तो कोई चीज ही नहीं रही तुम में। फिर तो तुम जानवर के ही समान हो। जब तुम्हें कोई नियम ही नहीं मानने हैं। फिर तो तुम जानवर ही हुए ना। जबकि हमारे शास्त्र कहते हैं कि हर जगह नैतिकता और सामाजिक मूल्य उपस्थित है। ऐसे कैसे? ऑल इज फेयर इन लव एंड वन। सब कुछ धर्म और नीति से हो तभी वह [संगीत] फलित होता है। नहीं तो आप कहां गर्त में पहुंच जाएंगे वह देख ही लीजिए।